झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड क्षेत्र के डोबड़ा गांव में शुक्रवार तड़के अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने खलिहानों में बने तीन कच्चे घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लगभग ₹1.80 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह हवा की गति कम होने के कारण आग आबादी क्षेत्र की ओर नहीं फैली, जिससे पूरा गांव चपेट में आने से बच गया। आग तड़के करीब तीन बजे लगी और सुबह तीन-चार बजे के आसपास इसका पता चला। पीड़ित ग्रामीण महेंद्र सुमन ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका ही नहीं मिला, जिससे मदनलाल, छोटू लाल और रामकिशन के घरों में रखी लकड़ियाँ, कंडे और पशुओं का चारा सब कुछ जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत डोबड़ा पटवारी मीनाक्षी नागर को घटना की सूचना दी, जिन्होंने तहसीलदार को और फिर तहसीलदार ने उपखंड अधिकारी रजत कुमार विजयवर्गीय को मामले से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल झालावाड़ अग्निशमन विभाग को सूचित किया। झालावाड़ की दूरी अधिक होने के कारण, एसडीएम ने बिना समय गंवाए सांगोद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) मनोज कुमार से संपर्क साधा, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए दमकल कर्मियों को मौके पर रवाना किया। मौके पर पहुंचे डीसीपीयू नरेश सुमन, फायरमैन रवि सुमन और अंकुश गोचर ने ग्रामीणों के सहयोग से मोर्चा संभाला और करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 6 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। पटवारी मीनाक्षी नागर ने बताया कि दमकल को सुबह पाँच बजे बुलाया गया था और छह बजे तक आग पूरी तरह नियंत्रित हो गई थी। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि कोई जनहानि नहीं हुई और पूरा मामला बेहतर निगरानी से संभाला गया। डीसीपीयू पवन सुमन ने भी पुष्टि की कि आग बेहद भयानक थी और इससे काफी बड़ा नुकसान हो सकता था, लेकिन समय रहते उस पर नियंत्रण पा लिया गया।
झालावाड़ जिले के खानपुर उपखंड क्षेत्र के डोबड़ा गांव में शुक्रवार तड़के अज्ञात कारणों से लगी भीषण आग ने खलिहानों में बने तीन कच्चे घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इस हादसे में लगभग ₹1.80 लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया, हालांकि एक बड़ा हादसा टल गया। ग्रामीणों के अनुसार, सुबह हवा की गति कम होने के कारण आग आबादी क्षेत्र की ओर नहीं फैली, जिससे पूरा गांव चपेट में आने से बच गया। आग तड़के करीब तीन बजे लगी और सुबह तीन-चार बजे के आसपास इसका पता चला। पीड़ित ग्रामीण महेंद्र सुमन ने बताया कि आग इतनी तेजी से फैली कि संभलने का मौका
ही नहीं मिला, जिससे मदनलाल, छोटू लाल और रामकिशन के घरों में रखी लकड़ियाँ, कंडे और पशुओं का चारा सब कुछ जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने तुरंत डोबड़ा पटवारी मीनाक्षी नागर को घटना की सूचना दी, जिन्होंने तहसीलदार को और फिर तहसीलदार ने उपखंड अधिकारी रजत कुमार विजयवर्गीय को मामले से अवगत कराया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम ने तत्काल झालावाड़ अग्निशमन विभाग को सूचित किया। झालावाड़ की दूरी अधिक होने के कारण, एसडीएम ने बिना समय गंवाए सांगोद नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (ईओ) मनोज कुमार से संपर्क साधा, जिन्होंने त्वरित कार्रवाई करते हुए दमकल कर्मियों को मौके पर रवाना किया। मौके पर पहुंचे
डीसीपीयू नरेश सुमन, फायरमैन रवि सुमन और अंकुश गोचर ने ग्रामीणों के सहयोग से मोर्चा संभाला और करीब ढाई घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद सुबह लगभग 6 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। पटवारी मीनाक्षी नागर ने बताया कि दमकल को सुबह पाँच बजे बुलाया गया था और छह बजे तक आग पूरी तरह नियंत्रित हो गई थी। उन्होंने संतोष व्यक्त किया कि कोई जनहानि नहीं हुई और पूरा मामला बेहतर निगरानी से संभाला गया। डीसीपीयू पवन सुमन ने भी पुष्टि की कि आग बेहद भयानक थी और इससे काफी बड़ा नुकसान हो सकता था, लेकिन समय रहते उस पर नियंत्रण पा लिया गया।
- User10508Jhalrapatan, Jhalawar😡2 hrs ago
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- राजस्थान के छीपाबड़ौद स्थित एमएसपी गेहूं खरीद केंद्र पर व्याप्त गंभीर अनियमितताओं के कारण किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। केंद्र पर समय पर गेहूं की तुलाई न होने से पंजीकृत किसान अपनी उपज बेचने के लिए हताश हैं, जिससे उनमें गहरा रोष है। इस देरी के चलते मजबूर किसानों को छीपाबड़ौद मंडी में अपना गेहूं औने-पौने दामों पर बेचना पड़ रहा है, जो एमएसपी से काफी कम दर है और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहा है। स्थानीय कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि वर्तमान में यह गेहूं खरीद केंद्र पूरी तरह से भगवान भरोसे चल रहा है। इस अव्यवस्था को लेकर, कांग्रेसियों ने उप-जिलाधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में प्रशासन से अपील की गई है कि छीपाबड़ौद गेहूं खरीद केंद्र पर तुरंत अव्यवस्थाओं को दूर किया जाए। इसके साथ ही, पंजीकृत किसानों का गेहूं प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से तौला जाए। कांग्रेस ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और प्रतिदिन की तुलाई क्षमता को बढ़ाने की भी मांग की है। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि किसानों का गेहूं समय रहते नहीं तौला गया, तो कांग्रेस पार्टी किसानों के साथ मिलकर उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, और इसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। इस दौरान वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रेम सिंह चौधरी, जिला उपाध्यक्ष परमानंद मीणा और बाबूलाल टाटू, किसान कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष सिद्दीक भाई निमथुर, वरिष्ठ नेता रईस भाई, सेवादल ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र गुर्जर, एससी प्रकोष्ठ के बद्रीलाल बेरवा, वरिष्ठ नेता हिम्मत सिंह सोनगरा, अल्पसंख्यक अध्यक्ष शब्बीर मंसूरी सहित अन्य कांग्रेसजन मौजूद रहे।2
- राजस्थान के रामगंजमंडी शहर की आनंद विहार कॉलोनी में लाखों रुपये की लागत से चल रहे नाला निर्माण कार्य को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी नाराजगी है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण कार्य में गंभीर लापरवाही और गुणवत्ता में अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका मुख्य आरोप है कि ठेकेदार ने पहले से बिछाई गई पानी की पाइपलाइन को हटाए बिना ही उसके ऊपर नाले का निर्माण कर दिया है। शुक्रवार शाम करीब 5 बजे, स्थानीय नागरिकों ने अपनी चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि भविष्य में यदि पाइपलाइन में कोई लीकेज या खराबी आती है, तो उसकी मरम्मत के लिए पूरे नाले को तोड़ना पड़ेगा, जिससे सरकारी धन की भारी बर्बादी होगी। इसके अतिरिक्त, लोगों ने आशंका जताई है कि पाइपलाइन में रिसाव होने पर नाले का गंदा पानी घरों तक पहुंच सकता है, जिससे एक गंभीर स्वास्थ्य संकट उत्पन्न हो सकता है। क्षेत्रवासियों ने निर्माण की गुणवत्ता पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनके अनुसार, नाले के किनारों को सीमेंट और कंक्रीट से मजबूत बनाया जाना चाहिए था, लेकिन यहां ठेकेदार ने अनुपयोगी पत्थरों का उपयोग कर केवल ऊपर से सीमेंट का प्लास्टर किया है। यह आरोप लगाया गया है कि ऊपरी तौर पर यह निर्माण मजबूत दिखाई देता है, जबकि अंदर से इसमें घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जो सीधे तौर पर नियमों का उल्लंघन और भ्रष्टाचार का स्पष्ट संकेत है।2
- शाहाबाद उपखंड मुख्यालय सहित समूचे उपखंड क्षेत्र में इन दिनों भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है, जिसके कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में भारी वृद्धि देखी जा रही है। ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सरवन शर्मा ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के चलते ब्लॉक के सभी अस्पतालों में मरीजों की आमद बढ़ गई है, जिसमें विशेष रूप से ताप-घात और उलटी-दस्त के मरीज अधिक संख्या में पहुँच रहे हैं। डॉक्टर शर्मा के अनुसार, देवरी राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों की बढ़ती संख्या के कारण ओपीडी 250 से अधिक हो गई है। इसे देखते हुए, सभी चिकित्सा स्टाफ और चिकित्सकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मरीजों का सही और समय पर पूरा इलाज सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें जल्द राहत मिल सके और अस्पताल में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो। गर्मी से बचाव के लिए, डॉक्टर सरवन शर्मा ने बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की सलाह दी है। उन्होंने अन्य लोगों से भी आवश्यकता होने पर ही घर से बाहर निकलने, अधिक से अधिक पानी पीने, और दही, छाछ, शिकंजी आदि का सेवन बढ़ाने का आग्रह किया है। साथ ही, भूखे पेट या बिना पानी पिए घर से बाहर न निकलने और शरीर पर गमछे का उपयोग करने की सलाह दी गई है। चिकित्सालयों में हीट वेब रूम भी स्थापित किए गए हैं।3
- छबड़ा स्थित श्री किसान एग्रो एजेंसी किसानों के लिए खेती से संबंधित सभी प्रकार की दवाइयां, खाद एवं बीज उचित मूल्य पर उपलब्ध करा रही है। यह एजेंसी खेती से जुड़ी हर प्रकार की समस्याओं के समाधान हेतु भी संपर्क का केंद्र है। इन सेवाओं और उत्पादों के लिए प्रो. पवन नागर से 9001683100 पर संपर्क किया जा सकता है।1
- छबड़ा में धाकड़ समाज सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार, 30 मई, 2026 को दोपहर 12 बजे से आयोजित की जाएगी। यह बैठक समाज के धरणीधर छात्रावास, स्टेशन रोड स्थित परिसर में होगी। समिति के वर्तमान अध्यक्ष पटेल श्री लाल धाकड़ ने बताया कि माननीय न्यायालय के निर्णय के अनुसार, छात्रावास में मौजूद दुकानदारों को उनकी सहयोग राशि 27 मई को वापस लौटा दी गई है। यह आगामी बैठक मुख्य रूप से समाज के बालक-बालिकाओं के लिए छात्रावास को मौजूदा व्यवस्था के अनुसार खोलने और समाज के भविष्य के सुझावों पर विचार-विमर्श करने के उद्देश्य से बुलाई गई है। सभी समाज बंधुओं से आवश्यक रूप से समय पर बैठक में भाग लेकर इसे सफल बनाने का अनुरोध किया गया है।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारियों के तहत, छिपाबड़ौद स्टेडियम में 'समुद्र मंथन प्राणायाम' का अभ्यास किया गया।1
- शाहाबाद उपखण्ड के ग्राम सहरोल तलहटी में समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से श्रीराम कथा का दिव्य और भव्य आयोजन शुक्रवार को एक शानदार कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ। इस यात्रा में समस्त ग्राम वासियों और महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कलश यात्रा सहरोल तलहटी के मुख्य मंदिर से प्रारंभ होकर तालाब किनारे स्थित हनुमान जी कथा स्थल तक पहुँची। इस दौरान महिला-पुरुष डीजे पर भजनों की धुन पर नाचते हुए दिखाई दिए, और जगह-जगह कलश यात्रा का पुष्प वर्षा के साथ भव्य स्वागत किया गया। यह श्रीराम कथा 29 मई 2026 शुक्रवार से 6 जून 2026 शनिवार तक चलेगी, जिसका वाचन आचार्य पंडित प्रमोद कृष्ण शास्त्री श्री धाम वृंदावन टोपी कुंज (जो हाल ही में पीतांबरा पीठ दतिया, मध्य प्रदेश में मुकाम पर हैं) अपने श्रीमुख से करेंगे। कथा के मुख्य यजमान महेश भार्गव रहेंगे। इस आयोजन से पूर्व, समस्त ग्राम वासियों के सहयोग से हनुमान जी मंदिर का नवीनीकरण भी करवाया गया है। इस दौरान समस्त साधु-संतों और भगवान के श्री चरणों के सभी अनुरागियों को आमंत्रित किया गया है, तथा कथा श्रवण के लिए आने वाले सभी भक्तों का ग्राम वासियों की ओर से स्वागत, वंदन और अभिनंदन किया जाएगा।4
- देश में भर्ती परीक्षाओं को लगातार मज़ाक बनाए जाने पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। पेपर लीक, सर्वर संबंधी समस्याओं और परीक्षा केंद्रों पर कुप्रबंधन जैसे मुद्दे बार-बार सामने आ रहे हैं, जिससे पूरी परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लग गया है। हाल ही में, #ssc_gd परीक्षा में भी ऐसी ही अव्यवस्था देखने को मिली, जहाँ 500 छात्रों को परीक्षा के लिए बुलाया गया था, लेकिन उनके लिए केवल 250 छात्रों की ही व्यवस्था की गई थी।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के बोराडा थाना इलाके में हुए पूर्व सरपंच राम सिंह चौधरी, उनकी माँ, दूसरी पत्नी और भांजी की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि इन चारों की हत्या की साजिश पूर्व सरपंच राम सिंह की पहली पत्नी, उनकी बेटी और नाबालिग बेटे ने मिलकर रची थी। पुलिस के अनुसार, इन तीनों ने मिलकर चारों की गला रेतकर हत्या की थी। वारदात को एक हादसा दिखाने के लिए शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में रखा गया, फिर उस पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई। पुलिस ने इस मामले में पूर्व सरपंच की पहली पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उनकी बेटी और नाबालिग बेटे को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। प्रारंभिक जांच में पारिवारिक प्रताड़ना और राम सिंह की दूसरी शादी के बाद पैदा हुए बड़े विवाद को इस हत्या की मुख्य वजह बताया जा रहा है।1