ग्वालियर जिले के भितरवार में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) जितेंद्र नगाइच के दतिया स्थानांतरण होने पर पूरे नगर ने पलक-पावड़े बिछाकर उन्हें एक ऐतिहासिक और भावुक विदाई दी। विदाई यात्रा के दौरान हर नागरिक की आंखें नम थीं और पूरा कस्बा उनके सम्मान में सड़कों पर उतर आया। इस भव्य विदाई समारोह की शुरुआत भितरवार पुलिस थाने से हुई, जहां निवर्तमान SDOP जितेंद्र नगाइच अपनी पत्नी के साथ एक सुसज्जित बग्घी में सवार होकर निकले। मुख्य बाजार से होते हुए बस स्टैंड स्थित कृष्णा लॉज की तरफ बढ़ती इस यात्रा के दौरान पूरा मार्ग 'भारत माता की जय' और स्वागत के नारों से गूंज उठा। इस दौरान हाथ ठेला चालकों और मजदूरों से लेकर व्यापारियों तक ने जगह-जगह मंच लगाकर उन पर पुष्पवर्षा की और सप्रेम भेंट देकर विदा किया। विदाई यात्रा के समापन पर कृष्णा लॉज में एक भव्य विदाई एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रवीण उपाध्याय ने किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे धूमेश्वर धाम के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज ने जितेंद्र नगाइच को अपना दिव्य आशीर्वाद देकर उनके सेवाभाव की सराहना की। नगर परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने उनके कार्यकाल को ऐतिहासिक व बेदाग बताते हुए कहा कि उनके सरल व्यवहार ने प्रशासनिक दूरियों को खत्म कर दिया। वहीं, नवागत युवा SDOP गगन हनवत ने निवर्तमान अधिकारी द्वारा पुलिस और जनता के बीच स्थापित समन्वय की तारीफ की और क्षेत्र में कानून का राज व सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह ने जितेंद्र नगाइच को पूरी पुलिस टीम के लिए एक कुशल मार्गदर्शक और अभिभावक बताया। इस सम्मान और विदाई बेला से भावुक हुए निवर्तमान SDOP जितेंद्र नगाइच ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भितरवार की जनता और स्टाफ से मिला यह असीम प्रेम उनके जीवन की अनमोल पूंजी है, जो दतिया में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ऊर्जा का काम करेगा। कार्यक्रम में नवागत SDOP गगन हनवत का भी फूल-मालाओं और साफा पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक विदाई समारोह में नगर परिषद उपाध्यक्ष महावीर मन्नू यादव, पार्षद रघुवीर सिंह यादव, चीनोर थाना प्रभारी शैलेंद्र घुरैया, करहिया थाना प्रभारी संजू यादव, बेलगड़ा थाना प्रभारी महेंद्र प्रजापति, नायब तहसीलदार महाराज सिंह सगर, बिजली विभाग के एई विजय सिंह चौहान सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
ग्वालियर जिले के भितरवार में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) जितेंद्र नगाइच के दतिया स्थानांतरण होने पर पूरे नगर ने पलक-पावड़े बिछाकर उन्हें एक ऐतिहासिक और भावुक विदाई दी। विदाई यात्रा के दौरान हर नागरिक की आंखें नम थीं और पूरा कस्बा उनके सम्मान में सड़कों पर उतर आया। इस भव्य विदाई समारोह की शुरुआत भितरवार पुलिस थाने से हुई, जहां निवर्तमान SDOP जितेंद्र नगाइच अपनी पत्नी के साथ एक सुसज्जित बग्घी में सवार होकर निकले। मुख्य बाजार से होते हुए बस स्टैंड स्थित कृष्णा लॉज की तरफ बढ़ती इस यात्रा के दौरान पूरा मार्ग 'भारत माता की जय' और
स्वागत के नारों से गूंज उठा। इस दौरान हाथ ठेला चालकों और मजदूरों से लेकर व्यापारियों तक ने जगह-जगह मंच लगाकर उन पर पुष्पवर्षा की और सप्रेम भेंट देकर विदा किया। विदाई यात्रा के समापन पर कृष्णा लॉज में एक भव्य विदाई एवं स्वागत समारोह आयोजित किया गया, जिसकी शुरुआत मां सरस्वती के पूजन और दीप प्रज्वलन से हुई। कार्यक्रम का मंच संचालन प्रवीण उपाध्याय ने किया। इस दौरान विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे धूमेश्वर धाम के महंत श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर अनिरुद्ध वन महाराज ने जितेंद्र नगाइच को अपना दिव्य आशीर्वाद देकर उनके सेवाभाव की सराहना की। नगर
परिषद अध्यक्ष बलदेव अग्रवाल ने उनके कार्यकाल को ऐतिहासिक व बेदाग बताते हुए कहा कि उनके सरल व्यवहार ने प्रशासनिक दूरियों को खत्म कर दिया। वहीं, नवागत युवा SDOP गगन हनवत ने निवर्तमान अधिकारी द्वारा पुलिस और जनता के बीच स्थापित समन्वय की तारीफ की और क्षेत्र में कानून का राज व सुरक्षा को अपनी प्राथमिकता बताया। थाना प्रभारी सुधीर सिंह कुशवाह ने जितेंद्र नगाइच को पूरी पुलिस टीम के लिए एक कुशल मार्गदर्शक और अभिभावक बताया। इस सम्मान और विदाई बेला से भावुक हुए निवर्तमान SDOP जितेंद्र नगाइच ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि भितरवार की
जनता और स्टाफ से मिला यह असीम प्रेम उनके जीवन की अनमोल पूंजी है, जो दतिया में उनकी नई जिम्मेदारी के लिए ऊर्जा का काम करेगा। कार्यक्रम में नवागत SDOP गगन हनवत का भी फूल-मालाओं और साफा पहनाकर जोरदार स्वागत किया गया। इस ऐतिहासिक विदाई समारोह में नगर परिषद उपाध्यक्ष महावीर मन्नू यादव, पार्षद रघुवीर सिंह यादव, चीनोर थाना प्रभारी शैलेंद्र घुरैया, करहिया थाना प्रभारी संजू यादव, बेलगड़ा थाना प्रभारी महेंद्र प्रजापति, नायब तहसीलदार महाराज सिंह सगर, बिजली विभाग के एई विजय सिंह चौहान सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक और भारी संख्या में नगरवासी उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के भितरवार में स्थित हरसी बांध से एक 2 साल के नर तेंदुए का शव बरामद किया गया है। तेंदुए के शरीर पर किसी भी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे वन विभाग या संबंधित सूत्रों द्वारा इसके कहीं से बहकर यहाँ आने की संभावना जताई जा रही है। तेंदुए की मौत का वास्तविक कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सका है और पोस्टमॉर्टम (पीएम) रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह सामने आ पाएगी।1
- ग्वालियर जिले के भितरवार विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों की पोल खोलती एक बेहद बदहाल तस्वीर सामने आई है। यहाँ बेला से कराहिया जाने वाला मुख्य मार्ग पूरी तरह से गड्ढों में तब्दील हो चुका है, जिससे आसपास के 10 गांवों के लोगों का सफर नर्क बन गया है। इस मुख्य सड़क पर डामर या कंक्रीट का नामोनिशान तक नहीं बचा है। पूरी सड़क पर सिर्फ गहरी खाइयां, उभरे हुए पत्थर और मिट्टी के ढेर दिखाई दे रहे हैं, जिसके चलते यहाँ दुपहिया वाहनों से निकलना भी जान जोखिम में डालने जैसा साबित हो रहा है। सड़क की इस दुर्दशा से ग्रामीणों में नेताओं के प्रति गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का दर्द है कि चुनाव के समय नेताजी हाथ जोड़कर बड़े-बड़े वादे करते हैं, लेकिन जीतने के बाद जनता को पूरी तरह भूल जाते हैं। अब उनकी इस समस्या को सुनने वाला कोई नहीं है, जिससे तंग आकर लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या उनकी जिंदगी इसी तरह बदहाली में ही बीतेगी।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में रास्ता भटक रहे एक 11 वर्षीय बच्चे को दिनारा पुलिस ने सुरक्षित रूप से ढूंढकर उसके परिजनों से मिला दिया है। रास्ता भटक जाने के बाद दिनारा पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए बच्चे को सुरक्षित पाया और उसे सकुशल उसके परिवार को सौंप दिया है।1
- दतिया जिले में फरार वारंटियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पंडोखर पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस टीम ने लंबे समय से फरार चल रहे स्थायी वारंटी गेंदालाल को उसके गांव बरचौली से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी गेंदालाल, जो रामनाथ कुशवाहा का पुत्र है और थाना भांडेर क्षेत्र के बरचौली का निवासी है, काफी समय से गिरफ्तारी से बच रहा था। गिरफ्तारी की आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे दतिया न्यायालय में पेश किया गया है। आरोपी गेंदालाल न्यायालय भांडेर के एससी एनआईए 7/25, धारा 138 पराक्रम्य लिखत अधिनियम के प्रकरण में वांछित था। मंगलवार दोपहर साढ़े 03 बजे पुलिस ने बताया कि उसकी तलाश के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन वह हाथ नहीं लग रहा था। आखिरकार, मजबूत मुखबिर तंत्र से मिली सूचना के आधार पर पंडोखर थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने उसके गांव में घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों और वारंटियों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा, ताकि न्यायालय से फरार चल रहे आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जा सके।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी में दो छात्राओं ने पेपर लीक की घटनाओं के विरोध में शांतिपूर्ण धरना और रैली आयोजित करने की अनुमति मांगी है। सोम्या और श्रुति जैन नामक इन छात्राओं ने जनसुनवाई के दौरान जिला कलेक्टर को आवेदन सौंपकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने की इच्छा जताई है। छात्राओं का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकी थीं, जिसके कारण अब वे शिवपुरी में ही अपना विरोध दर्ज कराना चाहती हैं। उनका मानना है कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से युवाओं के भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। छात्राओं ने इन मामलों के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है। सौंपे गए आवेदन के अनुसार, यह शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन 21 जुलाई से 24 जुलाई 2026 तक प्रतिदिन शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक पोलो ग्राउंड, माधव चौक पर आयोजित करने और शहर में रैली निकालने की अनुमति मांगी गई है। छात्राओं ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम भारतीय संविधान के अनुच्छेद 19(1)(क) (अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता) और अनुच्छेद 19(1)(ख) (शांतिपूर्ण एवं निरस्त्र सभा करने का अधिकार) के अनुरूप पूरी तरह शांतिपूर्ण और अहिंसक रहेगा। इस प्रदर्शन के दौरान जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। फिलहाल, इस कार्यक्रम के लिए प्रशासन की ओर से अनुमति संबंधी निर्णय का इंतजार किया जा रहा है।1
- ग्वालियर के नजर बात मार्केट में कुछ दबंगों द्वारा एक कपड़ा व्यापारी के साथ मारपीट करने का मामला सामने आया है। यहाँ कुछ लोग कपड़ा व्यापारी को जबरन उसकी दुकान से बाहर निकाल कर खुद दुकान के अंदर घुस गए और उसके साथ जमकर मारपीट की।1