अर्धनिर्मित इनडोर स्टेडियम बना बदहाली की मिसाल, खेल प्रतिभाओं के सपनों पर लगा विराम। अर्धनिर्मित इनडोर स्टेडियम बना बदहाली की मिसाल, खेल प्रतिभाओं के सपनों पर लगा विराम। टेढ़ागाछ। प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल के सामने वर्षों पूर्व युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रस्तावित इनडोर स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। स्वर्गीय सांसद मो. तस्लीमुद्दीन के अथक प्रयासों से इस महत्वपूर्ण खेल परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। उस समय क्षेत्र के बच्चों और युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला था तथा लोगों को उम्मीद थी कि स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी प्रतिभा को नया मंच प्राप्त होगा।लेकिन दुर्भाग्यवश निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। वर्तमान में स्टेडियम का परिसर चारों ओर से दीवारों से घिरा हुआ है, जबकि भवन अर्धनिर्मित अवस्था में पड़ा है। देखरेख के अभाव में परिसर जंगल-झाड़ से भर गया है तथा यह स्थान सूअरों और आवारा पशुओं का बसेरा बनकर रह गया है। वर्षों से निर्माण कार्य बंद रहने के कारण भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह स्टेडियम समय पर बनकर तैयार हो जाता तो क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों और युवाओं को खेलकूद के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होतीं। इससे क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता। आज स्थिति यह है कि खेल गतिविधियों के लिए युवाओं को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
अर्धनिर्मित इनडोर स्टेडियम बना बदहाली की मिसाल, खेल प्रतिभाओं के सपनों पर लगा विराम। अर्धनिर्मित इनडोर स्टेडियम बना बदहाली की मिसाल, खेल प्रतिभाओं के सपनों पर लगा विराम। टेढ़ागाछ। प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल के सामने वर्षों पूर्व युवाओं की खेल प्रतिभा को निखारने के उद्देश्य से प्रस्तावित इनडोर स्टेडियम आज अपनी बदहाली पर आंसू बहाने को मजबूर है। स्वर्गीय सांसद मो. तस्लीमुद्दीन के अथक प्रयासों से इस महत्वपूर्ण खेल परियोजना का निर्माण कार्य शुरू कराया गया था। उस समय क्षेत्र के बच्चों और युवाओं में काफी उत्साह देखने को मिला था तथा लोगों को उम्मीद थी कि स्टेडियम के निर्माण से स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी और उनकी प्रतिभा को नया मंच प्राप्त होगा।लेकिन दुर्भाग्यवश निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। वर्तमान में स्टेडियम का परिसर चारों ओर से दीवारों से घिरा हुआ है, जबकि भवन अर्धनिर्मित अवस्था में पड़ा है। देखरेख के अभाव में परिसर जंगल-झाड़ से भर गया है तथा यह स्थान सूअरों और आवारा पशुओं का बसेरा बनकर रह गया है। वर्षों से निर्माण कार्य बंद रहने के कारण भवन की स्थिति लगातार जर्जर होती जा रही है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह स्टेडियम समय पर बनकर तैयार हो जाता तो क्षेत्र के सैकड़ों बच्चों और युवाओं को खेलकूद के लिए आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होतीं। इससे क्रिकेट, बैडमिंटन, वॉलीबॉल सहित विभिन्न खेलों में प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलता। आज स्थिति यह है कि खेल गतिविधियों के लिए युवाओं को पर्याप्त संसाधन नहीं मिल पा रहे हैं।
- वंदे मातरम नहीं गाने से 3 साल की सजा हो सकती है यह हम नहीं कहते हैं और इसे हम बॉयकॉट करते हैं1
- बिजली की समस्या आए दिन बढ़ते जा रहा है वार्ड नंबर 4 जहां की जो कि हर एक किलोमीटर दूरी पर है लेकिन जो कि हाथ में बिजली 24 घंटा रहता है और वार्ड नंबर 4 में 4 घंटा से अधिक बिजली बाधित जोकीहाट नगर पालिका में 24 घंटा बिजली रहता है लेकिन उससे पीछे हरवा चौक पड़ता है जो की 1 किलोमीटर की दूरी पर है लेकिन यह बिजली की समस्या हमेशा बढ़ती जाती है आ रहा है जो कि हाथ में लाइट जाता है लेकिन यहां दो घंटा के लिए हरवा गांव वार्ड नंबर 4 में बिजली बातचीत रहता है कभी-कभी 2 घंटे के लिए4
- एक शाम कारगिल वीर शहीदों के नाम कार्यक्रम में सुजीत झा ने बांधा समां एक शाम कारगिल वीर शहीदों के नाम कार्यक्रम में सुजीत झा ने बांधा समां1
- बिजली पोल यानी खम्मा गिर जाने के संबंध में सविनय निवेदन है कि मैं शब्बीर आलम ग्राम गच्छ गरैया चंकी वार्ड नंबर 4 और filter फकीरटोली पावर हाउस अमौर जिला पूर्णिया के अंतर्गत नूरी ब्रिज के पास तीन पोला पिछले 9 महीने से नदी में गिर चुका है काफी दूरी पर तार लटके हुए हैं जिसका फोटो वीडियो इसमें देख सकते हैं कई बार सरकारी मानव बल को खबर दिए हुए हैं लेकिन अभी तक कोई भी काम नहीं हुआ है इस बोल के विषय में किसी तरह मजबूरी में लाइन चल रहा है3
- मोहम्मदी चौक पर जलजमाव से परेशानी, दुकानदारों ने की नाली निर्माण की मांग रिपोर्टर मुजाहीर किशनगंज टेढ़ागाछ: किशनगंज जिला के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत धबैली पंचायत के मोहम्मदी चौक पर जलजमाव की समस्या से आम राहगीरों और स्थानीय दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चौक पर प्रतिदिन हजारों लोगों का आना-जाना होता है, लेकिन बारिश के बाद सड़क पर पानी जमा हो जाने से आवागमन प्रभावित हो जाता है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण दुकानदारों को भी काफी दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। दुकानदारों का कहना है कि लंबे समय से यहां नाली निर्माण की जरूरत महसूस की जा रही है, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस पहल नहीं हुई है। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों ने प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि मोहम्मदी चौक पर जल्द से जल्द नाली का निर्माण कराया जाए, ताकि जलजमाव की समस्या से निजात मिल सके और आम लोगों को राहत मिले।1