कोर कमेटी की बैठक सिंधिया की ठसक भोपाल। कांग्रेस के श्रीमंत महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया भले ही भाजपा में आने के बाद भाईसाहब हो गए हों, लेकिन उनकी महाराजाओं वाली ठसक अभी भी अंदर ज़िंदा है। इसका एक उदाहरण देखने को मिला एमपी सीएम हाउस में हुई महत्वपूर्ण बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में। इस बैठक में सबसे पहले तो जो भी सदस्य बैठक में शामिल होने आए, वह अपने एक-दो स्टाफ के साथ पहुंचे, लेकिन सिंधिया जी यहां भी अपने समर्थक मंत्रियों तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत व नेताओं के लाव-लश्कर के साथ एंट्री ली। उसके बाद बैठक में भी उन्होंने अपनी उपयोगिता बताई। बताया कि एमपी में भी परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, उन्हें इसका अनुभव है। असम सहित अन्य जगहों पर उन्होंने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संकेत था कि जब भी एमपी में परिसीमन प्रक्रिया शुरू हो, उसमें उन्हें भी शामिल किया जाए। यहां तक भी ठीक था, उसके बाद इस महत्वपूर्ण बैठक को खत्म होने से पहले ही वह वहां से निकल गए। उन्होंने बताया कि उन्हें दिल्ली जाना है। कैलाश विजयवर्गीय तो उनके जाने के बाद बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद सीएम मोहन यादव ने सभी सदस्यों के साथ भोजन रखा था। वह उसमें भी शामिल नहीं हुए, जबकि बाकी सभी सदस्यों ने पारिवारिक माहौल में साथ में भोजन किया। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा व संघ सिंधिया पर बड़ा दांव तो खेलना चाहते हैं, लेकिन उनकी यही राजशाही ठसक के किस्से जब दिल्ली तक पहुंचते हैं, तो वह फिर सुधार के इंतजार में अपना फैसला टाल देते हैं। संघ को तो सादगी पसंद है, यह तो सभी जानते हैं। यही हाल रहा तो सिंधिया को लंबा इंतजार करना पड़ सकता हैं जो उनके लिए संभव नहीं है। #JyotiradityaScindia #BJP #MPPolitics #CoreCommittee #Political News
कोर कमेटी की बैठक सिंधिया की ठसक भोपाल। कांग्रेस के श्रीमंत महाराजा ज्योतिरादित्य सिंधिया भले ही भाजपा में आने के बाद भाईसाहब हो गए हों, लेकिन उनकी महाराजाओं वाली ठसक अभी भी अंदर ज़िंदा है। इसका एक उदाहरण देखने को मिला एमपी सीएम हाउस में हुई महत्वपूर्ण बीजेपी कोर ग्रुप की बैठक में। इस बैठक में सबसे पहले तो जो भी सदस्य बैठक में शामिल होने आए, वह अपने एक-दो स्टाफ के साथ पहुंचे, लेकिन सिंधिया जी यहां भी अपने समर्थक मंत्रियों तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत व नेताओं के लाव-लश्कर के साथ एंट्री ली। उसके बाद बैठक में भी उन्होंने अपनी उपयोगिता बताई। बताया कि एमपी में भी परिसीमन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है, उन्हें इसका अनुभव है। असम सहित अन्य जगहों पर उन्होंने इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संकेत था कि जब भी एमपी में परिसीमन प्रक्रिया शुरू हो, उसमें उन्हें भी शामिल किया जाए। यहां तक भी ठीक था, उसके बाद इस महत्वपूर्ण बैठक को खत्म होने से पहले ही वह वहां से निकल गए। उन्होंने बताया कि उन्हें दिल्ली जाना है। कैलाश विजयवर्गीय तो उनके जाने के बाद बैठक में शामिल हुए। बैठक के बाद सीएम मोहन यादव ने सभी सदस्यों के साथ भोजन रखा था। वह उसमें भी शामिल नहीं हुए, जबकि बाकी सभी सदस्यों ने पारिवारिक माहौल में साथ में भोजन किया। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि भाजपा व संघ सिंधिया पर बड़ा दांव तो खेलना चाहते हैं, लेकिन उनकी यही राजशाही ठसक के किस्से जब दिल्ली तक पहुंचते हैं, तो वह फिर सुधार के इंतजार में अपना फैसला टाल देते हैं। संघ को तो सादगी पसंद है, यह तो सभी जानते हैं। यही हाल रहा तो सिंधिया को लंबा इंतजार करना पड़ सकता हैं जो उनके लिए संभव नहीं है। #JyotiradityaScindia #BJP #MPPolitics #CoreCommittee #Political News
- ग्वालियर में बुजुर्ग ऑटो चालक की ईमानदारी , लाखों रुपए कीमत का कीमती सोने चांदी से भरा बैग लौटाया... #newsimpact #gwaliornews #gwaliorpolice #imandari1
- Post by Zassu1
- खबर मगरौनी, जिला शिवपुरी (मध्य प्रदेश) से जितेन्द्र शाक्य की रिपोर्ट नगर परिषद मगरौनी में आज डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर समाज के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल देखने को मिला। जयंती के उपलक्ष्य में एक भव्य रैली का आयोजन किया गया, जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए निकाली गई। रैली में शामिल लोगों ने बाबा साहेब के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संदेश दिया। जगह-जगह लोगों द्वारा रैली का स्वागत किया गया, साथ ही पुष्पवर्षा कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस कार्यक्रम में प्रदेश कार्य समिति सदस्य भाजपा राजेंद्र शर्मा, जनपद पंचायत करेरा अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह जाटव, पूर्व जनपद पंचायत अध्यक्ष नरवर मुकेश खटीक, यूथ कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष शिशुपाल जाटव, युवा समाजसेवी दुष्यंत मौर्य तथा कांग्रेस मंडल अध्यक्ष मगरौनी सुल्तान जाटव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के जीवन और उनके संघर्षों पर प्रकाश डालते हुए समाज को उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और उत्साह का विशेष माहौल देखने को मिला, जिससे यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।1
- नगर में आज भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सैकड़ों नगरवासियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और बाबा साहेब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की शुरुआत प्रभात फेरी से हुई, जिसमें युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों ने भाग लेते हुए अंबेडकर जी के विचारों का प्रचार-प्रसार किया। इसके बाद मुख्य समारोह में वक्ताओं ने बाबा साहेब के जीवन, उनके संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर ने समाज में समानता, शिक्षा और अधिकारों के लिए जो संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश दिया गया। इस दौरान पूरे नगर में उत्सव जैसा माहौल रहा और लोगों ने एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।1
- दसवीं बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए तपस्या शर्मा ने प्रदेश स्तर पर टॉप-10 में अपना स्थान हासिल कर न सिर्फ अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से घर में खुशी का माहौल है और बधाइयों का तांता लगा हुआ है। तपस्या ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, परिवारजनों और शिक्षकों को दिया। उनका कहना है कि लगातार मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन की बदौलत ही वे इस मुकाम तक पहुंच पाईं। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में सफल हुए अन्य विद्यार्थियों को भी शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की। तपस्या का सपना बड़ा है। वे आगे चलकर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर कलेक्टर बनना चाहती हैं। उनका कहना है कि प्रशासनिक सेवा में जाकर वे समाज के विकास और लोगों की सेवा के लिए काम करना चाहती हैं। तपस्या शर्मा की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि मेहनत और लगन से हर लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। उनकी सफलता आने वाले छात्रों के लिए प्रेरणा बन रही है।1
- झांसी- एकदम स्वस्थ बोलते, बतियाते युवक की 3 मिनट में मौत हो गयी 29 वर्षीय रेलकर्मी अजय कुशवाहा, जो झांसी के DRM ऑफिस में ड्राइवर थे, चाय लेने के दौरान अचानक गिर पड़े, करीब 3 मिनट तक तड़पने के बाद उनकी मौत हो गई मौके पर मौजूद लोगों ने इसे मिर्गी का दौरा समझकर गलत तरीके अपनाए, समय पर सही मदद नहीं मिल सकी घटना ने सीपीआर (कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन) की ट्रेनिंग की आवश्यकता को फिर उजागर किया, विशेषज्ञों के अनुसार सही समय पर सीपीआर से जान बचाई जा सकती थी1
- Post by GWALIOR PRAVAH NEWS1
- Post by Zassu2
- Post by AD SINGH DHAKAD1