ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल के अवसर पर पलिया स्थित थारू जनजाति क्षेत्र के ग्राम सूड़ा में श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुड्डी सेवा अस्पताल के संचालक, समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार अवस्थी द्वारा यहाँ एक विशाल भंडारा और निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर बजरंगबली का स्मरण करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में श्रद्धालुओं को हलुवा और शर्बत वितरित किया गया, जिसमें सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ती रही और हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसी के साथ आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अजय अवस्थी ने 220 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में आए मरीजों को एक सप्ताह की आवश्यक दवाइयाँ भी मुफ्त वितरित की गईं। डॉ. अवस्थी ने यह भी घोषणा की कि शिविर से प्राप्त पर्चा लेकर जो भी मरीज उनके निजी क्लीनिक पर आएगा, उसका उपचार भी निशुल्क किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र में ऐसे स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए बेहद लाभदायक साबित होते हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में रूपेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य लीला देवी, गोपाल वर्मा, सुभाष राजपूत सहित अनेक स्थानीय लोगों ने सराहनीय सहयोग दिया। धार्मिक आस्था और जनसेवा से जुड़े इस कार्यक्रम की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।
ज्येष्ठ माह के सातवें बड़े मंगल के अवसर पर पलिया स्थित थारू जनजाति क्षेत्र के ग्राम सूड़ा में श्रद्धा और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। गुड्डी सेवा अस्पताल के संचालक, समाजवादी पार्टी कार्यकर्ता और बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय कुमार अवस्थी द्वारा यहाँ एक विशाल भंडारा और निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने पहुंचकर बजरंगबली का स्मरण करते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में श्रद्धालुओं को
हलुवा और शर्बत वितरित किया गया, जिसमें सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ती रही और हजारों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसी के साथ आयोजित निशुल्क स्वास्थ्य शिविर में डॉ. अजय अवस्थी ने 220 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर में आए मरीजों को एक सप्ताह की आवश्यक दवाइयाँ भी मुफ्त वितरित की गईं। डॉ. अवस्थी ने यह भी घोषणा की कि शिविर से प्राप्त पर्चा लेकर जो भी मरीज उनके निजी
क्लीनिक पर आएगा, उसका उपचार भी निशुल्क किया जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि दूरस्थ जनजातीय क्षेत्र में ऐसे स्वास्थ्य शिविर लोगों के लिए बेहद लाभदायक साबित होते हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में रूपेश गुप्ता, जिला पंचायत सदस्य लीला देवी, गोपाल वर्मा, सुभाष राजपूत सहित अनेक स्थानीय लोगों ने सराहनीय सहयोग दिया। धार्मिक आस्था और जनसेवा से जुड़े इस कार्यक्रम की क्षेत्र में व्यापक सराहना की जा रही है।
- संजना को विशेष रूप से एक कहानी को बड़े ध्यान से सुनने का निर्देश दिया गया है। यह स्पष्ट किया गया है कि सुनाई जा रही यह कहानी किसी मेंढक से संबंधित नहीं है।1
- बेंगलुरु में एक तेज रफ्तार ट्रक ने पहले एक ट्रैक्टर को टक्कर मारी। यह टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रक डिवाइडर पार कर गया और फिर सामने से आ रहे एक अन्य वाहन से जा टकराया। यह पूरा हादसा सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया है।1
- पलिया (खीरी) के मझगई वन रेंज क्षेत्र के खालेपुरवा में उस वक्त हड़कंप मच गया और चीख-पुकार मच गई, जब खेत में मजदूरी कर रही एक महिला पर बाघ ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। इस खूंखार हमले में गंभीर रूप से घायल हुई महिला को तुरंत पलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। महिला की मौत की खबर मिलते ही पूरे गांव में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतका की पहचान कोकिला देवी के रूप में हुई है, जो अन्य ग्रामीणों के साथ खेत में मजदूरी करने गई थीं। तभी झाड़ियों में घात लगाए बैठे बाघ ने उन पर हमला कर दिया। कोकिला देवी के साथ काम कर रही अन्य महिला मजदूर ने बताया कि बाघ ने कोकिला पर हमला कर उन्हें दबोच लिया और जंगल की ओर खींचने लगा। ग्रामीणों ने हिम्मत न हारते हुए जोर-जोर से शोर मचाया, जिससे बाघ सहम कर कोकिला को गंभीर हालत में वहीं छोड़कर घने जंगल की ओर भाग निकला। बाघ के भागने के बाद लहूलुहान हालत में कोकिला देवी को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, लेकिन घाव इतने गहरे थे कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी सांसें थम गईं। उनकी मौत की आधिकारिक सूचना खालेपुरवा गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में मातम छा गया। इस घटना के बाद से ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ भारी आक्रोश है, क्योंकि उनके अनुसार इलाके में बाघ की मूवमेंट लगातार बनी हुई है, जिससे वे अपने ही खेतों में जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने और बाघ को जल्द से जल्द पकड़ने या पिंजरा लगाने की मांग की है।2
- लखीमपुर खीरी के मूल निवासी आदित्य वर्मा 'जलज' ने बॉलीवुड में कदम रखते हुए अपनी फिल्म "मैं भारत हूँ" का निर्माण शुरू कर दिया है। उनके निर्देशन में बन रही इस फिल्म की शूटिंग में बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता आदरणीय रजा मुराद जी ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसमें सहभागिता भी की। इस दौरान मुंबई से आईं अनेक हस्तियों ने भी शूटिंग में हिस्सा लिया। जनपद खीरी के फरधान-मन्योरा के मूल निवासी फिल्मकार आदित्य वर्मा 'जलज' जी ने आई.ए.एस. की सेवा छोड़कर फिल्म लाइन में प्रवेश किया है। उन्होंने वर्ष २००७ में 'उमराव जान' फेम मुज़फ़्फ़र अली जी के सानिध्य में भारतीय सिनेमा की दुनिया में पदार्पण किया था। उनकी यह यात्रा संघर्षों से भरी रही है। इस कठिन यात्रा में उनके पिताजी, धर्म पत्नी प्रियंका जी, फिल्म यूनिट के अभिषेक भारद्वाज जी, मोनिका श्रीवास्तव जी, सत्य प्रकाश सक्सेना जी, कोमल यादव जी और साक्षी जी ने उनका हर तरीके से साथ दिया है। मुंबई से सलीम खान जी, अंजनी श्रीवास्तव जी, सैफ़ अली जी और रंजन शाह जी ने भी काफी लंबे समय से जलज जी का साथ दिया है और आज भी उनके साथ हैं। वर्तमान में पूरे देश से जलज जी के साथ एक बड़ी यूनिट काम कर रही है। यह फिल्म "मैं भारत हूँ" गंगा जमुनी तहज़ीब पर आधारित एक खूबसूरत फिल्म है, जो २०२७ में रिलीज होगी। इस फिल्म में लखीमपुर से आर्येंद्र पाल सिंह, रश्मि खान और ध्रुव मिश्रा भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, डॉ. वी.बी. धुरिया जी, आर्येंद्र पाल जी, हनी महाजन जी, डॉ. अमीन जी, जी.एस. अरोरा जी, आशा यादव जी, दीपक पचोर जी, अमित बंगा जी, शेख शकील जी, सुनीत कुमार जी, तिलक वर्धन जी, विजय गुलाटी जी, विनीता वर्मा, मोनू मिश्रा, ध्रुव मिश्रा, अजय निगम, रश्मि राव जी, डी.पी. मिश्रा, गौरव अग्रवाल जी, परमजीत कौर जी, गिरजा शंकर अग्रवाल जी और पिंकी सिंह सहित कई अन्य विशिष्ट सहयोगी भी जलज जी के साथ हैं। "मैं भारत हूँ" के निर्माण के बाद "२०५० - ए वॉर फॉर वॉटर" नामक अगली फिल्म का भी निर्माण किया जाएगा।1
- लखनऊ में उस समय हड़कंप मच गया जब एक व्यक्ति द्वारा खुद को नोएडा का आईपीएस अधिकारी बताकर रौब जमाने और बदमाशी करने की बात सामने आई। सूत्रों के अनुसार, देर रात पुलिस ने संदिग्ध स्थिति में इस व्यक्ति को हिरासत में ले लिया। आरोप है कि वह खुद को आईपीएस अधिकारी बताकर लोगों पर दबाव बना रहा था और इलाके में रौब दिखा रहा था। पुलिस ने आरोपी को थाने लाकर घंटों तक पूछताछ की है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। बताया जा रहा है कि आरोपी का नाम मिथिलेश शुक्ला है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और तथ्यों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी, जिससे मामले की सच्चाई सामने आएगी।1
- लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अमीरनगर और आस-पास के कई गांवों में आगामी मोहर्रम त्योहार को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। इसी क्रम में, पुलिस बल द्वारा एक पैदल गस्त (फ्लैग मार्च) का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करना था। यह पैदल गस्त क्षेत्राधिकारी (सीओ) अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में निकाली गई, जिसमें कोतवाली मोहम्मदी के प्रभारी निरीक्षक (इंस्पेक्टर) उमेश चंद्र चौरसिया भी भारी पुलिस बल के साथ उपस्थित थे। पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से ग्राम छतरी मोहम्मदपुर और कस्बा अमीरनगर के मुख्य मार्गों, संवेदनशील चौराहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों का गहनता से जायजा लिया। सीओ अरुण कुमार सिंह और इंस्पेक्टर उमेश चंद्र चौरसिया ने इस दौरान कहा कि त्योहारों के दौरान क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी तरह की अराजकता या अफवाह फैलाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। गस्त के दौरान, अधिकारियों ने उच्च अधिकारियों से प्राप्त दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए ताजियादारों और ताजिया बनाने वालों के घरों पर जाकर उनसे व्यक्तिगत मुलाकात की। पुलिस ने सभी को स्पष्ट निर्देश दिया कि इस बार ताजिया की ऊंचाई 12 फीट ही रखी जाए। अधिकारियों ने स्थानीय संभ्रांत नागरिकों और ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए त्योहार को शांति, सौहार्द और आपसी भाईचारे के साथ मनाने की अपील की। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहेंगे और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए। इस पैदल गस्त से स्थानीय लोगों में सुरक्षा का भाव मजबूत हुआ है।4
- राम मंदिर में चढ़ावा चोरी और अयोध्या में करोड़ों रुपये की जमीन एवं संपत्ति होने के आरोपों का सामना कर रहे टिन्नू यादव का उनकी पत्नी पूनम ने बचाव किया है। पूनम ने दावा किया कि उनके पति को बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका मकान वर्ष 2015 में ही बन चुका था और उनके परिवार की पूरी संपत्ति पारदर्शी है।1
- इटावा के हरदासपुर गांव में आयोजित लोधी अबन्ति बाई क्रिकेट टूर्नामेंट सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं रहा, बल्कि यह एक ऐतिहासिक और यादगार आयोजन बन गया। इस आयोजन के दौरान चारों तरफ हरीश लोधी राजपूत के जिंदाबाद के नारे गूंज उठे, और क्रिकेट प्रेमियों ने "अबकी बार सिर्फ हरीश लोधी राजपूत" का संदेश दिया। क्रिकेट समापन के इस अवसर पर, महानवादी पार्टी के राष्ट्रीय लोधी नेता और इटावा विधानसभा के लोकप्रिय प्रत्याशी हरीश लोधी ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से कार्यक्रम को एक नई पहचान दी। क्षेत्र की जनता का कहना है कि उन्होंने वह कर दिखाया, जो आज तक कोई जननायक नहीं कर सका। गांव-गांव और जन-जन के बीच अपनी लोकप्रियता से पहचान बनाने वाले हरीश लोधी राजपूत ने हमेशा जनता की आवाज़ को प्राथमिकता दी है, जिसके कारण लोगों के दिलों में उनके प्रति विशेष सम्मान और विश्वास दिखाई देता है। जनता का उत्साह और समर्थन स्पष्ट संदेश देता है कि वे विकास, संघर्ष और जनसेवा की राजनीति को पसंद कर रहे हैं। क्षेत्र के लोगों ने एक स्वर में कहा कि उन्हें ऐसा नेतृत्व चाहिए जो उनकी समस्याओं को समझे और उनके क्षेत्र को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाए। हरदासपुर के इस ऐतिहासिक आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जनता अपने प्रिय नेता के साथ मजबूती से खड़ी है। आने वाले समय में इटावा विधानसभा की राजनीति में यह जनसमर्थन एक नई दिशा तय कर सकता है, और लोधी अबन्ति बाई क्रिकेट टूर्नामेंट का यह आयोजन खेल, सामाजिक एकता और जनभागीदारी का शानदार उदाहरण बनकर हमेशा याद रखा जाएगा।4
- उत्तर प्रदेश के पलिया स्थित दुधवा टाइगर रिजर्व के बफर जोन से सटे मझगई वन रेंज क्षेत्र के खालेपुरवा गाँव में सोमवार को एक टाइगर के हमले में महिला की मौत हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और ग्रामीण वन विभाग के खिलाफ लामबंद हो गए हैं। उन्होंने मृतका का अंतिम संस्कार तब तक न करने की चेतावनी दी है, जब तक हमलावर बाघ को पकड़ा नहीं जाता। खालेपुरवा चौरी निवासी कोकिला देवी पत्नी गेंदल लाल अपने खेत में चारा लेने गई थीं, तभी घात लगाए बैठे तेंदुए ने उन पर हमला कर दिया। कोकिला देवी की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े, लेकिन तब तक तेंदुआ जंगल की तरफ भाग चुका था। गंभीर रूप से घायल कोकिला देवी को परिजन और ग्रामीण आनन-फानन में पलिया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया। मृतका के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार के सदस्यों ने बताया कि कोकिला देवी मेहनत-मजदूरी कर आठ सदस्यों के भरे-पूरे परिवार का भरण-पोषण करती थीं। उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और उनके सामने अब आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। घटना की जानकारी मिलते ही वनक्षेत्राधिकारी अंकित कुमार सिंह और डिप्टी रेंजर मनोज कुमार यादव अपनी टीम के साथ मौके पर पहुँचे और पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। उन्होंने वन विभाग की ओर से मिलने वाली त्वरित आर्थिक सहायता जल्द से जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन भी दिया। क्षेत्र में बाघ की लगातार मौजूदगी से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि लंबे समय से इस क्षेत्र में तेंदुए का मूवमेंट बना हुआ है, जिसके कारण खेतों में काम करना और गाँव से बाहर निकलना बेहद जोखिम भरा हो गया है। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने साफ शब्दों में कहा है कि जब तक वन विभाग तेंदुए को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं करता, तब तक वे मृतका का अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। ग्रामीणों ने प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने, गश्त बढ़ाने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई थी और वन विभाग के अधिकारी ग्रामीणों को समझाने-बुझाने का लगातार प्रयास कर रहे थे।3