बदायूं के म्याऊं में युवा मंच संगठन, विश्व हिंदू रक्षा परिषद और श्री भगवा सेना की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें बदायूं सिटी मॉल में संचालित सफायर नाइट क्लब में कथित अश्लील नृत्य, शराब पार्टी, नोट उड़ाने वाली अय्याशी और नाबालिगों की उपस्थिति जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई। संयुक्त संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो लखनऊ में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस पूरे प्रकरण को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष भी विस्तार से रखा जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस, स्वीकृतियों, भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा और वैधानिक अनुमतियों की जांच की मांग को लेकर बदायूं के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संबोधन में एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा गया था। इसे जिलाधिकारी और एसएसपी की अनुपस्थिति में उझानी पुलिस क्षेत्राधिकारी और एलआईयू कार्यालय के अधिकारियों को सौंपा गया था। इस शिकायत पर बदायूं के जिलाधिकारी द्वारा जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। संगठनों ने मांग की है कि नियमों के उल्लंघन या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। युवा मंच संगठन के संस्थापक ध्रुव देव गुप्ता ने कहा कि समाज की सांस्कृतिक गरिमा, युवाओं के नैतिक भविष्य और कानून के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्षत्रिय महासभा के जिला संगठन मंत्री भूराज सिंह लॉयर और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सोनू वर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन कार्रवाई में विलंब करता है, तो इस मामले को लखनऊ में राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक के दौरान दातागंज और शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पदाधिकारियों को नए दायित्वों का मनोनयन पत्र भी सौंपा गया।
बदायूं के म्याऊं में युवा मंच संगठन, विश्व हिंदू रक्षा परिषद और श्री भगवा सेना की एक संयुक्त बैठक आयोजित की गई, जिसमें बदायूं सिटी मॉल में संचालित सफायर नाइट क्लब में कथित अश्लील नृत्य, शराब पार्टी, नोट उड़ाने वाली अय्याशी और नाबालिगों की उपस्थिति जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई। संयुक्त संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द ही निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो लखनऊ में व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। इस पूरे प्रकरण को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के समक्ष भी विस्तार से रखा जाएगा और दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की जाएगी। बैठक में जानकारी दी गई कि संबंधित प्रतिष्ठान के लाइसेंस, स्वीकृतियों, भवन मानकों, अग्नि सुरक्षा और वैधानिक अनुमतियों की जांच की मांग को लेकर बदायूं के जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के संबोधन में एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा गया था। इसे जिलाधिकारी और एसएसपी की
अनुपस्थिति में उझानी पुलिस क्षेत्राधिकारी और एलआईयू कार्यालय के अधिकारियों को सौंपा गया था। इस शिकायत पर बदायूं के जिलाधिकारी द्वारा जांच के लिए एक टीम गठित की गई है। संगठनों ने मांग की है कि नियमों के उल्लंघन या अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कड़ी एफआईआर दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की जाए। युवा मंच संगठन के संस्थापक ध्रुव देव गुप्ता ने कहा कि समाज की सांस्कृतिक गरिमा, युवाओं के नैतिक भविष्य और कानून के सम्मान से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्षत्रिय महासभा के जिला संगठन मंत्री भूराज सिंह लॉयर और विश्व हिंदू रक्षा परिषद के प्रदेश अध्यक्ष सोनू वर्मा ने कहा कि यदि प्रशासन कार्रवाई में विलंब करता है, तो इस मामले को लखनऊ में राष्ट्रीय नेतृत्व के सामने रखकर प्रदेशव्यापी आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। बैठक के दौरान दातागंज और शेखूपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पदाधिकारियों को नए दायित्वों का मनोनयन पत्र भी सौंपा गया।
- बदायूं जिले के बिनावर थाना क्षेत्र के एक गांव में रहने वाली पिंकी मौर्या ने अपने पति प्रमोद कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता की शादी 20 जून 2005 को प्रमोद कुमार से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी और उनके दो बेटे हैं। पिंकी का आरोप है कि उसके पति के पिछले कुछ सालों से एक अन्य महिला से संबंध हैं, जिसके चलते 2 जुलाई 2026 की दोपहर करीब 3 बजे पति ने बिना तलाक दिए उसे और उसके बच्चों को घर से निकाल दिया। जब वह अपने भाई और बेटों के साथ वापस घर लौटी, तो पति और उस आरोपी महिला ने मिलकर उनके साथ मारपीट की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता द्वारा मौके पर 112 नंबर पर कॉल करने के बावजूद पुलिस बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गई। इस घटना के 10 दिन बीत जाने के बाद भी पीड़िता को बिनावर कोतवाली से कोई न्याय नहीं मिला है। पीड़िता का आरोप है कि बिनावर कोतवाली में फरियादियों की सुनवाई नहीं होती और वरिष्ठ अधिकारियों को गुमराह करने के लिए आईजीआरएस (IGRS) पोर्टल पर भी झूठी रिपोर्ट लगा दी जाती है। बेघर होकर बच्चों के साथ दर-दर भटकने को मजबूर पीड़िता ने अब बदायूं के एसएसपी (SSP) को प्रार्थना पत्र देकर आरोपी पति और महिला पर घरेलू हिंसा व मारपीट की धाराओं में केस दर्ज करने की मांग की है। साथ ही, उसने बच्चों के साथ घर में सुरक्षित रहने की व्यवस्था कराने की अपील करते हुए कहा है, "मेरे दो छोटे-छोटे बच्चे हैं। अगर पुलिस मदद नहीं करेगी तो हम कहां जाएंगे।"1
- उत्तर प्रदेश के बदायूं जिला के बिल्सी क्षेत्र से एक गरीब युवक की लाचारी का मामला सामने आया है। वीडियो में दिख रहा यह युवक बेहद गरीब है, जो रुपये न होने के कारण बैल नहीं खरीद पाया है। इसी लाचारी और मजबूरी के चलते वह मक्का से भरा हुआ दलम बाइक से ले जाने को मजबूर है। पैसों की कमी के कारण बैल न खरीद पाने की उसकी यह बेबसी इस वीडियो में साफ तौर पर देखी जा सकती है।1
- सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे लेकर यह बड़ा दावा किया जा रहा है कि भारतीय रेलवे ने घूस का नाम बदलकर अब "किराया" कर दिया है। हालांकि, वायरल हो रहे इस वीडियो की पुष्टि नहीं की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के आगरा में रेलवे स्टेशन के डिप्टी अधीक्षक को आरपीएफ पुलिसकर्मियों द्वारा घसीटकर ले जाने का गंभीर मामला सामने आया है। स्टेशन पर एक ट्रेन रुकी थी, जहां से एक महिला यात्री सामान खरीदने के लिए नीचे उतरी। इसी दौरान ट्रेन चलने लगी, जिसे देखकर डिप्टी एसएस नरेंद्र चाहर ने तुरंत सक्रियता दिखाई और वॉकी-टॉकी से बोलकर ट्रेन को रुकवा दिया। इसके तुरंत बाद आरपीएफ पुलिसकर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में रोक लिया, जिसका डिप्टी एसएस ने कड़ा विरोध किया। इस विवाद के बीच आरपीएफ पुलिसकर्मी डिप्टी अधीक्षक को ही घसीटते हुए ले गए। इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरपीएफ के चार पुलिसकर्मियों मेघराज, बालकिशन मीणा, बदन सिंह और जितेंद्र को सस्पेंड कर दिया गया है। हालांकि, इस घटना से जुड़े वायरल वीडियो की पुष्टि अभी नहीं की गई है।1