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एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुलंदशहर से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ये संदिग्ध स्लीपर सेल तैयार करने और क्षेत्र में आतंक का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त संवेदनशील स्थलों पर रेकी जैसी गतिविधियों में भी कथित तौर पर संलिप्त थे। इस पूरे मामले में अब तक कुल 5 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं और 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
Mohd Waseem
एटीएस ने पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट के आतंकी नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बुलंदशहर से दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब ये संदिग्ध स्लीपर सेल तैयार करने और क्षेत्र में आतंक का माहौल उत्पन्न करने का प्रयास कर रहे थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्त संवेदनशील स्थलों पर रेकी जैसी गतिविधियों में भी कथित तौर पर संलिप्त थे। इस पूरे मामले में अब तक कुल 5 अभियोग पंजीकृत किए जा चुके हैं और 15 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है।
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- सुदर्शन चक्र के प्रभारी डॉक्टर पवन आर्या ने भारत को राष्ट्र निर्माण की योजना की जानकारी देकर सनातन धर्म को जोड़ने के लिए एक 'सुनहरी पहल' की है। उनका सपना है कि 'नए युग का उदय' हो। इसी क्रम में, सुदर्शन चक्र न्यूज़ ने राष्ट्र निर्माण की इन योजनाओं का विस्तार करना आरंभ कर दिया है।1
- यात्रियों के लिए अब एक महत्वपूर्ण सुविधा सामने आई है, जिसके तहत चलती ट्रेन में भी कन्फर्म टिकट प्राप्त करना संभव हो गया है। इसे एक नया 'ट्रैवल हैक' या 'रेलवे टिप' बताया जा रहा है, जो आईआरसीटीसी और भारतीय रेलवे से संबंधित है। यह जानकारी लोगों को अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करने के लिए प्रोत्साहित करती है।1
- उत्तर प्रदेश की धौलाना तहसील में ई-पंजीकरण प्रणाली के विरोध में अधिवक्ताओं, बैनामा लेखकों, दस्तावेज लेखकों और स्टाम्प वेंडरों का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को इन सभी ने मिलकर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के स्टाम्प एवं निबंधन मंत्री रविन्द्र जायसवाल का पुतला भी फूंका गया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सरकार द्वारा पंजीकरण कार्य को निजी कंपनी के माध्यम से संचालित करने की योजना से हजारों लोगों के रोजगार पर बड़ा संकट खड़ा हो सकता है। धरने में मौजूद अधिवक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि तहसीलों में पंजीकरण प्रक्रिया में उनकी वर्षों से महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उनका साफ कहना है कि नई ई-पंजीकरण व्यवस्था लागू होने से अधिवक्ता, दस्तावेज लेखक और स्टाम्प वेंडर का काम सीधे तौर पर प्रभावित होगा, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में लोग बेरोजगारी का सामना कर सकते हैं।1
- हापुड़ के थाना बाबूगढ़ क्षेत्र अंतर्गत शेखपुर गांव में एक किसान द्वारा करीब 100 वर्ष पुराने अपने मकान को ऊंचा उठाने और दोबारा मरम्मत कराने का कार्य शुरू किया गया है। इस काम को तहसील प्रशासन और पुलिस ने रोक दिया है। प्रशासन का कहना है कि पहले मकान की पैमाइश की जाएगी, जिसके बाद ही आगे का कार्य संभव हो पाएगा। पीड़ित किसान ने आरोप लगाया है कि प्रशासन प्रधान के इशारे पर वर्षों बाद जागा है और इसी कारण उसके मकान के कार्य पर रोक लगाई गई है।1
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा है कि राज्य की 7,700 से अधिक गोशालाओं में 14 लाख से भी ज़्यादा गोवंश संरक्षित हैं और प्रदेश सरकार उनकी देखभाल कर रही है। पंडित कुंजबिहारी वशिष्ठ, जो ज्योतिषाचार्य, सूर्यदेव उपासक और अखिल भारत वर्षीय ब्रह्म महासभा (पंजीकृत, स्थापित सन 1939 पंडित मदन मोहन मालवीय) के मीडिया कार्यक्रम प्रभारी हैं, ने इस जानकारी को साझा करते हुए आध्यात्मिक भावनाएँ भी व्यक्त कीं।1
- उत्तर प्रदेश के हापुड़ जनपद में गढ़मुक्तेश्वर-सिम्भावली क्षेत्र के मुरादपुर हाजीपुर के पास बने गंगा एक्सप्रेसवे पुल के नीचे गौवंशों को बांधने का मामला सामने आया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार किए गए इस महत्वपूर्ण निर्माण कार्य के नीचे पशुओं को बांधने से सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त की है कि पुल के नीचे गौवंशों के लगातार जमावड़े से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। यह गंगा एक्सप्रेसवे प्रदेश की एक महत्वाकांक्षी परियोजना है, जो मेरठ से प्रयागराज तक संपर्क स्थापित करती है। ग्रामीणों के अनुसार, इन गौवंशों का मालिक किसी बाहरी गांव का निवासी है, जो क्षेत्र में संचालित एक कोल्हू पर काम करता था। कोल्हू बंद होने के बाद भी वह व्यक्ति वहीं डेरा डाले हुए है और पुल के नीचे ही अपने पशुओं को बांध रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल के नीचे पशुओं को रखने से न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका है, बल्कि इससे आवागमन और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। जिम्मेदारों की इस अनदेखी से हादसे का खतरा बना हुआ है।1
- उत्तर प्रदेश में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में अधिवक्ता सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी व्यक्त की। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने सरकार और संबंधित विभागों के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से उठाया। अधिवक्ताओं का कहना है कि नई ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के कारण कई व्यावहारिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिससे आम जनता के साथ-साथ अधिवक्ताओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि उनकी आपत्तियों और सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करे। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल प्रशासन इस स्थिति पर नजर बनाए हुए है। ई-रजिस्ट्री को लेकर शुरू हुआ यह विरोध अब चर्चा का विषय बन गया है, और सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में सरकार और अधिवक्ताओं के बीच इस मुद्दे पर क्या समाधान निकलता है।1
- मेरठ के सरधना में तालाबों पर अवैध निर्माण कर उन पर कब्ज़ा कर लिया गया है। जो तालाब अभी बचे हुए हैं, उन पर भी अवैध निर्माण कार्य जारी है। इस संबंध में मंगलवार को नगर पालिका परिषद को सूचना दी गई थी, लेकिन अगले दिन तक इस अवैध निर्माण पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।1
- हापुड़ के पिलखुवा स्थित अशोक नगर में रुपयों के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद एक कामगार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से इलाके में हड़कंप मच गया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय जॉनी के रूप में हुई है, जो धौलाना रोड पर एक फैक्ट्री में कार्यरत था। परिजनों ने बताया कि जॉनी ने कुछ समय पहले एक ठेकेदार से लगभग 20 हजार रुपये उधार लिए थे। बुधवार सुबह वह ठेकेदार अपने कुछ साथियों के साथ जॉनी के घर पहुंचा और पैसे वापस मांगने को लेकर उनसे कहासुनी हो गई। परिवार का आरोप है कि इस विवाद के दौरान जॉनी के साथ मारपीट भी की गई और उस पर लगातार पैसे लौटाने का दबाव बनाया गया। स्वजनों के अनुसार, इस घटना के बाद जॉनी अत्यधिक तनाव में आ गया था। देर रात उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी, जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एक निजी अस्पताल ले गए। हालांकि, वहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार का गंभीर आरोप है कि मानसिक दबाव और अपमान से आहत होकर जॉनी ने कोई जहरीला पदार्थ खा लिया था, जिसके कारण उसकी मौत हुई।1