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करमचंदपुर गौशाला में फिर वायरल तस्वीरें: कीचड़ में खड़ी गायें और सूखा भूसा, जिम्मेदारों की निगरानी पर बड़े सवाल बार-बार वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद भी हालात क्यों नहीं बदले? जांच से पहले सवाल उठाने वाले पर कार्रवाई के आरोपों ने बढ़ाई बहस कदौरा, जालौन ग्राम पंचायत करमचंदपुर की गौशाला एक बार फिर वायरल वीडियो और तस्वीरों को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की जीपीएस लोकेशन के साथ कुछ वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें बारिश के बीच गौवंश के कीचड़ में खड़े होने तथा सूखा भूसा खाने की स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यदि वायरल सामग्री उसी गौशाला की है और उसमें दिखाई जा रही स्थिति वास्तविक है, तो मामला केवल एक गौशाला का नहीं बल्कि गौशालाओं की निगरानी, चारा व्यवस्था, साफ-सफाई और जिम्मेदार अधिकारियों के निरीक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक बार नहीं, बार-बार वायरल होने का दावा ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि करमचंदपुर गौशाला से संबंधित वीडियो और फोटो पहले भी कई बार सोशल मीडिया पर सामने आ चुके हैं। आरोप है कि बारिश के दौरान गौवंश को कीचड़ में खड़े रहने की स्थिति दिखाई गई और चारे की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। अब सवाल सीधा है— यदि शिकायतें और तस्वीरें बार-बार सामने आईं, तो सुधार क्यों नहीं हुआ? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति देखी? क्या गौशाला का नियमित निरीक्षण किया गया? क्या वहां उपलब्ध भूसे और चारे का सत्यापन हुआ? क्या बारिश से पहले जल निकासी और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की गई? अगर इन सवालों के जवाब रिकॉर्ड में हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया जाना चाहिए। कीचड़ में खड़ी गायें आखिर कहां बैठें? बारिश के मौसम में गौशाला परिसर में पानी और कीचड़ की स्थिति होना गौवंश के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यदि वायरल तस्वीरें वास्तविक हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि गौवंश के बैठने के लिए सूखा और सुरक्षित स्थान उपलब्ध है या नहीं? इंसान कुछ देर कीचड़ में खड़ा होकर परेशान हो जाता है, तो बेजुबान पशुओं की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। जिसे बोलना नहीं आता, उसकी तकलीफ कौन बताएगा, गौशाला में कीचड़ हो तो सवाल कौन उठाएगा? सूखा भूसा ही चारे की पूरी व्यवस्था है? वायरल सामग्री में सूखा भूसा दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। यहां भी जांच की जरूरत है कि गौशाला में नियमित रूप से पर्याप्त हरा चारा, भूसा, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं या नहीं। केवल कागजों में चारा उपलब्ध होना और मौके पर पशुओं को पर्याप्त चारा मिलना—दो अलग-अलग बातें हैं। इसलिए अधिकारियों को चाहिए कि रिकॉर्ड की जांच के साथ-साथ मौके पर वास्तविक स्टॉक, पशुओं की संख्या और प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे चारे का भौतिक सत्यापन कराएं। खबर सामने आने पर पत्रकार पर मुकदमे का आरोप मामले का दूसरा पहलू भी चर्चा में है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के मुताबिक गौशाला की कथित अव्यवस्थाओं से संबंधित खबरें सोशल मीडिया पर प्रकाशित होने के बाद एक पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। यह आरोप भी सामने आया है कि कार्रवाई से पहले पूरे मामले की पर्याप्त जांच-पड़ताल नहीं की गई। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। लेकिन इससे एक व्यापक सवाल जरूर पैदा होता है— क्या किसी सरकारी व्यवस्था की कमियां दिखाना अपने आप में अपराध है? यदि किसी पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं तो जांच कर तथ्य सामने लाए जाएं। यदि आरोप सही हैं तो व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी तय हो। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोप, जांच और जवाब—तीनों का अपना महत्व है। तीन लोगों पर कार्रवाई, लेकिन गौशाला की स्थिति पर जवाब कौन देगा? स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि गौशाला की कथित अनियमितताओं को लेकर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो सवाल यह है कि मुकदमे से अलग गौशाला की मूल समस्या पर क्या कार्रवाई हुई? क्योंकि किसी शिकायतकर्ता, पत्रकार या ग्रामीण पर कार्रवाई होने से गौशाला में मौजूद कथित समस्या अपने आप खत्म नहीं हो जाती। अगर गौशाला में व्यवस्था ठीक है तो मौके का सत्यापन कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अगर व्यवस्था खराब है तो जिम्मेदारी तय कर सुधार कराया जाए। कदौरा की दूसरी गौशालाओं पर भी नजर जरूरी करमचंदपुर के अलावा कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में संचालित गौशालाओं की स्थिति की भी जांच जरूरी है। क्या सभी गौशालाओं में पर्याप्त चारा है? क्या पीने का पानी उपलब्ध है? क्या बारिश से बचाव की व्यवस्था है? क्या जल निकासी ठीक है? क्या पशुओं के बैठने के लिए सूखी जगह है? क्या गौशालाओं का नियमित निरीक्षण होता है? इन सवालों का जवाब केवल फाइलों से नहीं, मौके की जांच से मिलना चाहिए। फाइलों में व्यवस्था हो तो तस्वीरें क्यों चीखती हैं, जिम्मेदार जागते हों तो शिकायतें बार-बार क्यों दिखती हैं? जीपीएस लोकेशन वाले वीडियो की जांच हो तो तस्वीर साफ होगी चूंकि वायरल सामग्री में जीपीएस लोकेशन होने का दावा किया जा रहा है, इसलिए संबंधित विभाग चाहे तो वीडियो और फोटो की सत्यता, स्थान और समय की जांच कर सकता है। इसके बाद यह स्पष्ट किया जा सकता है कि वायरल सामग्री कब और कहां की है तथा उसमें दिखाई गई स्थिति वर्तमान है या पुरानी। यह जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि सही तथ्य सामने आएं और किसी निर्दोष व्यक्ति पर गलत आरोप न लगे। अधिकारियों से जनता के सीधे सवाल 1. करमचंदपुर गौशाला का अंतिम निरीक्षण कब हुआ? 2. निरीक्षण रिपोर्ट में क्या स्थिति दर्ज की गई? 3. गौशाला में कितने गौवंश दर्ज हैं और मौके पर कितने मिले? 4. प्रतिदिन कितना चारा उपलब्ध कराया जा रहा है? 5. बारिश में जलनिकासी और पशुओं के बैठने की क्या व्यवस्था है? 6. वायरल वीडियो और फोटो की जांच कराई गई या नहीं? 7. यदि पहले भी शिकायतें मिली थीं तो सुधारात्मक कार्रवाई क्या हुई? 8. पत्रकार के खिलाफ दर्ज मुकदमे के मामले में क्या स्वतंत्र जांच हुई? 9. कदौरा ब्लॉक की अन्य गौशालाओं का भी इसी तरह भौतिक सत्यापन कब होगा? आखिर बेजुबान कब तक भुगतेगा? गौशाला का उद्देश्य केवल गौवंश को एक परिसर में रखना नहीं, बल्कि उनके भोजन, पानी, आश्रय और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यदि वायरल तस्वीरें गलत हैं तो जांच से सच सामने आना चाहिए। यदि तस्वीरें सही हैं तो जिम्मेदारों को जवाब देना चाहिए। सवाल किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, व्यवस्था से है। बेजुबान की आंखों में भी दर्द दिखाई देता है, बस फर्क इतना है—वह अपनी फरियाद लिख नहीं सकता। अब देखना यह है कि वायरल तस्वीरों के बाद भी मामला केवल सोशल मीडिया की सुर्खियों तक सीमित रहता है या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं। नोट: यह खबर वायरल वीडियो, वायरल फोटो और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बताए गए दावों के आधार पर तैयार की गई है। प्रस्तुत आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

2 hrs ago
user_सोनू महाराज पत्रकार
सोनू महाराज पत्रकार
कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago
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करमचंदपुर गौशाला में फिर वायरल तस्वीरें: कीचड़ में खड़ी गायें और सूखा भूसा, जिम्मेदारों की निगरानी पर बड़े सवाल बार-बार वीडियो और फोटो वायरल होने के बाद भी हालात क्यों नहीं बदले? जांच से पहले सवाल उठाने वाले पर कार्रवाई के आरोपों ने बढ़ाई बहस कदौरा, जालौन ग्राम पंचायत करमचंदपुर की गौशाला एक बार फिर वायरल वीडियो और तस्वीरों को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों के अनुसार गौशाला की जीपीएस लोकेशन के साथ कुछ वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें बारिश के बीच गौवंश के कीचड़ में खड़े होने तथा सूखा भूसा खाने की स्थिति दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। इन तस्वीरों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन यदि वायरल सामग्री उसी गौशाला की है और उसमें दिखाई जा रही स्थिति वास्तविक है, तो मामला केवल एक गौशाला का नहीं बल्कि गौशालाओं की निगरानी, चारा व्यवस्था, साफ-सफाई और जिम्मेदार अधिकारियों के निरीक्षण पर गंभीर सवाल खड़े करता है। एक बार नहीं, बार-बार वायरल होने का दावा ग्रामीणों और स्थानीय लोगों का कहना है कि करमचंदपुर गौशाला से संबंधित वीडियो और फोटो पहले भी कई बार सोशल मीडिया पर सामने आ चुके हैं। आरोप है कि बारिश के दौरान गौवंश को कीचड़ में खड़े रहने की स्थिति दिखाई गई और चारे की व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे। अब सवाल सीधा है— यदि शिकायतें और तस्वीरें बार-बार सामने आईं, तो सुधार क्यों नहीं हुआ? क्या जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर जाकर स्थिति देखी? क्या गौशाला का नियमित निरीक्षण किया गया? क्या वहां उपलब्ध भूसे और चारे का सत्यापन हुआ? क्या बारिश से पहले जल निकासी और सुरक्षित स्थान की व्यवस्था की गई? अगर इन सवालों के जवाब रिकॉर्ड में हैं तो उन्हें सार्वजनिक किया

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जाना चाहिए। कीचड़ में खड़ी गायें आखिर कहां बैठें? बारिश के मौसम में गौशाला परिसर में पानी और कीचड़ की स्थिति होना गौवंश के लिए परेशानी का कारण बन सकता है। यदि वायरल तस्वीरें वास्तविक हैं तो सबसे बड़ा सवाल यही है कि गौवंश के बैठने के लिए सूखा और सुरक्षित स्थान उपलब्ध है या नहीं? इंसान कुछ देर कीचड़ में खड़ा होकर परेशान हो जाता है, तो बेजुबान पशुओं की स्थिति की कल्पना की जा सकती है। जिसे बोलना नहीं आता, उसकी तकलीफ कौन बताएगा, गौशाला में कीचड़ हो तो सवाल कौन उठाएगा? सूखा भूसा ही चारे की पूरी व्यवस्था है? वायरल सामग्री में सूखा भूसा दिखाई देने का दावा किया जा रहा है। यहां भी जांच की जरूरत है कि गौशाला में नियमित रूप से पर्याप्त हरा चारा, भूसा, पानी और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं या नहीं। केवल कागजों में चारा उपलब्ध होना और मौके पर पशुओं को पर्याप्त चारा मिलना—दो अलग-अलग बातें हैं। इसलिए अधिकारियों को चाहिए कि रिकॉर्ड की जांच के साथ-साथ मौके पर वास्तविक स्टॉक, पशुओं की संख्या और प्रतिदिन उपलब्ध कराए जा रहे चारे का भौतिक सत्यापन कराएं। खबर सामने आने पर पत्रकार पर मुकदमे का आरोप मामले का दूसरा पहलू भी चर्चा में है। ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के मुताबिक गौशाला की कथित अव्यवस्थाओं से संबंधित खबरें सोशल मीडिया पर प्रकाशित होने के बाद एक पत्रकार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। यह आरोप भी सामने आया है कि कार्रवाई से पहले पूरे मामले की पर्याप्त जांच-पड़ताल नहीं की गई। इन आरोपों की भी स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है। लेकिन इससे एक व्यापक सवाल जरूर पैदा होता है— क्या किसी सरकारी व्यवस्था की कमियां दिखाना अपने आप में अपराध है? यदि किसी पत्रकार द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं तो

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जांच कर तथ्य सामने लाए जाएं। यदि आरोप सही हैं तो व्यवस्था सुधारने की जिम्मेदारी तय हो। लोकतांत्रिक व्यवस्था में आरोप, जांच और जवाब—तीनों का अपना महत्व है। तीन लोगों पर कार्रवाई, लेकिन गौशाला की स्थिति पर जवाब कौन देगा? स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि गौशाला की कथित अनियमितताओं को लेकर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। यदि वास्तव में ऐसा हुआ है तो सवाल यह है कि मुकदमे से अलग गौशाला की मूल समस्या पर क्या कार्रवाई हुई? क्योंकि किसी शिकायतकर्ता, पत्रकार या ग्रामीण पर कार्रवाई होने से गौशाला में मौजूद कथित समस्या अपने आप खत्म नहीं हो जाती। अगर गौशाला में व्यवस्था ठीक है तो मौके का सत्यापन कराकर रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। अगर व्यवस्था खराब है तो जिम्मेदारी तय कर सुधार कराया जाए। कदौरा की दूसरी गौशालाओं पर भी नजर जरूरी करमचंदपुर के अलावा कदौरा ब्लॉक की अन्य ग्राम पंचायतों में संचालित गौशालाओं की स्थिति की भी जांच जरूरी है। क्या सभी गौशालाओं में पर्याप्त चारा है? क्या पीने का पानी उपलब्ध है? क्या बारिश से बचाव की व्यवस्था है? क्या जल निकासी ठीक है? क्या पशुओं के बैठने के लिए सूखी जगह है? क्या गौशालाओं का नियमित निरीक्षण होता है? इन सवालों का जवाब केवल फाइलों से नहीं, मौके की जांच से मिलना चाहिए। फाइलों में व्यवस्था हो तो तस्वीरें क्यों चीखती हैं, जिम्मेदार जागते हों तो शिकायतें बार-बार क्यों दिखती हैं? जीपीएस लोकेशन वाले वीडियो की जांच हो तो तस्वीर साफ होगी चूंकि वायरल सामग्री में जीपीएस लोकेशन होने का दावा किया जा रहा है, इसलिए संबंधित विभाग चाहे तो वीडियो और फोटो की सत्यता, स्थान और समय की जांच कर सकता है। इसके बाद यह स्पष्ट किया जा सकता है कि वायरल सामग्री कब और कहां

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की है तथा उसमें दिखाई गई स्थिति वर्तमान है या पुरानी। यह जांच इसलिए भी जरूरी है ताकि सही तथ्य सामने आएं और किसी निर्दोष व्यक्ति पर गलत आरोप न लगे। अधिकारियों से जनता के सीधे सवाल 1. करमचंदपुर गौशाला का अंतिम निरीक्षण कब हुआ? 2. निरीक्षण रिपोर्ट में क्या स्थिति दर्ज की गई? 3. गौशाला में कितने गौवंश दर्ज हैं और मौके पर कितने मिले? 4. प्रतिदिन कितना चारा उपलब्ध कराया जा रहा है? 5. बारिश में जलनिकासी और पशुओं के बैठने की क्या व्यवस्था है? 6. वायरल वीडियो और फोटो की जांच कराई गई या नहीं? 7. यदि पहले भी शिकायतें मिली थीं तो सुधारात्मक कार्रवाई क्या हुई? 8. पत्रकार के खिलाफ दर्ज मुकदमे के मामले में क्या स्वतंत्र जांच हुई? 9. कदौरा ब्लॉक की अन्य गौशालाओं का भी इसी तरह भौतिक सत्यापन कब होगा? आखिर बेजुबान कब तक भुगतेगा? गौशाला का उद्देश्य केवल गौवंश को एक परिसर में रखना नहीं, बल्कि उनके भोजन, पानी, आश्रय और देखभाल की व्यवस्था सुनिश्चित करना है। यदि वायरल तस्वीरें गलत हैं तो जांच से सच सामने आना चाहिए। यदि तस्वीरें सही हैं तो जिम्मेदारों को जवाब देना चाहिए। सवाल किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, व्यवस्था से है। बेजुबान की आंखों में भी दर्द दिखाई देता है, बस फर्क इतना है—वह अपनी फरियाद लिख नहीं सकता। अब देखना यह है कि वायरल तस्वीरों के बाद भी मामला केवल सोशल मीडिया की सुर्खियों तक सीमित रहता है या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच कराते हैं। नोट: यह खबर वायरल वीडियो, वायरल फोटो और स्थानीय ग्रामीणों द्वारा बताए गए दावों के आधार पर तैयार की गई है। प्रस्तुत आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। संबंधित पक्ष का आधिकारिक बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाना चाहिए।

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  • जालौन में रेलवे स्टेशन पर जान जोखिम में डालकर यात्री पार कर रहे पटरी जालौन में रेलवे स्टेशन पर जान जोखिम में डालकर यात्री पार कर रहे पटरी ब्रिज से जाने के बजाय यात्री प्लेटफार्म पर जाने के लिए पार कर रहे पटरी रेलवे स्टेशन पर पटरी पार कर रहे यात्रियों का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल जीआरपी थाना पुलिस की अनदेखी और यात्रियों की लापरवाही आ रही नजर जालौन के कालपी कोतवाली क्षेत्र के कालपी रेलवे स्टेशन का मामला
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    जालौन में रेलवे स्टेशन पर जान जोखिम में डालकर यात्री पार कर रहे पटरी
जालौन में रेलवे स्टेशन पर जान जोखिम में डालकर यात्री पार कर रहे पटरी
ब्रिज से जाने के बजाय यात्री प्लेटफार्म पर जाने के लिए पार कर रहे पटरी
रेलवे स्टेशन पर पटरी पार कर रहे यात्रियों का वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
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    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    45 min ago
  • सीएमओ का सीएचसी रामपुरा में औचक निरीक्षण, अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जताया संतोष—चिकित्सा अधीक्षक की कार्यशैली की भी की प्रशंसा सीएमओ ने सीएचसी रामपुरा का किया औचक निरीक्षण रामपुरा, जालौन। सीएमओ ने बुधवार को सीएचसी रामपुरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ओपीडी, दवा वितरण, पैथोलॉजी, वार्ड और लेबर रूम समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया गया। अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद मिले। सीएमओ ने दो मरीजों को स्वयं देखा और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह राजपूत की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश दिए।
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    सीएमओ का सीएचसी रामपुरा में औचक निरीक्षण, अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जताया संतोष—चिकित्सा अधीक्षक की कार्यशैली की भी की प्रशंसा
सीएमओ ने सीएचसी रामपुरा का किया औचक निरीक्षण
रामपुरा, जालौन। सीएमओ ने बुधवार को सीएचसी रामपुरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ओपीडी, दवा वितरण, पैथोलॉजी, वार्ड और लेबर रूम समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया गया। अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद मिले।
सीएमओ ने दो मरीजों को स्वयं देखा और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह राजपूत की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश दिए।
    user_पत्रकार विकाश सिंह
    पत्रकार विकाश सिंह
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ये कोई फिल्मी सीन नहीं, नेपाल में आई बाढ़ से होने वाली तबाही का नज़ारा है, जो बेहद ख़ौफ़नाक मंजर दिख रहा है,एक के बाद एक पुल टकराकर बह गए। ये कोई फिल्मी सीन नहीं, नेपाल में आई बाढ़ से होने वाली तबाही का नज़ारा है, जो बेहद ख़ौफ़नाक मंजर दिख रहा है,एक के बाद एक पुल टकराकर बह गए हजारों लोगों का आसियाना उजाड़ गया हजारों लोग अभी भी लापता हैं!
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    ये कोई फिल्मी सीन नहीं, नेपाल में आई बाढ़ से होने वाली तबाही का नज़ारा है, जो बेहद ख़ौफ़नाक मंजर दिख रहा है,एक के बाद एक पुल टकराकर बह गए।
ये कोई फिल्मी सीन नहीं, नेपाल में आई बाढ़ से होने वाली तबाही का नज़ारा है, जो बेहद ख़ौफ़नाक मंजर दिख रहा है,एक के बाद एक पुल टकराकर बह गए हजारों लोगों का आसियाना उजाड़ गया हजारों लोग अभी भी लापता हैं!
    user_Radha Kishan
    Radha Kishan
    अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस बड़ी धूमधाम से निकला, सुरक्षा में पुलिस बल तैनात कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ बड़ी धूमधाम से निकाला गया।जुलूस में छोटे -छोटे बच्चों व युवाओं ने अपने हाथों में इस्लामी झंडा थामे जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया।।इस अवसर सैनूर अहमद, मुस्तफा, मो0 शाहिद, जाकिर,नौशाद, अच्चु,अलमास, ऐनुल, हाफिज तौहीद, मुजीब आदि रहे।सुरक्षा के दृष्टि से चौकी इंचार्ज विनोद कुमार, सिपाही सुधीर छौकर व अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।
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    कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस बड़ी धूमधाम से निकला, सुरक्षा में पुलिस बल तैनात
कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ बड़ी धूमधाम से निकाला गया।जुलूस में छोटे -छोटे बच्चों व युवाओं ने अपने हाथों में इस्लामी झंडा थामे जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया।।इस अवसर सैनूर अहमद, मुस्तफा, मो0 शाहिद, जाकिर,नौशाद, अच्चु,अलमास, ऐनुल, हाफिज तौहीद, मुजीब आदि रहे।सुरक्षा के दृष्टि से चौकी इंचार्ज विनोद कुमार, सिपाही सुधीर छौकर व अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।
    user_Arvind sharma kanpur dehat
    Arvind sharma kanpur dehat
    Local News Reporter अकबरपुर, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • बारिश के मौसम में हवासपुर सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोजाना पहुंच रहे 150 से 160 मरीज बारिश के मौसम में हवासपुर सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोजाना पहुंच रहे 150 से 160 मरीज बारिश के मौसम में बदलते तापमान और मौसम में नमी के चलते मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। इसका सीधा असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हवासपुर की ओपीडी पर देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में जहां स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन करीब 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे, वहीं बारिश के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 150 से 160 प्रतिदिन पहुंच गई है। इन दिनों अस्पताल में सबसे अधिक खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में भी पहले की अपेक्षा अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बारिश में भीगने से बचने, साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी का समय दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे मौजूद चिकित्सक डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में जहां 60-70 मरीज ओपीडी में आते थे, वहीं वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 150-160 मरीज प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी-जुकाम अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें और समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
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    बारिश के मौसम में हवासपुर सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोजाना पहुंच रहे 150 से 160 मरीज

बारिश के मौसम में हवासपुर सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोजाना पहुंच रहे 150 से 160 मरीज
बारिश के मौसम में बदलते तापमान और मौसम में नमी के चलते मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। इसका सीधा असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हवासपुर की ओपीडी पर देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में जहां स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन करीब 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे, वहीं बारिश के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 150 से 160 प्रतिदिन पहुंच गई है।
इन दिनों अस्पताल में सबसे अधिक खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में भी पहले की अपेक्षा अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बारिश में भीगने से बचने, साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी का समय दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे मौजूद चिकित्सक डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में जहां 60-70 मरीज ओपीडी में आते थे, वहीं वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 150-160 मरीज प्रतिदिन हो गई है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी-जुकाम अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें और समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लें।
    user_भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    भानु प्रताप सिंह कानपुर देहात
    संवाददाता कानपुर देहात सिकंदरा, कानपुर देहात, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जालौन में लगातार हो रही बारिश से गिरी मंदिर की दीवार। जालौन में लगातार हो रही बारिश से गिरी मंदिर की दीवार भारी बारिश से मंदिर की दीवार भरभरा कर कार पर गिरी दीवार का मलबा गिरने से बाहर खड़ी कार दबकर हुई क्षतिग्रस्त गनीमत रही हादसे के समय कार में नहीं था कोई अंदर मौजूद जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के रामजानकी मंदिर का
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    जालौन  में लगातार हो रही बारिश से गिरी मंदिर की दीवार। 
जालौन में लगातार हो रही बारिश से गिरी मंदिर की दीवार
भारी बारिश से मंदिर की दीवार भरभरा कर कार पर गिरी
दीवार का मलबा गिरने से बाहर खड़ी कार दबकर हुई क्षतिग्रस्त
गनीमत रही हादसे के समय कार में नहीं था कोई अंदर मौजूद
जालौन के कोंच कोतवाली क्षेत्र के रामजानकी मंदिर का
    user_Dev Patel
    Dev Patel
    Local News Reporter कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    52 min ago
  • पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार बोलेरो से कुचलकर मौत का आरोप, पत्नी ने कुठौंद पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र के लोहई दिवारा गांव निवासी वीनू तिवारी ने अपने पति विनय कुमार तिवारी की मौत को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्टहाउस के सामने से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते बोलेरो सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें वाहन से टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अगले हिस्से में फंस गए और उन्हें कुछ दूरी तक घसीटा गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद कुठौंद थाने में शिकायत की गई, लेकिन उसकी शिकायत के अनुरूप हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल पीड़िता की शिकायत के बाद कई सवाल सामने खड़े हैं— अगर वाहन से कुचलने के आरोप के बाद घायल की मौत हुई तो मामले की धाराओं पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? क्या घटनास्थल से लेकर बस स्टैंड तक CCTV फुटेज की जांच हुई? क्या बोलेरो को कब्जे में लेकर तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई गई? क्या मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई गई? क्या नामजद आरोपियों से निष्पक्ष पूछताछ हुई? वीनू तिवारी ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जिसके घर का चिराग बुझा, वो इंसाफ की गुहार लगा रही है, अब सवाल ये है—कानून की कलम कब सच के साथ खड़ी होगी? #जालौन #उरई #कुठौंद #लोहईदिवारा #कुठौंदपुलिस #विनयकुमारतिवारी #वीनूतिवारी #न्यायकीगुहार #हत्या_का_आरोप #बोलेरो_कांड #पुलिसपरसवाल #डीएमजालौन #एसपीजालौन #पुलिसकार्रवाई #JalaunNews #BreakingNews #उत्तरप्रदेशपुलिस #कानूनव्यवस्था #जालौन #कुठौंद #कुठौंदपुलिस #विनयकुमार #वीनूतिवारी #न्यायकीगुहार #पुलिसपरसवाल #हत्या_का_आरोप #बोलेरो_कांड #पुलिसकार्रवाई #DGP #SPJalaun
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    पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार

बोलेरो से कुचलकर मौत का आरोप, पत्नी ने कुठौंद पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र के लोहई दिवारा गांव निवासी वीनू तिवारी ने अपने पति विनय कुमार तिवारी की मौत को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है।
पीड़िता ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्टहाउस के सामने से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। 
आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते बोलेरो सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें वाहन से टक्कर मार दी। 
शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अगले हिस्से में फंस गए और उन्हें कुछ दूरी तक घसीटा गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद कुठौंद थाने में शिकायत की गई, लेकिन उसकी शिकायत के अनुरूप हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल
पीड़िता की शिकायत के बाद कई सवाल सामने खड़े हैं—
अगर वाहन से कुचलने के आरोप के बाद घायल की मौत हुई तो मामले की धाराओं पर सवाल क्यों उठ रहे हैं?
क्या घटनास्थल से लेकर बस स्टैंड तक CCTV फुटेज की जांच हुई?
क्या बोलेरो को कब्जे में लेकर तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई गई?
क्या मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई गई?
क्या नामजद आरोपियों से निष्पक्ष पूछताछ हुई?
वीनू तिवारी ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 
हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
जिसके घर का चिराग बुझा, वो इंसाफ की गुहार लगा रही है,
अब सवाल ये है—कानून की कलम कब सच के साथ खड़ी होगी?
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    user_सोनू महाराज पत्रकार
    सोनू महाराज पत्रकार
    कालपी, जालौन, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, राजपुर पुलिस ने की कार्रवाई कानपुर देहात थाना राजपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में वांछित 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि वादिनी ने दिनांक 23.08.2026 को थाना राजपुर पर तहरीर देकर आरोप लगाया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मु0अ0सं0 096/2026 धारा 137(2)/64(1) बीएनएस व 3/4 पॉक्सो एक्ट व 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। थाना राजपुर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 24.08.2026 को दोनों अभियुक्तों रवि नायक पुत्र चन्द्रपाल सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट ,राममूरत पुत्र रामस्वरूप उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट पुलिस ने बताया कि अभियुक्त रवि नायक को ग्राम मुबारकपुर रोड से बदनपुर को जाने वाले इंटरलॉकिंग रोड पर बने बजरंगबली मंदिर के पास से, जबकि राममूरत को सलेमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। *गिरफ्तारी करने वाली टीम:* उ0नि0 नीरज कुमार, हे0का0 प्रदीप कुमार, हे0का0 योगेन्द्र कुमार, रि0का0 उदयवीर सिंह।
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    नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, राजपुर पुलिस ने की कार्रवाई
कानपुर देहात थाना राजपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में वांछित 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि वादिनी ने दिनांक 23.08.2026 को थाना राजपुर पर तहरीर देकर आरोप लगाया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मु0अ0सं0 096/2026 धारा 137(2)/64(1) बीएनएस व 3/4 पॉक्सो एक्ट व 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
थाना राजपुर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 24.08.2026 को दोनों अभियुक्तों रवि नायक पुत्र चन्द्रपाल सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट
,राममूरत पुत्र रामस्वरूप उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट
पुलिस ने बताया कि अभियुक्त रवि नायक को ग्राम मुबारकपुर रोड से बदनपुर को जाने वाले इंटरलॉकिंग रोड पर बने बजरंगबली मंदिर के पास से, जबकि राममूरत को सलेमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
*गिरफ्तारी करने वाली टीम:*
उ0नि0 नीरज कुमार, हे0का0 प्रदीप कुमार, हे0का0 योगेन्द्र कुमार, रि0का0 उदयवीर सिंह।
    user_Vikash katiyar
    Vikash katiyar
    Local News Reporter Akbarpur, Kanpur Dehat•
    22 hrs ago
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