मई 1857 को मेरठ में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई, जिसने देश में क्रांति की पहली चिंगारी भड़काई। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गादरे ने महापुरुषों की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि आज हम आजाद होते हुए भी हम आजाद नहीं है। पहले अंग्रेजों का शासन सत्ता जो विदेशी सरकार से जंग लडी एक गदर अब और करना होगा। ईस्ट इंडिया कंपनी जो अंग्रेजी विदेशी थे अब ब्राह्मणवादी, मनुवादी, षड्यंत्रकारी, सामंतवादी अत्याचारी, भ्रष्टाचारी, इजरायली यहूदी विदेशी लोगों ने भारत देश पर कब्जा कर लिया है मूलनिवासी बनाम विदेशी धार्मिक उन्माद फैलाने वालों का तख्त बदल दो ताज बदल दो बेईमानों का राज बदल दो! मेरठ के भारतीय सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूसों के विरोध में विद्रोह किया, अंग्रेज अधिकारियों की हत्या की, और जेल तोड़कर अपने साथियों को मुक्त कराया, जिसके बाद वे दिल्ली की ओर कूच कर गए।10 मई की क्रांति में मेरठ का योगदान:विद्रोह का केंद्र: मेरठ 1857 की क्रांति का प्रमुख केंद्र था, जहां से पूरे उत्तर भारत में क्रांति फैली।सैनिक विद्रोह: मेरठ छावनी में तैनात तीसरी लाइट कैवेलरी के 85 सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूसों का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था।कैदियों की रिहाई: 9 मई 1857 को बर्खास्त और जेल में डाले गए 85 सैनिकों को छुड़ाने के लिए 10 मई को विद्रोह कर दिया गया।दिल्ली कूच: मेरठ के क्रांतिकारी सैनिक 10 मई की रात को ही दिल्ली की ओर बढ़ गए और बहादुर शाह जफर को अपना नेता घोषित किया।जनता का साथ: मेरठ के स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे बड़ौत) के निवासियों ने भी बिना किसी विशेष सैन्य प्रशिक्षण के, अपने सीमित साधनों के साथ अंग्रेजों का डटकर सामना किया।हथियारों पर नियंत्रण: सैनिकों ने ब्रिटिश हथियारों और गोला-बारूद पर कब्जा कर लिया। मेरठ का यह साहसी कदम भारतीय इतिहास में 'आजादी की पहली चिंगारी' के रूप में दर्ज है, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी ।0:10आज ही के दिन, 10 मई 1857 को मेरठ से प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई थी। गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति दिलाने में हमारे महापुरुषों वीर योद्धाओं ने अपनी जान माल की कुर्बानी दी। उन वीर शहीदों को आदरांजलि और सलाम। आओ एक जंग लोकतंत्र को मजबूत करने में साथ और सहयोग दें। रोज़ी रोटी दे ना सके जो वह सरकार निकम्मी है जो सरकार निकम्मी है उसको तुरंत बदलनी है! बहुजनों निकलों मकानों से जंग लड़ो बेईमानों से जय इंसान जय विज्ञान जय भारत जय संविधान ईवीएम हटाओ देश बचाओ लोकतंत्र खत्म करने वाली नस्लों को ही शासन सत्ता से मुक्ति के लिए बहुजन मुक्ति पार्टी का साथ सहयोग करें। राजुद्दीन गादरे राष्ट्रीय प्रवक्ता बहुजन मुक्ति पार्टी
मई 1857 को मेरठ में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई, जिसने देश में क्रांति की पहली चिंगारी भड़काई। बहुजन मुक्ति पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजुद्दीन गादरे ने महापुरुषों की कुर्बानी को याद करते हुए कहा कि आज हम आजाद होते हुए भी हम आजाद नहीं है। पहले अंग्रेजों का शासन सत्ता जो विदेशी सरकार से जंग लडी एक गदर अब और करना होगा। ईस्ट इंडिया कंपनी जो अंग्रेजी विदेशी थे अब ब्राह्मणवादी, मनुवादी, षड्यंत्रकारी, सामंतवादी अत्याचारी, भ्रष्टाचारी, इजरायली यहूदी विदेशी लोगों ने भारत देश पर कब्जा कर लिया है मूलनिवासी बनाम विदेशी धार्मिक उन्माद फैलाने वालों का तख्त बदल दो ताज बदल दो बेईमानों का राज बदल दो! मेरठ के भारतीय सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूसों के विरोध में विद्रोह किया, अंग्रेज अधिकारियों की हत्या की, और जेल तोड़कर अपने साथियों को मुक्त कराया, जिसके बाद वे दिल्ली की ओर कूच कर गए।10 मई की क्रांति में मेरठ का योगदान:विद्रोह का केंद्र: मेरठ 1857 की क्रांति का प्रमुख केंद्र था, जहां से पूरे उत्तर भारत में क्रांति फैली।सैनिक विद्रोह: मेरठ छावनी में तैनात तीसरी लाइट कैवेलरी के 85 सैनिकों ने चर्बी वाले कारतूसों का इस्तेमाल करने से इनकार कर दिया था।कैदियों की रिहाई: 9 मई 1857 को बर्खास्त और जेल में डाले गए 85 सैनिकों को छुड़ाने के लिए 10 मई को विद्रोह कर दिया गया।दिल्ली कूच: मेरठ के क्रांतिकारी सैनिक 10 मई की रात को ही दिल्ली की ओर बढ़ गए और बहादुर शाह जफर को अपना नेता घोषित किया।जनता का साथ: मेरठ के स्थानीय लोगों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों (जैसे बड़ौत) के निवासियों ने भी बिना किसी विशेष सैन्य प्रशिक्षण के, अपने सीमित साधनों के साथ अंग्रेजों का डटकर सामना किया।हथियारों पर नियंत्रण: सैनिकों ने ब्रिटिश हथियारों और गोला-बारूद पर कब्जा कर लिया। मेरठ का यह साहसी कदम भारतीय इतिहास में 'आजादी की पहली चिंगारी' के रूप में दर्ज है, जिसने ब्रिटिश शासन की नींव हिला दी ।0:10आज ही के दिन, 10 मई 1857 को मेरठ से प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई थी। गुलामी की बेड़ियों से मुक्ति दिलाने में हमारे महापुरुषों वीर योद्धाओं ने अपनी जान माल की कुर्बानी दी। उन वीर शहीदों को आदरांजलि और सलाम। आओ एक जंग लोकतंत्र को मजबूत करने में साथ और सहयोग दें। रोज़ी रोटी दे ना सके जो वह सरकार निकम्मी है जो सरकार निकम्मी है उसको तुरंत बदलनी है! बहुजनों निकलों मकानों से जंग लड़ो बेईमानों से जय इंसान जय विज्ञान जय भारत जय संविधान ईवीएम हटाओ देश बचाओ लोकतंत्र खत्म करने वाली नस्लों को ही शासन सत्ता से मुक्ति के लिए बहुजन मुक्ति पार्टी का साथ सहयोग करें। राजुद्दीन गादरे राष्ट्रीय प्रवक्ता बहुजन मुक्ति पार्टी
- मेरठ के थाना लिसाली गेट क्षेत्र में लगातार बढ़ रही अपराधिक घटनाओं के बीच पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध शस्त्र बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ कर दिया पुलिस ने भारी मात्रा में अधबने अवैध हथियार तमंचे कारतूस और हथियार बनाने के उपकरण बरामद की है1
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- MP:पीड़ित महिला को डरा धमका कर 3 सालों से किया जा रहा महिला के साथ शारीरिक शोषण , विदिशा जिले की कुरवाई तहसील और पठारी थानांतर्गत आने वाले एक ग्राम की एक पीड़ित महिला अपने पति के साथ कलेक्टोरेट पहुंची और पुलिस अधीक्षक के नाम आवेदन दिया गया। इस दौरान पीड़ित महिला ने बताया कि ग्राम रूसल्ला चक्क निवासी वीर सिंह उर्फ बड़े बना द्वारा पिछले तीन साल से डरा धमकाकर शारीरिक शोषण और मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। किसी से कहने पर जान से मारने की धमकी और पति के साथ मारपीट करने की धमकी दी जा रही थी । जिसके चलते उन्होंने इतने समय तक अपने परिवार के लोगों को नहीं बताया। महिला ने कहा कि जब हम इस मामले की शिकायत करने थाने पहुंचे तो वहां भी पुलिस द्वारा हमारी कोई सुनवाई नहीं की गई, जिसके चलते हमने कलेक्टोरेट आकर पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। पीड़ित महिला ने आरोप लगाते हुए कहा कि वीरसिंह उर्फ बड़े बना के यहां पर मजदूरी करती थी तथा मेरे साथ जबरदस्ती डरा धमकाकर पिछले तीन साल से शारीरिक शोषण किया गया। मुझे डराया धमकाया जाता था और कहा जाता था कि यदि किसी से पति या घर वालों को इसके बारे में बताया तो तेरे पति को जान से खत्म कर दूंगा तथा पिछले तीन साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एक दिन उनके साथ मारपीट की गई जिससे वह बेहोशी की हालत में पड़ी रही, उसका पुत्र बेहोशी की अवस्था में लेकर आया और उन्हें घर पर होश आया। इसके बाद इस मामले की शिकायत करने के लिए पठारी थाना पहुंचे थे, लेकर वहां पर उनकी कोई सुनवाई नहीं की गई। जिसके चलते वह जिला मुख्यालय आए और पुलिस अधीक्षक के नाम ज्ञापन दिया गया और इस मामले की जांच पड़ताल कर कार्रवाई करने की मांग की गई। इस दौरान महिला का पति भी मौजूद था। बाइट , पीड़ित महिला का पति बाइट , पीड़ित महिला1
- मेरठ से लोनी जाते हुए एक व्यक्ति का पर्स पाइपलाइन के पास खो गया है। पर्स में रखे ज़रूरी दस्तावेज़ ज़्यादा अहम हैं, पैसे न मिलने पर भी कोई बात नहीं। जिस किसी को मिले, दिए गए नंबर 9627651886 पर संपर्क कर लौटाने की अपील की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री आज दौराला में पहुंचे जहां पर उनका जोरदार स्वागत किया गया मेरठ1
- सरधना परिसर में शहीदें नरपत के लिए उठाई गई सम्मान की माँग जनपद मेरठ के सरधना तहसील परिसर में तहसील के वकीलों द्वारा शहीद ए नरपत को सम्मान देने के लिए मांग उठाई गई जिसमें कहा गया की सरधना तहसील मेजर ध्यानचंद खेल यूनिवर्सिटी का हिस्सा है इस ऐतिहासिक खेल यूनिवर्सिटी को ध्यान में रखते हुए शहीद ए नरपत को प्रतिमा स्थापित कर सच्ची श्रद्धांजलि दी जाए और भी बहुत सी मांगों का किया गया उल्लेख ।1
- मेरठ के सरधना में नाली की बदहाल स्थिति से स्थानीय लोग बेहद परेशान हैं। गंदे पानी और दुर्गंध से उन्हें रोज़ाना जूझना पड़ रहा है। नागरिक प्रशासन से जल्द समाधान की अपील कर रहे हैं।1
- मेरठ में माल रोड स्थित अखिल भारतीय ब्राह्मण हीरोज संगठन के पदाधिकारी ने शपथ ली1