झाँसी के ऐतिहासिक लक्ष्मी तालाब पर बुंदेलखंड तालाब संरक्षण समिति के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी के नेतृत्व में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में तालाब के जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस अवसर पर लक्ष्मी तालाब की सफाई के लिए श्रमदान कर रहे जल योद्धाओं का सम्मान भी किया गया। बैठक में उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने विकास के नाम पर लगातार हो रहे घोटालों पर चिंता व्यक्त की। समिति के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी ने बताया कि लक्ष्मी तालाब के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जलकुंभी की विकराल समस्या अभी भी बनी हुई है और तालाब में गंदगी तथा जलकुंभी के कारण पानी सड़ रहा है। समिति ने निर्णय लिया है कि वे क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन चलाएगी, जिसके लिए धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और अधिवक्ताओं से संपर्क कर एक संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी। इसी क्रम में, समिति 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयुक्त, झाँसी मंडल, झाँसी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करेगी। यदि उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो एक बड़ा जनांदोलन शुरू किया जाएगा। इस बैठक में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देशराज रिछारिया, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह यादव, आम आदमी पार्टी के पुत्तु कुशवाहा सहित अशोक तिवारी गुरु, हुकुमचंद रायकवार, अखिलेश गुरुदेव, सोहन तिवारी, राजीव शुक्ला, आकाश रायकवार, अनिल रिछारिया, अमीर चंद आर्य, जीतू राजा श्रीवास, दिनेश वर्मा, शाहरुख खान, दीपक पासवान, रशीद मन्सूरी और प्रशांत वर्मा समेत कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
झाँसी के ऐतिहासिक लक्ष्मी तालाब पर बुंदेलखंड तालाब संरक्षण समिति के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी के नेतृत्व में एक सर्वदलीय बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में तालाब के जीर्णोद्धार प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये के घोटाले का गंभीर आरोप लगाते हुए बड़े आंदोलन की चेतावनी दी गई। इस अवसर पर लक्ष्मी तालाब की सफाई के लिए श्रमदान कर रहे जल योद्धाओं का सम्मान भी किया गया। बैठक में उपस्थित पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने विकास के नाम पर लगातार हो रहे घोटालों पर चिंता व्यक्त की। समिति के संयोजक डॉ. सुनील तिवारी ने बताया कि लक्ष्मी तालाब के संरक्षण पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद जलकुंभी की विकराल समस्या अभी भी बनी हुई है और तालाब में गंदगी तथा जलकुंभी के कारण पानी सड़ रहा है। समिति ने निर्णय लिया है कि वे क्रमबद्ध तरीके से आंदोलन चलाएगी, जिसके लिए धर्मगुरुओं, समाजसेवियों और अधिवक्ताओं से संपर्क कर एक संयुक्त रणनीति बनाई जाएगी। इसी क्रम में, समिति 5 जून को पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयुक्त, झाँसी मंडल, झाँसी को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करेगी। यदि उचित कार्यवाही नहीं की गई, तो एक बड़ा जनांदोलन शुरू किया जाएगा। इस बैठक में कांग्रेस के जिलाध्यक्ष देशराज रिछारिया, समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह यादव, आम आदमी पार्टी के पुत्तु कुशवाहा सहित अशोक तिवारी गुरु, हुकुमचंद रायकवार, अखिलेश गुरुदेव, सोहन तिवारी, राजीव शुक्ला, आकाश रायकवार, अनिल रिछारिया, अमीर चंद आर्य, जीतू राजा श्रीवास, दिनेश वर्मा, शाहरुख खान, दीपक पासवान, रशीद मन्सूरी और प्रशांत वर्मा समेत कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
- उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में दबंगों का दुस्साहस देखने को मिला है। इन दबंगों ने अपनी दबंगई दिखाते हुए पुलिस को भी नहीं बख्शा, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं।1
- दतिया जिले के भांडेर में एक अवैध हथियार फैक्ट्री पकड़ी गई है। इस खबर की जानकारी 'तहलका न्यूज' द्वारा दी गई है।1
- मध्य प्रदेश में शासकीय लोकार्पण कार्यक्रमों को लेकर राजनीतिक स्तर पर एक आपत्ति सामने आई है। ASP नेता दामोदर यादव ने इन कार्यक्रमों में पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को मुख्य अतिथि बनाए जाने पर अपनी कड़ी आपत्ति व्यक्त की है।1
- दतिया में पुलिस ने श्री पीताम्बरा पीठ के नाम पर श्रद्धालुओं से कथित तौर पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान आगर मालवा जिले के नलखेड़ा निवासी सुनील शर्मा के रूप में हुई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सुनील शर्मा श्रद्धालुओं को मिर्ची हवन और अन्य धार्मिक अनुष्ठानों के बहाने झांसे में लेकर उनसे आर्थिक ठगी करता था। इस मामले की जांच के दौरान, साइबर सेल और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस आरोपी तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद, आरोपी सुनील शर्मा को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान इस मामले से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी अकेले काम कर रहा था या उसके साथ अन्य लोग भी जुड़े हुए थे, और रिमांड के दौरान सामने आने वाली जानकारी के आधार पर मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों का कहना है कि इस कार्रवाई के बाद उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जो धार्मिक आस्था का दुरुपयोग करके श्रद्धालुओं को ठगने का काम कर रहे थे। पुलिस ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।2
- दतिया कोतवाली पुलिस ने दुष्कर्म के एक आरोपी को घटना के मात्र 3 घंटे के भीतर गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।1
- दतिया में मांझी समाज के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची क्रमांक 12 से तत्कालीन विंध्यप्रदेश की मूल समाहित मांझी जनजाति, जिसमें धीमर, केवट, मल्लाह और भोई समुदाय शामिल हैं, को विलोपित करने की मांग की गई है। मांझी समाज के पदाधिकारियों ने अपने तर्क के समर्थन में 07 जनवरी 1950 को जारी तत्कालीन विंध्यप्रदेश के राजप्रमुख के परिपत्र क्रमांक 97/XIII/F/CENSUS 49 का हवाला दिया, जिसमें मांझी जाति के समक्ष धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की अनुशंसा की गई थी। इसके अतिरिक्त, जनजाति कार्य विभाग मध्य प्रदेश के आयुक्त के पत्र क्रमांक जा.प्रा.समिति/23/12/2023 में भी धीमर, केवट, मल्लाह और भोई को मूल रूप से मांझी जनजाति में समाहित होना स्वीकार किया गया है। यह मुद्दा मध्य प्रदेश विधानसभा में भी उठ चुका है, जहाँ 13 मार्च 2023 को अतारांकित प्रश्न क्रमांक 1121 के जवाब में तत्कालीन जनजाति कार्य मंत्री सुश्री मीना सिंह माण्डवे ने स्वीकार किया था कि विंध्यप्रदेश के केवट, धीमर, मल्लाह और भोई मांझी जनजाति में ही समाहित हैं और यही मूल मांझी जनजाति है। मांझी समाज के जिला अध्यक्ष पूरन केवट ने बताया कि रीवा, सीधी, शहडोल, सतना, छतरपुर, दतिया और टीकमगढ़ जैसे विंध्यप्रदेश के जिलों में 'मांझी' नाम की कोई अलग जाति नहीं मिलती है; धीमर, केवट, मल्लाह और भोई ही यहाँ मूल समाहित मांझी जनजाति के रूप में मान्य हैं, और ये विंध्यप्रदेश के पुकारू शब्द हैं। समाज ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि संदर्भित दस्तावेजों का गहन अवलोकन कर अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची क्रमांक 12 से इन समुदायों को विलोपित किया जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष पूरन केवट सहित सैकड़ों समाजजन उपस्थित थे, जिस पर कलेक्टर ने ज्ञापन लेकर इसे उचित माध्यम से शासन को भेजने का आश्वासन दिया।1
- झाँसी के बबीना थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद एक शातिर अपराधी को दबोच लिया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में अपराधी के कब्जे से एक तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। साथ ही, पुलिस ने चोरी की हुई एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को भी बरामद करने में सफलता पाई है।1