Shuru
Apke Nagar Ki App…
Mohammed afsar
More news from दिल्ली and nearby areas
- यह पोस्ट 'ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः' के पवित्र मंत्र का दोहराव है, जिसे तीन बार लिखा गया है। यह उद्घोष भगवान वासुदेव के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति व्यक्त करता है। इस संदेश में किसी घटना या अन्य विस्तृत जानकारी का उल्लेख नहीं किया गया है।1
- देश में एक ऐसे तानाशाह के सामने आने की बात कही गई है जो अपनी तानाशाही के बल पर वोट चोरी करता है। इस तानाशाह पर सांसद और विधायक चुराने का भी आरोप है, और यह भी कहा गया है कि वह इस देश के खजाने पर डाका डाल रहा है।1
- यह संदेश भगवान श्री तिरुपति बालाजी महाराज की जय का उद्घोष करता है, जिसमें भक्तों को उनके दर्शन करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का आह्वान किया गया है।1
- दिल्ली पुलिस की आउटर-नॉर्थ AATS टीम ने एक मुठभेड़ के बाद 39 आपराधिक मामलों में शामिल एक झपटमार को गिरफ़्तार किया है। यह कार्रवाई तब की गई जब पुलिस टीम को जानकारी मिली कि ज़मानत पर जेल से छूटा यह अपराधी रात में झपटमारी और लूट की वारदातें करता है। इस जानकारी के आधार पर, पुलिस टीम ने अपराधी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, तो अपराधी ने पुलिस टीम पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके पैर में लगी, जिसके बाद उसे पकड़ लिया गया। अपराधी के पास से एक चोरी की मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है।1
- cjbvdsj cjjgd cfgh vc ggg bfgh gggg gggg gdu ghhhf gbg fgbhv dgbh fggb vbdhb gbdjk fcvju fyhhve vgffbjb ffh1
- आउटर नॉर्थ जिला पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई में मुठभेड़ के बाद एक वांछित अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह अपराधी तीन दर्जन से भी अधिक विभिन्न आपराधिक मामलों में पुलिस को लंबे समय से वांछित था।1
- पानीपत के कुटाइन रोड पर दो-तीन महीने पहले ही एक चमचमाती और मजबूत आरसीसी सड़क का निर्माण किया गया था, जिससे जनता बेहद खुश थी कि उन्हें गड्ढों से मुक्ति मिल गई है। लेकिन अब इस बनी-बनाई सड़क को पूरी तरह से फिर से फाड़ दिया गया है। सड़क को दोबारा खोदने का कारण यह बताया गया है कि अब अधिकारियों को याद आया है कि सड़क के नीचे सीवर पाइप भी डालने थे। इस कार्यप्रणाली पर प्रशासन से सीधा सवाल किया गया है कि क्या सीवर पाइप डालने की योजना सड़क बनने से पहले नहीं बनाई जा सकती थी। इस पर गहरा रोष व्यक्त किया जा रहा है कि पहले सड़क बनाई गई, फिर उसे खोद दिया गया और अब जनता को धूल तथा गड्ढों के हवाले छोड़ दिया गया है। इस पूरे घटनाक्रम पर यह तीखा सवाल उठाया जा रहा है कि आखिर यह कैसा इंजीनियरिंग का दिमाग है और किस प्रकार का विकास है, जहाँ पहले एक मजबूत सड़क बनाई जाती है और कुछ ही समय बाद उसे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया जाता है।1