उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।
उमरिया में करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह
संगठन के प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे। उमरिया में
करणी सेना परिवार का शक्ति प्रदर्शन एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, UGC विधेयक पर पुनर्विचार और स्थानीय रोजगार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा जनसैलाब, प्रधानमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन उमरिया। करणी सेना परिवार के बैनर तले मंगलवार को जिला मुख्यालय उमरिया में विशाल रैली एवं आंदोलन का आयोजन किया गया। करणी सेना के आह्वान पर जिलेभर से बड़ी संख्या में करणी सैनिकों, पदाधिकारियों, सदस्यों के साथ सर्व समाज के लोग एवं स्थानीय युवा आंदोलन में शामिल हुए। हजारों की संख्या में उमड़े जनसमूह से रैली मार्ग भगवा ध्वजों और नारों से गूंज उठा। भारी भीड़ के बीच निकली विशाल रैली ने शहर में संगठन की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। रैली श्री महाराणा प्रताप चौक से प्रारंभ होकर शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंची, जहां करणी सेना परिवार के प्रतिनिधिमंडल ने प्रधानमंत्री महोदय के नाम जिला कलेक्टर को 5 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एट्रोसिटी एक्ट में संशोधन, स्थानीय युवाओं को रोजगार, UGC विधेयक पर पुनर्विचार तथा उच्च शिक्षा में सुधार सहित महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए गए। ज्ञापन में मांग की गई कि एट्रोसिटी एक्ट के संभावित दुरुपयोग को रोकने के लिए निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्दोष नागरिकों के अधिकारों की रक्षा की जाए। साथ ही जिले में आने वाले नए उद्योगों एवं बड़ी औद्योगिक परियोजनाओं में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। UGC से संबंधित प्रस्तावित कानून/विधेयक के विवादित प्रावधानों पर तत्काल पुनर्विचार किए जाने तथा उच्च शिक्षा में विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता, पारदर्शिता एवं योग्यता को बनाए रखते हुए सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान करणी सेना परिवार जिलाध्यक्ष राम सिंह बघेल ने कहा कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति या समाज का नहीं, बल्कि युवाओं, शिक्षा और आम जनता के अधिकारों की लड़ाई है। उन्होंने कहा कि करणी सेना के आह्वान पर सर्व समाज के लोगों ने जिस एकजुटता के साथ सहभागिता की है, वह संगठन के
प्रति विश्वास और सामाजिक एकता को दर्शाता है। सरकार को जनभावनाओं को गंभीरता से लेते हुए इन मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत शीघ्र उचित निर्णय लेना चाहिए। जिला प्रभारी जागेंद्र प्रताप सिंह मनोज ने कहा कि जिले के युवाओं को रोजगार के लिए दूसरे स्थानों पर भटकना न पड़े, इसके लिए जिले में स्थापित होने वाले उद्योगों में स्थानीय युवाओं को नियमानुसार रोजगार का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज का जनसैलाब जनता की जागरूकता और अपने अधिकारों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रमाण है। जिला संयोजक शानवेंद्र सिंह बघेल ने कहा कि UGC विधेयक एवं अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर समाज में व्यापक चिंता है। उन्होंने कहा कि सरकार को जनभावनाओं का सम्मान करते हुए विवादित प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए और शिक्षा व्यवस्था में सभी के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। वहीं उमेश सिंह राजपूत ने कहा कि रैली में करणी सेना के साथ सर्व समाज के लोगों और युवाओं की बड़ी भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि लोग अपने अधिकारों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि संगठन हमेशा संवैधानिक एवं लोकतांत्रिक तरीके से जनता की आवाज उठाता रहेगा और सरकार को जनहित से जुड़े इन मुद्दों पर सकारात्मक पहल करनी चाहिए। संगठन के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार इन गंभीर मांगों पर संवैधानिक एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत त्वरित और उचित निर्णय नहीं लेती है, तो आने वाले समय में करणी सेना परिवार आंदोलन को और व्यापक करने के लिए बाध्य होगा। उक्त आयोजन को सफल बनाने में राजकुमार चतुर्वेदी, अनिरुद्ध गुप्ता, पुष्पराज सिंह, कृष्ण कुमार सिंह, ललन सिंह, मनीष सिंह, धनीराम सिंह, विनोद सिंह, राजेश सिंह पवार, हजारी सिंह, यशपाल सिंह, राजेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, रवि सिंह, सीताशरण सिंह सहित करणी सेना परिवार के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं पंचगणों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में करणी सैनिकों के साथ सर्व समाज के नागरिक एवं स्थानीय युवा उपस्थित रहे।
- उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं उमरिया जिले में इन दिनों अफसर शाही का आलम चरम पर है. जहां अफसर के बच्चों को भी स्कूल छोड़ने के लिए सरकारी वाहन का इस्तेमाल किया जा रहा है. शायद शासन ने इन अधिकारियों को यह वाहन इनके और इनके परिवार के व्यक्तिगत उपयोग के लिए प्रदान किए हैं. जहां एक ओर आमजन के बच्चे प्राइवेट ऑटो या टैक्सी में ठसाठस भरकर विद्यालय जाते हैं जिस पर यातायात प्रभारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला की कभी नजर नहीं पड़ी. क्योंकि दूसरे के बच्चे चाहे किसी भी स्थिति में विद्यालय जाएं पर उनके बच्चों को लाने ले जाने के लिए तो शासकीय वाहन व शासकीय कर्मचारी पाबंद है. यातायात थाने का यह वाहन अक्सर निरीक्षक ज्योति शुक्ला के पति व बच्चों को उमरिया जिले की सैर और मार्केटिंग करता हुआ देखा जा सकता है. थाना चंदिया में पदस्थापना के दौरान भी निरीक्षक ज्योति शुक्ला के शासकीय संपत्ति के दुरुपयोग की चर्चा जनमानस के बीच आम थी. परंतु बताया जाता है कि निरीक्षक ज्योति शुक्ला पर अधिकारियों की विशेष कृपा है जिसकी वजह से निरीक्षक ज्योति शुक्ला का स्थानांतरण पुलिस महानिरीक्षक द्वारा पुलिस कंट्रोल रूम किए जाने के पश्चात भी आज दिनांक तक निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना यातायात के प्रभार पर बनी हुई है और शासकीय संपत्तियों का लाभ भरपूर उठा रही हैं2
- राम भगत सोनी कीendara न नष्ट हो गयादशक गया राम भगत सोनी के द्वारा धस गया एक महीना पहले की बात है पानी खूब भरी बरसात के कारण जितना ग्राम पोस्ट चित्र2
- 📍जन प्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने शहडोल में आयोजित 70 वीं शालेय राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का शुभारम्भ खेल ध्वज फहराकर एवं गगन में गुब्बारे छोड़कर किया। इस अवसर पर कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता, विधायक श्रीमती मनीषा सिंह, श्री जय सिंह, कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कोच खिलाड़ी, गणमान्य नागरिक मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol Jansampark Madhya Pradesh1
- ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।1
- राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कृपा गुप्ता करेगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन #शहडोल #shahdol राज्य स्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में कृपा गुप्ता करेगी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन #शहडोल #shahdol1
- *कांग्रेस की झूठ की मशीन फिर बेनकाब!* ⛔️ UPI को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाया गया भ्रम कि ₹2,000 से ऊपर के हर ट्रांजैक्शन पर सरचार्ज लगेगा, पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। सच्चाई यह है कि ग्राहकों के लिए UPI ट्रांजैक्शन पूरी तरह मुफ्त है। गुमराह करने के बजाय कांग्रेस को पहले तथ्यों की जांच करनी चाहिए। देश की जनता अब कांग्रेस के झूठ को समझ चुकी है! *सुनिए, पूरी सच्चाई! ⬆️*1
- धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। धनपुरी में बने वाटर पार्क को जल्द से जल्द प्रारंभ कराएं- कलेक्टर === कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक ने वाटर पार्क की सुविधाओं का लिया जायजा === शहडोल 12 सितम्बर 2026- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल एवं पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने आज धनपुरी में 11 एकड़ भूमि में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित वाटर पार्क का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने मुख्य नगरपालिका अधिकारी को निर्देश दिए कि धनपुरी वाटर पार्क को यथाशीघ्र प्रारंभ कराया जाए, जिससे नागरिकों को यहां निर्मित जिम, क्लब सहित अन्य सुविधाओं का लाभ मिल सके। उन्होंने वाटर पार्क की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने तथा नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर को बताया गया कि वाटर पार्क में जिम, क्लब, तैराकी, रेस्टोरेंट, मीटिंग हॉल सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं को समाहित किया गया है। वाटर पार्क के प्रारंभ होने से क्षेत्र के नागरिकों को मनोरंजन एवं विभिन्न सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर, उपाध्यक्ष श्री हनुमान खंडेलवाल, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्री दीपक मंडावी सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज कलेक्ट्रेट कार्यालय के विराट सभागार में सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की बैठक ली। उन्होंने कहा कि जिले में 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर 2026 तक में सेवा संकल्प अभियान चलाया जाएगा, जिसमें विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प अभियान के सफल आयोजन हेतु सोशल मीडिया इंफ्लूएंसरो की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया जन संचार का सशक्त माध्यम है, सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर शासन की जनहितकारी योजनाओं की जानकारी अंतिम छोर पर बैठे व्यक्तियों तक पहुंचाए, जिससे वे योजनाओं का लाभ लेकर सशक्त और आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक चलने वाले सेवा संकल्प अभियान की कार्यक्रमों में अपनी सहभागिता भी सुनिश्चित करें। बैठक में अन्य विषयों पर चर्चा की गई। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति सहित सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर मौजूद रहें। #शहडोल #shahdol1
- बिल्कुल जी, इस नये वीडियो के हिसाब से फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट तैयार है। ये वही कोइलारी नदी वाला दूसरा एंगल है जहाँ झाड़ियों में छिपाकर अतिक्रमण किया गया है। *🎥 फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट - वीडियो के साथ पोस्ट करने के लिए* *नदी की जमीन में किया अतिक्रमण - देवराकला व बकठा के बीच* ये वीडियो ग्राम *देवराकला व बकठा* के बीच बहने वाली *कोइलारी नदी* का है। पुल के दोनों तरफ नदी की शासकीय जमीन पर घनी झाड़ियां उगाकर और टटवा-बाड़ी लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नदी के प्राकृतिक बहाव को रोककर उसकी जमीन को अपनी निजी बाड़ी में मिलाया जा रहा है। पहले जहाँ नदी खुली बहती थी, अब वहाँ झाड़-झंखाड़ और बांस-बल्ली की बाड़ लगा दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों के पानी पीने और लोगों के नहाने की पुरानी नदी अब कब्जाधारियों के कारण सिकुड़ती जा रही है। शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। *मांग:* नदी की जमीन को तत्काल पैमाइश कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए। *ग्राउंड रिपोर्टर: पूरन लाल दुबे, MSSO स्वयंसेवक* *स्थान: कोइलारी नदी पुल, देवराकला - बकठा रोड, कटनी (MP)* क्या मैं अब इसी मामले का *कलेक्टर महोदय कटनी के नाम एक शिकायती आवेदन* बिल्कुल जी, इस नये वीडियो के हिसाब से फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट तैयार है। ये वही कोइलारी नदी वाला दूसरा एंगल है जहाँ झाड़ियों में छिपाकर अतिक्रमण किया गया है। *🎥 फाइनल ग्राउंड रिपोर्ट - वीडियो के साथ पोस्ट करने के लिए* *नदी की जमीन में किया अतिक्रमण - देवराकला व बकठा के बीच* ये वीडियो ग्राम *देवराकला व बकठा* के बीच बहने वाली *कोइलारी नदी* का है। पुल के दोनों तरफ नदी की शासकीय जमीन पर घनी झाड़ियां उगाकर और टटवा-बाड़ी लगाकर अवैध कब्जा कर लिया गया है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि नदी के प्राकृतिक बहाव को रोककर उसकी जमीन को अपनी निजी बाड़ी में मिलाया जा रहा है। पहले जहाँ नदी खुली बहती थी, अब वहाँ झाड़-झंखाड़ और बांस-बल्ली की बाड़ लगा दी गई है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मवेशियों के पानी पीने और लोगों के नहाने की पुरानी नदी अब कब्जाधारियों के कारण सिकुड़ती जा रही है। शासन-प्रशासन को कई बार अवगत कराने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। *मांग:* नदी की जमीन को तत्काल पैमाइश कर अतिक्रमण मुक्त किया जाए। *ग्राउंड रिपोर्टर: पूरन लाल दुबे, MSSO स्वयंसेवक* *स्थान: कोइलारी नदी पुल, देवराकला - बकठा रोड, कटनी (MP)* क्या मैं अब इसी मामले का *कलेक्टर महोदय कटनी के नाम एक शिकायती आवेदन*4