पूर्व जिला महामंत्री रविशंकर तिवारी की पहल रंग लाई, कलेक्ट्रेट चौराहे पर पीपल स्थल का सौंदर्यीकरण शुरू आजमगढ़ कलेक्ट्रेट चौराहे के समीप रिक्शा स्टैंड के पीछे स्थित प्राचीन पीपल के वृक्ष के संरक्षण एवं आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की मांग पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शनिवार से कार्य शुरू करा दिया। यह पहल पूर्व जिला महामंत्री रविशंकर तिवारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी नगर निकाय को दिए गए पत्रक के बाद हुई। पत्रक में पीपल के क्षतिग्रस्त चबूतरे के पुनर्निर्माण, आसपास इंटरलॉकिंग कराने, बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सियां बनवाने तथा राजेंद्र जलपान गृह के पास की खुली नालियों को ढकवाकर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने की मांग की गई थी। प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई करते हुए शनिवार से स्थल के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ करा दिया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस त्वरित पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल वर्षों पुराने छायादार पीपल वृक्ष का संरक्षण होगा, बल्कि राहगीरों और आमजन को बैठने तथा स्वच्छ वातावरण की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध होगी।
पूर्व जिला महामंत्री रविशंकर तिवारी की पहल रंग लाई, कलेक्ट्रेट चौराहे पर पीपल स्थल का सौंदर्यीकरण शुरू आजमगढ़ कलेक्ट्रेट चौराहे के समीप रिक्शा स्टैंड के पीछे स्थित प्राचीन पीपल के वृक्ष के संरक्षण एवं आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण की मांग पर प्रशासन ने त्वरित संज्ञान लेते हुए शनिवार से कार्य शुरू करा दिया। यह पहल पूर्व जिला महामंत्री रविशंकर तिवारी द्वारा अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं प्रभारी नगर निकाय को दिए गए पत्रक के बाद हुई। पत्रक में पीपल के क्षतिग्रस्त चबूतरे के पुनर्निर्माण, आसपास इंटरलॉकिंग कराने, बैठने के लिए सीमेंट की कुर्सियां बनवाने तथा राजेंद्र जलपान गृह के पास की खुली नालियों को ढकवाकर स्वच्छता व्यवस्था बेहतर करने की मांग की गई थी। प्रशासन द्वारा शीघ्र कार्रवाई करते हुए शनिवार से स्थल के सौंदर्यीकरण का कार्य प्रारंभ करा दिया गया। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस त्वरित पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे न केवल वर्षों पुराने छायादार पीपल वृक्ष का संरक्षण होगा, बल्कि राहगीरों और आमजन को बैठने तथा स्वच्छ वातावरण की बेहतर सुविधा भी उपलब्ध होगी।
- एसडीएम कार्यालय पहुँच कर पिड़ित ने न्याय के संबंध में गुहार लगाया। जनपद जौनपुर तहसील केराकत में, एसडीएम कार्यालय पहुँच कर पिड़ित ने न्याय के संबंध में गुहार लगाया। आप लोगो को बतादे कि तहसील केराकत के विकास खंड मुफ्तीगंज के गाँव मटियारी निवासी धर्मराज पांल तहसील केराकत उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा कब्जा हटाने के संबंध में, वही पिड़ित धर्मराज पाल ने बताया कि भीटा का जमीन कब्जा किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया हूँ, वही पिड़ित शुरू एप के माध्यम से जिलाधिकारी से कब्जा हटवाने के संबंध में, गुहार लगाया।3
- महिलाओं की सुरक्षा और हो रहे अपराध को लेकर राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी महिलाओं की सुरक्षा और हो रहे अपराध को लेकर राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी बाल लेकर राज्य महिला आयोग उपाध्यक्ष चारु चौधरी बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर की जागरुक3
- देवरिया। कारोबारी ने एसपी से लगाई सुरक्षा की गुहार, धमकी और दुकान पर कब्जे की आशंका जताई1
- जौनपुर कल शाम को रात में हुई जमकर बारिश मौसम सुनहरा हुआ जौनपुर जिला में रात में हुई जमकर बारिश कल भी शाम को हुई थी बारिश1
- 'राजीव गांधी ने दूरदर्शन के जरिए भगवान राम को पहुंचाया घर-घर': इंटरव्यू में दावा नई दिल्ली: एक इंटरव्यू के दौरान वरिष्ठ पत्रकार/विश्लेषक राजीव रंजन से बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि भारत में भगवान राम के संदेश और उनकी गाथा को जन-जन तक पहुंचाने में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इंटरव्यू में चर्चा के दौरान कहा गया कि 1980 के दशक में तत्कालीन राजीव गांधी सरकार के समय ही दूरदर्शन पर रामानंद सागर की मशहूर धारावाहिक 'रामायण' का प्रसारण शुरू किया गया था। इस ऐतिहासिक धारावाहिक के माध्यम से भगवान राम की महिमा और उनके जीवन मूल्य देश के कोने-कोने और हर घर तक पहुंचे। प्रमुख बिंदु: दूरदर्शन और रामायण का दौर: राजीव गांधी के कार्यकाल में 1987 में दूरदर्शन पर 'रामायण' का प्रसारण शुरू हुआ, जिसने भारतीय टेलीविजन इतिहास में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया। उस समय रविवार की सुबह गलियां और सड़कें सुनसान हो जाती थीं और लोग टीवी के सामने हाथ जोड़कर बैठ जाते थे। सांस्कृतिक जुड़ाव: साक्षात्कार में कहा गया कि मीडिया माध्यमों (विशेषकर दूरदर्शन) का इस्तेमाल करके भगवान राम की कथा को आधुनिक भारत के हर नागरिक तक पहुंचाने का श्रेय तत्कालीन सरकार की नीतियों और फैसलों को जाता है। राजनीतिक एवं सांस्कृतिक पहलू: इस विषय पर अक्सर राजनीतिक चर्चाएं होती रही हैं, जहां एक पक्ष इसे दूरदर्शन का एक ऐतिहासिक कदम मानता है, वहीं समर्थकों का कहना है कि राजीव गांधी ने देश की सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक से जोड़कर घर-घर तक पहुंचाने का काम किया। संपादकीय टिप्पणी: 1980 के दशक में प्रसारित हुए 'रामायण' धारावाहिक ने न केवल धार्मिक व सांस्कृतिक चेतना जगाई, बल्कि भारतीय टेलीविजन और मीडिया के इतिहास को भी हमेशा के लिए बदल दिया।1
- साहब... मेरे पापा का न्याय दिला दीजिए" - सपूर्ण समाधान दिवस में मासूम की गुहार #देवरिया। रुद्रपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय भावुक हो गया, जब एक मासूम बच्चा अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी के सामने पहुंचा और भर्राई आवाज में बोला, "साहब... मेरे पापा को न्याय दिला दीजिए।" बच्चे की यह मार्मिक गुहार सुनकर वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। दरअसल, दो दिन पहले रामप्रीत साहनी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा एक पुलिसकर्मी के वाहन की टक्कर से हुआ। घटना के विरोध में ग्रामीणों और परिजनों ने इकौना थाना क्षेत्र के बजरंग चौराहे पर शव रखकर सडक जाम कर प्रदर्शन भी किया था।उनका कहना है कि अब तक दोषी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं शनिवार को पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा। इस दौरान साथ आए मासूम बच्चे ने भी जिलाधिकारी से अपनी बात कहने की इच्छा जताई। जब परिजन उसे रोकने लगे तो जिलाधिकारी ने स्वयं उसे बोलने का अवसर दिया। बच्चे ने मासूमियत के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साहब... मेरे पापा का न्याय दिला दीजिए" - सपूर्ण समाधान दिवस में मासूम की गुहार #देवरिया। रुद्रपुर तहसील में शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय भावुक हो गया, जब एक मासूम बच्चा अपने परिजनों के साथ जिलाधिकारी के सामने पहुंचा और भर्राई आवाज में बोला, "साहब... मेरे पापा को न्याय दिला दीजिए।" बच्चे की यह मार्मिक गुहार सुनकर वहां मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और फरियादी भी कुछ पल के लिए भावुक हो गए। दरअसल, दो दिन पहले रामप्रीत साहनी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि यह हादसा एक पुलिसकर्मी के वाहन की टक्कर से हुआ। घटना के विरोध में ग्रामीणों और परिजनों ने इकौना थाना क्षेत्र के बजरंग चौराहे पर शव रखकर सडक जाम कर प्रदर्शन भी किया था।उनका कहना है कि अब तक दोषी के खिलाफ अपेक्षित कार्रवाई नहीं शनिवार को पीड़ित परिवार न्याय की मांग लेकर संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा। इस दौरान साथ आए मासूम बच्चे ने भी जिलाधिकारी से अपनी बात कहने की इच्छा जताई। जब परिजन उसे रोकने लगे तो जिलाधिकारी ने स्वयं उसे बोलने का अवसर दिया। बच्चे ने मासूमियत के साथ अपने पिता को न्याय दिलाने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाते हुए कहा कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।1
- Post by नवोदय वार्ता1