अशोकनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिशन परिवार विकास पखवाड़ा के तहत जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और समृद्ध जीवन की आधारशिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब परिवार अपनी आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुसार संतानों की योजना बनाता है, तो माता और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और उचित अंतराल पर जन्म लेने वाले बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ होते हैं। शनिवार को शहर में आयोजित इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने न केवल रैली निकाली बल्कि आम नागरिकों से सीधा संवाद भी किया। परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रजनी छारी ने आकर्षक फ्लेक्स और संदेशों से सजे सारथी रथ और रैली को कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सारथी रथ के माध्यम से छोटे परिवार के फायदे, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और सुरक्षित परिवार नियोजन के उपायों को सरल भाषा में प्रदर्शित किया गया था। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी उपायों की जानकारी दी और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवकांत शर्मा, परिवार कल्याण शाखा प्रभारी हरिनारायण माली, एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की सिस्टर ट्यूटर और प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों ने बताया कि परिवार नियोजन से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्थिरता भी मिलती है।
अशोकनगर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मिशन परिवार विकास पखवाड़ा के तहत जन जागरूकता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम में सीएमएचओ डॉ. अलका त्रिवेदी ने कहा कि परिवार नियोजन केवल जनसंख्या नियंत्रण का साधन नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और समृद्ध जीवन की आधारशिला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब परिवार अपनी आवश्यकताओं और संसाधनों के अनुसार संतानों की योजना बनाता है, तो माता और बच्चों का स्वास्थ्य बेहतर रहता है और उचित अंतराल पर जन्म लेने वाले बच्चे शारीरिक व मानसिक रूप से अधिक स्वस्थ होते हैं। शनिवार को शहर में आयोजित इस अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग ने न केवल रैली निकाली बल्कि आम नागरिकों से सीधा संवाद भी किया। परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रजनी छारी
ने आकर्षक फ्लेक्स और संदेशों से सजे सारथी रथ और रैली को कार्यालय से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस सारथी रथ के माध्यम से छोटे परिवार के फायदे, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य और सुरक्षित परिवार नियोजन के उपायों को सरल भाषा में प्रदर्शित किया गया था। अभियान के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने लोगों को परिवार नियोजन के अस्थायी और स्थायी उपायों की जानकारी दी और उनकी शंकाओं का समाधान किया। इस कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम प्रबंधक शिवकांत शर्मा, परिवार कल्याण शाखा प्रभारी हरिनारायण माली, एएनएम प्रशिक्षण केंद्र की सिस्टर ट्यूटर और प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। अधिकारियों ने बताया कि परिवार नियोजन से न केवल स्वास्थ्य बेहतर होता है, बल्कि आर्थिक और सामाजिक स्थिरता भी मिलती है।
- सागर जिले के बीना स्थित मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ. अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ईसाई समाज का आरोप है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने मिशन कंपाउंड की दान भूमि पर जबरन कब्जा करने का प्रयास किया। ज्ञापन में कहा गया है कि बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे विवाद की स्थिति बनी। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। ईसाई समाज ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। वहीं दूसरी ओर, अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उनका दावा है कि शैलेंद्र एडविन के पास संबंधित प्लॉट संस्था द्वारा आवंटित किए जाने का कोई वैध दस्तावेज नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनाई गई दुकान अवैध रूप से निर्मित है और उसके पास की खाली भूमि पर अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है। फिलहाल, तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा शिकायत की जांच की जा रही है, जिसके बाद ही भूमि पर वैध अधिकार को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।1
- सागर जिले के बीना में मिशन कंपाउंड की दान भूमि को लेकर विवाद काफी गहरा गया है। इस मामले में ईसाई समाज ने तहसीलदार डॉ अम्बर पंथी और एसडीओपी अंजय सनकत को एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अंकिता किंग और उनके साथ आए कुछ लोगों ने दान भूमि पर जबरन कब्जा करने की कोशिश की। इसके अलावा, बाहरी लोगों को बुलाकर भूमि पर तार फेंसिंग कराई गई, जिससे वहां विवाद की स्थिति बन गई। ईसाई समाज के अनुसार, सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में किया। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और भविष्य में किसी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी तरफ, दूसरे पक्ष की अंकिता किंग ने ईसाई समाज के इन आरोपों को पूरी तरह से निराधार बताते हुए खारिज कर दिया है। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए दावा किया कि शैलेन्द्र एडविन के पास संस्था द्वारा संबंधित प्लॉट आवंटित किए जाने का कोई भी वैध दस्तावेज मौजूद नहीं है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि मिशन कंपाउंड में बनी दुकान अवैध है और उसके पास खाली पड़ी जमीन पर भी अवैध कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने भी प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर असल सच्चाई सामने लाई जाए। दोनों पक्षों की ओर से लगाए गए आरोपों और दावों के बाद अब यह पूरा मामला प्रशासन के पास पहुंच चुका है। तहसीलदार और पुलिस प्रशासन द्वारा सौंपी गई शिकायतों की जांच शुरू कर दी गई है। इस जांच के बाद ही साफ हो पाएगा कि इस जमीन पर असल में किसका वैध हक है और आगे क्या कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल, इस पूरे घटनाक्रम को लेकर क्षेत्र के लोगों की नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।4
- नरोत्तम मिश्रा भोपाल पहुंच गए हैं। भोपाल पहुंचने के बाद उन्होंने दतिया फोन किया और वहां मौजूद अपने कार्यकर्ताओं को फोन पर समझाते हुए बातचीत की।1
- इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्णा कॉन्शियसनेस (इस्कॉन) ने विश्वभर में आयोजित रथ यात्रा उत्सवों को लेकर उठे सवालों के जवाब में एक आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। इस्कॉन के विद्वानों ने श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के विद्वानों के साथ महाराज गजपति दिव्यसिंह देव जी की उपस्थिति में बैठक की है। इस संवाद के माध्यम से शास्त्रों और पुराणों के आधार पर यह स्पष्ट किया गया है कि इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्राएं पूरी तरह से शास्त्रों के अनुरूप और अनुमत हैं। इस्कॉन ने दोहराया है कि रथ यात्रा का मुख्य उद्देश्य भगवान जगन्नाथ का मंदिर से बाहर आकर बिना किसी भेदभाव के सभी पर कृपा बरसाना है। संस्था पिछले करीब 60 वर्षों से इसी सार्वभौमिक भावना का प्रसार कर रही है और अब यह परंपरा विश्व के 100 से अधिक देशों तक पहुँच चुकी है। इस्कॉन ने स्पष्ट किया है कि भारत में रथ यात्रा के समय को समायोजित करने के लिए उन्होंने काफी त्याग किया है, ताकि एसजेटीए के प्रति सम्मान बना रहे, बावजूद इसके कि इससे उनके प्रचार कार्यक्रमों पर असर पड़ता है। साथ ही, विदेशों में इन उत्सवों के आयोजन में कठिन प्रशासनिक प्रक्रियाओं, मौसम और अन्य व्यवस्थागत चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। संस्था के अनुसार, इन उत्सवों का वास्तविक उद्देश्य लोगों को भगवान जगन्नाथ की भक्ति में संलग्न करना है, जिसे उन्होंने अमेरिका, रूस, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में लाखों भक्तों को जोड़कर सिद्ध किया है। इस्कॉन का मानना है कि जो श्रद्धालु पुरी मंदिर जाकर दर्शन करने में असमर्थ हैं, उनके लिए ये वैश्विक उत्सव भगवान की कृपा पाने का माध्यम हैं। इन प्रयासों को भारतीय समुदाय का व्यापक समर्थन मिला है, और पूर्व में महाराज गजपति स्वयं जर्मनी के बर्लिन में इस्कॉन द्वारा आयोजित रथ यात्रा में सम्मिलित हो चुके हैं।1
- उत्तर प्रदेश के ललितपुर जिले के पाली में भारतीय जनता पार्टी नशा मुक्ति भारत के लिए संकल्पित हो रही है। देश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में भाजपा पूरी तरह से संकल्पबद्ध नजर आ रही है।1
- ललितपुर के सदर कोतवाली क्षेत्र की शिव धाम कॉलोनी में एक निजी मकान के अंदर लगभग 200 बोरी सरकारी मूंगफली बीज किट का स्टॉक बरामद किया गया है, जिसका वजन करीब 20 से 22 कुंतल बताया गया है। सरकार द्वारा किसानों की आय दोगुनी करने के उद्देश्य से किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) के माध्यम से प्रति किसान को फसल के लिए एक कुंटल मूंगफली बीज किट दी जाती है, जिसे यहाँ जमा करके रखा गया था। सूचना मिलने पर कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मकान में रखी पूरी मूंगफली बीज को अपने कब्जे में ले लिया और उसे सरकारी गोदाम में रखवा दिया है। इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। सरकारी मूंगफली बीज की कालाबाजारी के इस मामले में ललितपुर के उप कृषि निदेशक अख्तर खान ने जानकारी दी है कि जल्द ही पूरे मामले का अनावरण किया जाएगा और जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।1
- ललितपुर के मड़ावरा में भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नवीन गल्ला मंडी से खंड विकास अधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकाला और नारेबाजी की। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को संबोधित एक ज्ञापन सहायक विकास अधिकारी को सौंपा।1
- मध्य प्रदेश के दतिया में टिकट कटने की घटना के बाद नरोत्तम मिश्रा का बयान सामने आया है। इस घटनाक्रम को लेकर वे अपनी प्रतिक्रिया देते हुए चर्चा में हैं।1