अयोध्या धाम स्थित जानकी भवन में 5 जून से 11 जून तक चले सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य और आध्यात्मिक समापन हुआ। इस गरिमामय आयोजन में सिलहाटी निवासी सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने भगवान श्री कृष्ण जन्म, रुक्मणी विवाह, रास, प्रभु श्री राम जन्म और राजा परीक्षित मोक्ष की कथाओं का अत्यंत सजीव और मर्मस्पर्शी वर्णन कर कथा रूपी अमृत का रसपान कराया। इस दौरान पूरा पांडाल 'जय श्री कृष्णा' और 'जय सिया राम' के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस अलौकिक ज्ञान यज्ञ के लिए छत्तीसगढ़ के बेमेतरा, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव और बिलासपुर से राकेश कुमार मिश्रा साजा निवासी लगभग 350 श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या पहुंचे थे, जिन्होंने धर्म लाभ लिया। इस पूरे आयोजन की सबसे अनूठी और आकर्षक कड़ी सरयू मैया की भव्य आरती रही, जिसे अद्भुत और ऐतिहासिक बताया गया। श्रद्धालुओं ने इतिहास रचते हुए 160 साड़ियों की एक विशाल माला तैयार की, जिससे सरयू नदी के दोनों तटों को आपस में जोड़कर अभिषेक किया गया। छत्तीसगढ़ से पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने मिलकर सवा लाख बत्तियों से सरयू मैया की अलौकिक संध्या आरती की। यह विहंगम दृश्य देखकर वहां मौजूद हर कोई भावविभोर हो उठा, और आचार्य जी ने सरयू माता की महिमा पर विशेष प्रकाश डालते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। ज्ञान यज्ञ के समापन पर आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि सनातन धर्म में वर्णित सभी सप्त पुरियों (सात पवित्र शहरों) में श्रीमद्भागवत कथा करने का उनका संकल्प था। अयोध्या धाम में आयोजित यह आयोजन उनके 'सप्त पुरी' अभियान की सातवीं और अंतिम कड़ी थी, जो प्रभु श्री राम और सरयू मैया की कृपा से सकुशल संपन्न हुई। इस भव्य धार्मिक यात्रा और आयोजन की सफलता पर बेमेतरा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है।
अयोध्या धाम स्थित जानकी भवन में 5 जून से 11 जून तक चले सात दिवसीय श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ सप्ताह का भव्य और आध्यात्मिक समापन हुआ। इस गरिमामय आयोजन में सिलहाटी निवासी सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने भगवान श्री कृष्ण जन्म, रुक्मणी विवाह, रास, प्रभु श्री राम जन्म और राजा परीक्षित मोक्ष की कथाओं का अत्यंत सजीव और मर्मस्पर्शी वर्णन कर कथा रूपी अमृत का रसपान कराया। इस दौरान पूरा पांडाल 'जय श्री कृष्णा' और 'जय सिया राम' के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस अलौकिक ज्ञान यज्ञ के लिए छत्तीसगढ़ के बेमेतरा, दुर्ग, भिलाई, रायपुर, राजनांदगांव और बिलासपुर से राकेश कुमार मिश्रा साजा निवासी लगभग 350 श्रद्धालुओं को लेकर अयोध्या पहुंचे थे, जिन्होंने धर्म लाभ लिया। इस पूरे आयोजन की सबसे अनूठी और आकर्षक कड़ी सरयू मैया की भव्य आरती रही, जिसे अद्भुत और ऐतिहासिक बताया गया। श्रद्धालुओं ने इतिहास रचते हुए 160 साड़ियों की एक विशाल माला तैयार की, जिससे सरयू नदी के दोनों तटों को आपस में जोड़कर अभिषेक किया गया। छत्तीसगढ़ से पहुंचे श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों ने मिलकर सवा लाख बत्तियों से सरयू मैया की अलौकिक संध्या आरती की। यह विहंगम दृश्य देखकर वहां मौजूद हर कोई भावविभोर हो उठा, और आचार्य जी ने सरयू माता की महिमा पर विशेष प्रकाश डालते हुए इसके आध्यात्मिक महत्व से श्रद्धालुओं को अवगत कराया। ज्ञान यज्ञ के समापन पर आचार्य गोपेश्वर शरण मिश्र ने अत्यंत हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि सनातन धर्म में वर्णित सभी सप्त पुरियों (सात पवित्र शहरों) में श्रीमद्भागवत कथा करने का उनका संकल्प था। अयोध्या धाम में आयोजित यह आयोजन उनके 'सप्त पुरी' अभियान की सातवीं और अंतिम कड़ी थी, जो प्रभु श्री राम और सरयू मैया की कृपा से सकुशल संपन्न हुई। इस भव्य धार्मिक यात्रा और आयोजन की सफलता पर बेमेतरा सहित पूरे छत्तीसगढ़ के श्रद्धालुओं में भारी उत्साह और हर्ष का माहौल है।
- पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव का बलौदा बाजार आगमन पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा भव्य स्वागत किया गया। मोतीलाल वर्मा के नेतृत्व में आयोजित इस स्वागत कार्यक्रम में पंडित रामसागर शुक्ला ने शंखनाद किया, वहीं महिलाओं ने आरती उतारकर उनका अभिनंदन किया। कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़ते हुए, गाजे-बाजे, गुलाल और फूल-मालाओं के साथ 'जिंदाबाद' के नारे लगाकर सिंहदेव का जोरदार स्वागत किया। सिंहदेव महिंद्रा ट्रैक्टर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने बलौदा बाजार पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने प्रदेश में बढ़ती महंगाई और भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की, जिसके चलते आम जनता को विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार द्वारा किए गए कई वादों के क्रियान्वयन पर भी सवाल उठाए। इस कार्यक्रम में महेंद्र कुमार वर्मा (जनपद सदस्य), प्रवीण धुरंधर, वीरेंद्र महेश्वरी, दीपक नायक, भोला वर्मा, राकेश ध्रुव, रामकुमार साहू, संदीप साहू, राकेश वैष्णव, सुमित्रा घृतलहरे, खिलेंद्र वर्मा, संतोष वर्मा, घनश्याम वर्मा सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।1
- बिलासपुर के कोटा क्षेत्र में जिम संचालक निखिल गोस्वामी की हत्या के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों में से एक व्यक्ति मृतक की अपनी पत्नी से बातचीत को लेकर नाराज था। इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने पहले निखिल की आंखों में मिर्च पाउडर झोंका और फिर बेरहमी से उसकी पिटाई कर बड़े पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इस मामले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस भी निकाला। इसके उपरांत, सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हत्या में शामिल सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- रायगढ़ जिले के चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के अतरमुड़ा में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए एक मकान में चल रहे कथित देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़ किया है। रायगढ़ एसपी के निर्देश पर गठित एक विशेष टीम ने छापेमारी कर मौके से कुल 6 लोगों को हिरासत में लिया है, जिनमें 4 महिलाएं और 2 पुरुष शामिल हैं। पुलिस को लंबे समय से इस मकान में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। इसी सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें कई अहम सबूत भी बरामद किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, जिस्मफरोसी का यह धंधा किराए के मकान में संचालित हो रहा था। फिलहाल, पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।1
- खरोरा के ग्राम भालेसूर में नशा मुक्ति अभियान को सफल बनाने के लिए महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया है। ग्राम के नवनिर्वाचित सरपंच नवीन कुमार वर्मा के मार्गदर्शन और निगरानी में गठित महिला संगठन ने गांव में जागरूकता रैली निकाली और नशे के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाया। इस दौरान महिलाओं ने गांव को नशामुक्त करने तथा अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का संकल्प लिया। अभियान के तहत आयोजित एक बैठक में अवैध शराब की बिक्री, चौक-चौराहों पर खुलेआम शराब का सेवन, सार्वजनिक स्थलों पर नशाखोरी और दुकानों में डिस्पोजल व पानी की आड़ में होने वाली अवैध गतिविधियों जैसे मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। महिला समूह ने निर्णय लिया है कि वे प्रतिदिन संगठित होकर गांव के विभिन्न मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों की निगरानी करेंगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि की सूचना तत्काल पंचायत एवं संबंधित विभाग को देंगी। सरपंच नवीन कुमार वर्मा ने इस अवसर पर कहा कि नशा समाज और परिवार दोनों के लिए घातक है, और गांव को नशामुक्त बनाने में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी ग्रामीणों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील की। इस पहल में नीलेश्वरी धुरंधर, प्रभा वर्मा, वृंदा वर्मा, पिंकी ध्रुव, शिवकुमारी ध्रुव, चमेली वर्मा, कृष्णाबाई वर्मा, ईश्वरी रजक, प्रमिला टंडन, हीराबाई वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं शामिल थीं। सभी ने एकजुट होकर अपने गांव को नशामुक्त, स्वच्छ और सुरक्षित बनाने का संकल्प लिया है।4
- कोंडागांव से सामने आई खबर के अनुसार, वहाँ आदिवासियों को उनके जंगल से बेदखल किया जा रहा है। उन्हें जंगल से बाहर निकालने के लिए यह तर्क दिया जा रहा है कि उन्होंने 'औषधीय कब्जा' कर रखा है।1
- कबीरधाम जिले में कानून व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने तथा असामाजिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह के निर्देशानुसार पुलिस द्वारा लगातार रात्रिकालीन सरप्राइज चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह बघेल, एसडीओपी श्री आशीष शुक्ला और कोतवाली थाना प्रभारी श्री योगेश कश्यप के नेतृत्व में कवर्धा शहर के विभिन्न संवेदनशील एवं सुनसान क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान, पुलिस टीम ने पुराने बस स्टैंड, रेवाबंद तालाब, नवीन बाजार, लोहारा नाका और नए बस स्टैंड सहित अन्य ऐसे स्थानों की जाँच की, जहाँ रात्रि के समय लोगों की अनावश्यक आवाजाही या जमावड़े की शिकायतें प्राप्त होती रही हैं। निरीक्षण के दौरान, सुनसान स्थानों पर बैठे लोगों से पूछताछ की गई और उन्हें तत्काल वहाँ से हटाकर आवश्यक समझाइश दी गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेन्द्र सिंह बघेल ने बताया कि यह विशेष अभियान अपराधों की रोकथाम, आमजन में सुरक्षा की भावना बनाए रखने और असामाजिक तत्वों पर निगरानी रखने के उद्देश्य से लगातार संचालित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अक्सर कुछ लोग देर रात सुनसान स्थानों पर समूह बनाकर बैठते हैं, जिससे अप्रिय घटनाओं की आशंका बनी रहती है, और ऐसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है। पुलिस की प्राथमिकता आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है, जिसके लिए शहर के सार्वजनिक स्थलों, प्रमुख चौक-चौराहों, बस स्टैंडों, तालाबों और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित गश्त और आकस्मिक निरीक्षण किया जा रहा है, साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी रखी जा रही है। कबीरधाम पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार की सरप्राइज चेकिंग एवं रात्रिकालीन गश्त आगे भी लगातार जारी रहेगी। पुलिस प्रशासन ने आमजन से सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करें और अनावश्यक रूप से देर रात सुनसान स्थानों पर बैठने या भीड़ लगाने से बचें, जिससे उनकी व्यक्तिगत सुरक्षा सुनिश्चित होने के साथ-साथ जिले में सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण वातावरण बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।1
- शुक्रवार दोपहर 3 बजे, बिलासपुर के NSUI कार्यकर्ताओं ने बिलासपुर-रायपुर नेशनल हाईवे पर स्थित भोजपुरी टोल प्लाजा पर जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने टोल कर्मचारियों को खरी-खोटी सुनाते हुए चेतावनी दी कि वे स्थानीय लोगों से तमीज से पेश आएं। उनकी प्रमुख मांग थी कि स्थानीय निवासियों को टोल नाके पर छूट दी जाए। कार्यकर्ताओं ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपकर स्पष्ट किया कि स्थानीय लोग शादी-ब्याह, मौत या अन्य किसी मामले में बार-बार टोल प्लाजा से गुजरते हैं और उन्हें हर बार टोल चुकाना पड़ता है, जिसका NSUI ने कड़ा विरोध किया। मामले की जानकारी प्रशासन को पहले ही दे दी गई थी, जिसके चलते भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था। हिर्री, बिल्हा, चकरभाठा और सिरगिट्टी थानों की पुलिस बड़ी संख्या में मौजूद थी, हालांकि प्रदर्शनकारियों की संख्या पुलिस बल के मुकाबले काफी कम थी।1
- 12 जून शुक्रवार को दोपहर 1 बजे मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के आबकारी आयुक्त ने गंडई स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री के मामले में कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के तहत आबकारी उप निरीक्षक प्रभाकर सिरमौर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जांच में पाया गया कि दुकान पर पाव शराब की बोतलें 240 रुपये की निर्धारित कीमत के बजाय 250 रुपये में बेची जा रही थीं। इस अनियमितता को गंभीर लापरवाही मानते हुए, प्रभाकर सिरमौर के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन आदेश जारी किया गया है। उनकी निलंबन अवधि के लिए मुख्यालय दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता कार्यालय निर्धारित किया गया है।1