चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोपालपुरा मुख्यालय पर राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के तहत एक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर प्रभारी तहसीलदार विवेक गरासिया के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। ग्रामीण सेवा शिविर के ब्लॉक संयोजक एवं पूर्व सरपंच कुशाल बारेशा ने सभी विभागों के काउंटरों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष भैंसरोड़गढ़ सुनील जैन, पूर्व सेक्टर प्रधान कैलाश पुरी, नंदकिशोर मीणा, धर्मेंद्र पुरी, प्रकाश धाकड़, मनोज मेवाड़ा, बंटी मेवाड़ा, मंडल महामंत्री रामलाल भील, फारूलाल राठौर, सरपंच प्रभुलाल मेघवाल, सहायक विकास अधिकारी लोकेश जैन, कृषि अधिकारी निर्मल मीणा, ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी जयराम मीणा, गिरदावर भूपेंद्र मीणा, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी रिजवान अली, ग्राम विकास अधिकारी रोहत मीणा, पटवारी बनवारी पुरोहित और ग्राम रोजगार सहायक शशि आमेटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में राजस्व विभाग ने आपसी समझाइश और प्रशासन की मौजूदगी में नामांतरण, बंटवारा, खातेदारी और फार्म रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का निस्तारण किया और साथ ही श्मशान घाट से अतिक्रमण हटवाया। पंचायत राज विभाग ने जनआधार अपडेट कर रुकी हुई पेंशनों को पुनः चालू किया, व्यक्तिगत शौचालयों के आवेदन लिए और आबादी भूमि के 4 पट्टे जारी किए। इसके साथ ही, रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज पास जारी किए, सांख्यिकी विभाग ने जनआधारों का सत्यापन किया, कृषि विभाग ने कृषि योजनाओं से संबंधित अनुदान स्वीकृत किए, पशुपालन विभाग ने पशुओं का बीमा किया और चिकित्सा एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने राज्य सरकार द्वारा संचालित इन ग्रामीण सेवा शिविरों की जमकर सराहना की। लोगों ने इस जनोपयोगी पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सांसद सीपी जोशी एवं बेगूं विधायक डॉक्टर सुरेश धाकड़ का आभार व्यक्त किया।
चित्तौड़गढ़ के रावतभाटा उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत गोपालपुरा मुख्यालय पर राज्य सरकार के ग्रामीण सेवा शिविर अभियान के तहत एक शिविर का आयोजन किया गया। शिविर प्रभारी तहसीलदार विवेक गरासिया के निर्देशन में आयोजित इस शिविर में विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लेकर ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया। ग्रामीण सेवा शिविर के ब्लॉक संयोजक एवं पूर्व सरपंच कुशाल बारेशा ने सभी विभागों के काउंटरों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और अधिकारियों को अधिक से अधिक मामलों का तुरंत निस्तारण करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर भाजपा मंडल अध्यक्ष भैंसरोड़गढ़ सुनील जैन, पूर्व सेक्टर प्रधान कैलाश पुरी, नंदकिशोर मीणा, धर्मेंद्र पुरी, प्रकाश धाकड़, मनोज मेवाड़ा, बंटी मेवाड़ा, मंडल महामंत्री रामलाल भील, फारूलाल राठौर, सरपंच प्रभुलाल मेघवाल, सहायक विकास अधिकारी लोकेश जैन, कृषि अधिकारी निर्मल मीणा, ब्लॉक सांख्यिकी अधिकारी जयराम मीणा, गिरदावर भूपेंद्र मीणा, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी रिजवान अली, ग्राम विकास अधिकारी रोहत मीणा, पटवारी बनवारी पुरोहित और ग्राम रोजगार सहायक शशि आमेटा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। शिविर में राजस्व विभाग ने आपसी समझाइश और प्रशासन की मौजूदगी में नामांतरण, बंटवारा, खातेदारी और फार्म रजिस्ट्री से जुड़े मामलों का निस्तारण किया और साथ ही श्मशान घाट से अतिक्रमण हटवाया। पंचायत राज विभाग ने जनआधार अपडेट कर रुकी हुई पेंशनों को पुनः चालू किया, व्यक्तिगत शौचालयों के आवेदन लिए और आबादी भूमि के 4 पट्टे जारी किए। इसके साथ ही, रोडवेज विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों को रोडवेज पास जारी किए, सांख्यिकी विभाग ने जनआधारों का सत्यापन किया, कृषि विभाग ने कृषि योजनाओं से संबंधित अनुदान स्वीकृत किए, पशुपालन विभाग ने पशुओं का बीमा किया और चिकित्सा एवं आयुर्वेद विभाग द्वारा ग्रामीणों की स्वास्थ्य जांच एवं उपचार किया गया। शिविर में उपस्थित ग्रामीणों ने राज्य सरकार द्वारा संचालित इन ग्रामीण सेवा शिविरों की जमकर सराहना की। लोगों ने इस जनोपयोगी पहल के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सांसद सीपी जोशी एवं बेगूं विधायक डॉक्टर सुरेश धाकड़ का आभार व्यक्त किया।
- राजस्थान के कोटा मेडिकल कॉलेज में करीब 70 दिनों से भर्ती किडनी फेलियर से पीड़ित पांच प्रसूताओं के परिवारों ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। इन परिवारों का गंभीर आरोप है कि अस्पताल की लापरवाही और कथित नकली दवाओं के कारण इन महिलाओं की दोनों किडनियां खराब हो गई हैं। ये पीड़ित महिलाएं पिछले 70 दिनों से डायलिसिस के सहारे जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं। इस मामले में हताश होकर पीड़ित परिवारों ने कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा है और सरकार को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि सरकार या तो सभी मरीजों का किडनी ट्रांसप्लांट कराए, अन्यथा उन्हें 'जहर दे दे'। इस हताशा भरे मांग पत्र पर पीड़ित प्रसूताओं ने खुद भी हस्ताक्षर किए हैं।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी का धरना-प्रदर्शन जारी है, जहां मशहूर साइंटिस्ट और सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक आमरण अनशन पर बैठे हैं। उनके इस अनशन के 14वें दिन आज सीपीआईएम पोलित ब्यूरो सदस्य और सीकर सांसद कॉमरेड अमराराम ने वहां पहुंचकर आंदोलन में शिरकत की। सीकर सांसद कॉमरेड अमराराम कॉकरोच जनता पार्टी के इस धरना-प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विशेष रूप से जंतर-मंतर पहुंचे।1
- कोटा के एमबीएस अस्पताल अधीक्षक कार्यालय की रोकड़ शाखा में लाइट बंद करते समय गार्ड महेंद्र पर एक सांप ने हमला कर दिया। सांप के हमले के बाद गार्ड महेंद्र को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस घटना के बाद स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने मौके पर सक्रियता दिखाते हुए करीब 2 फीट लंबे सांप का रेस्क्यू किया। जांच में यह सांप उल्फ स्नेक प्रजाति का पाया गया। बाद में वन अधिकारी भवानी सिंह के निर्देश पर रेस्क्यू किए गए इस सांप को लाडपुरा रेंज में सुरक्षित छोड़ दिया गया।1
- रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन के अकलेरा स्टेशन पर सिर्फ एक टिकट खिड़की होने के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्टेशन पर टिकट लेने के लिए यात्रियों को लंबी कतारों में लगकर घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई बार काफी देर तक लाइन में खड़े रहने के बाद भी टिकट नहीं मिल पाता, जिसके कारण यात्री मजबूरी में बिना टिकट ही ट्रेन में सवार हो जाते हैं और बाद में उन्हें जुर्माना भरना पड़ता है। बढ़ती यात्री संख्या को देखते हुए यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से अकलेरा स्टेशन पर सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। यात्रियों ने मांग की है कि स्टेशन पर जल्द से जल्द दूसरी टिकट विंडो खोली जाए और एक ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन भी लगाई जाए ताकि यात्रियों को इस समस्या से राहत मिल सके।1
- उत्तर प्रदेश में रेलवे से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला यात्री की मदद करना स्टेशन उप प्रबंधक को भारी पड़ गया। दरअसल, एक महिला यात्री चलती ट्रेन में सवार नहीं हो पा रही थी, जिसे देखते हुए स्टेशन उप प्रबंधक ने वॉकी-टॉकी के माध्यम से सूचना देकर ट्रेन को रुकवा दिया ताकि महिला सुरक्षित तरीके से ट्रेन में चढ़ सके। इस दौरान स्टेशन के अन्य स्टाफ ने भी महिला यात्री की मदद की थी। हालांकि, इसके बाद यह पूरा मामला एक बड़े विवाद में बदल गया। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने महिला को चेन पुलिंग के आरोप में हिरासत में ले लिया, जिसका स्टेशन स्टाफ ने पूरी घटना की जानकारी देते हुए विरोध किया। विवाद बढ़ने पर आरोप है कि आरपीएफ जवानों ने अपने अन्य साथियों को मौके पर बुला लिया और स्टेशन उप प्रबंधक को घसीटते हुए थाने ले गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद रेलवे प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराई और बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरपीएफ कर्मियों को निलंबित कर दिया है।1