बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के मोख्तियारपुर गांव में बीती रात हुई भारी बारिश के कारण लगभग 200 साल पुराना विशाल पीपल का वृक्ष धराशाई हो गया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक वृक्ष के गिरने से पूरे गांव में गहरी उदासी छा गई है। ग्रामीणों के लिए यह केवल एक पेड़ नहीं था, बल्कि उनकी आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक था। शुक्रवार की सुबह जब लोग पूजा के लिए वहां पहुंचे तो पूजा सामग्री, दीपक और धागे बिखरे पड़े थे और गिरे हुए पेड़ को देखकर लोगों की आंखें भर आईं। गांव के समाजसेवी नंदन सिंह ने बताया कि यह वृक्ष पीढ़ियों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है, जहां बुजुर्गों के अंतिम संस्कार के बाद कर्म स्थान बनाया जाता था। सुहागिन महिलाएं सोमवती अमावस्या पर इस वृक्ष की पूजा और परिक्रमा करती थीं, जबकि शनिवार को श्रद्धालु यहां शनि देव का जलाभिषेक करते थे। नंदन सिंह खुद भी हर शनिवार को व्रत रखकर यहां घंटों ध्यान और पूजा करते थे। यह विशाल वृक्ष स्वच्छ पनपिबा तालाब के किनारे स्थित था, जिसके पानी को प्राकृतिक रूप से साफ रखने के लिए नंदन सिंह ने उसमें मछलियां और हंस भी छोड़ रखे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि इस वृक्ष ने आंधी-तूफान और हर मौसम की मार झेली, लेकिन इस बार की मूसलाधार बारिश को यह सहन नहीं कर सका। गांव के लोगों ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस पवित्र स्थान पर नया पीपल का पौधा लगाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं से जुड़ी रह सकें और इस आस्था के केंद्र को फिर से स्थापित किया जा सके।
बेगूसराय के भगवानपुर प्रखंड क्षेत्र के मोख्तियारपुर गांव में बीती रात हुई भारी बारिश के कारण लगभग 200 साल पुराना विशाल पीपल का वृक्ष धराशाई हो गया। इस ऐतिहासिक और धार्मिक वृक्ष के गिरने से पूरे गांव में गहरी उदासी छा गई है। ग्रामीणों के लिए यह केवल एक पेड़ नहीं था, बल्कि उनकी आस्था और सदियों पुरानी परंपराओं का जीवंत प्रतीक था। शुक्रवार की सुबह जब लोग पूजा के लिए वहां पहुंचे तो पूजा सामग्री, दीपक और धागे बिखरे पड़े थे और गिरे हुए पेड़ को देखकर लोगों की आंखें भर आईं। गांव के समाजसेवी नंदन सिंह ने बताया कि यह वृक्ष पीढ़ियों से लोगों की आस्था का केंद्र रहा है, जहां बुजुर्गों के अंतिम संस्कार के बाद कर्म स्थान बनाया जाता था। सुहागिन महिलाएं सोमवती अमावस्या पर इस वृक्ष की पूजा
और परिक्रमा करती थीं, जबकि शनिवार को श्रद्धालु यहां शनि देव का जलाभिषेक करते थे। नंदन सिंह खुद भी हर शनिवार को व्रत रखकर यहां घंटों ध्यान और पूजा करते थे। यह विशाल वृक्ष स्वच्छ पनपिबा तालाब के किनारे स्थित था, जिसके पानी को प्राकृतिक रूप से साफ रखने के लिए नंदन सिंह ने उसमें मछलियां और हंस भी छोड़ रखे हैं। बुजुर्गों का कहना है कि इस वृक्ष ने आंधी-तूफान और हर मौसम की मार झेली, लेकिन इस बार की मूसलाधार बारिश को यह सहन नहीं कर सका। गांव के लोगों ने अब प्रशासन से मांग की है कि इस पवित्र स्थान पर नया पीपल का पौधा लगाया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी परंपराओं से जुड़ी रह सकें और इस आस्था के केंद्र को फिर से स्थापित किया जा सके।
- बिहार के बेगूसराय जिले के भगवानपुर अंतर्गत चंदौर में नाला नहीं बनने के कारण बारिश के दिनों में भारी जलजमाव की समस्या बनी रहती है। हालत इतनी खराब है कि स्कूली बच्चों को इसी जमा हुए पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। इसी जलजमाव वाले स्थान पर सप्ताह में दो दिन हाट और बाजार भी लगता है, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ती है। इस गंभीर स्थिति के बावजूद स्थानीय लोगों का आरोप है कि किसी भी नेता जी को यहाँ की यह बदहाली दिखाई नहीं देती है और नाले का निर्माण न होने के कारण बारिश के दिनों में यहाँ हमेशा यही हाल रहता है।3
- बिहार के पटना से एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें पुलिस खुद ही दारू बंदी की पोल खोलती नजर आ रही है। मोबाइल टीवी न्यूज के इस वायरल वीडियो ने पुलिस के दावों की पोल खोल दी है। वैसे तो कहा जाता है कि #बिहार में दारू बंद है, लेकिन जब खुद पुलिस ही दारू बंदी की पोल खोलने में लगी हुई है, तो इस पूरी व्यवस्था की हकीकत सबके सामने आ गई है।1
- बिहार के बांकीपुर उपचुनाव को लेकर एक केंद्रीय मंत्री ने जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर पर तीखा हमला बोला है। केंद्रीय मंत्री का कहना है कि प्रशांत किशोर को चुनाव के लिए कोई उम्मीदवार नहीं मिला है और अब वे खुद ही चुनाव लड़ रहे हैं। मंत्री के अनुसार, अब प्रशांत किशोर के पास कुछ भी नहीं बचा है। अपने बयान में केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि बांकीपुर की जनता अच्छी तरह समझ रही है कि पार्टी ने उनके विधायक को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। केंद्रीय मंत्री ने पीके पर निशाना साधते हुए यह बड़ा बयान दिया है।1
- बेगूसराय में श्री जगन्नाथ जी की भव्य रथ यात्रा के आयोजन में अब बस 7 दिन और बचे हैं। आगामी 19 जुलाई 2026 को दोपहर 3 बजे से शुरू होने वाली इस पावन रथ यात्रा में आस्था का सागर फिर से उमड़ने वाला है। लाखों भक्तों की उपस्थिति में निकलने वाली इस दिव्य यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यह बेगूसराय में रथ यात्रा आयोजन का दूसरा साल है और इस बार भक्तों का उत्साह पहले से दोगुना नजर आ रहा है। इस भव्य और दिव्य यात्रा का हिस्सा बनने के लिए सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित किया गया है। पूरा माहौल "जय जगन्नाथ! जय बलभद्र! जय माता सुभद्रा!" के जयकारों के साथ भक्तिमय हो उठा है।1
- बेगूसराय के तेयाय ओपी की पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए 5 लीटर देशी शराब के साथ एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मनोज पासवान के रूप में हुई है। इस कार्रवाई की जानकारी शनिवार की देर रात 10:00 बजे एसपी मनीष ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए दी है। इस संबंध में एसपी ने बताया कि बेगूसराय पुलिस अवैध नशीले पदार्थ के विरुद्ध अभियान चला रही है और इसी के तहत यह गिरफ्तारी की गई है। फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई में जुट गई है।1
- बेगूसराय के नौला गांव में एक महिला के साथ कथित तौर पर हुई मारपीट और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल दावे के अनुसार, नीला पुलिस पिकेट प्रभारी अखिलेश कुमार ने बिना किसी महिला कांस्टेबल की मौजूदगी के महिला के साथ कथित तौर पर दबंगई, मारपीट और अभद्र व्यवहार किया। इसके साथ ही महिला के पति के साथ भी कथित रूप से मारपीट की गई और उन्हें जबरन पुलिस वाहन में बैठाकर ले जाया गया। आरोप है कि इस घटना के दौरान अपनी कथित नाकामी और खामियों को छिपाने के लिए पुलिस द्वारा मौके पर मौजूद महिलाओं से दो मोबाइल फोन छीन लिए गए तथा कई मोबाइल में रिकॉर्ड किए गए वीडियो जबरन डिलीट करा दिए गए। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद लोगों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। वायरल संदेश के जरिए संबंधित पिकेट प्रभारी को तत्काल निलंबित करने और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग उठाई जा रही है।1