मकर संक्रांति का शुभ अवसर पर पिरो में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय एवं जदयू वरिष्ठ नेता मनोज उपाध्याय के द्वारा दही चूड़ा आयोजन मकर संक्रांति का शुभ अवसर पर पिरो में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय एवं जदयू वरिष्ठ नेता मनोज उपाध्याय के द्वारा दही चूड़ा आयोजन किया गया जिसमें नगर परिषद के तमाम जनता मौजूद रहे आपको बता दे की चूड़ा दही कार्यक्रम के बाद गरीब असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण का भी आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोगों के बीच कंबल देकर इस ठंड में उनको राहत देने की कोशिश की गई वही बातचीत के क्रम में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय ने बताया कि जब से जनता ने हमें मौका दिया है तब से हम अपने क्षेत्र के लिए काम कर रहे हैं और गरीब असहाय लोगों के लिए हमेशा खड़े रहते हैं वहीं जेडीयू के नेता मनोज उपाध्याय ने भी कहा कि जनता ही भगवान है और इनका आदर करना हमारा काम है
मकर संक्रांति का शुभ अवसर पर पिरो में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय एवं जदयू वरिष्ठ नेता मनोज उपाध्याय के द्वारा दही चूड़ा आयोजन मकर संक्रांति का शुभ अवसर पर पिरो में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय एवं जदयू वरिष्ठ नेता मनोज उपाध्याय के द्वारा दही चूड़ा आयोजन किया गया जिसमें नगर परिषद के तमाम जनता मौजूद रहे आपको बता दे की चूड़ा दही कार्यक्रम के बाद गरीब असहाय लोगों के बीच कंबल वितरण का भी आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोगों के बीच कंबल देकर इस ठंड में उनको राहत देने की कोशिश की गई वही बातचीत के क्रम में नगर परिषद के सभापति किरण उपाध्याय ने बताया कि जब से जनता ने हमें मौका दिया है तब से हम अपने क्षेत्र के लिए काम कर रहे हैं और गरीब असहाय लोगों के लिए हमेशा खड़े रहते हैं वहीं जेडीयू के नेता मनोज उपाध्याय ने भी कहा कि जनता ही भगवान है और इनका आदर करना हमारा काम है
- User1120Amarpur, Banka🙏4 hrs ago
- संभल में एएसपी अनुज चौधरी सिंघम स्टाइल में काम करना चाहते थे लेकिन फंस गए बोले कांग्रेस प्रवक्ता कमालुद्दीन रजा राजपथ न्यूज़ पर...1
- MrX कवच पाठ1
- अरवल जिला के प्रखंड परिसर में धरना प्रदर्शन किया गया ।यह धारणा प्रदर्शन भारत मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष राकेश कुमार जी के नृत्वा में किया गया। बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन पर प्रशासन द्वारा लगाई गई रोक ने देश के लोकतांत्रिक और संवैधानिक ढांचे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह अधिवेशन पूरी तरह शांतिपूर्ण, संवैधानिक और लोकतांत्रिक तरीके से आयोजित किया जाना था, जिसकी सभी कानूनी प्रक्रियाएं समय से पूरी कर ली गई थीं। इसके बावजूद राजनीतिक दबाव में प्रशासन द्वारा अधिवेशन की अनुमति रद्द किया जाना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह नागरिकों के मौलिक अधिकारों का खुला उल्लंघन है। भारत के संविधान के अनुच्छेद 19(1)(a) अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, 19(1)(b) शांतिपूर्ण सभा का अधिकार, 19(1)(c) संगठन बनाने का अधिकार तथा अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार प्रत्येक नागरिक को प्रदान करता है। ऐसे में किसी सामाजिक-वैचारिक संगठन के राष्ट्रीय अधिवेशन को रोकना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। यह अधिवेशन ओबीसी, एससी, एसटी एवं मूलनिवासी समाज से जुड़े महत्वपूर्ण संवैधानिक एवं सामाजिक न्याय के मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित किया जा रहा था। जाति आधारित जनगणना जैसे संवेदनशील मुद्दे को दबाने की कोशिशें लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत हैं। डॉ. बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर ने कहा था कि “मौलिक अधिकार तब तक अर्थहीन हैं, जब तक उनके संरक्षण के उपाय न हों।” आज वही मौलिक अधिकार खतरे में दिखाई दे रहे हैं। भारत मुक्ति मोर्चा प्रशासन एवं सरकार से मांग करता है कि— 1. बामसेफ एवं भारत मुक्ति मोर्चा के राष्ट्रीय अधिवेशन की अनुमति तत्काल प्रभाव से बहाल की जाए। 2. अधिवेशन में शामिल होने वाले कार्यकर्ताओं एवं संगठनों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए। 3. भविष्य में किसी भी संगठन के संवैधानिक, सामाजिक व वैचारिक कार्यक्रमों को राजनीतिक दबाव में रोकने की परंपरा समाप्त की जाए। 4. ओबीसी की जाति आधारित जनगणना के मुद्दे को दबाने की साजिशों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो। 5. संविधान के संरक्षक के रूप में महामहिम राष्ट्रपति महोदय अनुच्छेद 356 के तहत आवश्यक संवैधानिक हस्तक्षेप करें। यदि इन मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो भारत मुक्ति मोर्चा, बामसेफ एवं सहयोगी संगठन देशव्यापी, शांतिपूर्ण और चरणबद्ध जनआंदोलन को और व्यापक रूप देंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संगठन की नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और बहुजन समाज के अधिकारों की रक्षा की है।1
- बिहार की बेटियां कर रही हैं देश का नाम रोशन जीनियस स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट.....!!!1
- तीन दोस्तों ने घर से बुलाकर ۔तेज हथियार से हत्या कर गंगा नदी में फेंक दिया ۔ #पटना_सिटी_के_खाजेकला_थाना अंतर्गत बालू गिट्टी के एक कारोबारी को तीन दोस्तों ने घर से बुलाकर ۔तेज हथियार से हत्या कर गंगा नदी में फेंक दिया ۔कारोबारी के पिता ने तीनों दोस्तों के खिलाफ हत्या का मामला खाजेकला थाना में दर्ज कर दिया था ,2 दिन बाद मृतक कारोबारी पंकज की डेड बॉडी को गंगा नदी से बुधवार की शाम पटना पुलिस ने बरामद कर लिया है ۔पुलिस ने तीनों दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है , #ApnaCityTakNews #PatnaCity #PatnaPolice #KhjklaThana #VairlVideo #PatnaCity #VairlNews #Craime1
- Post by Sajan Ke Dan4
- संभल हिंसा के एक केस में तत्कालीन ASP अनुज चौधरी समेत 15 पुलिसकर्मियों पर FIR, कोर्ट का सख्त आदेश, एस पी बोले नहीं करेंगे? क्या सिंघम बनने के चक्कर में फंसे चौधरी?.... जानिए राजपथ न्यूज़ पर..1
- MrX बान1
- जहानाबाद : अतिक्रमण पर चला प्रशासन का हथौड़ा, पईन की जमीन से 11 मकान जमींदोज।1