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पेंशनर संघ की चंबा में बैठक आयोजित पेंशनर बोले सरकार ने मांगे नहीं मानी तो आगामी सत्र के दौरान होगा आंदोलन
Him Darishti
पेंशनर संघ की चंबा में बैठक आयोजित पेंशनर बोले सरकार ने मांगे नहीं मानी तो आगामी सत्र के दौरान होगा आंदोलन
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- सुजानपुर सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक कैप्टन रणजीत सिंह बजट सत्र की समाप्ति के तुरंत बाद देर रात अपने क्षेत्र में पहुंचे और पहुंचते ही जनहित कार्यों में सक्रिय नजर आए। उन्होंने गाव समोना के लिए बन रही सड़क का औचक निरीक्षण किया और निर्माण कार्य की गुणवत्ता का जायजा लिया। यह सड़क लंबे समय से क्षेत्रवासियों की प्रमुख मांग रही है। बरसात के मौसम में खड्ड (नाले) के उफान पर होने के कारण समोना के लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। स्थिति इतनी गंभीर होती थी कि लोग अपनी गाड़ियां बगेहरा या अपने गांव में ही खड़ी कर देते थे और समोना तक पैदल पहुंचना पड़ता था। यहां तक कि गौशाला के लिए आवश्यक खाद्य सामग्री भी लोगों को सिर पर उठाकर ले जानी पड़ती थी। विधायक कैप्टन रणजीत सिंह ने जनता की इस गंभीर समस्या को प्राथमिकता देते हुए सड़क निर्माण कार्य शुरू करवाया है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को स्पष्ट निर्देश दिए कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता के साथ कोई समझौता नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह सड़क बनने से न केवल समोना के लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि क्षेत्र के विकास को भी नई गति मिलेगी। विधायक ने आश्वासन दिया कि उनकी प्राथमिकता हमेशा जनहित के कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्ता के साथ पूरा करवाना है।1
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- हमीरपुर हमीरपुर ज़िला के उपमंडल भोरंज की ग्राम पंचायत नंदन के गांव बल्ह हरिजन बस्ती नारकीय जीवन जी रही है। इस बस्ती की विडंबना यह है कि अपनी जमीन देने के उपरांत भी सडक़ गांव तक नहीं पहुंच पाई। करीब 500 मीटर सडक़ निकलने के बाद इसे बंद कर दिया गया जिस वजह से यह बस्ती भारी मुसीबतें झेल रही है। यहां के रास्ते तक टूट चुके हैं तथा मार्ग चलने योग्य नहीं बचे हैं। यदि कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाए तो उसे चारपाई पर उठाकर ले जाना पड़ता है। इस बस्ती के लोगों ने आरोप जड़े हैं कि जहां से सडक़ मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है वहां पर इनकी जमीन है। उसी जमीन से मार्ग बल्ह गांव के लिए निकला है। इन्होंने तो जमीन दे दी लेकिन वायदे मुताबिक बल्ह गांव के सामान्य वर्ग ने सिर्फ अपना फायदा देखा तथा इनकी बस्ती को मार्ग नहीं निकलने दिया। वर्ष 2020 में सडक़ मार्ग का निर्माण कार्य किया गया है। जब सडक़ का टै्रक बना तो बताया गया कि सामान्य वर्ग व हरिजन बस्ती के लिए इस मार्ग का निर्माण किया जा रहा है। हरिजन बस्ती के ग्रामीणों ने बताया कि सडक़ का निर्माण अनुसूचित जाति उपयोग में हुआ है। ग्रामीणों ने अनुसार बरसात के दिनों में उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें अपने बच्चे स्कूल भेजने में भी हिचकिचाहट हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि अब तो इनके गांव तक का मार्ग साईकिल योग्य भी नहीं बचा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप जड़ा है कि प्रशासन के कई मर्तबा चक्कर काट चुके हैं तथा हर बार समस्या के समाधान का आश्वसान देकर पल्ला झाड़ दिया जाता है। इन ग्रामीणों का कहना है कि यदि मार्ग इनकी बस्ती तक नहीं निकाला गया तो फिर मार्ग को उस जगह पर बंद कर देंगे जहां से इनकी जमीन को लिया गया है। इन्होंने बताया कि मार्ग निकालने के लिए इनसे जमीन की कोई एनओसी नहीं ली गई है तथा मार्ग लोकनिर्माण विभाग ने निकाला है। ऐसे में अब ये लोग मजबूरीवश मार्ग को उस जगह से बंद करने की बात कह रहे हैं जहां इनकी जमीन का इस्तेमाल किया गया है। शनिवार को उपायुक्त के दरबार पहुंचे ग्रामीणों ने गुहार लगाई है कि उनकी समस्या का जल्द समाधान कर राहत पहुंचाई जाए। वर्तमान में इनका गांव विकास की दृष्टि से दूर हो चला है। यदि आज इनकी आवाज को दबाया गया तो फिर आने वाले समय में पूरा गांव सडक़ समस्या का सामना करेगा। उपायुक्त हमीरपुर ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल उनके पास पहुंचा था। समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीण पवन कुमार का कहना है कि वर्ष 2021 से प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन इनकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। स्वर्ण समाज ने अपने घरों तक सडक़ मार्ग को निकलने दिया तथा आगे का रास्ता बंद कर दिया है। यदि ऐसा ही रहा तो यह मजबूरी में वहां से रास्ता बंद कर देंगे जहां पर सडक़ मार्ग के लिए इनकी जमीन ली गई है। राकेश कुमार का कहना है कि सडक़ सुविधा के आभाव में ग्रामीण भारी परेशानियों झेल रहे हैं। बस्ती के रास्ते तक ध्वस्त हो चुके हैं तथा कई घरों को सडक़ मार्ग के लिए बनाए ट्रैक से नुकसान हो चुका है। बरसात के दिनों में अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सुषमा देवी ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सडक़ मार्ग की सुविधा न मिलने से काफी दिक्कत झेलनी पड़ रही है। पहले दोपहिया किसी तरह घरों तक पहुंच जाता था लेकिन अब तो रास्ते साईकिल चलाने के योग्य भी नहीं है।3
- पुलिस थाना बंगाणा के तहत बीहडू कलां स्थित गोबिंद सागर झील में डूबे 24 वर्षीय श्रद्धालु का शव 18 घंटे बाद मिला। मृतक युवक की पहचान आकाशदीप पुत्र कश्मीरी लाल निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। गोताखोर की मदद से निकाले गए शव को बंगाणा पुलिस ने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही आगामी शुरू कर दी है। बता दें कि पंजाब के कुछ श्रद्धालु युवक शुक्रवार दोपहर को पीरनिगाह मंदिर में माथा टेकने के बाद बाबा बालक नाथ मंदिर जा रहे थे। इसके लिए बीहडू कलां स्थित गोबिंद सागर झील किनारे बोट का इंतजार करने लगे। इसी दौरान अमृतसर निवासी आकाशदीप सिंह का पैर फिसल गया और गोबिंद सागर झील में समा गया। हालांकि साथी युवकों बचाने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे। सूचना मिलने के बाद ग्रामीण सहित पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आकाशदीप को ढूंढने का प्रयास किया, लेकिन अंधेरा होने के चलते कोई पता नहीं चल पाया। शनिवार सुबह एक बार फिर से आकाशदीप सिंह तलाश शुरू की और गोताखोरों को बुलाया। जिसके बाद शव को बाहर निकाला गया। एएसपी ऊना संजीव भाटिया ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।1
- देवभूमि कुल्लू हिमाचल प्रदेश1
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- हमीरपुर, आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के संस्थापक श्री श्री रविशंकर द्वारा सोमनाथ मंदिर में प्राचीन खंडित शिवलिंग की पुनर्स्थापना की पहल के तहत निकाली जा रही पवित्र ज्योतिर्लिंग यात्रा हमीरपुर पहुंची। गांधी चौक पर पहुंचने पर स्थानीय लोगों ने फूलों की वर्षा कर ज्योतिर्लिंग का भव्य स्वागत किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई।इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण बन गया। यह यात्रा पूरे भारत में आयोजित की जा रही है, जिसमें सभी 12 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि यह पवित्र अवशेष लगभग 1000 वर्षों से संरक्षित थे, जिन्हें अब पुनः स्थापित करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। वहीं स्थानीय निवासी कपिल मोहन शामा ने इस अवसर को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह दिन हमीरपुर जिला के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।उन्होंने कहा कि “1000 वर्ष पुराना ज्योतिर्लिंग हमारे शहर के गांधी चौक पर पहुंचा है, जो हमारे लिए गर्व और आस्था का विषय है।” उन्होंने बताया कि यह यात्रा लगभग 10 दिनों तक हिमाचल प्रदेश में रहेगी। यात्रा इससे पहले चंबा और धर्मशाला में सफलतापूर्वक पूरी की जा चुकी है। हमीरपुर के बाद यह यात्रा अगले पड़ाव के रूप में ऊना जिला पहुंचेगी।श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है और लोग बड़ी संख्या में दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।2
- devbhumi Kullu Himachal Pradesh1