कोण्डागांव जिला और विकासखंड के कोपाबेड़ा स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मत्स्य कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोण्डागांव जिले की मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यों और प्रगतिशील मत्स्य कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी में मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा प्रतिभागियों को विभागीय गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पंजीयन के उद्देश्य व लाभ, मत्स्यजीवी दुर्घटना बीमा, जलीय कृषि बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन के क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को अपनाने और शासकीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन भी कराया गया, जिससे उन्हें वैज्ञानिक एवं आधुनिक मत्स्य पालन की जानकारी प्राप्त हुई। इसके साथ ही, सहकारिता विभाग और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भी इस संगोष्ठी में हिस्सा लेकर मत्स्य कृषकों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं और सुविधाओं से अवगत कराया तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस पूरे आयोजन में मत्स्य पालन को एक लाभकारी और आत्मनिर्भर आजीविका के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
कोण्डागांव जिला और विकासखंड के कोपाबेड़ा स्थित शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय मत्स्य कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कोण्डागांव जिले की मछुआ सहकारी समितियों के सदस्यों और प्रगतिशील मत्स्य कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। संगोष्ठी में मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा
प्रतिभागियों को विभागीय गतिविधियों और विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके अंतर्गत राष्ट्रीय मत्स्य डिजिटल प्लेटफॉर्म (एनएफडीपी) पंजीयन के उद्देश्य व लाभ, मत्स्यजीवी दुर्घटना बीमा, जलीय कृषि बीमा और किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के बारे में विस्तार से बताया गया। अधिकारियों ने मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन के क्षेत्र
में आधुनिक तकनीकों को अपनाने और शासकीय योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को शासकीय मत्स्य बीज प्रक्षेत्र में संचालित विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन भी कराया गया, जिससे उन्हें वैज्ञानिक एवं आधुनिक मत्स्य पालन की जानकारी प्राप्त हुई। इसके साथ ही, सहकारिता विभाग और जल
संसाधन विभाग के अधिकारियों ने भी इस संगोष्ठी में हिस्सा लेकर मत्स्य कृषकों को अपने-अपने विभागों की योजनाओं और सुविधाओं से अवगत कराया तथा आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। इस पूरे आयोजन में मत्स्य पालन को एक लाभकारी और आत्मनिर्भर आजीविका के रूप में विकसित करने पर विशेष बल दिया गया।
- छत्तीसगढ़ के कोंडागांव स्थित स्वामी आत्मानंद इंग्लिश मीडियम स्कूल में विश्व जनसंख्या दिवस के मौके पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा एक विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने शिरकत की। न्यायाधीश श्री खिलावन राम रिगरी ने स्कूल के विद्यार्थियों को जनसंख्या संतुलन और परिवार नियोजन के बारे में जागरूक किया। इसके साथ ही, उन्होंने बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकारों, बाल संरक्षण नियमों, पॉक्सो अधिनियम, साइबर सुरक्षा तथा निःशुल्क विधिक सहायता से जुड़ी बेहद महत्वपूर्ण और उपयोगी जानकारियां प्रदान कीं।1
- बस्तर जिले की ग्राम पंचायत तेली मारेगा के रहने वाले रघु चंद्र खरे का बिजली बिल पीएम सूर्य घर योजना का लाभ लेने के बाद अब शून्य हो गया है। इससे पहले उनका हर महीने का बिजली बिल लगभग 1500 रुपये आता था। इस योजना के तहत अपने घर पर 3KW का सोलर पैनल लगवाने के बाद उनका बिजली बिल पूरी तरह से शून्य हो गया है और वे इस योजना के लाभार्थी बन गए हैं।1
- कांकेर के दुर्गूकोंदल क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत साधुमिचगांव के आश्रित ग्राम भुसकी गोपालटोला में एक अज्ञात ट्रैक्टर की टक्कर से ट्रांसफार्मर लगा बिजली का पोल टूट गया है। इस हादसे के कारण पिछले चार दिनों से गांव में विद्युत आपूर्ति पूरी तरह ठप पड़ी है और पूरा गोपालटोला अंधेरे में डूबा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि विभाग को घटना की सूचना देने के बाद भी अब तक कोई मरम्मत कार्य नहीं किया गया है, जिससे पीने के पानी, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा के घरेलू काम बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग से जल्द से जल्द बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में कनिष्ठ यंत्री नरोत्तम राठिया ने जानकारी दी है कि मरम्मत के लिए सामग्री की व्यवस्था की जा रही है और आगामी एक-दो दिनों में पोल को ठीक करके आपूर्ति दोबारा बहाल कर दी जाएगी।1
- धमतरी पुलिस द्वारा नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी, एकरूप और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस लाइन रूद्री के कम्पोजिट भवन में एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में आयोजित इस कार्यशाला में सेवानिवृत्त पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज (आईपीएस) मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA)-2023 के विभिन्न व्यावहारिक और विधिक पक्षों पर विस्तृत व्याख्यान और मार्गदर्शन प्रदान किया। कार्यशाला में पूर्व विशेष पुलिस महानिदेशक आर.के. विज ने विवेचना की नवीन प्रक्रियाओं, इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्यों के वैज्ञानिक संकलन, प्रभावी अभियोजन की रणनीतियों तथा न्यायालयीन कार्यवाही में इन नए कानूनों के व्यावहारिक उपयोग पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने रेखांकित किया कि इन नवीन कानूनों का उद्देश्य न्याय प्रणाली को अधिक पारदर्शी, तकनीक आधारित, पीड़ित-केंद्रित और समयबद्ध बनाना है। वहीं, पुलिस अधीक्षक धमतरी सूरज सिंह परिहार ने कहा कि बदलते विधिक परिदृश्य में पुलिस बल का निरंतर प्रशिक्षण और क्षमता विकास समय की मांग है। उन्होंने कहा कि अपराधियों को शीघ्र सजा दिलाने और पीड़ितों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए गुणवत्तापूर्ण विवेचना, वैज्ञानिक साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग और सुदृढ़ अभियोजन बेहद जरूरी है। इस प्रशिक्षण कार्यशाला में जिले के विभिन्न थानों, चौकियों और इकाइयों के लगभग 250 पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी की। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक धमतरी शैलेन्द्र कुमार पांडेय, नगर पुलिस अधीक्षक अभिषेक चतुर्वेदी, उप पुलिस अधीक्षक भानूप्रताप चंद्राकर, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मोनिका मरावी, उप पुलिस अधीक्षक सुश्री मीना साहू, उप पुलिस अधीक्षक यशकरण दीप ध्रुव, अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) नगरी विपिन रंगारी, वैज्ञानिक अधिकारी अमित कुमार पटेल, डीपीओ अजय सिंह, रक्षित निरीक्षक दीपक शर्मा सहित सभी थाना-चौकी प्रभारी, विवेचक, सीसीटीएनएस ऑपरेटर और प्रशिक्षु उप निरीक्षक उपस्थित रहे। इस दौरान प्रकरण आधारित उदाहरणों के माध्यम से विवेचना, डिजिटल साक्ष्य, गिरफ्तारी, तलाशी, जब्ती और अदालती प्रक्रिया से जुड़ी पुलिसकर्मियों की शंकाओं का समाधान किया गया।1
- कोंडागांव में बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए विशेष क्षमता-विकास प्रशिक्षण आयोजित किया गया। यह मानसिक स्वास्थ्य एवं मनोसामाजिक सहयोग (MHPSS) प्रशिक्षण कोंडागांव जिला प्रशासन, यूनिसेफ इंडिया और CMHLP के संयुक्त सहयोग से संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से बच्चों और किशोरों के मानसिक स्वास्थ्य की पहचान करने, उनके साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने और मनोसामाजिक सहयोग प्रदान करने से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित करने पर जोर दिया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षित करना है ताकि वे जरूरत पड़ने पर बच्चों को समय पर बेहतर सहायता और उचित परामर्श उपलब्ध करा सकें।1
- कांकेर के भानुप्रतापपुर सरकारी अस्पताल का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक के हाथ में बिना सुन्न करने वाला इंजेक्शन लगाए ही सीधे टांके लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। इस अनोखे इलाज पर जब आपत्ति जताई गई तो कथित तौर पर जवाब मिला कि "दो बार इंजेक्शन लगाता, उसके बदले दो बार टांका लगा दिया।" अस्पताल के इस कारनामे पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि चिकित्सा विज्ञान भी शायद इस नए शोध से अनजान होगा। ऐसा लग रहा है कि अस्पताल में अब दर्द कम करने की नहीं, बल्कि दर्द सहने की ट्रेनिंग दी जा रही है और अगर मरीज चीखे तो समझिए इलाज सही दिशा में चल रहा है।1