राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित उरई (जालौन):14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए बुधवार को जिला न्यायालय परिसर में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक माननीय जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में तथा नोडल अधिकारी/अपर जिला जज सतीश चन्द्र द्विवेदी की अध्यक्षता में उनके विश्राम कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत सहित कई विभागों के अधिकारियों को लोक अदालत से संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अपर जिला जज सतीश चन्द्र द्विवेदी ने अपर जिला मजिस्ट्रेट (नमामि गंगे) प्रेमचन्द्र मौर्य से कहा कि उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालयों में लंबित दाण्डिक प्रकीर्ण वादों और तहसील स्तर के राजस्व मामलों को चिन्हित कर उनकी सूची जल्द जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए और संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस विभाग के प्रतिनिधि क्षेत्राधिकारी उरई राजीव कुमार से कहा गया कि सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि न्यायालयों से जारी समन और नोटिसों की शत-प्रतिशत तामीला कराई जाए, क्योंकि कुछ थानों से समन तामीला सही ढंग से नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शाम्भवी प्रथम ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आनन्द प्रकाश वर्मा से कहा कि आशा बहुओं की बैठकों में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देकर इसका प्रचार-प्रसार कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों की सूची भी जल्द प्राधिकरण को भेजी जाए। इसके अलावा विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता जितेन्द्रनाथ को निर्देश दिया गया कि बिजली चोरी से जुड़े ऐसे मामलों को चिन्हित करें, जिनमें उपभोक्ता द्वारा शमन शुल्क और जुर्माना जमा कर दिया गया है, ताकि लोक अदालत में उनका निस्तारण कराया जा सके। बैठक में अपर सूचना अधिकारी पंकज कुमार तथा खाद्य एवं रसद विभाग के प्रतिनिधि पूर्ति निरीक्षक अभिषेक भी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए अधिकारियों की समीक्षा बैठक आयोजित उरई (जालौन):14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाने के लिए बुधवार को जिला न्यायालय परिसर में विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक माननीय जनपद न्यायाधीश विरजेन्द्र कुमार सिंह के मार्गदर्शन में तथा नोडल अधिकारी/अपर जिला जज सतीश चन्द्र द्विवेदी की अध्यक्षता में उनके विश्राम कक्ष में सम्पन्न हुई। बैठक में जिला प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, विद्युत सहित कई विभागों के अधिकारियों को लोक अदालत से संबंधित लंबित मामलों के निस्तारण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अपर जिला जज सतीश चन्द्र द्विवेदी ने अपर जिला मजिस्ट्रेट (नमामि गंगे) प्रेमचन्द्र मौर्य से कहा कि उपजिला मजिस्ट्रेट न्यायालयों में लंबित दाण्डिक प्रकीर्ण वादों और तहसील स्तर के राजस्व मामलों को चिन्हित कर उनकी सूची जल्द जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को उपलब्ध कराई जाए और संबंधित मामलों में विभागीय स्तर पर प्रभावी पैरवी सुनिश्चित की जाए। बैठक में पुलिस विभाग के प्रतिनिधि क्षेत्राधिकारी उरई राजीव कुमार से कहा गया कि सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित करें कि न्यायालयों से जारी समन और नोटिसों की शत-प्रतिशत तामीला कराई जाए, क्योंकि कुछ थानों से समन तामीला सही ढंग से नहीं होने की शिकायतें सामने आई हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव शाम्भवी प्रथम ने अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आनन्द प्रकाश वर्मा से कहा कि आशा बहुओं की बैठकों में राष्ट्रीय लोक अदालत के बारे में जानकारी देकर इसका प्रचार-प्रसार कराया जाए। साथ ही स्वास्थ्य विभाग से संबंधित लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों की सूची भी जल्द प्राधिकरण को भेजी जाए। इसके अलावा विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता जितेन्द्रनाथ को निर्देश दिया गया कि बिजली चोरी से जुड़े ऐसे मामलों को चिन्हित करें, जिनमें उपभोक्ता द्वारा शमन शुल्क और जुर्माना जमा कर दिया गया है, ताकि लोक अदालत में उनका निस्तारण कराया जा सके। बैठक में अपर सूचना अधिकारी पंकज कुमार तथा खाद्य एवं रसद विभाग के प्रतिनिधि पूर्ति निरीक्षक अभिषेक भी उपस्थित रहे।
- Post by मुजीब आलम पत्रकार1
- कोतवाली कालपी पुलिस द्वारा एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार कर विधिक कार्यवाही की गयी ।1
- Post by Harsh Samvad1
- Post by Bheem rajawat 96288004581
- नमस्कार दोस्तों आज़ हम आपको जालौन जिले के जालौन से बाबई जाने वाले रास्ते पर ले चलते हैं जहां सड़क पर गड्ढे हैं या फिर गढ्ढों में सड़क है कहना बडा मुश्किल है क्योंकि जो तस्वीरें सामने आई है उसके मुताबिक तो सरकार के गढ्ढा मुक्त सड़क के दावों पर सवाल खड़े कर रहीं हैं3
- जिलाधिकारी कपिल सिंह द्वारा बुधवार को माती कलेक्ट्रेट परिसर का निरीक्षण कर विभिन्न कार्यालयों एवं पटलों की कार्यप्रणाली, अभिलेख संधारण, जनसुनवाई व्यवस्था तथा लंबित प्रकरणों के निस्तारण की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने राजस्व एवं जनसेवा से संबंधित सेवाओं की प्रगति का भी गहनता से परीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से संपादित करने के निर्देश दिए।1
- रिपोर्टर सत्येंद्र कुमार जालौन। जालौन से बाबई को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों बदहाल स्थिति में है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। कई बार मरम्मत कराए जाने के बावजूद सड़क की हालत में कोई स्थायी सुधार नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि हल्की बारिश या ज्यादा ट्रैफिक के चलते सड़क की परत उखड़ जाती है और कुछ ही दिनों में सड़क फिर से गड्ढों में तब्दील हो जाती है। खासकर रात के समय इन गड्ढों के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है और कई दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो चुके हैं। ग्रामीणों और राहगीरों ने संबंधित विभाग से मांग की है कि सड़क की सिर्फ अस्थायी मरम्मत के बजाय इसकी मजबूत तरीके से दोबारा निर्माण कराया जाए, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके और लगातार हो रही दुर्घटनाओं पर रोक लग सके।2
- जालौन जिले के कोंच स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का बुधवार दोपहर 1 बजे लखनऊ से आई कायाकल्प टीम ने निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य अस्पताल में साफ-सफाई, व्यवस्थाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का मूल्यांकन करना था। निरीक्षण टीम में लखनऊ से डॉ. तारिक अंसारी के साथ नामित सदस्य डॉ. मनीष खरे और डॉ. फिरोज आलम शामिल रहे। टीम ने कायाकल्प योजना के अंतर्गत अस्पताल के विभिन्न विभागों का बारीकी से निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम ने अस्पताल के दवा कक्ष, लैब प्रयोगशाला, डॉक्टर कक्ष, लेबर रूम, एनसीडी कक्ष, एक्स-रे रूम सहित पूरे सीएचसी परिसर का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में साफ-सफाई, रिकॉर्ड व्यवस्था और मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं को देखा गया। इस दौरान टीम ने अस्पताल प्रशासन को कुछ आवश्यक निर्देश भी दिए। विशेष रूप से लैब के बाहर स्पष्ट रूप से एक सूचना बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए, ताकि मरीजों को प्रयोगशाला तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। निरीक्षण के दौरान टीम ने अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताते हुए आवश्यक सुधार के लिए सुझाव भी दिए। अस्पताल प्रशासन ने टीम के निर्देशों का पालन करने का आश्वासन दिया। निरीक्षण के दौरान सीएचसी प्रभारी डॉ. अनिल शाक्य के साथ डॉ. रामकरन गौर, डॉ. राजीव शर्मा, डॉ. सविता पटेल, डॉ. के.के. भार्गव, फार्मासिस्ट विजय, सुधांशु, महेंद्र सचान, अवधेश झा, एलटी सतेंद्र नारायण, कपिल दुबे, महेंद्र नगाइच, किशन सोनी, स्टाफ नर्स सत्यवती, बंधन, दीपा, नेत्र सहायक राजेश, कार्यालय स्टाफ सुशील चतुर्वेदी, पवन गुप्ता, एएनएम नीलम, अजय झा, काउंसलर दीपिका, रितिक, सुनीता सहित अस्पताल का अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।1