मां नर्मदा के पावन तट डिंडोरी में राष्ट्रीय संत सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज का भव्य स्वागत, जल-जंगल-जमीन संरक्षण का दिया संदेश मां नर्मदा वनांचल उत्थान महाआरती में उमड़ा जनसैलाब, आदिवासी संस्कृति की झलक के बीच दीपदान से प्रज्वलित हुई प्रकृति संरक्षण की अलख डिंडोरी। मां नर्मदा की पावन नगरी डिंडोरी में देश के प्रतिष्ठित संत, आनंदम धाम पीठाधीश्वर पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज के नगर आगमन पर श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पमालाओं, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक स्वागत के साथ उनका भव्य अभिनंदन एवं वंदन किया। महाराज श्री का स्वागत सर्वप्रथम पुरानी डिंडोरी तिराहा में नगरवासियों द्वारा किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ पुष्पमालाएं अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। इसके पश्चात काफिला आगे बढ़ते हुए भारत माता चौक और रानी अवंती बाई चौक पहुंचा, जहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। रानी अवंती बाई चौक में जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते एवं जिला पंचायत सदस्य हीरा देवी परस्ते के नेतृत्व में हजारों लोगों ने महाराज श्री का भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर गुडुंबाजा, शैल नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। करंजिया, समनापुर, गाड़ासरई सहित वनांचल के विभिन्न अंचलों से आए आदिवासी समुदाय ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य के माध्यम से नगर के मुख्य चौराहे को सांस्कृतिक चेतना से भर दिया। भव्य स्वागत जुलूस रानी अवंती बाई चौक से स्नेहा नर्मदा पुल मार्ग होते हुए मां नर्मदा मंदिर डेम घाट तट पहुंचा। नर्मदा मंदिर तट पर नर्मदा घाटवासियों एवं नगरवासियों ने श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर पूज्य सद्गुरु श्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर आयोजित “मां नर्मदा वनांचल उत्थान महाआरती” का दृश्य अत्यंत अलौकिक और भक्तिमय रहा। पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने अपने कर-कमलों से पतित पावनी मां नर्मदा की दिव्य महाआरती उतारी। महाआरती के समय नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की इतनी विशाल भीड़ उमड़ी कि पूरे तट पर कहीं भी पैर रखने तक की जगह नहीं बची। दूर-दूर से आए श्रद्धालु अपने आराध्य गुरु के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। महाआरती के पश्चात पूज्य सद्गुरु श्री द्वारा किए गए दीपदान ने नर्मदा के शीतल जल को दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दिया। दीपों की पंक्तियों से प्रकाशित यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक अनुभूति से भर देने वाला था, बल्कि प्रकृति संरक्षण के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने वाला बन गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते हुए पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने जल-जंगल-जमीन के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। मां नर्मदा और वनांचल की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है।” उन्होंने कहा कि जैसे एक छोटा सा दीपक घने अंधकार को मिटाने की क्षमता रखता है, वैसे ही प्रकृति संरक्षण के लिए किया गया छोटे-से प्रयास से भी समाज और पर्यावरण का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। पूज्य सद्गुरु जी ने जनजातीय समाज के बीच बैठकर उनकी परंपराओं और संस्कृति की सराहना करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जुड़ने तथा अपनी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल तथा वनांचल क्षेत्रों से आए जनजातीय समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी, आध्यात्मिक चिंतन और प्रभावशाली उद्बोधनों के लिए विश्वविख्यात हैं। उन्हें इस क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं तथा देश-विदेश में आध्यात्मिक कथाओं और प्रवचनों के लिए उन्हें बार-बार आमंत्रित किया जाता रहा है।
मां नर्मदा के पावन तट डिंडोरी में राष्ट्रीय संत सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज का भव्य स्वागत, जल-जंगल-जमीन संरक्षण का दिया संदेश मां नर्मदा वनांचल उत्थान महाआरती में उमड़ा जनसैलाब, आदिवासी संस्कृति की झलक के बीच दीपदान से प्रज्वलित हुई प्रकृति संरक्षण की अलख डिंडोरी। मां नर्मदा की पावन नगरी डिंडोरी में देश के प्रतिष्ठित संत, आनंदम धाम पीठाधीश्वर पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज के नगर आगमन पर श्रद्धा, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। नगरवासियों ने जगह-जगह पुष्पमालाओं, ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक स्वागत के साथ उनका भव्य अभिनंदन एवं वंदन किया। महाराज श्री का स्वागत सर्वप्रथम पुरानी डिंडोरी तिराहा में नगरवासियों द्वारा किया गया, जहां श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ पुष्पमालाएं अर्पित कर उनका अभिनंदन किया। इसके पश्चात काफिला आगे बढ़ते हुए भारत माता चौक और रानी अवंती बाई चौक पहुंचा, जहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उनका स्वागत किया। रानी अवंती बाई चौक में जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते एवं जिला पंचायत सदस्य हीरा देवी परस्ते के नेतृत्व में हजारों लोगों ने महाराज श्री का भावपूर्ण स्वागत किया। इस अवसर पर गुडुंबाजा, शैल नृत्य एवं विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को जनजातीय संस्कृति के रंगों से सराबोर कर दिया। करंजिया, समनापुर, गाड़ासरई सहित वनांचल के
विभिन्न अंचलों से आए आदिवासी समुदाय ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य के माध्यम से नगर के मुख्य चौराहे को सांस्कृतिक चेतना से भर दिया। भव्य स्वागत जुलूस रानी अवंती बाई चौक से स्नेहा नर्मदा पुल मार्ग होते हुए मां नर्मदा मंदिर डेम घाट तट पहुंचा। नर्मदा मंदिर तट पर नर्मदा घाटवासियों एवं नगरवासियों ने श्रीफल और पुष्पगुच्छ भेंट कर पूज्य सद्गुरु श्री का अभिनंदन किया। इस अवसर पर आयोजित “मां नर्मदा वनांचल उत्थान महाआरती” का दृश्य अत्यंत अलौकिक और भक्तिमय रहा। पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने अपने कर-कमलों से पतित पावनी मां नर्मदा की दिव्य महाआरती उतारी। महाआरती के समय नर्मदा तट पर श्रद्धालुओं की इतनी विशाल भीड़ उमड़ी कि पूरे तट पर कहीं भी पैर रखने तक की जगह नहीं बची। दूर-दूर से आए श्रद्धालु अपने आराध्य गुरु के दर्शन और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए उत्सुक दिखाई दिए। महाआरती के पश्चात पूज्य सद्गुरु श्री द्वारा किए गए दीपदान ने नर्मदा के शीतल जल को दिव्य प्रकाश से आलोकित कर दिया। दीपों की पंक्तियों से प्रकाशित यह दृश्य न केवल आध्यात्मिक अनुभूति से भर देने वाला था, बल्कि प्रकृति संरक्षण के संदेश को भी जन-जन तक पहुंचाने वाला बन गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमुदाय को संबोधित करते
हुए पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज ने जल-जंगल-जमीन के संरक्षण का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि “जल, जंगल और जमीन केवल संसाधन नहीं, बल्कि हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं। इनकी रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का परम कर्तव्य है। मां नर्मदा और वनांचल की सेवा ही ईश्वर की सच्ची आराधना है।” उन्होंने कहा कि जैसे एक छोटा सा दीपक घने अंधकार को मिटाने की क्षमता रखता है, वैसे ही प्रकृति संरक्षण के लिए किया गया छोटे-से प्रयास से भी समाज और पर्यावरण का भविष्य उज्ज्वल बनाया जा सकता है। पूज्य सद्गुरु जी ने जनजातीय समाज के बीच बैठकर उनकी परंपराओं और संस्कृति की सराहना करते हुए उन्हें विकास की मुख्यधारा से जुड़ने तथा अपनी प्राकृतिक धरोहर की रक्षा के लिए एकजुट रहने का संदेश दिया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस बल तथा वनांचल क्षेत्रों से आए जनजातीय समाज के हजारों लोग उपस्थित रहे। उल्लेखनीय है कि पूज्य सद्गुरु श्री ऋतेश्वर जी महाराज अपनी ओजस्वी वाणी, आध्यात्मिक चिंतन और प्रभावशाली उद्बोधनों के लिए विश्वविख्यात हैं। उन्हें इस क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं तथा देश-विदेश में आध्यात्मिक कथाओं और प्रवचनों के लिए उन्हें बार-बार आमंत्रित किया जाता रहा है।
- भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाली दर्शना सिंह अपने ननिहाल बांधवगढ़ क्षेत्र के ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां शुभेच्छुओं और ग्रामीणों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत कर शुभकामनाएं प्रेषित कीं। इस अवसर पर गांव में उत्साह का माहौल देखने को मिला और लोगों ने दर्शना सिंह की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया। दर्शना सिंह की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी मुख्यमंत्री स्कूल भगवानपुर जनकपुर में हुई। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग की और फिर दिल्ली में रहकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की तैयारी की। अपनी मेहनत और लगन के दम पर उन्होंने दूसरे प्रयास में ही भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में सफलता हासिल कर ली। आईपीएस बनने के बाद दर्शना सिंह पहली बार अपने ननिहाल ग्राम सरमनियां पहुंचीं, जहां उनके नाना पूर्व सरपंच विजय सिंह परिहार के निवास पर उनके सहयोगियों क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों ने उनका स्वागत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मीडिया से बातचीत के दौरान दर्शना सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिजनों और गुरुजनों को दिया। उन्होंने कहा कि कड़ी मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक सोच से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने क्षेत्र के सभी नवयुवक युवाओं और बच्चियों को संदेश देते हुए कहा कि यदि पहली बार में परिणाम उम्मीद के अनुसार न आए तो निराश होने की बजाय दोगुनी मेहनत और लगन के साथ दोबारा प्रयास करना चाहिए, सफलता जरूर मिलती है। दर्शना सिंह के पिता अर्जुन सिंह बघेल भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता हैं और अपनी विधानसभा के विधायक प्रतिनिधि भी हैं, वहीं उनकी माता नगर पंचायत जनकपुर में पार्षद हैं इस अवसर पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि शारदा प्रसाद गौतम, ओपी द्विवेदी, अंबिका प्यासी, अरुण चतुर्वेदी, रामजी प्यासी, मनोज सिंह, शिवकुमार गुप्ता, विजय गौतम, रतीभान सिंह, आशुतोष त्रिपाठी, त्रिवेणी द्विवेदी, रवि सेन, भोला पटेल, कुश परिहार सहित गांव के सैकड़ों प्रबुद्धजन और समाजसेवी उपस्थित रहे।4
- MP में मालगाड़ी पटरी से उतरी, कटनी-बिलासपुर सेक्शन बाधित; कई ट्रेनें भी प्रभावित1
- Post by Ashok Sondhiya1
- प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ नारेबाजी पड़ी भारी, गोंगपा ने पदाधिकारियों को किया बाहर1
- मंडला - 15 साल से वनाधिकार पट्टा के लिए भटक रहे ग्रामीण और बैगा परिवार.... आदिवासी वनाधिकार पट्टे के दावे अब भी फाइलों में कैद…खाद, बीज,बैंक ऋण जैसी कृषि सुविधाओं से आज भी वंचित.... जबाबदारों से लगाई न्याय की गुहार1
- Post by Rajju Bhartiya1
- मंडला। 87वें सीआरपीएफ दिवस के अवसर पर मंडला स्थित 148वीं बटालियन मुख्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बटालियन के 25 स्वयंसेवी जवानों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।1
- 🚨 अनूपपुर में लूट का खुलासा 🚨 कोतवाली पुलिस ने हैदराबाद से मजदूरी कर लौट रहे राहगीर से मोबाइल और नगदी लूटने के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि 8 मार्च को पुरानी सब्जी मंडी स्थित सुलभ शौचालय के पास आरोपियों ने बीयर की बोतल से धमकाकर राकेश केवट से 19 हजार रुपये का मोबाइल और 1400 रुपये नगद लूट लिया था। 👮♂️ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपियों धर्मेन्द्र वंशकार, राज वंशकार, भीमसेन उर्फ भिम्मा वंशकार और राहुल वंशकार को गिरफ्तार कर लिया है। 📱 आरोपियों से लूटा गया मोबाइल, नगदी और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद कर ली गई है। ⚖️ सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।1