कुशीनगर के मदरसे में कैसे पहुंचा मेक इन पाकिस्तान का पंखा, जांच में निकला चौंकाने वाला सच खबर का असर संवाददाता कुशीनगर। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित एक मदरसे में लगे ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखे सीलिंग फैन को लेकर शनिवार को क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर पंखे की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस को कोई संदिग्ध तथ्य नहीं मिला।जानकारी के अनुसार, जंगल विशुनपुरा गांव के गोसाई पट्टी स्थित मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम में लगे तीन सीलिंग फैन खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। पंखा खोलने के दौरान एक फैन के पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा मिला। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने पंखे की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस मदरसे पहुंची और एहतियातन मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने पंखे को कब्जे में लेकर उसके खरीद संबंधी दस्तावेजों की जांच भी की।मामले में पंखे की मरम्मत करने वाले मिस्त्री अकबर ने बताया कि मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। दो पंखे आसानी से खुल गए, लेकिन तीसरे को खोलने पर उसके पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा दिखाई दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पूछताछ के दौरान दानदाता शमशुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा वाजिद अंसारी पिछले करीब दस वर्षों से सऊदी अरब में मजदूरी करता है। वर्ष 2020 में उसने लगभग 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था और कार्गो के जरिए गांव भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उक्त पंखा मदरसे को दान कर दिया गया था। पुलिस ने सऊदी अरब में मौजूद वाजिद अंसारी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर खरीद संबंधी दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद पुलिस ने मदरसे की भी जांच की, लेकिन कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि मदरसा चंदे के सहयोग से संचालित होता है। गर्मी से परेशान बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी, उसी दौरान यह पंखा दान में मिला था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पंखा पाकिस्तान निर्मित है। विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि मदरसे में मेड इन पाकिस्तान पंखा लगे होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता से जांच की गई। पंखे की खरीद के दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए दोनों लोगों को छोड़ दिया गया। इधर, पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुशीनगर के मदरसे में कैसे पहुंचा मेक इन पाकिस्तान का पंखा, जांच में निकला चौंकाने वाला सच खबर का असर संवाददाता कुशीनगर। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित एक मदरसे में लगे ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखे सीलिंग फैन को लेकर शनिवार को क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर पंखे की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस को कोई संदिग्ध तथ्य नहीं मिला।जानकारी के अनुसार, जंगल विशुनपुरा गांव के गोसाई पट्टी स्थित मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम में लगे तीन सीलिंग फैन खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। पंखा खोलने के दौरान एक फैन के पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा मिला। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने पंखे की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस मदरसे पहुंची और एहतियातन मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने पंखे को कब्जे में लेकर उसके खरीद संबंधी दस्तावेजों की जांच भी की।मामले में पंखे की मरम्मत करने वाले मिस्त्री अकबर ने बताया कि मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। दो पंखे आसानी से खुल गए, लेकिन तीसरे को खोलने पर उसके पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा दिखाई दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पूछताछ के दौरान दानदाता शमशुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा वाजिद अंसारी पिछले करीब दस वर्षों से सऊदी अरब में मजदूरी करता है। वर्ष 2020 में उसने लगभग 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था और कार्गो के जरिए गांव भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उक्त पंखा मदरसे को दान कर दिया गया था। पुलिस ने सऊदी अरब में मौजूद वाजिद अंसारी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर खरीद संबंधी दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद पुलिस ने मदरसे की भी जांच की, लेकिन कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि मदरसा चंदे के सहयोग से संचालित होता है। गर्मी से परेशान बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी, उसी दौरान यह पंखा दान में मिला था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पंखा पाकिस्तान निर्मित है। विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि मदरसे में मेड इन पाकिस्तान पंखा लगे होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता से जांच की गई। पंखे की खरीद के दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए दोनों लोगों को छोड़ दिया गया। इधर, पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कुशीनगर के मदरसे में कैसे पहुंचा मेक इन पाकिस्तान का पंखा, जांच में निकला चौंकाने वाला सच खबर का असर संवाददाता कुशीनगर। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित एक मदरसे में लगे ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखे सीलिंग फैन को लेकर शनिवार को क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर पंखे की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस को कोई संदिग्ध तथ्य नहीं मिला।जानकारी के अनुसार, जंगल विशुनपुरा गांव के गोसाई पट्टी स्थित मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम में लगे तीन सीलिंग फैन खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। पंखा खोलने के दौरान एक फैन के पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा मिला। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने पंखे की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस मदरसे पहुंची और एहतियातन मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने पंखे को कब्जे में लेकर उसके खरीद संबंधी दस्तावेजों की जांच भी की।मामले में पंखे की मरम्मत करने वाले मिस्त्री अकबर ने बताया कि मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। दो पंखे आसानी से खुल गए, लेकिन तीसरे को खोलने पर उसके पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा दिखाई दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पूछताछ के दौरान दानदाता शमशुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा वाजिद अंसारी पिछले करीब दस वर्षों से सऊदी अरब में मजदूरी करता है। वर्ष 2020 में उसने लगभग 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था और कार्गो के जरिए गांव भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उक्त पंखा मदरसे को दान कर दिया गया था। पुलिस ने सऊदी अरब में मौजूद वाजिद अंसारी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर खरीद संबंधी दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद पुलिस ने मदरसे की भी जांच की, लेकिन कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि मदरसा चंदे के सहयोग से संचालित होता है। गर्मी से परेशान बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी, उसी दौरान यह पंखा दान में मिला था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पंखा पाकिस्तान निर्मित है। विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि मदरसे में मेड इन पाकिस्तान पंखा लगे होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता से जांच की गई। पंखे की खरीद के दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए दोनों लोगों को छोड़ दिया गया। इधर, पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। कुशीनगर के मदरसे में कैसे पहुंचा मेक इन पाकिस्तान का पंखा, जांच में निकला चौंकाने वाला सच खबर का असर संवाददाता कुशीनगर। विशुनपुरा थाना क्षेत्र के जंगल विशुनपुरा गांव स्थित एक मदरसे में लगे ‘मेड इन पाकिस्तान’ लिखे सीलिंग फैन को लेकर शनिवार को क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई। सोशल मीडिया पर पंखे की तस्वीर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू कर दी। हालांकि पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के बाद पुलिस को कोई संदिग्ध तथ्य नहीं मिला।जानकारी के अनुसार, जंगल विशुनपुरा गांव के गोसाई पट्टी स्थित मदरसा कादरिया हकीकतुल उलूम में लगे तीन सीलिंग फैन खराब हो गए थे, जिन्हें मरम्मत के लिए गांव के एक मिस्त्री के पास भेजा गया था। पंखा खोलने के दौरान एक फैन के पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा मिला। इसी दौरान वहां मौजूद एक युवक ने पंखे की फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दी, जिसके बाद मामला तेजी से फैल गया। सूचना मिलते ही विशुनपुरा थाना पुलिस मदरसे पहुंची और एहतियातन मदरसा प्रबंधक समेत दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने पंखे को कब्जे में लेकर उसके खरीद संबंधी दस्तावेजों की जांच भी की।मामले में पंखे की मरम्मत करने वाले मिस्त्री अकबर ने बताया कि मदरसे से तीन पंखे मरम्मत के लिए आए थे। दो पंखे आसानी से खुल गए, लेकिन तीसरे को खोलने पर उसके पीछे मेड इन पाकिस्तान लिखा दिखाई दिया। इसके बाद कुछ लोगों ने उसकी फोटो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पूछताछ के दौरान दानदाता शमशुद्दीन ने पुलिस को बताया कि उनका बेटा वाजिद अंसारी पिछले करीब दस वर्षों से सऊदी अरब में मजदूरी करता है। वर्ष 2020 में उसने लगभग 80 रियाल में यह पंखा खरीदा था और कार्गो के जरिए गांव भेजा था। बाद में वर्ष 2023 में उक्त पंखा मदरसे को दान कर दिया गया था। पुलिस ने सऊदी अरब में मौजूद वाजिद अंसारी से वीडियो कॉल पर बातचीत कर खरीद संबंधी दस्तावेज मंगवाए। दस्तावेज सही पाए जाने के बाद पुलिस ने मदरसे की भी जांच की, लेकिन कोई आपत्तिजनक या संदिग्ध सामग्री नहीं मिली। मदरसे के शिक्षक मोहम्मद मेराजुद्दीन ने बताया कि मदरसा चंदे के सहयोग से संचालित होता है। गर्मी से परेशान बच्चों के लिए गांव वालों से मदद मांगी गई थी, उसी दौरान यह पंखा दान में मिला था। उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि पंखा पाकिस्तान निर्मित है। विशुनपुरा थाना प्रभारी विनय मिश्रा ने बताया कि मदरसे में मेड इन पाकिस्तान पंखा लगे होने की सूचना मिली थी। मामले की गंभीरता से जांच की गई। पंखे की खरीद के दस्तावेजों की जांच और पूछताछ के दौरान कोई संदिग्ध तथ्य सामने नहीं आया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए दोनों लोगों को छोड़ दिया गया। इधर, पिछड़ा आयोग के सदस्य फुलबद कुशवाहा ने कहा कि मामले की पूरी गंभीरता से जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी प्रकार की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- जनपद कुशीनगर में पत्नी से परेशान युवक ने काटा अपना गुप्तांग। आपको बता दें कि जनपद कुशीनगर के थाना हनुमानगंज अन्तर्गत छितौनी नगर पंचायत के रहने वाले रोहित नामक युवक का अपनी पत्नी से लंबे समय से विवाद चल रहा था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था। रविवार की शाम (10 मई 2026), जब मां खेत से काम कर लौटी, तो उसने बेटे को खून से लथपथ हालत में पाया। बताया जा रहा है कि युवक ने धारदार हथियार से अपना गुप्तांग काट लिया था। जिसके बाद परिजनों ने उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुँचाया, जहाँ से गंभीर हालत देख उसे गोरखपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इस तरह की घटना पहली बार नहीं है जब उसने खुद को नुकसान पहुंचाया है। करीब तीन महीने पहले भी पत्नी से विवाद में उसने अपनी उंगली/अंगूठा काटा था। #kushinagar #NewsUpdate1
- पड़रौना कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मदरसे में मिला पकिस्तान निर्मित पखे को पुलिस खोलवाकर ले गयी। पुलिस इसकी गहन जांच शुरु कर दी है।1
- मदरसा में मिला पाकिस्तान निर्मित एक पंखा,पुलिस जांच में जुटी पड़रौना कोतवाली थाना क्षेत्र के एक मदरसे में मिला पकिस्तान निर्मित पखे को पुलिस खोलवाकर ले गयी। पुलिस इसकी गहन जांच शुरु कर दी है।1
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- पारिवारिक कलह से परेशान युवक ने काटा अपना प्राइवेट पार्ट - पत्नी से विवाद के बाद मानसिक तनाव में था युवक Breaking कुशीनगर - पारिवारिक कलह से परेशान युवक ने काटा अपना प्राइवेट पार्ट - पत्नी से विवाद के बाद मानसिक तनाव में था युवक - खून से लथपथ हालत में CHC तुर्कहा लाया गया युवक - हालत गंभीर देख डॉक्टरों ने जिला अस्पताल किया रेफर - हनुमानगंज थाना क्षेत्र के छितौनी नगर पंचायत का मामला।3
- रामकोला पेट्रोल पंप पर तेल न मिलने की वजह से सब जनता परेशान है रामकोला पेट्रोल पंप पर तेल ना मिले मिलने से सब जनता परेशान है सब जनता परेशान पेट्रोल की वजह से पेट्रोल डीजल की वजह से सब जनता परेशान है1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक ईंट भट्ठे के पानी भरे गड्ढे में डूबने से तीन मासूम बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे से पूरे गाँव में मातम पसर गया है, वहीं ग्रामीणों ने भट्ठा संचालकों की घोर लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मामले की जाँच में जुटे हैं।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में यूरिया खाद की कालाबाजारी का मामला सामने आया है। निर्धारित ₹266.50 के बजाय ₹400 में बिक रही यूरिया से किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों ने प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग करते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है।4