एएसआई हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद, तीन महिला समेत पांच पुरुषों को आजीवन कारावास मुंगेर: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन वर्ष 2025 में डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें तीन महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। करीब डेढ़ साल बाद मामले में फैसला आया है। एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने 24 अगस्त को सुनवाई पूरी करने के बाद राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को दोषी करार दिया था। सोमवार को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मामला 14 मार्च 2025 का है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना पर एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्षों को फिर विवाद करते देखा गया। संतोष कुमार सिंह एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद आठों आरोपियों ने एकजुट होकर लोहे की रड, दबिया, हुक और लात-मुक्के से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राज्य की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि मामले को त्वरित विचारण में रखा गया था। पुलिस की तत्परता और गवाहों की समय पर पेशी से सुनवाई पूरी कर मृतक के परिजनों को न्याय दिलाना संभव हुआ। एएसआई हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद, तीन महिला समेत पांच पुरुषों को आजीवन कारावास मुंगेर: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन वर्ष 2025 में डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें तीन महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। करीब डेढ़ साल बाद मामले में फैसला आया है। एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने 24 अगस्त को सुनवाई पूरी करने के बाद राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को दोषी करार दिया था। सोमवार को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मामला 14 मार्च 2025 का है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना पर एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्षों को फिर विवाद करते देखा गया। संतोष कुमार सिंह एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद आठों आरोपियों ने एकजुट होकर लोहे की रड, दबिया, हुक और लात-मुक्के से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राज्य की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि मामले को त्वरित विचारण में रखा गया था। पुलिस की तत्परता और गवाहों की समय पर पेशी से सुनवाई पूरी कर मृतक के परिजनों को न्याय दिलाना संभव हुआ।
एएसआई हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद, तीन महिला समेत पांच पुरुषों को आजीवन कारावास मुंगेर: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन वर्ष 2025 में डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें तीन महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। करीब डेढ़ साल बाद मामले में फैसला आया है। एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने 24 अगस्त को सुनवाई पूरी करने के बाद राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को दोषी करार दिया था। सोमवार को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मामला 14 मार्च 2025 का है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना पर एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्षों को फिर विवाद करते देखा गया। संतोष कुमार सिंह एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद आठों आरोपियों ने एकजुट होकर लोहे की रड, दबिया, हुक और लात-मुक्के से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राज्य की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि मामले को त्वरित विचारण में रखा गया था। पुलिस की तत्परता और गवाहों की समय पर पेशी से सुनवाई पूरी कर मृतक के परिजनों को न्याय दिलाना संभव हुआ। एएसआई हत्याकांड में आठ दोषियों को उम्रकैद, तीन महिला समेत पांच पुरुषों को आजीवन कारावास मुंगेर: मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने होली के दिन वर्ष 2025 में डायल-112 के पुलिस पदाधिकारी सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) संतोष कुमार सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने आठ दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इनमें तीन महिलाएं और पांच पुरुष शामिल हैं। अदालत ने सभी दोषियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा भुगतनी होगी। करीब डेढ़ साल बाद मामले में फैसला आया है। एडीजे चतुर्थ कुमारी मनीषा की अदालत ने 24 अगस्त को सुनवाई पूरी करने के बाद राजीव कुमार, रणवीर कुमार, राजू कुमार, गुड्डू कुमार, विकास कुमार, रेखा देवी, सरिता देवी और मौसम कुमारी को दोषी करार दिया था। सोमवार को सभी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। मामला 14 मार्च 2025 का है। दोपहर करीब 2:05 बजे नंदलालपुर स्थित एलआईसी कार्यालय के सामने दो पक्षों के बीच विवाद और मारपीट की सूचना पर एएसआई संतोष कुमार सिंह सिपाही दीपक कुमार के साथ पहुंचे थे। पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। शाम करीब 7:30 बजे गश्ती के दौरान दोनों पक्षों को फिर विवाद करते देखा गया। संतोष कुमार सिंह एक पक्ष को समझाने के बाद दूसरे पक्ष के आंगन में पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद आठों आरोपियों ने एकजुट होकर लोहे की रड, दबिया, हुक और लात-मुक्के से उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल संतोष कुमार सिंह को इलाज के लिए पटना के पारस अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई। सिपाही दीपक कुमार की सूचना पर मुफस्सिल थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। राज्य की ओर से लोक अभियोजक संजय कुमार सिंह ने बताया कि सभी दोषी एक ही परिवार के सदस्य हैं। उन्होंने कहा कि मामले को त्वरित विचारण में रखा गया था। पुलिस की तत्परता और गवाहों की समय पर पेशी से सुनवाई पूरी कर मृतक के परिजनों को न्याय दिलाना संभव हुआ।
- श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह ज्ञान यज्ञ 11 से 18 सितम्बर रेलवे सार्वजनिक दुर्गा मंदिर में होगा संपन्न मानव विचार महासंघ के सौजन्य से रेलवे सार्वजनिक दुर्गा मंदिर ईस्ट कॉलोनी में कार्यक्रम होगा संपन्न श्रीधाम वृंदावन से आए श्री अनुराग दास जी महाराज भागवत ज्ञान की करेंगे अमृत वर्षा1
- कृष्ण जन्मोत्सव के मौके पर संस्कार भारती ने झांकी निकाली।1
- पुल-पुलिया तक पहुंचा बाढ़ का पानी, जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर हाई अलर्ट, रेलवे ट्रैक के दोनों किनारे पानी,मालदा रेल मंडल ने मानसून पेट्रोलिंग किया तेज पुल-पुलिया तक पहुंचा बाढ़ का पानी, जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर हाई अलर्ट, रेलवे ट्रैक के दोनों किनारे पानी,मालदा रेल मंडल ने मानसून पेट्रोलिंग किया तेज1
- बाढ़ प्रभावित के बीच समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार यादव ने बांटा सुखा राशन हर संभव मदद का दिलाया भरोसा। गोगरी। गोगरी पंचायत क्षेत्र में बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए मंगलवार को समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार यादव आगे आए। उन्होंने बाढ़ प्रभावित इलाकों में पहुंचकर जरूरतमंद परिवारों के बीच सूखा राशन का वितरण किया। राहत सामग्री मिलने पर बाढ़ पीड़ित परिवारों ने राहत की सांस ली। राशन वितरण के दौरान धर्मेंद्र कुमार यादव ने बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और परेशानियों की जानकारी ली। उन्होंने लोगों से बातचीत कर बाढ़ के कारण हुए नुकसान का जायजा भी लिया। इस दौरान ग्रामीणों ने भोजन, पीने के पानी सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं से उन्हें अवगत कराया। समाजसेवी धर्मेंद्र कुमार यादव ने कहा कि बाढ़ जैसी आपदा की घड़ी में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस आपदा से हुए नुकसान की पूरी भरपाई उनके लिए संभव नहीं है, लेकिन अपनी क्षमता के अनुसार वे बाढ़ पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद करने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों के साथ वे आगे भी खड़े रहेंगे और जहां तक संभव होगा, सहयोग जारी रखेंगे। इस मौके पर लोजपा (रामविलास) नेता अमल किशोर यादव सहित अन्य लोग मौजूद रहे।1
- बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए बोट एंबुलेंस लगातार सक्रिय है। जलमग्न एवं दुर्गम क्षेत्रों में बोट एंबुलेंस के माध्यम से पहुंचकर जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। बाढ़ की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बीच चिकित्सकीय टीम द्वारा लोगों की जांच एवं उपचार किया जा रहा है तथा आवश्यकतानुसार दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बनाए रखने के लिए बोट एंबुलेंस का लगातार परिचालन जारी है।1
- गोगरी गोगरी पंचायत के इमादपुर बिंद टोली के 70 वर्षीय वृद्ध मवेशी का चारा लाने को दौरान लापता हो गये, काफी खोजबीन किया गया,दो दिन बाद बाढ़ के पानी में तैरता शव मिला।1
- गंगटा मोड़ में CM की आहट, प्रशासन ने बढ़ाई तैयारी संभावित 10 सितंबर दौरे को लेकर DDC, DFO और SDM ने कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण, 9 सितंबर तक तैयारियां पूरी करने का निर्देश हवेली खड़गपुर। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के संभावित 10 सितंबर को गंगटा मोड़ आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सोमवार को डीडीसी अजीत कुमार, डीएफओ और अनुमंडल पदाधिकारी प्रेम कुमार ने संभावित कार्यक्रम स्थल का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पूरे मैदान का जायजा लेते हुए हेलीपैड, मुख्य मंच, बैरिकेडिंग और पार्किंग सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। संबंधित विभागों को 9 सितंबर तक सभी तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में लाभुकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरण, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न कार्यक्रम और जनसभा को संबोधित करने की संभावना है। इसके अलावा एनएच-333 के चौड़ीकरण समेत अन्य विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी संभावित बताया जा रहा है। मुख्यमंत्री के भीम बांध भ्रमण की तैयारी की भी चर्चा है। कार्यक्रम स्थल पर दो हेलीपैड बनाए जाने की संभावना है। डीडीसी अजीत कुमार ने कहा कि अभी मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की अंतिम सूची प्राप्त नहीं हुई है। कार्यक्रम तय होने के बाद विस्तृत जानकारी दी जाएगी। फिलहाल स्थल निरीक्षण कर तैयारियों का जायजा लिया गया है।4
- इंडो नेपाल फ्रेंडशिप फोरम की ओर से बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी में इंडो नेपाल फ्रेंडशिप फोरम की ओर से बिहार के बाढ़ पीड़ितों के लिए ठोस कदम उठाने की तैयारी में कम्युनिटी किचन की व्यवस्था तथा सरकार द्वारा जारी राहत सामग्रियों की उपलब्धता की करेगी मॉनिटरिंग ग्राउंड स्तर पर सरकारी सहायता का लिया जाएगा जायजा ग्राउंड रिपोर्टिंग के आधार पर प्रशासन को राहत कार्य में सहयोग करने का लिया गया फैसला1