Shuru
Apke Nagar Ki App…
नि. वर्तमान सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश मेहता ने नए थाना प्रभारी से की औपचारिक भेंट
झारखण्ड न्यूज हजारीबाग
नि. वर्तमान सांसद प्रतिनिधि ओम प्रकाश मेहता ने नए थाना प्रभारी से की औपचारिक भेंट
More news from झारखंड and nearby areas
- हजारीबाग (मुफस्सिल थाना)।मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बहेरी गांव निवासी बिट्टू कुमार का शव कुछ दिन पूर्व संदिग्ध अवस्था में मिलने के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए आज देर शाम ग्रामीणों के साथ जिला परिषद चौक से झंडा चौक तक कैंडल मार्च निकालकर विरोध प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोगों ने बिट्टू कुमार के हत्यारों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। प्रदर्शन में मृतक की पत्नी यशोदा कुमारी, समाजसेवी अभिषेक कुमार और सखिया पंचायत के मुखिया पवन कुमार ने प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई। परिजनों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो धरना-प्रदर्शन और विधानसभा घेराव किया जाएगा।1
- #हजारीबाग को क्या हो गया है ऊपरवाले?!? #चेन #छिनतई करने वाले लोगों की नींद उड़ा दिए हैं, घरों में घुसकर चोर जीना हराम कर दिए हैं तो इधर कल शाम की बात है कि PVM के एक #रक्तवीर के जूते को एक चोर SBMCH ब्लड बैंक से चुराने में भी परहेज ना किया। वीडियो देखें और #जूता_चोर से भी होशियार रहें। #SBMCH #BloodBank #Shoe #thief #hazaribagh #jharkhand1
- Post by Md Javed Ansari1
- कर्नाटक के DGP Officer को Suspend कर दिया गया है औरतों के साथ अश्लीलता हरकत करने के वजह से ||1
- Post by Md Javed Ansari1
- गहलौर घाटी की तस्वीर बनी संघर्ष और संकल्प की जीवंत मिसाल संजय वर्मा गहलौर (गया)। गहलौर घाटी की पहाड़ को हथौड़े से तोड़ते बाबा दशरथ मांझी की ऐतिहासिक तस्वीर आज भी संघर्ष, प्रेम और अटूट संकल्प की पहचान बनी हुई है। इस तस्वीर में बाबा दशरथ मांझी साधारण धोती-कुर्ता में, नंगे पांव या साधारण चप्पल पहने, हाथ में हथौड़ा लिए कठोर चट्टान पर वार करते दिखाई देते हैं। चेहरे पर थकान साफ झलकती है, लेकिन आंखों में जिद, दर्द और लक्ष्य को पाने की अद्भुत चमक नजर आती है। चारों ओर फैला ऊँचा और बेरहम पहाड़ तथा सन्नाटा उनके अकेले संघर्ष की गवाही देता है। यह ऐतिहासिक तस्वीर बिहार के गया जिले के गहलौर गांव की है। दशरथ मांझी ने यह संघर्ष अपनी पत्नी फगुनी देवी की असमय मृत्यु के बाद शुरू किया। पहाड़ पार करते समय इलाज न मिल पाने के कारण उनकी पत्नी की मौत हो गई थी। उसी क्षण उन्होंने संकल्प लिया कि वे पहाड़ को काटकर ऐसा रास्ता बनाएंगे, जिससे भविष्य में किसी को इस तरह की पीड़ा न सहनी पड़े। करीब 22 वर्षों (1960 से 1982) तक उन्होंने अकेले हथौड़ा-छेनी से पहाड़ काटकर लगभग 360 फीट लंबा, 30 फीट चौड़ा और 25 फीट गहरा रास्ता बना दिया। इस रास्ते से गहलौर गांव की दूरी अस्पताल और शहर से काफी कम हो गई। इस अवसर पर पूर्व मुखिया अरविंद मांझी एवं वर्तमान मुखिया मदन मांझी ने बाबा दशरथ मांझी की जीवनी पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका जीवन पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। दोनों ने संयुक्त रूप से यह निर्णय लिया कि बाबा मांझी के संघर्ष और विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर समाज को जागरूक किया जाएगा, ताकि नई पीढ़ी संकल्प और मेहनत का महत्व समझ सके।3
- सरस्वती पूजा को लेकर हजारीबाग पुलिस अलर्ट, ड्रोन से निगरानी और मॉक ड्रिल से दिखी तैयारी1
- Post by Md Javed Ansari1
- मिश्रा एकेडमी के संचालक संजय मिश्रा का संदेश—मर्यादा में मनाएं सरस्वती पूजा1