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देहरादून के नंदा की चौकी के पास नवनिर्मित मुख्य पुल को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। भारी बारिश के चलते टौंस नदी का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक रास्ता (अस्थाई पुलिया) क्षतिग्रस्त होकर बह गया, जिसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में वाहनों को रोकने के बजाय इस नए मुख्य पुल को शुरू कर दिया। यह कदम स्थानीय लोगों, छात्रों और देहरादून से विकासनगर/पांवटा साहिब के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए आवागमन सामान्य करने के लिहाज से एक बड़ी राहत है। इस मजबूत और स्थायी पुल का निर्माण लगभग ₹16 करोड़ की लागत से किया गया है। दरअसल, सितंबर 2025 में आई भीषण बाढ़ के दौरान पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से पिछले 10 महीनों (लगभग 300 दिनों) से लोग लंबे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को मजबूर थे।
Rajkumar mehra press reporter
देहरादून के नंदा की चौकी के पास नवनिर्मित मुख्य पुल को वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया है। भारी बारिश के चलते टौंस नदी का जलस्तर बढ़ने से वैकल्पिक रास्ता (अस्थाई पुलिया) क्षतिग्रस्त होकर बह गया, जिसके बाद प्रशासन ने आनन-फानन में वाहनों को रोकने के बजाय इस नए मुख्य पुल को शुरू कर दिया। यह कदम स्थानीय लोगों, छात्रों और देहरादून से विकासनगर/पांवटा साहिब के बीच सफर करने वाले यात्रियों के लिए आवागमन सामान्य करने के लिहाज से एक बड़ी राहत है। इस मजबूत और स्थायी पुल का निर्माण लगभग ₹16 करोड़ की लागत से किया गया है। दरअसल, सितंबर 2025 में आई भीषण बाढ़ के दौरान पुराना पुल क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके बाद से पिछले 10 महीनों (लगभग 300 दिनों) से लोग लंबे वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने को मजबूर थे।
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