उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के परसरा गाँव में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक भूमिधर स्वामी भैया लाल को अपनी ही जमीन पर निर्माण कार्य करवाने के दौरान दबंगों द्वारा परेशान किया जा रहा है। पीड़ित भैया लाल का आरोप है कि परसरा निवासी पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी जबरन उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, काम रुकवा दिया है और इसे अपनी जमीन बता रहे हैं। भैया लाल ने बताया कि यह मामला परसरा गाँव की गाटा संख्या 739 से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2003 में उत्तम कुमार पुत्तन से यह जमीन अपनी पत्नी रंजना देवी के नाम बैनामा करवाकर खरीदी थी। तब से वह उस जमीन पर बाउंड्री करवाकर किसानी कर रहे थे और अब उसी बाउंड्री के अंदर निर्माण कार्य करवा रहे हैं। आरोप है कि निर्माण शुरू होते ही पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी मौके पर पहुँच गए और जमीन को अपनी बताकर काम रुकवा दिया तथा जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। न्याय के लिए पीड़ित भैया लाल कौशाम्बी के जिला अधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक कई चक्कर लगा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की तरफ से उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। पीड़ित ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और विपक्षी दबंगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
उत्तर प्रदेश के कौशाम्बी जिले की चायल तहसील के परसरा गाँव में भूमि विवाद का एक मामला सामने आया है, जहाँ एक भूमिधर स्वामी भैया लाल को अपनी ही जमीन पर निर्माण कार्य करवाने के दौरान दबंगों द्वारा परेशान किया जा रहा है। पीड़ित भैया लाल का आरोप है कि परसरा निवासी पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी जबरन उनकी जमीन पर
कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं, काम रुकवा दिया है और इसे अपनी जमीन बता रहे हैं। भैया लाल ने बताया कि यह मामला परसरा गाँव की गाटा संख्या 739 से जुड़ा है। उन्होंने वर्ष 2003 में उत्तम कुमार पुत्तन से यह जमीन अपनी पत्नी रंजना देवी के नाम बैनामा करवाकर खरीदी थी। तब से वह उस जमीन पर बाउंड्री करवाकर
किसानी कर रहे थे और अब उसी बाउंड्री के अंदर निर्माण कार्य करवा रहे हैं। आरोप है कि निर्माण शुरू होते ही पंकज केसरवानी और कपिल केसरवानी मौके पर पहुँच गए और जमीन को अपनी बताकर काम रुकवा दिया तथा जबरन कब्जा करने की कोशिश कर रहे हैं। न्याय के लिए पीड़ित भैया लाल कौशाम्बी के जिला अधिकारी से लेकर पुलिस अधीक्षक
कार्यालय तक कई चक्कर लगा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को प्रार्थना पत्र भी दिए हैं, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। अधिकारियों की तरफ से उन्हें केवल आश्वासन ही मिल रहा है। पीड़ित ने सरकार से गुहार लगाई है कि उन्हें न्याय दिलाया जाए और विपक्षी दबंगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
- उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, जिसके बाद से यह चर्चा तेज है कि बसपा कितनी सीटें जीत पाएगी। इसी बीच, खबर है कि बसपा 'फर्स्ट 100' के दांव पर चलते हुए अपने 100 उम्मीदवारों की पहली सूची कभी भी जारी कर सकती है। यह संभव है कि बसपा सबसे पहले अपने उम्मीदवारों के टिकटों का ऐलान करे।1
- उत्तर प्रदेश के मंझनपुर में समाजवादी पार्टी ने महंगाई, भ्रष्टाचार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर एक बड़ा प्रदर्शन किया। इस 'हल्ला बोल' प्रदर्शन के माध्यम से पार्टी ने इन समस्याओं के खिलाफ अपनी आवाज़ उठाई।1
- उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में प्रकृति का प्रकोप देखने को मिला, जहाँ तेज़ आंधी-तूफान के कारण एक विशाल पेड़ गिर गया और कई बिजली के खंभे भी उखड़ गए। इस घटना से सड़क पूरी तरह से अवरुद्ध हो गई, जिससे आवागमन प्रभावित हुआ। स्थिति इतनी गंभीर थी कि कौशांबी पुलिस को भी संज्ञान लेना पड़ा।1
- देवप्रयाग में बंजी जंपिंग के दौरान पेट दर्द, बाहर आया तो सांसें उखड़ी, मौत की एडवेंचर जंप!1
- सजा-ए-मौत मिलने का पता पहले से था मुझको। मैं कातिल हीं नही था जब, तो फैसला और क्या होता। जियो तिवारी, जनेऊधारी।💐🙏 #ब्राह्मण_विरोधी_बीजेपी #justice4bharatbhushantiwari1
- कौशांबी जिले के सराय अकील थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें बालू खनन के बाद बने पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो मासूम चचेरे भाइयों, 8 वर्षीय आदित्य और 6 वर्षीय दिव्यांशु की मौत हो गई। दोनों बच्चे नेवादा चौराहे के पास खेलते-खेलते इस गड्ढे के करीब पहुँच गए और दुर्घटना का शिकार हो गए। ग्रामीणों ने उन्हें बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। मृतक आदित्य अपने पिता राकेश और दिव्यांशु अपने पिता राजेश के इकलौते बेटे थे। एक ही परिवार के इन दोनों इकलौते बच्चों की मौत से पूरे गांव में गहरा शोक है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने खनन स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी के लिए प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि गहरे गड्ढों के आसपास न तो कोई बैरिकेडिंग की गई थी और न ही कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया था। ग्रामीणों ने प्रशासन से इस मामले में जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने और भविष्य में ऐसी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए पुख्ता सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- कौशांबी जिले के प्रमुख तीर्थ स्थल शक्तिपीठ कड़ा धाम में बुधवार को हुई तेज बारिश ने जिला प्रशासन के दावों की पोल खोल दी है। कड़ा के कुबरी घाट पर एक गंदा नाला सीधे गंगा नदी में मिल रहा है। इस नाले के पानी के साथ कड़ा क्षेत्र का कूड़ा-कचरा भी सीधे गंगा जी में गिर रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कितना गंदा पानी और कचरा नाले के माध्यम से बहकर गंगा में जा रहा है। जिला प्रशासन भले ही कागजों में माँ गंगा को स्वच्छ रखने के कितने भी दावे करे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।2