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उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ शहर में एक बड़ा हादसा हुआ है। इस हादसे के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। आए दिन हो रहे इन हादसों से जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर पुलिस और जिला प्रशासन को और कितने बड़े हादसों का इंतजार है। आरोप है कि सड़कों की बदहाली और लचर व्यवस्था के कारण आम इंसान की जान दांव पर लगी है। यह पोस्ट लोगों से उनकी राय कमेंट में बताने और इस आवाज़ को बुलंद करने के लिए साझा करने की अपील करती है।

4 days ago
user_नवीन चन्द्र आर्य
नवीन चन्द्र आर्य
कोसिया कुटौली, नैनीताल, उत्तराखंड•
4 days ago

उत्तराखंड की पर्यटन नगरी नैनीताल से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है, जहाँ शहर में एक बड़ा हादसा हुआ है। इस हादसे के बाद अब स्थानीय लोगों और पर्यटकों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। आए दिन हो रहे इन हादसों से जनता का गुस्सा फूट पड़ा है। प्रशासन पर सीधा सवाल उठाया गया है कि आखिर पुलिस और जिला प्रशासन को और कितने बड़े हादसों का इंतजार है। आरोप है कि सड़कों की बदहाली और लचर व्यवस्था के कारण आम इंसान की जान दांव पर लगी है। यह पोस्ट लोगों से उनकी राय कमेंट में बताने और इस आवाज़ को बुलंद करने के लिए साझा करने की अपील करती है।

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  • इस वर्ष आयोजित कैंची धाम स्थापना वर्ष मेले-2026 को ऐतिहासिक और चमत्कारिक बताया गया है, जिसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मेले के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर आयोजन समिति और मंदिर प्रबंधन ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और नैनीताल पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। कैंची मंदिर समिति सचिव आलोक चोपड़ा और प्रबंधक प्रदीप साह जी ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से कैंची धाम की सेवा में रहते हुए उन्होंने अपने जीवन में ऐसा "चमत्कारिक" और ऐतिहासिक मेला नहीं देखा। उन्होंने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित थी, इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस विभाग की सूझबूझ और कड़ी मेहनत से पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित और समर्पित रही, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन प्राप्त हुए। नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए अपनी मुस्तैदी दिखाई।
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    इस वर्ष आयोजित कैंची धाम स्थापना वर्ष मेले-2026 को ऐतिहासिक और चमत्कारिक बताया गया है, जिसने पिछले कई दशकों के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। मेले के सफल और शांतिपूर्ण समापन पर आयोजन समिति और मंदिर प्रबंधन ने राज्य सरकार, जिला प्रशासन और नैनीताल पुलिस टीम का हृदय से आभार व्यक्त किया है। कैंची मंदिर समिति सचिव आलोक चोपड़ा और प्रबंधक प्रदीप साह जी ने कहा कि पिछले 50 वर्षों से कैंची धाम की सेवा में रहते हुए उन्होंने अपने जीवन में ऐसा "चमत्कारिक" और ऐतिहासिक मेला नहीं देखा। उन्होंने बताया कि इस बार श्रद्धालुओं की संख्या अप्रत्याशित थी, इसके बावजूद प्रशासन और पुलिस विभाग की सूझबूझ और कड़ी मेहनत से पूरी व्यवस्था सुव्यवस्थित और समर्पित रही, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन प्राप्त हुए। नैनीताल पुलिस और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाए रखने के लिए अपनी मुस्तैदी दिखाई।
    user_UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    UTTARAKHAND SHAKTI NEWS
    Kaladhungi, Nainital•
    20 hrs ago
  • बिलासपुर में बुधवार को समाजसेवी सुखदेव सिंह परिवार द्वारा हाईवे स्थित होटल अमरदीप के बाहर उमस भरी गर्मी से राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक शरबत वितरण शिविर (सबील) का आयोजन किया गया। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाया गया। समाजसेवी हरजीत सिंह ने जानकारी दी कि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से गर्मी के मौसम में इसी सेवा भाव के साथ सबील लगाकर लोगों को राहत पहुँचाने का कार्य करता आ रहा है। उन्होंने इस प्रयास को भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को ठंडा शरबत उपलब्ध कराकर मानव सेवा का एक छोटा-सा कार्य बताया। हरजीत सिंह का मानना है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है, और समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए। शरबत वितरण के इस कार्य की लोगों ने खूब सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। शिविर में पूरे दिन राहगीरों को शरबत पिलाने का सिलसिला जारी रहा, जिसमें हरदीप सिंह, स्वर्ण सिंह, सुरेश बिष्ट, राम सिंह, प्रकाश कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहकर सेवा कार्य में सहयोग करते रहे।
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    बिलासपुर में बुधवार को समाजसेवी सुखदेव सिंह परिवार द्वारा हाईवे स्थित होटल अमरदीप के बाहर उमस भरी गर्मी से राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से एक शरबत वितरण शिविर (सबील) का आयोजन किया गया। इस दौरान हाईवे से गुजरने वाले सैकड़ों राहगीरों, वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को ठंडा और मीठा शरबत पिलाया गया।

समाजसेवी हरजीत सिंह ने जानकारी दी कि उनका परिवार पिछले कई वर्षों से गर्मी के मौसम में इसी सेवा भाव के साथ सबील लगाकर लोगों को राहत पहुँचाने का कार्य करता आ रहा है। उन्होंने इस प्रयास को भीषण गर्मी और उमस के बीच राहगीरों को ठंडा शरबत उपलब्ध कराकर मानव सेवा का एक छोटा-सा कार्य बताया। हरजीत सिंह का मानना है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म और कर्तव्य है, और समाज के प्रत्येक सक्षम व्यक्ति को जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।

शरबत वितरण के इस कार्य की लोगों ने खूब सराहना की और इसे एक प्रेरणादायक पहल बताया। शिविर में पूरे दिन राहगीरों को शरबत पिलाने का सिलसिला जारी रहा, जिसमें हरदीप सिंह, स्वर्ण सिंह, सुरेश बिष्ट, राम सिंह, प्रकाश कुमार सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहकर सेवा कार्य में सहयोग करते रहे।
    user_कामरान खांन कम्मु
    कामरान खांन कम्मु
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Babu
    1
    Post by Babu
    user_Babu
    Babu
    बिलासपुर, रामपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में घूमने आई गुरुग्राम की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। महिला अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर स्थित एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, यह नवविवाहित दंपती 13 जून को दिल्ली से उत्तराखंड भ्रमण पर निकला था। ऋषिकेश में कुछ समय बिताने के बाद, दोनों 14 जून की रात करीब 11:30 बजे टिपरीधार क्षेत्र के एक होमस्टे में रुके। दोनों का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था। शुरुआती पूछताछ में पति ने बताया कि रात करीब 3:30 बजे दोनों सोने चले गए थे। सोमवार सुबह जब उसकी नींद खुली तो उसने पत्नी को कमरे के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया, जिसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। इसके बाद होमस्टे प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर महिला को मृत घोषित कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिसमें कमरे से खून के निशान और दो खाली शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बिना अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है और परिवार की ओर से भी कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। मृतका गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति पुणे में आईटी क्षेत्र से जुड़े हैं। घटना की सूचना दोनों परिवारों को दे दी गई है। पुलिस होटल स्टाफ और पति से पूछताछ कर रही है, तथा सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।
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    उत्तराखंड के मसूरी क्षेत्र में घूमने आई गुरुग्राम की एक महिला सॉफ्टवेयर इंजीनियर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से सनसनी फैल गई है। महिला अपने पति के साथ मसूरी-धनोल्टी मार्ग पर स्थित एक होमस्टे में ठहरी हुई थीं। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, यह नवविवाहित दंपती 13 जून को दिल्ली से उत्तराखंड भ्रमण पर निकला था। ऋषिकेश में कुछ समय बिताने के बाद, दोनों 14 जून की रात करीब 11:30 बजे टिपरीधार क्षेत्र के एक होमस्टे में रुके। दोनों का विवाह 8 नवंबर 2025 को हुआ था। शुरुआती पूछताछ में पति ने बताया कि रात करीब 3:30 बजे दोनों सोने चले गए थे। सोमवार सुबह जब उसकी नींद खुली तो उसने पत्नी को कमरे के फर्श पर अचेत अवस्था में पड़ा पाया, जिसके मुंह और नाक से खून निकल रहा था। इसके बाद होमस्टे प्रबंधन और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंचीं, लेकिन अस्पताल पहुंचने पर महिला को मृत घोषित कर दिया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य एकत्र किए हैं, जिसमें कमरे से खून के निशान और दो खाली शराब की बोतलें बरामद हुई हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम के बिना अभी कुछ भी नहीं कहा जा सकता है और परिवार की ओर से भी कोई शिकायत दर्ज नहीं की गई है। पुलिस ने यह भी बताया कि मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही चल सकेगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए चिकित्सकों के पैनल से वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमॉर्टम कराने का अनुरोध किया गया है। मृतका गुरुग्राम में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में कार्यरत थीं, जबकि उनके पति पुणे में आईटी क्षेत्र से जुड़े हैं। घटना की सूचना दोनों परिवारों को दे दी गई है। पुलिस होटल स्टाफ और पति से पूछताछ कर रही है, तथा सभी संभावित पहलुओं पर जांच जारी है।
    user_Dinesh kumar
    Dinesh kumar
    Dhoomakot, Pauri Garhwal•
    1 hr ago
  • बागेश्वर जनपद के गरूड तहसील के तेलीहाट गाँव में गोमती नदी के बैजनाथ पुल के पास बड़े पैमाने पर चल रही नदी तल माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएँ, जवान और बुजुर्गों सहित दर्जनों ग्रामीण भारी खुदाई कर रही मशीनों के पास पहुँचे और आरोप लगाया कि यह माइनिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस खुदाई से गाँव की सिंचाई योजना प्रभावित हुई है, पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और मानसून आने से पहले खेतों की सुरक्षा को लेकर समुदाय में गहरी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मेन पानी के पंप और आबादी के इतने नज़दीक भारी मशीनों से माइनिंग की अनुमति कैसे दी गई। गाँव वालों ने कड़ी चेतावनी दी कि नदियों, खेती की ज़मीन और स्थानीय रोज़ी-रोटी की कीमत पर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से माइनिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, प्रभावित इलाकों की मरम्मत करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की माँग की है।
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    बागेश्वर जनपद के गरूड तहसील के तेलीहाट गाँव में गोमती नदी के बैजनाथ पुल के पास बड़े पैमाने पर चल रही नदी तल माइनिंग के खिलाफ ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। महिलाएँ, जवान और बुजुर्गों सहित दर्जनों ग्रामीण भारी खुदाई कर रही मशीनों के पास पहुँचे और आरोप लगाया कि यह माइनिंग नियमों का उल्लंघन करते हुए की जा रही है।

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इस खुदाई से गाँव की सिंचाई योजना प्रभावित हुई है, पैदल मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं और मानसून आने से पहले खेतों की सुरक्षा को लेकर समुदाय में गहरी चिंता बढ़ गई है। स्थानीय निवासियों ने यह भी सवाल उठाया कि आखिर मेन पानी के पंप और आबादी के इतने नज़दीक भारी मशीनों से माइनिंग की अनुमति कैसे दी गई।

गाँव वालों ने कड़ी चेतावनी दी कि नदियों, खेती की ज़मीन और स्थानीय रोज़ी-रोटी की कीमत पर कोई भी विकास स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने प्रशासन से माइनिंग गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से बंद करने, प्रभावित इलाकों की मरम्मत करने और नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने की माँग की है।
    user_Jc pandey
    Jc pandey
    गरुड़, बागेश्वर, उत्तराखंड•
    16 hrs ago
  • उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक मैक्स वाहन बाड़ेछीना-सेराघाट मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंगलवार को यह वाहन एक खाई में जा गिरा, जिसमें सवार 11 लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, मैक्स वाहन संख्या यूके-03-टीए-0097 में सवार ये श्रद्धालु टनकपुर मेले में दुकान लगाने के बाद परिवार सहित कैंची धाम के दर्शन कर जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। बाड़ेछीना पहुंचने के बाद चालक गलती से जागेश्वर मार्ग के बजाय धौलछीना मार्ग की ओर मुड़ गया। बाड़ेछीना से लगभग एक किलोमीटर आगे जाकर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और वाहन करीब 15 मीटर गहरी खाई में गिरकर एक गधेरे में अटक गया। दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल लोगों को उपचार के लिए बाड़ेछीना स्थित चिकित्सालय ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को 108 एंबुलेंस की मदद से बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। हादसे में कानपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 62 वर्षीय दिनेश कुमार शुक्ला, 50 वर्षीय प्रतिमा शुक्ला, 24 वर्षीय पूर्णिमा शुक्ला, 23 वर्षीय स्नेहा शुक्ला, 32 वर्षीय अमित तिवारी, 25 वर्षीय दीपाली तिवारी, पांच वर्षीय दिव्यांश तिवारी और दो वर्षीय शिवांश तिवारी घायल हुए हैं। इनके अतिरिक्त, अयोध्या, उत्तर प्रदेश की ममता कौशल और मानवी कौशल भी घायल हुई हैं। वाहन चालक को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं।
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    उत्तराखंड के अल्मोड़ा में जागेश्वर धाम के दर्शन के लिए जा रहे श्रद्धालुओं से भरा एक मैक्स वाहन बाड़ेछीना-सेराघाट मोटर मार्ग पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मंगलवार को यह वाहन एक खाई में जा गिरा, जिसमें सवार 11 लोग घायल हो गए। घायलों में से तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, मैक्स वाहन संख्या यूके-03-टीए-0097 में सवार ये श्रद्धालु टनकपुर मेले में दुकान लगाने के बाद परिवार सहित कैंची धाम के दर्शन कर जागेश्वर धाम की ओर जा रहे थे। बाड़ेछीना पहुंचने के बाद चालक गलती से जागेश्वर मार्ग के बजाय धौलछीना मार्ग की ओर मुड़ गया। बाड़ेछीना से लगभग एक किलोमीटर आगे जाकर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और वाहन करीब 15 मीटर गहरी खाई में गिरकर एक गधेरे में अटक गया।

दुर्घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। सभी घायल लोगों को उपचार के लिए बाड़ेछीना स्थित चिकित्सालय ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल तीन लोगों को 108 एंबुलेंस की मदद से बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा रेफर किया गया है, जहाँ उनका इलाज जारी है। हादसे में कानपुर, उत्तर प्रदेश के निवासी 62 वर्षीय दिनेश कुमार शुक्ला, 50 वर्षीय प्रतिमा शुक्ला, 24 वर्षीय पूर्णिमा शुक्ला, 23 वर्षीय स्नेहा शुक्ला, 32 वर्षीय अमित तिवारी, 25 वर्षीय दीपाली तिवारी, पांच वर्षीय दिव्यांश तिवारी और दो वर्षीय शिवांश तिवारी घायल हुए हैं। इनके अतिरिक्त, अयोध्या, उत्तर प्रदेश की ममता कौशल और मानवी कौशल भी घायल हुई हैं। वाहन चालक को भी इस दुर्घटना में चोटें आई हैं।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    17 hrs ago
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