नारनौल हरियाणा न्यूज यह लड्डू जिनकी आप तस्वीर देख रहे हैं। वह केमिकल से बने हैं। इनमें बेसन का कहीं भी इस्तेमाल नहीं है और उनकी सजावट तथा रंग इस तरह चमकदार बना दिया जाता है कि जैसे ही यह मोतीचूर के लड्डू हो, मगर यह बहुत ही घातक केमिकल्स बने हुए होते हैं। थोक में यह नारनौल के दुकानदारों को रेवाड़ी तथा अलवर से 70 से 80 रुपए किलो में सप्लाई हो रहे हैं, जबकि दुकानदार इनको सजावट करके₹200 किलो तक बेच रहे हैं। अब आप ही बताएं थोक में यह ₹70 किलो मिले तो बताओ इनमें कितना बेसन लगा होगा। वही इन लड्डुओं का इस्तेमाल प्रसाद के लिए भी बहुत हो रहा है, जबकि यह केमिकल से बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी इस ओर देखकर उन लोगों की पहचान कर छापेमारी करनी चाहिए जो इन खतरनाक घातक केमिकल से बने चमकदार लड्डुओं को बेचते हैं। नारनौल हरियाणा न्यूज यह लड्डू जिनकी आप तस्वीर देख रहे हैं। वह केमिकल से बने हैं। इनमें बेसन का कहीं भी इस्तेमाल नहीं है और उनकी सजावट तथा रंग इस तरह चमकदार बना दिया जाता है कि जैसे ही यह मोतीचूर के लड्डू हो, मगर यह बहुत ही घातक केमिकल्स बने हुए होते हैं। थोक में यह नारनौल के दुकानदारों को रेवाड़ी तथा अलवर से 70 से 80 रुपए किलो में सप्लाई हो रहे हैं, जबकि दुकानदार इनको सजावट करके₹200 किलो तक बेच रहे हैं। अब आप ही बताएं थोक में यह ₹70 किलो मिले तो बताओ इनमें कितना बेसन लगा होगा। वही इन लड्डुओं का इस्तेमाल प्रसाद के लिए भी बहुत हो रहा है, जबकि यह केमिकल से बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी इस ओर देखकर उन लोगों की पहचान कर छापेमारी करनी चाहिए जो इन खतरनाक घातक केमिकल से बने चमकदार लड्डुओं को बेचते हैं।
नारनौल हरियाणा न्यूज यह लड्डू जिनकी आप तस्वीर देख रहे हैं। वह केमिकल से बने हैं। इनमें बेसन का कहीं भी इस्तेमाल नहीं है और उनकी सजावट तथा रंग इस तरह चमकदार बना दिया जाता है कि जैसे ही यह मोतीचूर के लड्डू हो, मगर यह बहुत ही घातक केमिकल्स बने हुए होते हैं। थोक में यह नारनौल के दुकानदारों को रेवाड़ी तथा अलवर से 70 से 80 रुपए किलो में सप्लाई हो रहे हैं, जबकि दुकानदार इनको सजावट करके₹200 किलो तक बेच रहे हैं। अब आप ही बताएं थोक में यह ₹70 किलो मिले तो बताओ इनमें कितना बेसन लगा होगा। वही इन लड्डुओं का इस्तेमाल प्रसाद के लिए भी बहुत हो रहा है, जबकि यह केमिकल से बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी इस ओर देखकर उन लोगों की पहचान कर छापेमारी करनी चाहिए जो इन खतरनाक घातक केमिकल से बने चमकदार लड्डुओं को बेचते हैं। नारनौल हरियाणा न्यूज यह लड्डू जिनकी आप तस्वीर देख रहे हैं। वह केमिकल से बने हैं। इनमें बेसन का कहीं भी इस्तेमाल नहीं है और उनकी सजावट तथा रंग इस तरह चमकदार बना दिया जाता है कि जैसे ही यह मोतीचूर के लड्डू हो, मगर यह बहुत ही घातक केमिकल्स बने हुए होते हैं। थोक में यह नारनौल के दुकानदारों को रेवाड़ी तथा अलवर से 70 से 80 रुपए किलो में सप्लाई हो रहे हैं, जबकि दुकानदार इनको सजावट करके₹200 किलो तक बेच रहे हैं। अब आप ही बताएं थोक में यह ₹70 किलो मिले तो बताओ इनमें कितना बेसन लगा होगा। वही इन लड्डुओं का इस्तेमाल प्रसाद के लिए भी बहुत हो रहा है, जबकि यह केमिकल से बने हुए हैं। स्वास्थ्य विभाग को भी इस ओर देखकर उन लोगों की पहचान कर छापेमारी करनी चाहिए जो इन खतरनाक घातक केमिकल से बने चमकदार लड्डुओं को बेचते हैं।
- हरियाणा न्यूज किसान की बेटी की शादी में पहुंचे राहुल गांधी 📹 #trading #news1
- Post by Om Parkash1
- Post by Bolti Awaaz news1
- महेंद्रगढ़ के अभिषेक शर्मा ने जेजेपी युवा प्रदेश संगठन सचिव बनने पर दिग्विजय सिंह चौटाला का जताया आभार1
- हरियाणा कांग्रेस नेत्री बोली पार्टी नेताओं को करोडो रूपये दिए। पैसे लेकर भी टिकट पद नहीं मिला1
- भिवानी: हरियाणा के मनीषा मौत मामले में न्याय की मांग को लेकर निकाला जा रहा 'पैदल मार्च' आज भिवानी पहुंचा। इस यात्रा में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, सामाजिक कार्यकर्ता और महिलाएं शामिल हुईं। हाथों में तख्तियां और मनीषा की तस्वीरें लिए प्रदर्शनकारी प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मुख्य बिंदु: न्याय की गुहार: प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस इस मामले में ढुलमुल रवैया अपना रही है और मुख्य आरोपियों को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है। पैदल यात्रा का उद्देश्य: यह यात्रा विभिन्न गांवों और कस्बों से होते हुए लोगों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए निकाली जा रही है। यात्रा का मुख्य उद्देश्य मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाना है। प्रशासन को चेतावनी: प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे अपना आंदोलन और तेज करेंगे। पैदल यात्रा के दौरान लोगों ने "मनीषा को न्याय दो" और "दोषियों को फांसी दो" के नारे लगाए। स्थानीय समर्थन: भिवानी पहुंचने पर स्थानीय निवासियों ने भी इस यात्रा का जोरदार स्वागत किया और अपनी एकजुटता प्रकट की। बाजार क्षेत्रों से गुजरते समय भारी भीड़ देखी गई, जिससे यातायात पर भी असर पड़ा। मनीषा के परिवार वालों का कहना है कि वे तब तक हार नहीं मानेंगे जब तक उनकी बेटी को इंसाफ नहीं मिल जाता। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन की ओर से इस मामले पर कोई नया आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन इस पैदल यात्रा ने शासन के गलियारों में हलचल जरूर पैदा कर दी है।1
- मुंडावर उपखंड क्षेत्र के हरियाणा सीमा से सटे गांव रामसिंहपुरा का एक और वीर सपूत देश सेवा करते हुए शहीद हो गया। भारतीय सेना में कार्यरत जवान नितेश कुमार श्रीनगर के बारामुला क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान हुए हादसे में शहीद हो गए। इस खबर के बाद गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। जानकारी के अनुसार नितेश कुमार 28 दिन की छुट्टी पूरी कर चार दिन पहले ही वापस ड्यूटी पर श्रीनगर के बारामुला क्षेत्र में पहुंचे थे। उनके चचेरे भाई डॉ. उम्मेद सिंह ने बताया कि ड्यूटी पर लौटने से पहले नितेश गुलमर्ग स्थित ट्रांजिट कैंप में पहुंचे थे, जो सेना की दृष्टि से अति संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। बताया गया कि ट्रांजिट कैंप में पहुंचने के बाद नितेश अपने ससुराल पलावा गांव में 11 मार्च को होने वाली अपने साले की शादी में शामिल होने के लिए छुट्टी बढ़ाने का प्रार्थना पत्र अधिकारियों को देने पहुंचे थे। इसी दौरान वह सेना के वाहन से साथियों के साथ सफर कर रहे थे। वाहन से उतरते समय अचानक संतुलन बिगड़ने से वह फिसलकर सड़क पर गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। ड्यूटी के दौरान हुई इस दुर्घटना में शहीद होने पर सेना द्वारा उन्हें शहीद का दर्जा दिया गया। इसके बाद सेना के जवानों के साथ उनका पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव रामसिंहपुरा लाया गया। नितेश कुमार वर्ष 2017 में 19 इन्फेंट्री डिवीजन के तहत भारतीय थल सेना में भर्ती हुए थे। उन्होंने वर्ष 2015 में दसवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद अपने पिता के मार्गदर्शन में सेना में भर्ती होने की तैयारी शुरू की थी। शहीद नितेश कुमार का परिवार भी लंबे समय से देश सेवा से जुड़ा रहा है। उनके पिता अभय सिंह वर्ष 2008 में भारतीय सेना से हवलदार पद से सेवानिवृत्त हुए थे, जबकि उनके बड़े भाई विजय सिंह वर्तमान में पश्चिम बंगाल में सेना में तैनात हैं। गांव रामसिंहपुरा के इस वीर सपूत की शहादत से पूरे क्षेत्र में शोक और गर्व का माहौल है। ग्रामीणों ने शहीद को भावभीनी श्रद्धांजलि देते हुए परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की। इस अवसर पर मुंडावर विधायक ललित यादव,जाट महासभा जिला अध्यक्ष अमित धर्मपाल चौधरी, मानका सरपंच गोविंद वाल्मीकि, राजा पंडित, लक्ष्मीकांत मीणा सहित काफी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।4
- भिवानी की बेटी मनीषा को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर पीड़ित परिवार को समर्थन देने भिवानी पहुँचे युवा प्रदेशाध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला1