परंपरागत जल निकासी मार्ग अवरूद्ध होने से कौवासार गांव में भरा पानी कुशीनगर जनपद के नेबुआ नौरंगिया ब्लाक क्षेत्र के कौवासार में बरसात का पानी घरों घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ा दिया है। लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। कई जगहों पर बरसात का पानी घरों में घुसने से परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घर के अंदर पानी भर जाने से लोगों को जरूरी सामान सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ ही रहने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के लोगों का कहना है कि बारिश का पानी घर में घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों ने संबंधित विभाग से जलनिकासी की व्यवस्था कराने और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है। गांव के काशी टोला में भीम राजभर, चंपा देवी, मोची चंन्द्र, बघुबन राजभर, वकील टोला में विंदवास शर्मा, सुरजभान टोला में राधे शर्मा आदि इन ग्रामीणों के घर में बरसात का पानी घुस जाने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। गांव अनिरुद्ध मद्धेशिया, पप्पू रातभर, राजिन्द्र यादव, लालजी यादव, छट्ठू कुशवाहा का कहना है कि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।
परंपरागत जल निकासी मार्ग अवरूद्ध होने से कौवासार गांव में भरा पानी कुशीनगर जनपद के नेबुआ नौरंगिया ब्लाक क्षेत्र के कौवासार में बरसात का पानी घरों घुसने से लोगों की मुश्किलें बढ़ा दिया है। लगातार हो रही बारिश के चलते क्षेत्र में जलभराव की समस्या बढ़ गई है। कई जगहों पर बरसात का पानी घरों में घुसने से परिवारों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घर के अंदर पानी भर जाने से लोगों को जरूरी सामान
सुरक्षित स्थान पर रखने के साथ ही रहने में भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के लोगों का कहना है कि बारिश का पानी घर में घुसने से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो गई है। जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद स्थिति और गंभीर हो जाती है। लोगों ने संबंधित विभाग से जलनिकासी की व्यवस्था कराने और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।
गांव के काशी टोला में भीम राजभर, चंपा देवी, मोची चंन्द्र, बघुबन राजभर, वकील टोला में विंदवास शर्मा, सुरजभान टोला में राधे शर्मा आदि इन ग्रामीणों के घर में बरसात का पानी घुस जाने दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। गांव अनिरुद्ध मद्धेशिया, पप्पू रातभर, राजिन्द्र यादव, लालजी यादव, छट्ठू कुशवाहा का कहना है कि समय रहते जलनिकासी की व्यवस्था नहीं की गई तो आने वाले दिनों में परेशानी और बढ़ सकती है।
- पडरौना मे लाल बंदरो का आतंक घरो से निकलना मुशीकल राह गिर हो रहे है परेशान पडरौना मे लाल बंदरो का आतंक घरो से निकलना मुशीकल राह गिर हो रहे है परेशान लाल बंदरो से कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा4
- बारिश और हवाओं से गन्ने और धान की फसल हुई बर्बाद, किसानों के सामने संकट कुशीनगर जनपद के नेबुआ नौरंगिया ब्लॉक क्षेत्र में बारिश और तेज हवाओं ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। वहीं, खेतों में खड़ी गन्ने और धान की फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है। गन्ने की फसल गिर गई है तो पककर कटाई के लिए तैयार धान की फसल भी खेतों में बिछ गई है। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। इस वर्ष समय से बारिश होने के कारण किसानों को धान की फसल में अपेक्षाकृत कम सिंचाई करनी पड़ी थी। फसल की अच्छी स्थिति देखकर किसान बेहतर उत्पादन की उम्मीद लगाए बैठे थे, लेकिन लगातार बारिश और तेज हवाओं ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों में पानी भरने से धान की गिरी हुई बालियां पानी में डूब गई हैं। इससे फसल में फंगस लगने और दाने की गुणवत्ता खराब होने की आशंका बढ़ गई है। किसान श्रीभगवान चौधरी ने बताया कि इस बार धान की फसल काफी अच्छी थी। कटाई से पहले हुई बारिश और तेज हवा के कारण फसल खेत में गिर गई है। इससे उत्पादन और गुणवत्ता दोनों प्रभावित होने की आशंका है। वहीं, गिरी हुई फसल की कटाई और उसे खेत से निकालने में भी अतिरिक्त लागत आएगी। किसान राजकुमार कुशवाहा ने बताया कि इस वर्ष गन्ने की फसल पहले से ही रोगों के प्रकोप से प्रभावित थी। अब लगातार बारिश और तेज हवा ने बची हुई फसल को भी नुकसान पहुंचाया है। खेत में गन्ना गिरने से चूहों का प्रकोप बढ़ने के साथ आगामी पेड़ी की फसल पर भी असर पड़ने की आशंका है। ऐसे में खेती की लागत निकालना भी मुश्किल नजर आ रहा है।3
- कुशीनगर के सेवरही क्षेत्र में चैन पट्टी पहुंचा प्रशासनिक अमला.... डीएम संजय चौहान की बाइट - एसपी केशव कुमार,एडीएम, एडिशनल एसपी, सीओ,एसडीएम सहित बाढ़ खंड के चीफ इंजीनियर गंडक, एक्सीएन आदि रहे मौजूद।1
- तमकुहीराज बंधे पर डीएम-एसपी का निरीक्षण, संवेदनशील स्थानों पर अलर्ट रहने के निर्देश1
- मझना नाला उफनाया, सड़क पर तीन फीट पानी, दर्जनों गांवों का आवागमन प्रभावित कुशीनगर जिले सुकरौली विकासखंड क्षेत्र में तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण मठसूरजगिर के पास मझना नाला उफान पर है। नाले का पानी सड़क पर फैलने से आवागमन प्रभावित हो गया है। कई स्थानों पर करीब तीन फीट तक पानी जमा होने के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह मार्ग क्षेत्र के दर्जनों गांवों को जोड़ता है। इसी रास्ते से लोग चौरीचौरा की सब्जी मंडी और रेलवे स्टेशन तक पहुंचते हैं। सड़क पर जलभराव होने से सबसे अधिक परेशानी व्यापारियों को हो रही है। क्षेत्र के व्यापारी सुबह इसी मार्ग से चौरीचौरा मंडी पहुंचकर सब्जियां खरीदते हैं और स्थानीय बाजारों में बिक्री करते हैं। जलभराव के कारण उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी भोले ने बताया कि रोज सुबह इसी रास्ते से चौरीचौरा मंडी जाते हैं। वहां से सब्जियां लाकर क्षेत्र में बेचते हैं। तीन दिनों से सड़क पर पानी भरा होने के कारण मंडी पहुंचना मुश्किल हो गया है। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। व्यापारी जयप्रकाश और अर्जुन ने बताया कि सड़क पर काफी दूरी तक पानी जमा है। पानी की गहराई अधिक होने के कारण दोपहिया वाहनों से निकलना जोखिम भरा हो गया है। जरूरी काम से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के दौरान इस मार्ग पर जलभराव की समस्या बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से जलनिकासी की समुचित व्यवस्था कराने और समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है।1
- m1
- 🚨 बिग ब्रेकिंग | एपी तटबंध से बेहद भयावह तस्वीर कुशीनगर के जवहीदयाल में एपी तटबंध पर अभी-अभी बंधा टूट गया है और आरपार हो गया है।1
- पुलिया का मार्ग अवरूद्ध होने से खेत और घरों में पानी भरा, ग्रामीणों की एक जुटता से हुआ समस्या का समाधान कुशीनगर जनपद के पकड़ियार गांव में परंपरागत जलनिकासी का रास्ता अवरुद्ध होने से खेतों में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है। लगातार बारिश के बीच निकासी मार्ग बंद होने से खेतों का पानी गांव के घरों तक पहुंचने लगा। इससे ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। काफी नोंक-झोंक के बाद जलनिकास का मार्ग खोलने में ग्रामीण सफल हुए। पकड़ियार गांव के बाजार और स्कूल टोले का बारिश का पानी पंचायत भवन के पास बनी पुलिया से होकर सिंगहा चंवर में जाता है। बुधवार से लगातार हो रही बारिश के कारण खेतों में पानी भर गया है। ऐसे में परंपरागत जलनिकासी मार्ग बंद होने से पानी की निकासी पूरी तरह प्रभावित हो गई। खेतों में जमा पानी धीरे-धीरे गांव की ओर बढ़ने लगा। इससे घरों में पानी घुसने और खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने की आशंका बढ़ गई। पुलिया के पास पानी के बहाव वाले रास्ते पर मिट्टी डालकर उसे बंद किया गया था। ग्रामीण जब मिट्टी हटाकर रास्ता खोलने का प्रयास किया तो सामने खेत मालिक खोलने नहीं दिया। महेंद्र कुशवाहा, उमाशंकर और श्याम नारायण, नूरूएलैन सहित अन्य ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इस रास्ते से वर्षों से गांव के बारिश के पानी की निकासी होती रही है। रास्ता बंद होने से केवल एक खेत नहीं, बल्कि पूरे गांव के लोगों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। मौके पर पहुंचे ग्राम प्रधान नितेश चौधरी ने भी रास्ता बंद किए जाने के कारण पूरे गांव को हो रही परेशानी पर नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ग्रामीणों की मदद से बहाव मार्ग में डाली गई मिट्टी हटवाई और पानी की निकासी का रास्ता खुलवाया। इसके बाद खेतों में जमा बारिश का पानी पुलिया के रास्ते सिंगहा चंवर की ओर बहने लगा।2