*प्रयागराज मंडल में पर्यटन विकास को मिलेगी नई दिशा, 39 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं की हुई समीक्षा* *मण्डल के जनपदों के तीर्थ स्थलों का होगा कायाकल्प, पर्यटन सुविधाओं का होगा विस्तार* *मंदिर, संग्रहालय, रामलीला मैदान और पर्यटन केंद्रों के विकास पर सरकार का विशेष फोकस* *निषादराज गुह सांस्कृतिक केंद्र और कौशाम्बी संग्रहालय सहित कई परियोजनाओं की हुई समीक्षा* *प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर में पर्यटन परियोजनाओं से सम्बंधित निर्माणाधीन कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी-मा0 मंत्री* *प्रयागराज, 31 जुलाई, 2026* उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रयागराज मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत लगभग 39.10 करोड़ रुपये की प्रस्तावित 25 पर्यटन परियोजनाओं पर मंथन किया गया, जिनमें प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास, संग्रहालयों के निर्माण, सांस्कृतिक परिसरों के सौंदर्यीकरण और आधुनिक पर्यटक सुविधाओं के सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। *प्रयागराज, प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर जनपद की 25 परियोजनाओं की समीक्षा* पर्यटन विभाग की प्रस्तावित कुल 25 परियोजनाओं में प्रयागराज की 15, प्रतापगढ़ की 6 और फतेहपुर की 4 परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देना है। बैठक में अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। *परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर* पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक स्थल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर माह तक हर हाल में पूरा किया जाए और 1.5 करोड़ रुपए की 6 महीने में एवं 2 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं 9 महीने में पूरी की जाएं। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग श्री अमृत अभिजात ने विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय बनाकर समयबद्ध कार्य पूर्ण कराने पर बल दिया। *प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम* प्रयागराज जनपद में सर्वाधिक 15 पर्यटन विकास प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें सोरांव स्थित संसारी माता धाम, फाफामऊ के महावीरन धाम, करछना स्थित मां ज्वालामुखी मंदिर, प्रयागराज पश्चिम के श्री नर्मदेश्वर शिव मंदिर तथा प्रयागराज उत्तर के संत रविदास मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित परंपरा वन स्टॉप सेंटर फॉर टूरिज्म एंड कल्चर परियोजना की भी समीक्षा की गई, जिसे पर्यटन, संस्कृति और आगंतुक सुविधाओं के एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। *प्रतापगढ़ और फतेहपुर के धार्मिक स्थलों का होगा विकास* प्रतापगढ़ जनपद की परियोजनाओं में बाबा घुइसरनाथ धाम, स्वामी सिद्धेश्वर आश्रम और कुंडा स्थित नरसिंह धाम मंदिर सहित छह प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। वहीं फतेहपुर जनपद में जहानाबाद स्थित गायत्री मंदिर, बिंदकी के श्री राम जानकी मंदिर, अयाह शाह के श्री सिंहवाही मंदिर तथा खागा के सूर्य मंदिर के विकास एवं पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजनाओं पर चर्चा की गई। *सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता* संस्कृति विभाग द्वारा श्रंृगवेरपुर स्थित निषादराज गुह सांस्कृतिक केंद्र, फतेहपुर के जहानाबाद स्थित रामलीला परिसर, खागा रामलीला मैदान, प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित रामलीला मैदान तथा मंजनपुर स्थित कौशाम्बी संग्रहालय की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा फूलपुर स्थित रानी का तालाब, प्रयागराज पश्चिम के पक्का तालाब, पट्टी विधानसभा क्षेत्र के महदाहा का टीला तथा जहानाबाद स्थित तुलाराम झील एवं रसिक बिहारी मंदिर परिसर के संरक्षण एवं विकास के नए प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना है। *धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा* धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा लगभग 23.08 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे भजन संध्या स्थल की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त प्रयागराज के गंगोली शिवाला, झूंसी के कुंभेश्वर महादेव मंदिर, प्रतापगढ़ के शिव मंदिर, कौशाम्बी के मूरतगंज स्थित शिव मंदिर एवं झील, कौशाम्बी झील तथा फतेहपुर के अमोरा मंदिर एवं रेवाड़ी बुजुर्ग स्थित शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। *समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के दिए निर्देश* बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान स्वीकृत पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, परियोजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मा0 राज्य मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास श्रीमती कृष्णा पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 वी0के0 सिंह, मा0 महापौर श्री उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी, मा0 विधान परिषद सदस्य डा0 के0पी0 श्रीवास्तव, मा0 विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल, मा0 विधायक फाफामऊ श्री गुरू प्रसाद मौर्य, मा0 विधायक शहर उत्तर श्री हर्षवर्धन वाजपेयी, मा0 विधायक करछना श्री पीयूष रंजन निषाद, मा0 विधायक चायल श्रीमती पूजा पाल तथा मण्डल के अन्य जनपदों के मा0 विधायकगण तथा अन्य जनप्रतिनिधिगणों के अलावा अपर मुख्य सचिव श्री अमृत अभिजात, मण्डलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
*प्रयागराज मंडल में पर्यटन विकास को मिलेगी नई दिशा, 39 करोड़ रुपये की 25 परियोजनाओं की हुई समीक्षा* *मण्डल के जनपदों के तीर्थ स्थलों का होगा कायाकल्प, पर्यटन सुविधाओं का होगा विस्तार* *मंदिर, संग्रहालय, रामलीला मैदान और पर्यटन केंद्रों के विकास पर सरकार का विशेष फोकस* *निषादराज गुह सांस्कृतिक केंद्र और कौशाम्बी संग्रहालय सहित कई परियोजनाओं की हुई समीक्षा* *प्रयागराज, कौशाम्बी, प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर में पर्यटन परियोजनाओं से सम्बंधित निर्माणाधीन कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करना अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी-मा0 मंत्री* *प्रयागराज, 31 जुलाई, 2026* उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने शुक्रवार को सर्किट हाउस में प्रयागराज मंडल की पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने के साथ-साथ सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण और पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए तेजी से काम कर रही है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत लगभग 39.10 करोड़ रुपये की प्रस्तावित 25 पर्यटन परियोजनाओं पर मंथन किया गया, जिनमें प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास, संग्रहालयों के निर्माण, सांस्कृतिक परिसरों के सौंदर्यीकरण और आधुनिक पर्यटक सुविधाओं के सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। *प्रयागराज, प्रतापगढ़ एवं फतेहपुर जनपद की 25 परियोजनाओं की समीक्षा* पर्यटन विभाग की प्रस्तावित कुल 25 परियोजनाओं में प्रयागराज की 15, प्रतापगढ़ की 6 और फतेहपुर की 4 परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य प्रमुख तीर्थ स्थलों का विकास, पर्यटक सुविधाओं का विस्तार और धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देना है। बैठक में अधिकारियों को सभी परियोजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए गए। *परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता पर जोर* पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन परियोजनाओं का उद्देश्य केवल बुनियादी ढांचे का निर्माण नहीं, बल्कि प्रत्येक स्थल की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को सुरक्षित रखते हुए पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाना होना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि एक करोड़ रुपये तक की सभी निर्माणाधीन परियोजनाओं को नवंबर माह तक हर हाल में पूरा किया जाए और 1.5 करोड़ रुपए की 6 महीने में एवं 2 करोड़ रुपये तक की परियोजनाएं 9 महीने में पूरी की जाएं। साथ ही उन्होंने जनप्रतिनिधियों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग श्री अमृत अभिजात ने विभागों और कार्यदायी संस्थाओं के बीच नियमित समन्वय बनाकर समयबद्ध कार्य पूर्ण कराने पर बल दिया। *प्रयागराज में धार्मिक पर्यटन को मिलेगा नया आयाम* प्रयागराज जनपद में सर्वाधिक 15 पर्यटन विकास प्रस्तावों की समीक्षा की गई। इनमें सोरांव स्थित संसारी माता धाम, फाफामऊ के महावीरन धाम, करछना स्थित मां ज्वालामुखी मंदिर, प्रयागराज पश्चिम के श्री नर्मदेश्वर शिव मंदिर तथा प्रयागराज उत्तर के संत रविदास मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटक सुविधाओं के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही लगभग 8 करोड़ रुपये की लागत से प्रस्तावित परंपरा वन स्टॉप सेंटर फॉर टूरिज्म एंड कल्चर परियोजना की भी समीक्षा की गई, जिसे पर्यटन, संस्कृति और आगंतुक सुविधाओं के एकीकृत केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। *प्रतापगढ़ और फतेहपुर के धार्मिक स्थलों का होगा विकास* प्रतापगढ़ जनपद की परियोजनाओं में बाबा घुइसरनाथ धाम, स्वामी सिद्धेश्वर आश्रम और कुंडा स्थित नरसिंह धाम मंदिर सहित छह प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के प्रस्ताव शामिल हैं। वहीं फतेहपुर जनपद में जहानाबाद स्थित गायत्री मंदिर, बिंदकी के श्री राम जानकी मंदिर, अयाह शाह के श्री सिंहवाही मंदिर तथा खागा के सूर्य मंदिर के विकास एवं पर्यटक सुविधाओं को बेहतर बनाने की योजनाओं पर चर्चा की गई। *सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण को प्राथमिकता* संस्कृति विभाग द्वारा श्रंृगवेरपुर स्थित निषादराज गुह सांस्कृतिक केंद्र, फतेहपुर के जहानाबाद स्थित रामलीला परिसर, खागा रामलीला मैदान, प्रतापगढ़ के पट्टी स्थित रामलीला मैदान तथा मंजनपुर स्थित कौशाम्बी संग्रहालय की निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा की गई। इसके अलावा फूलपुर स्थित रानी का तालाब, प्रयागराज पश्चिम के पक्का तालाब, पट्टी विधानसभा क्षेत्र के महदाहा का टीला तथा जहानाबाद स्थित तुलाराम झील एवं रसिक बिहारी मंदिर परिसर के संरक्षण एवं विकास के नए प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए गए। इन परियोजनाओं का उद्देश्य प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों को संरक्षित करते हुए उन्हें पर्यटन की दृष्टि से विकसित करना है। *धर्मार्थ कार्य विभाग की परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा* धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा लगभग 23.08 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किए जा रहे भजन संध्या स्थल की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त प्रयागराज के गंगोली शिवाला, झूंसी के कुंभेश्वर महादेव मंदिर, प्रतापगढ़ के शिव मंदिर, कौशाम्बी के मूरतगंज स्थित शिव मंदिर एवं झील, कौशाम्बी झील तथा फतेहपुर के अमोरा मंदिर एवं रेवाड़ी बुजुर्ग स्थित शिव मंदिर के अनुरक्षण एवं विकास से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा की गई। इन परियोजनाओं से धार्मिक पर्यटन को व्यापक स्तर पर बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। *समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण कार्यों के दिए निर्देश* बैठक में वर्ष 2024-25 एवं 2025-26 के दौरान स्वीकृत पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग की निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह तथा अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने अधिकारियों को नियमित स्थलीय निरीक्षण करने, परियोजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने तथा सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में मा0 राज्य मंत्री, पशुधन एवं दुग्ध विकास श्रीमती कृष्णा पासवान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ0 वी0के0 सिंह, मा0 महापौर श्री उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी, मा0 विधान परिषद सदस्य डा0 के0पी0 श्रीवास्तव, मा0 विधायक कोरांव श्री राजमणि कोल, मा0 विधायक फाफामऊ श्री गुरू प्रसाद मौर्य, मा0 विधायक शहर उत्तर श्री हर्षवर्धन वाजपेयी, मा0 विधायक करछना श्री पीयूष रंजन निषाद, मा0 विधायक चायल श्रीमती पूजा पाल तथा मण्डल के अन्य जनपदों के मा0 विधायकगण तथा अन्य जनप्रतिनिधिगणों के अलावा अपर मुख्य सचिव श्री अमृत अभिजात, मण्डलायुक्त श्रीमती सौम्या अग्रवाल, जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह, पर्यटन अधिकारी अपराजिता सिंह सहित पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
- *प्रयागराज रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) इलाहाबाद की शारीरिक दक्षता परीक्षा में 250 अभ्यर्थी शामिल हुए *प्रयागराज रेलवे भर्ती प्रकोष्ठ (आरआरसी) इलाहाबाद की शारीरिक दक्षता परीक्षा में 250 अभ्यर्थी शामिल हुए। इनमें 172 सफल रहे। भर्ती प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराकर पारदर्शिता सुनिश्चित की गई*1
- जनपद न्यायालय प्रयागराज के कार्यकारिणी सदस्य प्रत्याशी हेतु अनामिका तिवारी जी ने की जोरदार अपील। जनपद न्यायालय प्रयागराज के कार्यकारिणी सदस्य प्रत्याशी हेतु अनामिका तिवारी जी ने की जोरदार अपील।1
- प्रशासन केवल ARTO के द्वारा वाहन मालिकों को डराकर मासिक बना देता है। और ज्यादा से ज्यादा वाहन का चालान कर देता है। लेकिन विद्यालय के खिलाफ कोई कार्रवाई नही करता। आने जाने का भाडा बच्चों से विद्यालय वसूलता है। 1260 रुपये मासिक प्रति बच्चो का भांडा है। लगभग सैकड़ो बीघा जमीन ऐसे किसानो से खरीद कर उनको ही टाटा सूमो बोलेरो खरीदा कर किराये में लेते हैं। और ड्राइवर और बैठने कि व्यवस्था स्वमं करते हैं। वाहन चालक दो चार हजार का होता है। जिसको यह खुद भर भी देते हैं। लेकिन विद्यालय का नाम बचाते हैं। यह कोई फोन नम्बर विद्धालय का नही देते जिससे बात हो सके1
- पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ: त्रिवेणी बाँध पर गूँजा शिवनाम, दूसरे दिन भी उमड़े श्रद्धालु विश्व जन कल्याण एवं सर्व मनोकामना पूर्ति हेतु नैतिक विकास शोध संस्थान सेवा ट्रस्ट प्रयाग के तत्वाधान में जारी अनन्त पार्थिव शिवलिंग निर्माण महायज्ञ आज दूसरे दिन भी प्रयाग के गौरवमयी सन्तों के आशीर्वाद एवं सानिध्य में लगातार जारी रहा। श्री गायत्री यज्ञशाला मन्दिर, हण्डिया बाबा योगालय के बगल में त्रिवेणी बाँध पर आज भक्तों ने शिवनाम जप करते हुए पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण किया। आज के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी श्री संजय मिश्र बनकटा उपस्थित रहे। मुख्य यजमान के रूप में वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती मधुबाला पाण्डेय ने भगवान पार्थिव शिवलिंग का गंगाजल से अभिषेक करते हुए सर्व मनोकामना पूर्ति एवं विश्व जन कल्याण की कामना की।1
- नैनी में जलकल विभाग के गाड़ी की टक्कर से कार क्षतिग्रस्त लोगों का आरोप है कि नगर निगम की जितनी भी गाड़ी है अधिकतर किसी में नंबर प्लेट होता ही नहीं प्रयागराज। नैनी क्षेत्र के मेवालाल की बगिया के समीप शुक्रवार को जलकल विभाग के एक टैंकर की चपेट में आने से एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। घटना उस समय हुई, जब जलकर विभाग की गाड़ी बैक कर रही थी। इसी दौरान पीछे से गुजर रही कार जलकर विभाग की गाड़ी से क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे उसे नुकसान पहुंचा। मौके पर मौजूद कार चालक ने जलकर विभाग की गाड़ी चालक को रोक लिया। सूचना मिलने पर जलकल विभाग के कुछ कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। बाद में विभाग की ओर से कार को गैरेज ले जाकर उसकी मरम्मत कराई गई। कार चालक प्रशोत त्रिपाठी कौंधियारा से आ रहे थे जो पेशे से शिक्षक हैं। वह शुक्रवार को कौंधियारा से प्रयागराज जा रहे थे। मेवालाल की बगिया के पास पहुंचने पर बैक हो रहे जलकल विभाग के गाड़ी ने उनकी कार को टक्कर मार दी जिससे कार क्षतिग्रस्त हो गई। कार चालक ने आरोप लगाया कि संबंधित जलकर विभाग की गाडी़ में न तो साइड मिरर लगा था और न ही वाहन का पंजीकरण (नंबर) स्पष्ट रूप से अंकित था।1
- *प्रयागराज* *एक छोटी सी बच्ची और एक बड़ा दिल* *कहते हैं,असली पहचान पद से नहीं, उसके व्यवहार से होती है* प्रयागराज में आयोजित एक पैड बैंक कार्यक्रम में एक छोटी बच्ची ने अपने नृत्य से सभी का दिल जीत लिया। वही कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रही डॉ. अंकिता राज—महिला सशक्तिकरण एवं पेरेंटिंग कोच, जिनकी पहचान उनके कार्यों से की जाती है। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वह मासूम बच्ची डॉ अंकिता के पास आई और बोली “मैम, आप बहुत सुंदर हैं, क्या आप हमारे घर आएँगी?” अक्सर ऐसे सवाल मुस्कान तक ही सीमित रह जाते हैं, लेकिन डॉ. अंकिता राज ने उस मासूम की बात को दिल से सुना। उन्होंने उसका पता और नंबर लिख लिया। कुछ समय बाद बच्ची का फोन आया, और फिर जो हुआ, उसने सभी का दिल छू लिया। डॉ. अंकिता राज अचानक उस बच्ची के घर पहुँचीं। वह एक स्लम बस्ती थी, लेकिन उनके लिए वह सिर्फ एक घर नहीं, बल्कि अपनापन था। वे बच्चों के साथ ज़मीन पर बैठीं, हँसीं, खेलीं, उनसे बातें कीं, पढ़ाई का महत्व समझाया और उन्हें उपहार भी दिए। डॉ अंकिता राज के इस छोटे से कदम ने बड़ा बदलाव ला दिया। अब उस क्षेत्र में नगर निगम द्वारा साफ़-सफ़ाई, कूड़ेदान की व्यवस्था और जल्द ही मेडिकल कैंप लगाने की पहल भी शुरू करदी गई है। *यही है असली महिला सशक्तिकरण* जहाँ सम्मान केवल मंच पर नहीं, बल्कि हर घर तक पहुँचता है। जहाँ संवेदनशीलता शब्दों से नहीं, कर्मों से दिखाई देती है। एक मुलाकात, एक मुस्कान, और पूरे मोहल्ले के लिए उम्मीद की नई शुरुआत डॉ अंकिता राज से हो रही है।1
- हजरत शहीद पठान शाह बाबा का उर्स बड़े धूमधाम से मनाया गया हजरत शहीद पठान शाह बाबा का उर्स बड़े धूमधाम से मनाया गया अकीदत्त के साथ मनाया गया मजार पर देखभाल करने वाले गंगा जमुनी तहजीब देखने को मिली मजार पर जो भी मुराद मांगता है वह पूरी होती है ऐसा यहां के मानने वाले जायरीन का कहना है1
- विंध्याचल धाम में पुरोहितों के बीच मारपीट से मचा हड़कंप, गर्भगृह से कॉरिडोर तक चले लात-घूंसे, वीडियो वायरल विंध्याचल धाम में पुरोहितों के बीच मारपीट से मचा हड़कंप, गर्भगृह से कॉरिडोर तक चले लात-घूंसे, वीडियो वायरल ________________________ मिर्जापुर। 1 अगस्त 2026/ विंध्याचल स्थित विश्व प्रसिद्ध मां विंध्यवासिनी धाम में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब दर्शन कराने को लेकर दो पुरोहित पक्षों के बीच कहासुनी देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद मंदिर के गर्भगृह से शुरू होकर विंध्य कॉरिडोर और पुरानी वीआईपी मार्ग स्थित एक दुकान तक पहुंच गया, जहां पिता-पुत्र ने कथित तौर पर एक पुरोहित की जमकर पिटाई कर दी। घटना के दौरान मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। मौके पर पुलिस मौजूद रही, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद को तत्काल प्रभावी ढंग से नहीं रोक सकी। बाद में दोनों पक्ष विंध्याचल थाने पहुंचे, जहां आपसी समझौते के बाद मामला शांत हो गया...!! रंजीत कुमार सोनकर (प्रधान संपादक) क्राइम एक्सपर्ट न्यूज़1