*सीएम डॉ. यादव ने कृषि सखियों से किया संवाद, किसान महिलाओं ने बताया कैसे बढ़ी उनकी आय* - *झाबुआ जिले के दौरे के दौरान सीएम डॉ. मोहन ने किसानों के जाने अनुभव* - *प्राकृतिक खेती से न सिर्फ सेहत हो रही बेहतर, बल्कि आमदनी में हो रहा इजाफा* - *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में पैदा हुए प्रगति के नए-नए अवसर* भोपाल/झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती कर रहीं उन्नतशील कृषि सखियों और किसानों से संवाद किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती के पर्याप्त अवसर हैं। प्राकृतिक खेती न सिर्फ सेहत के लिए, बल्कि अच्छी आमदनी का भी अवसर प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत सभी आवश्यक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम देवीगढ़, विकासखंड मेघनगर की उन्नतशील कृषि सखी संगीता डामोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उनके अनुभवों एवं प्रयासों की सराहना की। संवाद के दौरान डामोर ने बताया कि उन्होंने कृषि सखी के रूप में प्राकृतिक खेती का पां दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे अपने गांव एवं आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान बनाने की विधियां बता रही हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रही हैं तथा पिछले चार वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़कर नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अन्य किसानों तक भी पहुंचा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि प्राकृतिक खेती एवं बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन रही है। डामोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। *किसानों को हुआ लाभ* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं कृषि सखियों के पास जाकर उनसे प्राकृतिक खेती के अनुभवों को जाना और प्राकृतिक खेती से होने वाली आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने सभी बहनों को आगामी रक्षाबंधन के त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने झाबुआ जिले के विकासखंड झाबुआ के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील कृषक विमल भाबोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उनसे प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा, खेती में आए बदलाव, आय में हुई वृद्धि तथा अन्य किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान विमल भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है तथा वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, भ्रमण एवं कृषक संगोष्ठियों से उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। भाबोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक आदानों का निर्माण किया जाता है। इनका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में वे प्राकृतिक विधि से सब्जियों, फलों एवं अन्य फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। *आत्मनिर्भर बनने कि मिली दशा* कृषक विमल भाबोर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख से 1.50 लाख रुपये हो गई है। इसके अतिरिक्त मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र से 5 हजार 500 रुपये, नर्सरी से लगभग 1.50 लाख रुपये, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों से लगभग 1.60 लाख रुपये तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद से लगभग 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाबोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भाबोर से अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। भाबोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार की योजनाओं से उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है। झाबुआ जिले के दौरे के दौरान सीएम डॉ. मोहन ने किसानों के जाने अनुभव* - *प्राकृतिक खेती से न सिर्फ सेहत हो रही बेहतर, बल्कि आमदनी में हो रहा इजाफा* - *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में पैदा हुए प्रगति के नए-नए अवसर* भोपाल/झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती कर रहीं उन्नतशील कृषि सखियों और किसानों से संवाद किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती के पर्याप्त अवसर हैं। प्राकृतिक खेती न सिर्फ सेहत के लिए, बल्कि अच्छी आमदनी का भी अवसर प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत सभी आवश्यक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम देवीगढ़, विकासखंड मेघनगर की उन्नतशील कृषि सखी संगीता डामोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उनके अनुभवों एवं प्रयासों की सराहना की। संवाद के दौरान डामोर ने बताया कि उन्होंने कृषि सखी के रूप में प्राकृतिक खेती का पां दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे अपने गांव एवं आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान बनाने की विधियां बता रही हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रही हैं तथा पिछले चार वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़कर नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अन्य किसानों तक भी पहुंचा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि प्राकृतिक खेती एवं बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन रही है। डामोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। *किसानों को हुआ लाभ* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं कृषि सखियों के पास जाकर उनसे प्राकृतिक खेती के अनुभवों को जाना और प्राकृतिक खेती से होने वाली आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने सभी बहनों को आगामी रक्षाबंधन के त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने झाबुआ जिले के विकासखंड झाबुआ के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील कृषक विमल भाबोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उनसे प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा, खेती में आए बदलाव, आय में हुई वृद्धि तथा अन्य किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान विमल भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है तथा वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, भ्रमण एवं कृषक संगोष्ठियों से उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। भाबोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक आदानों का निर्माण किया जाता है। इनका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में वे प्राकृतिक विधि से सब्जियों, फलों एवं अन्य फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। *आत्मनिर्भर बनने कि मिली दशा* कृषक विमल भाबोर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख से 1.50 लाख रुपये हो गई है। इसके अतिरिक्त मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र से 5 हजार 500 रुपये, नर्सरी से लगभग 1.50 लाख रुपये, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों से लगभग 1.60 लाख रुपये तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद से लगभग 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाबोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भाबोर से अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। भाबोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार की योजनाओं से उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है।
*सीएम डॉ. यादव ने कृषि सखियों से किया संवाद, किसान महिलाओं ने बताया कैसे बढ़ी उनकी आय* - *झाबुआ जिले के दौरे के दौरान सीएम डॉ. मोहन ने किसानों के जाने अनुभव* - *प्राकृतिक खेती से न सिर्फ सेहत हो रही बेहतर, बल्कि आमदनी में हो रहा इजाफा* - *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में पैदा हुए प्रगति के नए-नए अवसर* भोपाल/झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती कर रहीं उन्नतशील कृषि सखियों और किसानों से संवाद किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती के पर्याप्त अवसर हैं। प्राकृतिक खेती न सिर्फ सेहत के लिए, बल्कि अच्छी आमदनी का भी अवसर प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत सभी आवश्यक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम देवीगढ़, विकासखंड मेघनगर की उन्नतशील कृषि सखी संगीता डामोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उनके अनुभवों एवं प्रयासों की सराहना की। संवाद के दौरान डामोर ने बताया कि उन्होंने कृषि सखी के रूप में प्राकृतिक खेती का पां दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे अपने गांव एवं आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान बनाने की विधियां बता रही हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रही हैं तथा पिछले चार वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़कर नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अन्य किसानों तक भी पहुंचा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि प्राकृतिक खेती एवं बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन रही है। डामोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। *किसानों को हुआ लाभ* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं कृषि सखियों के पास जाकर उनसे प्राकृतिक खेती के अनुभवों को जाना और प्राकृतिक खेती से होने वाली आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने सभी बहनों को आगामी रक्षाबंधन के त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने झाबुआ जिले के विकासखंड झाबुआ के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील कृषक विमल भाबोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उनसे प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा, खेती में आए बदलाव, आय में हुई वृद्धि तथा अन्य किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान विमल भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है तथा वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, भ्रमण एवं कृषक संगोष्ठियों से उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। भाबोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक आदानों का निर्माण किया जाता है। इनका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में वे प्राकृतिक विधि से सब्जियों, फलों एवं अन्य फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। *आत्मनिर्भर बनने कि मिली दशा* कृषक विमल भाबोर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख से 1.50 लाख रुपये हो गई है। इसके अतिरिक्त मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र से 5 हजार 500 रुपये, नर्सरी से लगभग 1.50 लाख रुपये, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों से लगभग 1.60 लाख रुपये तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद से लगभग 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाबोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भाबोर से अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। भाबोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार की योजनाओं से उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है। झाबुआ जिले के दौरे के दौरान सीएम डॉ. मोहन ने किसानों के जाने अनुभव* - *प्राकृतिक खेती से न सिर्फ सेहत हो रही बेहतर, बल्कि आमदनी में हो रहा इजाफा* - *प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राज्य में पैदा हुए प्रगति के नए-नए अवसर* भोपाल/झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 31 जुलाई को झाबुआ जिले के दौरे के दौरान प्राकृतिक खेती कर रहीं उन्नतशील कृषि सखियों और किसानों से संवाद किया। इस मौके पर सीएम डॉ. यादव ने कहा कि झाबुआ जिले में प्राकृतिक खेती के पर्याप्त अवसर हैं। प्राकृतिक खेती न सिर्फ सेहत के लिए, बल्कि अच्छी आमदनी का भी अवसर प्रदान कर रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश में नए अवसर पैदा हुए हैं। इसके लिए प्रदेश में कृषि कल्याण वर्ष के अंतर्गत सभी आवश्यक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ग्राम देवीगढ़, विकासखंड मेघनगर की उन्नतशील कृषि सखी संगीता डामोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के क्षेत्र में उनके अनुभवों एवं प्रयासों की सराहना की। संवाद के दौरान डामोर ने बताया कि उन्होंने कृषि सखी के रूप में प्राकृतिक खेती का पां दिवसीय प्रशिक्षण प्राप्त किया है। वर्तमान में वे अपने गांव एवं आसपास के 125 किसानों को प्राकृतिक खेती का प्रशिक्षण दे रही हैं। प्रशिक्षण में मुख्य रूप से बीजामृत, जीवामृत और नीमास्त्र जैसे प्राकृतिक आदान बनाने की विधियां बता रही हैं। उन्होंने बताया कि वे लगभग एक हेक्टेयर भूमि पर प्राकृतिक खेती कर रही हैं तथा पिछले चार वर्षों से आत्मा परियोजना से जुड़कर नवीन कृषि तकनीकों को अपनाने के साथ अन्य किसानों तक भी पहुंचा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि प्राकृतिक खेती एवं बेहतर फसल प्रबंधन अपनाने से गेहूं का उत्पादन 35 क्विंटल से बढ़कर 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर हो गया, जिससे उनकी आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की लागत कम करने, उत्पादन बढ़ाने और आय में वृद्धि का प्रभावी माध्यम बन रही है। डामोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त किया। *किसानों को हुआ लाभ* मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्वयं कृषि सखियों के पास जाकर उनसे प्राकृतिक खेती के अनुभवों को जाना और प्राकृतिक खेती से होने वाली आमदनी की जानकारी ली। उन्होंने सभी बहनों को आगामी रक्षाबंधन के त्योहार की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने झाबुआ जिले के विकासखंड झाबुआ के ग्राम खेड़ी निवासी प्रगतिशील कृषक विमल भाबोर से संवाद कर प्राकृतिक खेती के उनके अनुभव जाने। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने उनसे प्राकृतिक खेती अपनाने की प्रेरणा, खेती में आए बदलाव, आय में हुई वृद्धि तथा अन्य किसानों को दिए जा रहे प्रशिक्षण के बारे में जानकारी प्राप्त की। संवाद के दौरान विमल भाबोर ने बताया कि उनके पास 25 बीघा कृषि भूमि है तथा वे खेती के साथ पशुपालन भी करते हैं। कृषि विभाग के मार्गदर्शन, प्रशिक्षण, भ्रमण एवं कृषक संगोष्ठियों से उन्हें नई तकनीकों को सीखने का अवसर मिला। वे पिछले पांच वर्षों से जैविक खेती तथा दो वर्षों से प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। भाबोर ने मुख्यमंत्री को बताया कि राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के अंतर्गत उन्होंने अपने खेत पर जैव संसाधन केंद्र (बीआरसी) स्थापित किया है, जहां जीवामृत, बीजामृत एवं अन्य प्राकृतिक आदानों का निर्माण किया जाता है। इनका उपयोग वे अपने खेत में करने के साथ आसपास के किसानों को भी उपलब्ध कराते हैं। वर्तमान में वे प्राकृतिक विधि से सब्जियों, फलों एवं अन्य फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। *आत्मनिर्भर बनने कि मिली दशा* कृषक विमल भाबोर ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि पहले खेती से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 50 हजार रुपये का लाभ मिलता था, जबकि प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उनकी वार्षिक आय बढ़कर लगभग 1 लाख से 1.50 लाख रुपये हो गई है। इसके अतिरिक्त मार्च से जून 2026 के दौरान जैव संसाधन केंद्र से 5 हजार 500 रुपये, नर्सरी से लगभग 1.50 लाख रुपये, प्राकृतिक सब्जियों एवं फलों से लगभग 1.60 लाख रुपये तथा वर्मी कम्पोस्ट खाद से लगभग 6 हजार रुपये की अतिरिक्त आय प्राप्त हुई है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भाबोर के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती किसानों की आय बढ़ाने, उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था विकसित करने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने भाबोर से अन्य किसानों को भी प्राकृतिक खेती के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। भाबोर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन और सरकार की योजनाओं से उन्हें प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने की नई दिशा मिली है।
- बचपन में गलतियां होती है बच्चों से गलतियों से सुधारने का अवसर भी होता है पीएम मोदी का नया वीडियो संदेश, प्रदर्शन में अभद्र भाषा पर बोले पीएम, 'मुझे और मेरी माता को गालियां दी गई'1
- भोपाल के व्यापारी संघ ने 10 नंबर मार्केट में या विरोध प्रदर्शन भोपाल के व्यापारियों में 10 नंबर मार्केट में नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया नगर निगम ने 24 घंटे के अंतर्गत जगह खाली करने के आदेश दिए थे इसके विरोध में सभी व्यापारियों ने मिलकर नगर निगम के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया2
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- नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से की मुलाकात नेता प्रतिपक्ष के साथ तीन अन्य विधायक भी रहे मौजूद मुलाकात को लेकर उमंग सिंगार ने बताया कि 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस मनाया जाता है और कमलनाथ सरकार में हमने 9 अगस्त को सार्वजनिक अवकाश घोषित कर रहा था 9 अगस्त को हर गांव में चर्चा उनकी संस्कृति को लेकर आर्थिक स्थिति सामाजिक स्थिति को लेकर इसलिए हमने मुख्यमंत्री जी से मांग की है कि 9अगस्त को सार्वजनिक औकात घोषित किया जाए इसके अलावा आदिवासी क्षेत्र के आदिवासी छात्रावास और आदिवासी क्षेत्रों में जो सरकारी अस्पताल है उनका निजी हाथों में सौपा जा रहा है निजी हाथों में अस्पताल जैसी बुनियादी सुविधा को यदि सौंप दिया जाएगा और यदि वहां पर डॉक्टर नहीं रहते हैं तो उसका कोई औचित्य नही है इसी प्रकार से आदिवासी अंचल दूर दराज में है और आदिवासी हॉस्टल्स को यकीन निजी हाथों में सौपा जाएगा तो क्या वहां 50 से 100 किलोमीटर दूर से आने वाले आदिवासी छात्रों को क्या सुविधा मिलेगी क्या उनका समुचित विकास हो पाएगा इसी प्रकार से हमने आईटीआई को लेकर के भी चर्चा की है कि वहां आने वाले छात्रों को नए ट्रेड के हिसाब से नई मशीनों के हिसाब से पढ़ाया जाए मुख्यमंत्री ने इन सब विषयों पर हमसे चर्चा की है और कहां है कि मैं इन सब विषयों पर एक बार विचार करूंगा और सभी विषयों पर दोनों दलों के लोग बैठकर चर्चा करेंगे उसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा सरकार करती है तो अच्छी बात है स्वागत है नहीं करती तो कांग्रेस पार्टी इसका विरोध करेगी अमित कॉल की हत्या के मामले में नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि कल हम डीजीपी से मिले थे और डीजीपी ने बोला है कि हम इसकी निष्पक्ष जांच करेंगे की उसकी हत्या के पीछे की वजह क्या है और क्योंकि उसके पिताजी भी पुलिस विभाग से जुड़े हुए हैं हमने मुख्यमंत्री के अभी तक सज्ञान में लाया है उन्होंने भी इस पर जांच की बात कही है दतिया उप चुनाव को लेकर कहां की मेरी जानकारी में भी आया था कि वहां पर प्रशासन ने और अधिकारियों ने बूथ कैटरिंग का प्रयास किया है हमारे कांग्रेस की उम्मीदवार घनश्याम जी ने भी मुझे बताया मुझे लगता है कि सरकार ने वहां पर निष्पक्ष चुनाव नहीं कराया है लेकिन मेरा विश्वास है कि वहां पर कांग्रेस जीत रही है नगर पालिका क्षेत्र में अवैध होर्डिंग्स को लेकर कहा कि अवैध होल्डिंग्स किसके लग रहे हैं कौन लगता रहा है कौन उसमें कमीशन ले रहा है क्या सरकार की नजर में नहीं है और यदि है तो उसकी जांच कारण निष्पक्ष जांच होनी चाहिए1
- ओशो ग्रुप विदिशा द्वारा इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत धूमधाम, से मनाया गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आज संस्कारधानी विदिशा भक्ति और ध्यान के रंगों में सराबोर नज़र आई। ओशो ग्रुप विदिशा द्वारा इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व अत्यंत धूमधाम, श्रद्धा और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातःकाल सावरकर बाल विहार स्थित योगा कक्ष में हुआ। इस विशेष आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में अखिल भारतीय स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, लायन अरुण कुमार सोनी उपस्थित रहे। प्रातःकालीन सत्र में उपस्थित सभी साधकों और गुरुभक्तों ने महान दार्शनिक आचार्य श्री रजनीश ओशो के साथ-साथ योग गुरु श्री रामदेव बाबा और जगद्गुरु कृपालु महाराज जी का श्रद्धापूर्वक स्मरण किया तथा उनके चित्रों पर माल्यार्पण कर नमन किया। दिन चढ़ने के साथ ही भक्ति की यह लहर और भी गहरी होती गई। संध्या समय ओशो संन्यासियों से समृद्ध रामचरण आर्य परिवार के निवास पर एक भव्य भजन, कीर्तन और ध्यान संध्या का आयोजन किया गया। यहाँ ओशो के विचारों और सुमधुर भजनों की ऐसी अविरल गंगा बही कि उपस्थित सभी ओशो प्रेमी भक्ति रस में सराबोर होकर झूमते और डुबकी लगाते नज़र आए। इस आध्यात्मिक संध्या में चार चांद लगाए विदिशा की प्रख्यात गायिका सौम्या शर्मा ने। सौम्या शर्मा की सुरीली और भावपूर्ण प्रस्तुतियों ने समां बांध दिया, जिससे पूरा वातावरण ओशोमय और संगीतमय हो गया। 2
- कोलार के हिनोतिया में गांजा तस्करों का खूनी तांडव, शिकायत करने पर अहिरवार परिवार पर किया जानलेवा हमला आरोपी इरशाद और उसके गुर्गों ने घर में घुसकर मचाया भारी उत्पाद, लाठी-डंडों के हमले में 5 महिलाएं घायल1