अंबेडकर नगर थाना मालीपुर जहां पेड़ काटने वालों का उपद्रव पुलिस की सह पर कुछ इस तरह से होता है कि धरती बंजर हो जाने को तैयार है। यह घटना है तारखुर्द से सटे गांव उस्मापुर की है । जहां नरेंद्र कुमार उपाध्याय पुत्र स्वर्गीय राममिलन की ट्यूबवेल के पास खंभा लगा हुआ था । और पेड़ काटने वालों ने कुछ इस तरह से पेड़ काटा कि पेड़ धड़ाम से आकर गिरा बिजली के तार के ऊपर। और खंभा गिरकर टूट गया। नुकसान विद्युत उपभोक्ता नरेंद्र कुमार उपाध्याय और विद्युत विभाग का हुआ। दुर्घटना का निमंत्रण बात ही छोड़िए ट्यूबेल मलिक ने इस दुर्घटना की सूचना बिजली विभाग को दी। नजदीकी पावर हाउस से जूनियर इंजीनियर ने आकर हालत को देखा, पेड़ काटने वाले पड़ोसी गांव कल्याणपुर निवासी राम सिंह वर्मा नामक आदमी ने , जे ई को मां बहन की गालियां दी और मारने को दौड़ा लिया। सरकारी कर्मचारी अपमान नहीं सह पाया । साहब ने 112नंबर डायल किया । पुलिस के आते ही राम सिंह वर्मा मौके से भाग गया। मालीपुर थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मौर्य के बारे में सूत्र बताते हैं कि थानेदार ने ठेकेदार के परिवार से एक लाख की उचित डिमांड कर रहे हैं। इसमें 80 हजार रुपए का ट्रांसफार्मर का और 10 हजार रुपए का खंभा और तार की कीमत भी जोड़ी गई । जबकि यह पैसा थानेदार अगर पाएगा तो पेड़ काटने वाले पर मुकदमा नहीं लिखा जाएगा। और बहुत ठंडा ठंडा कूल कूल मिजाज से आपस में मिल बैठकर थाने के मध्य समझौता हो जाएगा । जूनियर इंजीनियर विद्युत अगर रिश्वत से कुछ हिस्सा पा जाएगा तो, शायद बेचारा अपनी प्यारी मां बहन की गालियां भी भूल जाएगा। फिलहाल कल शनिवार दोपहर की घटना शुरू-शुरू में खूब गर्मी दिखाई। लेकिन धीरे-धीरे मामला शीतल बस्ते में जा रहा है। जैसे देवरहा गांव की युवा विधवा कैशरी बानो का सामूहिक दुराचार... और हत्याकांड धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में जा रहा है! धन्य है भाजपा युग में रिश्वत राज। और धन्य है थाना अध्यक्ष मालीपुर, स्वतंत्र कुमार मौर्य के सिर पर थानेदारी का ताज।। धन्य है लेडी सिंघम प्राची सिंह का डरावना शब्र। कि अगर वे कुछ भी स्वतंत्र कुमार मौर्य को बोलेंगी । तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का फोन आ जाएगा ? कि हमारे थानेदार को अपने टच कैसे किया ? अंबेडकर नगर से आपका दिल ऊब गया है क्या ? समीक्षा मिश्रा ब्यूरो चीफ
अंबेडकर नगर थाना मालीपुर जहां पेड़ काटने वालों का उपद्रव पुलिस की सह पर कुछ इस तरह से होता है कि धरती बंजर हो जाने को तैयार है। यह घटना है तारखुर्द से सटे गांव उस्मापुर की है । जहां नरेंद्र कुमार उपाध्याय पुत्र स्वर्गीय राममिलन की ट्यूबवेल के पास खंभा लगा हुआ था । और पेड़ काटने वालों ने कुछ इस तरह से पेड़ काटा कि पेड़ धड़ाम से आकर गिरा बिजली के तार के ऊपर। और खंभा गिरकर टूट गया। नुकसान विद्युत उपभोक्ता नरेंद्र कुमार उपाध्याय और विद्युत विभाग का हुआ। दुर्घटना का निमंत्रण बात ही छोड़िए ट्यूबेल मलिक ने इस दुर्घटना की सूचना बिजली विभाग को दी। नजदीकी पावर हाउस से जूनियर इंजीनियर ने आकर हालत को देखा, पेड़ काटने वाले पड़ोसी गांव कल्याणपुर निवासी राम सिंह वर्मा नामक आदमी ने , जे ई को मां बहन की गालियां दी और मारने को दौड़ा लिया। सरकारी कर्मचारी अपमान नहीं सह पाया । साहब ने 112नंबर डायल किया । पुलिस के आते ही राम सिंह वर्मा मौके से भाग गया। मालीपुर थानाध्यक्ष स्वतंत्र कुमार मौर्य के बारे में सूत्र बताते हैं कि थानेदार ने ठेकेदार के परिवार से एक लाख की उचित डिमांड कर रहे हैं। इसमें 80 हजार रुपए का ट्रांसफार्मर का और 10 हजार रुपए का खंभा और तार की कीमत भी जोड़ी गई । जबकि यह पैसा थानेदार अगर पाएगा तो पेड़ काटने वाले पर मुकदमा नहीं लिखा जाएगा। और बहुत ठंडा ठंडा कूल कूल मिजाज से आपस में मिल बैठकर थाने के मध्य समझौता हो जाएगा । जूनियर इंजीनियर विद्युत अगर रिश्वत से कुछ हिस्सा पा जाएगा तो, शायद बेचारा अपनी प्यारी मां बहन की गालियां भी भूल जाएगा। फिलहाल कल शनिवार दोपहर की घटना शुरू-शुरू में खूब गर्मी दिखाई। लेकिन धीरे-धीरे मामला शीतल बस्ते में जा रहा है। जैसे देवरहा गांव की युवा विधवा कैशरी बानो का सामूहिक दुराचार... और हत्याकांड धीरे-धीरे ठंडे बस्ते में जा रहा है! धन्य है भाजपा युग में रिश्वत राज। और धन्य है थाना अध्यक्ष मालीपुर, स्वतंत्र कुमार मौर्य के सिर पर थानेदारी का ताज।। धन्य है लेडी सिंघम प्राची सिंह का डरावना शब्र। कि अगर वे कुछ भी स्वतंत्र कुमार मौर्य को बोलेंगी । तो डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का फोन आ जाएगा ? कि हमारे थानेदार को अपने टच कैसे किया ? अंबेडकर नगर से आपका दिल ऊब गया है क्या ? समीक्षा मिश्रा ब्यूरो चीफ
- शासन ने अंबेडकर नगर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. संजय कुमार शैवाल को उनके पद से हटा दिया है। डॉ. शैवाल को भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते यह कार्रवाई हुई है। उनके स्थान पर अब डॉ. प्रमोद कुमार को जिले का नया सीएमओ नियुक्त करते हुए अंबेडकर नगर की बागडोर सौंपी गई है।1
- आज दिनाँक 31.05.2026 को जनपद संतकबीरनगर में कुल तीन पुलिस अधिकारी/कर्मचारी अपने संपूर्ण सेवाकाल के दौरान पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और लगन से कार्य करते हुए अधिवर्षता आयु पूर्ण कर सेवानिवृत्त हुए। इस अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन संतकबीरनगर के सभागार कक्ष में इन सेवानिवृत्त पुलिसकर्मियों के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया, जहाँ क्षेत्राधिकारी कार्यालय से अशोक कुमार सिंह ने उन्हें ससम्मान विदाई दी। समारोह के दौरान सर्वप्रथम सेवानिवृत्त होने वाले अधिकारी/कर्मचारीगण से उनके सेवाकाल के अनुभवों के बारे में विस्तार से वार्ता की गई। इसके पश्चात् उन्हें माला पहनाकर, शॉल और धर्मग्रंथ आदि भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके भविष्य की योजनाओं के बारे में भी जानकारी ली गई और भविष्य में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर बेझिझक संपर्क करने का आश्वासन दिया गया। सभी सेवानिवृत्त कर्मियों को उनके सुखद, आनंदपूर्ण और उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी गई। सेवानिवृत्त होने वाले पुलिसकर्मियों में उ0नि0ना0पु0 श्री शंकर सिंह (पुत्र स्व0 बैजनाथ सिंह, निवासी रावतपार अमेठिया, थाना लार, जनपद देवरिया), फायर सर्विस चालक श्री सुरेंद्र कुमार राय (पुत्र श्री केशव राय, निवासी पाली, थाना बांसगांव, जनपद गोरखपुर) और फायरमैन श्री रामकेश शर्मा (पुत्र श्री विश्वनाथ शर्मा, निवासी कलवारी, थाना बासगांव, जनपद गोरखपुर) शामिल हैं, जिन्होंने अपनी अधिवर्षता आयु पूर्ण की।4
- उत्तर प्रदेश के जनपद संत कबीर नगर में वृद्धा पेंशन योजना में बड़े पैमाने पर धांधली का आरोप लगाया गया है। माननीय मुख्यमंत्री श्री आदित्यनाथ योगी जी को संबोधित एक शिकायत पत्र में बताया गया है कि समाज कल्याण अधिकारी द्वारा की जा रही इस धांधली के कारण अधिकांश बुजुर्गों का पेंशन रोक दिया गया है। उन्हें यह बताया जा रहा है कि उनका आधार या मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, जबकि बैंक रिकॉर्ड के अनुसार उनके आधार नंबर और बैंक खाते सभी आवश्यक दस्तावेजों और मोबाइल से पूरी तरह लिंक हैं। शिकायत में एक विशिष्ट आधार नंबर 4822 3894 2546 का हवाला देते हुए पूछा गया है कि बैंक रिकॉर्ड के बावजूद इस उपभोक्ता का पेंशन क्यों रोका गया है। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया है कि जिन लोगों का वृद्धा पेंशन रोका गया है, उनके पैसे आखिर कहाँ जा रहे हैं और कौन इन पैसों को हड़प रहा है। इसे एक गंभीर समस्या बताते हुए, पत्र में इसकी गहनता से जांच की मांग की गई है। बढ़ती कीमतों, गैस और सीएनजी के दामों में उछाल के कारण जनता पहले से ही त्राहि-त्राहि कर रही है और हाहाकार मचा हुआ है। ऐसे में वृद्धा पेंशन का रुक जाना जनता के लिए और भी विकट समस्या बन गया है। शासन-प्रशासन से तत्काल इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने और सभी लोगों का रोका हुआ पेंशन शीघ्र अति शीघ्र उनके बैंक खातों में जारी करने की अपील की गई है। यह जनता की प्रमुख मांग है।1
- संतकबीरनगर पुलिस के "क्रैक साइबर क्राइम अभियान" को एक और बड़ी सफलता मिली है, जहाँ साइबर ठगी के शिकार हुए एक युवक को पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के बाद 50 हजार रुपये की ठगी गई राशि वापस मिल गई है। यह घटना तब सामने आई जब थाना महुली क्षेत्र के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन ने शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर 50 हजार रुपये की ठगी की थी। आरोप है कि पैसे लेने के बाद न तो कोयला दिया गया और न ही रकम वापस की गई। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना के निर्देशन में थाना महुली पुलिस और साइबर क्राइम हेल्प डेस्क की टीम तत्काल सक्रिय हुई। टीम ने बैंकिंग और तकनीकी माध्यमों का उपयोग करते हुए गहन जांच की और लगातार प्रयासों से पीड़ित असजद हुसैन की पूरी 50 हजार रुपये की धनराशि सफलतापूर्वक उनके खाते में वापस करवा दी। इस सराहनीय कार्य में थानाध्यक्ष दुर्गेश पाण्डेय, उपनिरीक्षक अनुज यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, सोनू यादव, मनोज यादव तथा महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संतकबीरनगर पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और ऑनलाइन लेनदेन करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। पुलिस ने संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेशों पर विश्वास न करने और अपनी बैंकिंग जानकारी, ओटीपी या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करने की भी सलाह दी है।1
- आजमगढ़ के सरायमीर थाना क्षेत्र के मिर्जापुर गांव में एक प्रेमी अपनी प्रेमिका से मिलने पहुंचा। इस दौरान ग्रामीणों ने दोनों की मांग भरवा दी, जो रिश्ते को स्वीकार करने का एक प्रतीकात्मक कदम माना जाता है। हालांकि, इस घटना के बाद पिता ने इस रिश्ते को मंजूर न करने की बात कही है।1
- तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता अभिषेक बनर्जी को एक इलाके के दौरे के दौरान स्थानीय महिलाओं के भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिन्होंने उनके काफिले पर अंडे बरसाकर अपना कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप है कि अभिषेक बनर्जी जिस व्यक्ति की मृत्यु पर शोक व्यक्त करने के लिए वहां पहुंचे थे, वह क्षेत्र का एक कुख्यात अपराधी था जिसका आपराधिक इतिहास रहा है और वह 20 से अधिक महिलाओं के साथ छेड़छाड़ की घटनाओं में शामिल था। प्रदर्शन में शामिल एक स्थानीय महिला ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मृतक व्यक्ति गांव की एक लड़की को भगा ले गया था, उसे अपने साथ रखा, लेकिन उससे शादी करने से इनकार कर दिया। महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि वह व्यक्ति तृणमूल कांग्रेस का कार्यकर्ता था, मगर स्थानीय लोग उसे पार्टी का वैध सदस्य नहीं मानते थे। उन्होंने दावा किया कि वह अपनी दबंगई और आपराधिक गतिविधियों के लिए जाना जाता था, और पार्टी के नाम पर लोगों से पैसे भी वसूलता था। महिलाओं ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं, बल्कि उस गुंडागर्दी के खिलाफ है जिसे राजनीतिक संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अभिषेक बनर्जी के इस दौरे से अपराधियों को बढ़ावा मिल रहा है और वे इस व्यवस्था के खिलाफ न्याय चाहती हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने सवाल उठाया कि एक अपराधी को राजनीतिक संरक्षण क्यों दिया जा रहा है, और इसी बात को लेकर उनका गुस्सा फूटा। इस घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही, और महिलाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वे इस अन्याय के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के थाना सम्मनपुर क्षेत्र में दो युवकों के गुटों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस झड़प में लाठी-डंडों का जमकर इस्तेमाल किया गया, जिसके परिणामस्वरूप एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई और तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। अभी तक हत्या की वजह का पता नहीं चल पाया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्च अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने इस मामले में तीन युवकों को हिरासत में लिया है और उनसे गहन पूछताछ जारी है। इस घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।1
- बस्ती ज़िले के चौरी बाज़ार में एक सड़क लगभग दो साल से टूटी हुई है, लेकिन इस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। सड़क की इस खराब हालत के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं, जिससे लोग लगातार परेशान हैं।1
- संतकबीरनगर जनपद में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ितों को त्वरित राहत प्रदान करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के तहत, महुली पुलिस ने एक सराहनीय कार्य करते हुए साइबर ठगी के शिकार व्यक्ति की ₹50,000 की धनराशि सफलतापूर्वक वापस कराई है। संतकबीरनगर पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा के निर्देशन में जनपदभर में साइबर अपराधों की रोकथाम और साइबर ठगी के मामलों में त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, थाना महुली के ग्राम छितही निवासी असजद हुसैन पुत्र अतहर हुसैन ने पुलिस को शिकायत देकर बताया था कि 11 फरवरी 2026 को एक अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें कोयला उपलब्ध कराने का झांसा देकर उनसे पैसे ले लिए थे। भुगतान के बावजूद न तो कोयला मिला और न ही रकम वापस की गई, जिसके बाद पीड़ित ने पुलिस से मदद की गुहार लगाई। शिकायत मिलने के बाद, थाना महुली पुलिस और साइबर टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और बैंकिंग व तकनीकी माध्यमों से जांच शुरू की। लगातार प्रयासों और प्रभावी समन्वय के परिणामस्वरूप, 26 मई 2026 को पीड़ित असजद हुसैन के खाते में ठगी गई पूरी ₹50,000 की धनराशि वापस कराई गई। अपनी रकम वापस मिलने पर पीड़ित और उनके परिजनों ने संतकबीरनगर पुलिस के प्रति गहरा आभार व्यक्त करते हुए पुलिस की तत्परता और कार्यकुशलता की सराहना की। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी दुर्गेश पाण्डेय, साइबर प्रभारी अनुज कुमार यादव, कांस्टेबल अंकित पटेल, कांस्टेबल सोनू यादव, कांस्टेबल मनोज यादव और महिला कांस्टेबल कमलेश कुमारी शामिल रहे। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक, कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के विश्वास न करें। साथ ही, अपनी बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी जैसे ओटीपी, सीवीवी, पासवर्ड या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने 'सावधानी ही सुरक्षा है' का संदेश देते हुए नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक रहने की सलाह दी है।2