बिजनौर। जनपद में लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठने वाले एक संगठित हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। जिले के विभिन्न थानों में गिरोह के सक्रिय सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। मामले का विवरण संगठित कार्यप्रणाली: यह गिरोह संभ्रांत और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाकर पहले आपत्तिजनक स्थितियां बनाता था, फिर रेप या छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली करता था। कई थानों में मुकदमे: पीड़ितों की शिकायतों और पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर जनपद के अलग-अलग थानों में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ संगठित अपराध, ब्लैकमेलिंग और फिरौती से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई हैं। साक्ष्य संकलन: पुलिस डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और बैंक खातों के लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि वसूली गई रकम का ट्रेल स्पष्ट हो सके। पुलिस अधीक्षक के. के. विश्नोई की आधिकारिक बाइट "जनपद बिजनौर में हनीट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे अवैध वसूली करने वाले एक सक्रिय संगठित गिरोह का संज्ञान लिया गया है। इस संबंध में पीड़ितों की तहरीर और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जनपद के विभिन्न थानों में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराए गए हैं। गिरोह के नेटवर्क में शामिल प्रत्येक सदस्य को चिन्हित किया जा रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा। आमजन से भी अपील है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के दबाव या ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ है, तो वह निडर होकर पुलिस से संपर्क करे, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।" पुलिस की टीमें गिरोह में शामिल अन्य मददगारों और फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। बिजनौर। जनपद में लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठने वाले एक संगठित हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। जिले के विभिन्न थानों में गिरोह के सक्रिय सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। मामले का विवरण संगठित कार्यप्रणाली: यह गिरोह संभ्रांत और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाकर पहले आपत्तिजनक स्थितियां बनाता था, फिर रेप या छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली करता था। कई थानों में मुकदमे: पीड़ितों की शिकायतों और पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर जनपद के अलग-अलग थानों में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ संगठित अपराध, ब्लैकमेलिंग और फिरौती से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई हैं। साक्ष्य संकलन: पुलिस डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और बैंक खातों के लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि वसूली गई रकम का ट्रेल स्पष्ट हो सके। पुलिस अधीक्षक के. के. विश्नोई की आधिकारिक बाइट "जनपद बिजनौर में हनीट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे अवैध वसूली करने वाले एक सक्रिय संगठित गिरोह का संज्ञान लिया गया है। इस संबंध में पीड़ितों की तहरीर और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जनपद के विभिन्न थानों में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराए गए हैं। गिरोह के नेटवर्क में शामिल प्रत्येक सदस्य को चिन्हित किया जा रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा। आमजन से भी अपील है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के दबाव या ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ है, तो वह निडर होकर पुलिस से संपर्क करे, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।" पुलिस की टीमें गिरोह में शामिल अन्य मददगारों और फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
बिजनौर। जनपद में लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठने वाले एक संगठित हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। जिले के विभिन्न थानों में गिरोह के सक्रिय सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। मामले का विवरण संगठित कार्यप्रणाली: यह गिरोह संभ्रांत और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाकर पहले आपत्तिजनक स्थितियां बनाता था, फिर रेप या छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली करता था। कई थानों में मुकदमे: पीड़ितों की शिकायतों और पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर जनपद के अलग-अलग थानों में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ संगठित अपराध, ब्लैकमेलिंग और फिरौती से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई हैं। साक्ष्य संकलन: पुलिस डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और बैंक खातों के लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि वसूली गई रकम का ट्रेल स्पष्ट हो सके। पुलिस अधीक्षक के. के. विश्नोई की आधिकारिक बाइट "जनपद बिजनौर में हनीट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे अवैध वसूली करने वाले एक सक्रिय संगठित गिरोह का संज्ञान लिया गया है। इस संबंध में पीड़ितों की तहरीर और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जनपद के विभिन्न थानों में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराए गए हैं। गिरोह के नेटवर्क में शामिल प्रत्येक सदस्य को चिन्हित किया जा रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा। आमजन से भी अपील है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के दबाव या ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ है, तो वह निडर होकर पुलिस से संपर्क करे, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।" पुलिस की टीमें गिरोह में शामिल अन्य मददगारों और फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। बिजनौर। जनपद में लोगों को झूठे मामलों में फंसाने और ब्लैकमेल कर मोटी रकम ऐंठने वाले एक संगठित हनीट्रैप गिरोह के खिलाफ पुलिस ने बड़े पैमाने पर कानूनी शिकंजा कस दिया है। जिले के विभिन्न थानों में गिरोह के सक्रिय सदस्यों के खिलाफ गंभीर धाराओं में अभियोग पंजीकृत किए गए हैं। मामले का विवरण संगठित कार्यप्रणाली: यह गिरोह संभ्रांत और आर्थिक रूप से संपन्न व्यक्तियों को अपने जाल में फंसाकर पहले आपत्तिजनक स्थितियां बनाता था, फिर रेप या छेड़छाड़ के झूठे मुकदमे दर्ज कराने की धमकी देकर लाखों रुपये की वसूली करता था। कई थानों में मुकदमे: पीड़ितों की शिकायतों और पुलिस की प्राथमिक जांच के आधार पर जनपद के अलग-अलग थानों में गिरोह के सदस्यों के खिलाफ संगठित अपराध, ब्लैकमेलिंग और फिरौती से संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई हैं। साक्ष्य संकलन: पुलिस डिजिटल साक्ष्य, कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स (CDR) और बैंक खातों के लेन-देन की गहनता से पड़ताल कर रही है ताकि वसूली गई रकम का ट्रेल स्पष्ट हो सके। पुलिस अधीक्षक के. के. विश्नोई की आधिकारिक बाइट "जनपद बिजनौर में हनीट्रैप के जरिए लोगों को ब्लैकमेल करने और उनसे अवैध वसूली करने वाले एक सक्रिय संगठित गिरोह का संज्ञान लिया गया है। इस संबंध में पीड़ितों की तहरीर और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर जनपद के विभिन्न थानों में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कराए गए हैं। गिरोह के नेटवर्क में शामिल प्रत्येक सदस्य को चिन्हित किया जा रहा है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इनके खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और अवैध तरीके से अर्जित की गई संपत्ति को जब्त किया जाएगा। आमजन से भी अपील है कि यदि कोई व्यक्ति इस तरह के दबाव या ब्लैकमेलिंग का शिकार हुआ है, तो वह निडर होकर पुलिस से संपर्क करे, उनकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।" पुलिस की टीमें गिरोह में शामिल अन्य मददगारों और फरार अभियुक्तों की धरपकड़ के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।
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- वित्तीय रिकॉर्ड देने के बदले 45 हजार की रिश्वत मांगने वाला क्लर्क गिरफ्तार फरीदाबाद ब्रेकिंग :- वित्तीय रिकॉर्ड देने के बदले 45 हजार की रिश्वत मांगने वाला क्लर्क गिरफ्तार। एसवी एंड एसीबी की टीम ने रजिस्ट्रार फर्म एवं सोसायटी कार्यालय में की कार्रवाई। आरोपी क्लर्क राहुल त्यागी को 20 हजार रुपए लेते रंगे हाथ दबोचा। वर्ष 2018 से अब तक के वित्तीय रिकॉर्ड देने के एवज में मांगी थी रिश्वत। शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने जाल बिछाकर की कार्रवाई। आरोपी से पूछताछ कर अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच। मामले में एसीबी की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई जारी।1
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- प्रतापराव गणपतराव जाधव, केंद्रीय आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री प्रतापराव गणपतराव जाधव डिजिटल माध्यम से जुड़े। उन्होंन कार्यक्रम में डॉ. जागृति और डॉ. अभिषेक साहा ने यौन स्वास्थ्य, प्रजनन क्षमता और जीवनशक्ति से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी। विशेषज्ञों ने कहा कि यौन स्वास्थ्य को लेकर सामाजिक झिझक के कारण कई बार लोग अपनी समस्याओं पर समय रहते बात नहीं कर पाते। खासतौर पर महिलाओं के लिए सही और भरोसेमंद स्वास्थ्य जानकारी तक पहुंच को जरूरी बताया गया। प्रतापराव गणपतराव जाधव, केंद्रीय आयुष मंत्रालय के राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के राज्य मंत्री वहीं डॉ. तनु और डॉ. अक्षरा अरोड़ा ने आयुर्वेद, आधुनिक चिकित्सा और आज की बदलती जीवनशैली को लेकर चर्चा की। विशेषज्ञों ने खान-पान, दिनचर्या और नियमित रूप से स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत बताई। कार्यक्रम में इस बात पर जोर रहा कि स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता बीमारी के बाद नहीं, बल्कि पहले से शुरू होनी चाहिए। कार्यक्रम में महिला स्वास्थ्य, यौन स्वास्थ्य और मानसिक स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने की जरूरत पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने कहा कि संवेदनशील स्वास्थ्य विषयों पर वैज्ञानिक और सही जानकारी लोगों तक पहुंचाना जरूरी है, ताकि झिझक और गलत धारणाओं को कम किया जा सके। कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य से जुड़े अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों ने आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के बीच बेहतर समझ विकसित करने और रोजमर्रा की जिंदगी में स्वस्थ आदतों को अपनाने पर भी जोर दिया। आयोजकों की ओर से भविष्य में महिला स्वास्थ्य और अन्य महत्वपूर्ण स्वास्थ्य विषयों पर जागरूकता से जुड़े प्रयास जारी रखने की बात कही गई।1
- महिला यात्री दानापुर से ट्रेन में सवार होकर प्रयागराज जा रही थी। जब ट्रेन में चल टिकट परीक्षक (ट्टे) ने उससे टिकट मांगा, तो महिला के पास वैध टिकट नहीं था। हंगामा और नाटकः टिकट न होने पर जब टीटीई ने नियमों के तहत बात की, तो महिला भड़क गई और बहस करने लगी। टीटीई पर अनुचित व्यवहार का झूठा आरोप लगाने और उसे फंसाने की नीयत से उसने खुद अपने कपड़े फाड़ लिए और कोच में शोर मचाना शुरू कर दिया। महिला यात्री दानापुर से ट्रेन में सवार होकर प्रयागराज जा रही थी। जब ट्रेन में चल टिकट परीक्षक (ट्टे) ने उससे टिकट मांगा, तो महिला के पास वैध टिकट नहीं था। हंगामा और नाटकः टिकट न होने पर जब टीटीई ने नियमों के तहत बात की, तो महिला भड़क गई और बहस करने लगी। टीटीई पर अनुचित व्यवहार का झूठा आरोप लगाने और उसे फंसाने की नीयत से उसने खुद अपने कपड़े फाड़ लिए और कोच में शोर मचाना शुरू कर दिया।1