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चम्पावत जिले से एक साथ 11 चिकित्सकों के स्थानांतरण के आदेश के बाद स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश भड़क गया है। लोगों का कहना है कि जिन चिकित्सकों के प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ था, उनके अचानक तबादले से व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। स्थानांतरण सूची में जिला चिकित्सालय चम्पावत के चार, उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट के दो, राजकीय चिकित्सालय टनकपुर के तीन डॉक्टरों के अलावा डिप्टी सीएमओ सहित कुल 11 चिकित्सक शामिल हैं। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के किए गए इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस मॉडल जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिलाधिकारी मनीष कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के प्रयासों से चम्पावत के अस्पतालों की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है। विशेष रूप से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञान प्रकाश और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी के स्थानांतरण को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है, क्योंकि दोनों डॉक्टरों ने जटिल मामलों का सफल उपचार कर जनता का विश्वास जीता था। इस निर्णय को लेकर सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं में भी गुस्सा है और लोग इस फैसले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की साख को बट्टा लगाने की साजिश के रूप में देख रहे हैं। इस मामले पर बढ़ते बवाल के बीच जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। लगातार फोन पर संपर्क कर रहे चिंतित नागरिकों को ढांढस बंधाते हुए जिलाधिकारी ने भरोसा दिया है कि फिलहाल किसी भी स्थानांतरित चिकित्सक को जिले से कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के इस आश्वासन से स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

1 hr ago
user_Champawat news
Champawat news
Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
1 hr ago
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चम्पावत जिले से एक साथ 11 चिकित्सकों के स्थानांतरण के आदेश के बाद स्थानीय लोगों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों में भारी आक्रोश भड़क गया है। लोगों का कहना है कि जिन चिकित्सकों के प्रयासों से जिले की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार हुआ था, उनके अचानक तबादले से व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो सकती हैं। स्थानांतरण सूची में जिला चिकित्सालय चम्पावत के चार, उप जिला चिकित्सालय लोहाघाट के दो, राजकीय चिकित्सालय टनकपुर के तीन डॉक्टरों के अलावा डिप्टी सीएमओ सहित कुल 11 चिकित्सक शामिल हैं। बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के किए गए इस फैसले को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस मॉडल जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जिलाधिकारी मनीष कुमार और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान के प्रयासों से चम्पावत के अस्पतालों की व्यवस्थाओं में काफी सुधार हुआ है।

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विशेष रूप से लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञान प्रकाश और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी के स्थानांतरण को लेकर लोगों में भारी नाराजगी है, क्योंकि दोनों डॉक्टरों ने जटिल मामलों का सफल उपचार कर जनता का विश्वास जीता था। इस निर्णय को लेकर सत्तारूढ़ दल के कार्यकर्ताओं में भी गुस्सा है और लोग इस फैसले को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की साख को बट्टा लगाने की साजिश के रूप में देख रहे हैं। इस मामले पर बढ़ते बवाल के बीच जिलाधिकारी मनीष कुमार ने लोगों को बड़ी राहत दी है। लगातार फोन पर संपर्क कर रहे चिंतित नागरिकों को ढांढस बंधाते हुए जिलाधिकारी ने भरोसा दिया है कि फिलहाल किसी भी स्थानांतरित चिकित्सक को जिले से कार्यमुक्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के इस आश्वासन से स्थानीय लोगों ने बड़ी राहत की सांस ली है।

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  • उत्तराखंड के चंपावत जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत भिंगराड़ा की ग्राम प्रधान श्रीमती गीता भट्ट ने क्षेत्र के सतत विकास और महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आधिकारिक रूप से गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि भिंगराड़ा के विकास कार्यों में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी और जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार का हमेशा सकारात्मक और सराहनीय सहयोग मिलता रहा है। शासन और प्रशासन के इसी समन्वित प्रयास के परिणामस्वरूप क्षेत्र में विभिन्न लोक-कल्याणकारी विकास कार्य और योजनाएं धरातल पर क्रियान्वित की गई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रगति को गति मिली है। इसी क्रम में ग्राम प्रधान ने उन अराजक तत्वों को आड़े हाथों लिया है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए भ्रामक और आधारहीन समाचार प्रसारित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि भिंगराड़ा में नैनीताल बैंक मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्य बिना प्रशासनिक सहयोग के किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से असत्य, भ्रामक और निराधार है। श्रीमती गीता भट्ट ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सुदृढ़ व सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कार्य संपादित किए गए हैं। इन प्रशासनिक प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
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    उत्तराखंड के चंपावत जिले के अंतर्गत ग्राम पंचायत भिंगराड़ा की ग्राम प्रधान श्रीमती गीता भट्ट ने क्षेत्र के सतत विकास और महिलाओं को स्वावलंबी व आत्मनिर्भर बनाने के प्रयासों के लिए जिला प्रशासन और राज्य सरकार के प्रति आधिकारिक रूप से गहरा आभार व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि भिंगराड़ा के विकास कार्यों में माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी और जिलाधिकारी श्री मनीष कुमार का हमेशा सकारात्मक और सराहनीय सहयोग मिलता रहा है। शासन और प्रशासन के इसी समन्वित प्रयास के परिणामस्वरूप क्षेत्र में विभिन्न लोक-कल्याणकारी विकास कार्य और योजनाएं धरातल पर क्रियान्वित की गई हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर प्रगति को गति मिली है।

इसी क्रम में ग्राम प्रधान ने उन अराजक तत्वों को आड़े हाथों लिया है जो बिना तथ्यों की पुष्टि किए भ्रामक और आधारहीन समाचार प्रसारित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर यह दुष्प्रचार किया जा रहा है कि भिंगराड़ा में नैनीताल बैंक मार्ग का सुदृढ़ीकरण एवं मरम्मत कार्य बिना प्रशासनिक सहयोग के किया जा रहा है, जो कि पूरी तरह से असत्य, भ्रामक और निराधार है।

श्रीमती गीता भट्ट ने विशेष रूप से महिला सशक्तिकरण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर बल देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत में महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सुदृढ़ व सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी कार्य संपादित किए गए हैं। इन प्रशासनिक प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं, जिससे ग्रामीण परिवेश की महिलाएं तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर कदम बढ़ा रही हैं।
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    51 min ago
  • चम्पावत में 12 जुलाई 2026 को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर 45 श्रद्धालुओं का दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन और पूजन के लिए रवाना हुआ। मुख्य बस स्टेशन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। वन एवं पर्यावरण दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। इसके साथ ही विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी और नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने इस यात्रा को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को बहुत करीब से जानने का अवसर मिलेगा। बाबा सोमनाथ के जयघोष और शुभकामनाओं के बीच श्रद्धालुओं का दल अपने पवित्र गंतव्य के लिए रवाना हुआ। इस विदाई कार्यक्रम में गोविंद बोहरा, राजू गढ़कोटी, सानू प्रकाश सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
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    चम्पावत में 12 जुलाई 2026 को 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर 45 श्रद्धालुओं का दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन और पूजन के लिए रवाना हुआ। मुख्य बस स्टेशन परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का माहौल रहा। वन एवं पर्यावरण दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने हरी झंडी दिखाकर यात्रा का शुभारंभ किया। रवाना होने से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की कामना की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर स्वागत किया और उन्हें यात्रा की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय एकता को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को अपनी गौरवशाली परंपराओं से जोड़ने का कार्य करते हैं। इसके साथ ही विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी और नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा ने इस यात्रा को ऐतिहासिक पहल बताया। उन्होंने कहा कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और लोगों को देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर को बहुत करीब से जानने का अवसर मिलेगा।

बाबा सोमनाथ के जयघोष और शुभकामनाओं के बीच श्रद्धालुओं का दल अपने पवित्र गंतव्य के लिए रवाना हुआ। इस विदाई कार्यक्रम में गोविंद बोहरा, राजू गढ़कोटी, सानू प्रकाश सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
    user_Vinod Joshi Ji
    Vinod Joshi Ji
    Credit reporting agency चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • उत्तराखंड के चंपावत जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय का दौरा किया। उन्होंने चिकित्सालय पहुंचकर वहां भर्ती बीमार लोगों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।
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    उत्तराखंड के चंपावत जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद सिंह अधिकारी ने लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय का दौरा किया। उन्होंने चिकित्सालय पहुंचकर वहां भर्ती बीमार लोगों से मुलाकात की और उनका हाल-चाल जाना।
    user_Laxman bisht
    Laxman bisht
    Local News Reporter लोहाघाट, चंपावत, उत्तराखंड•
    22 hrs ago
  • Post by अशोक सरकार
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    Post by अशोक सरकार
    user_अशोक सरकार
    अशोक सरकार
    Khatima, Udam Singh Nagar•
    4 hrs ago
  • अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है। समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है। मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
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    अल्मोड़ा में आगामी सितंबर में आयोजित होने वाले ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के मां नंदा देवी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। मेले के तहत मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं के निर्माण के लिए रविवार को नंदा देवी मंदिर समिति ने लक्ष्मेश्वर स्थित खूंटकुणी भैरव मंदिर के समीप मनीष पाठक के आवास पहुंचकर उपयुक्त केले के वृक्षों का चयन किया। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने विधि-विधान के साथ निरीक्षण कर इस वर्ष प्रतिमा निर्माण के लिए केले के वृक्षों का चुनाव किया है।

समिति द्वारा तय कार्यक्रम के अनुसार, 17 सितंबर की शाम को चयनित केले के वृक्षों को पारंपरिक रूप से निमंत्रण दिया जाएगा। इसके बाद, 18 सितंबर की सुबह विधि-विधान और शोभायात्रा के साथ इन्हें नंदा देवी मंदिर परिसर लाया जाएगा, जहां इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की पारंपरिक प्रतिमाओं का निर्माण किया जाएगा। उत्तराखंड की लोक परंपरा में केले के वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाएं तैयार करने की विशेष धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता है।

मंदिर समिति ने जानकारी दी है कि मेले के सफल आयोजन के लिए प्रतिमा निर्माण, पूजा-अर्चना, शोभायात्रा तथा धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा चरणबद्ध तरीके से तय की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर व्यवस्थाएं मिल सकें। हर वर्ष की तरह इस बार भी मेले में देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों के पहुंचने की संभावना है, जिसके लिए समिति ने सभी लोगों से सहयोग की अपील की है। इस अवसर पर मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन सिंह बिष्ट 'चीमा', व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा, पार्षद अमित साह, पार्षद अभिषेक जोशी, मूर्ति संयोजक रवि गोयल, सी.पी. वर्मा, पंडित तारा दत्त जोशी सहित मंदिर समिति के पदाधिकारी, सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
    user_Vinod Joshi
    Vinod Joshi
    Local News Reporter Almora, Uttarakhand•
    19 min ago
  • नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया। राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया। इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
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    नैनीताल के डीएसबी परिसर में युवाओं को प्रेरित करते हुए उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने कहा कि साल 2047 तक 'विकसित भारत' का सपना हर भारतीय का है और हमारा देश हर रूप में सक्षम होगा। उन्होंने आगे बढ़ने के लिए विज्ञान के साथ आध्यात्मिकता को जोड़ने पर विशेष जोर दिया।

राष्ट्रवाद की भावना को सर्वोपरि बताते हुए भगत सिंह कोश्यारी ने कहा, "विचारधारा कोई भी हो, राष्ट्र निर्माण के लिए सभी का विचार एक होना चाहिए।" पलायन के मुद्दे पर बात करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इसके विरोधी नहीं हैं, क्योंकि विदेशों में बसे भारतीय युवाओं ने देश का नाम रोशन किया है। इसके साथ ही उन्होंने बदलते एआई (AI) के दौर में भारतीय सभ्यता को आधार बनाकर अपनी संस्कृति को श्रेष्ठ बनाने का आह्वान किया।

इससे पूर्व, कुमाऊं विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (कूटा) ने भी भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की। इस दौरान कूटा के सदस्यों ने उन्हें पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर सम्मानित किया।
    user_Nainital news
    Nainital news
    नैनीताल, नैनीताल, उत्तराखंड•
    19 min ago
  • चम्पावत में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर जनपद से 45 श्रद्धालुओं का एक दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन और पूजन के लिए शासकीय प्रोटोकॉल व हर्षोल्लास के साथ रवाना हुआ। स्थानीय मुख्य बस स्टेशन परिसर में आयोजित इस यात्रा के शुभारंभ पर भारी धार्मिक उत्साह, जयघोष और अगाध श्रद्धा का माहौल देखा गया। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर विधिवत स्वागत किया और उनकी मंगलमय व सुरक्षित यात्रा की कामना की। इस यात्रा का विधिवत शुभारंभ वन एवं पर्यावरण दर्जा राज्य मंत्री श्री श्याम नारायण पांडे ने हरी झंडी दिखाकर किया। प्रस्थान से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय के बीच श्रद्धालुओं ने इस जनकल्याणकारी और सांस्कृतिक पहल के लिए देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति विशेष रूप से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनमानस को देश की महान सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को निकटता से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी और नगर पालिका अध्यक्ष लोहाघाट श्री गोविंद वर्मा ने भी इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता श्री गोविंद बोहरा, भाजपा के मीडिया संयोजक श्री राजू गढ़कोटी और जिला पर्यटन अधिकारी श्री सानू प्रकाश सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
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    चम्पावत में 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' के अवसर पर जनपद से 45 श्रद्धालुओं का एक दल गुजरात स्थित प्रथम ज्योतिर्लिंग भगवान सोमनाथ के दर्शन और पूजन के लिए शासकीय प्रोटोकॉल व हर्षोल्लास के साथ रवाना हुआ। स्थानीय मुख्य बस स्टेशन परिसर में आयोजित इस यात्रा के शुभारंभ पर भारी धार्मिक उत्साह, जयघोष और अगाध श्रद्धा का माहौल देखा गया। इस दौरान विभिन्न जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने श्रद्धालुओं का माल्यार्पण कर विधिवत स्वागत किया और उनकी मंगलमय व सुरक्षित यात्रा की कामना की।

इस यात्रा का विधिवत शुभारंभ वन एवं पर्यावरण दर्जा राज्य मंत्री श्री श्याम नारायण पांडे ने हरी झंडी दिखाकर किया। प्रस्थान से पहले श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति व खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान उपस्थित जनसमुदाय के बीच श्रद्धालुओं ने इस जनकल्याणकारी और सांस्कृतिक पहल के लिए देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के प्रति विशेष रूप से आभार और धन्यवाद व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि श्री श्याम नारायण पांडे ने कहा कि 'सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा' केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक मूल्यों और राष्ट्रीय अखंडता को मजबूत करने का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि जनमानस को देश की महान सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक परंपराओं को निकटता से समझने का अवसर मिलेगा। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित विधायक प्रतिनिधि श्री प्रकाश तिवारी और नगर पालिका अध्यक्ष लोहाघाट श्री गोविंद वर्मा ने भी इसे एक ऐतिहासिक पहल बताया। इस मौके पर सामाजिक कार्यकर्ता श्री गोविंद बोहरा, भाजपा के मीडिया संयोजक श्री राजू गढ़कोटी और जिला पर्यटन अधिकारी श्री सानू प्रकाश सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
    user_Champawat news
    Champawat news
    Local News Reporter चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    1 hr ago
  • उत्तराखंड में यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बाधित हो गया है।
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    उत्तराखंड में यमुनोत्री हाईवे कई स्थानों पर बाधित हो गया है।
    user_The Public Matter
    The Public Matter
    पत्रकार चंपावत, चंपावत, उत्तराखंड•
    10 hrs ago
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