लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे" लातेहार बालूमाथ के धाधू कोल ब्लॉक को लेकर बालूमाथ प्रखंड परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। धाधू, भैंसादोन, नावाडीह, चित्रपुर, हेमपुर और सिमर स्रोत गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने NLC कंपनी के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। किसानों के विरोध के कारण कंपनी के अधिकारी मंच तक नहीं पहुंच सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। जनसुनवाई स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पोस्टर-बैनर लेकर पहुंच गए थे। पोस्टरों पर “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे” और “NLC कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लिखे थे। किसानों ने मंच के आसपास घेरा बना लिया। NLC के अधिकारियों के मंच पर जाने के प्रयास का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन को कागजों में बंजर बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी जमीन पर वे टमाटर, धान और मक्का समेत विभिन्न फसलों की खेती करते हैं और एक सीजन में लाखों रुपये की आय होती है। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि गांव में अब तक ग्रामसभा कर किसानों की राय नहीं ली गई है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कंपनी को जमीन से संबंधित कोई बात करनी है तो गांव में ग्रामसभा बुलाकर किसानों से सीधे बातचीत करनी चाहिए। ग्राम प्रधान ने भी प्रखंड परिसर में जनसुनवाई आयोजित करने के बजाय गांव में ग्रामीणों के बीच चर्चा किए जाने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन देने को तैयार नहीं हैं। जनसुनवाई के दौरान हुए विरोध के कारण कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। इधर, जनसुनवाई को लेकर NLC कंपनी के जनरल मैनेजर से मीडिया ने पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे लातेहार बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों का किया विरोध बालूमाथ में जनसुनवाई में हंगामा, किसानों ने NLC अधिकारियों को मंच से खदेड़ा, बोले- "जमीन मांगोगे तो चीर देंगे" लातेहार बालूमाथ के धाधू कोल ब्लॉक को लेकर बालूमाथ प्रखंड परिसर में आयोजित जनसुनवाई के दौरान जमकर हंगामा हुआ। धाधू, भैंसादोन, नावाडीह, चित्रपुर, हेमपुर और सिमर स्रोत गांवों से पहुंचे सैकड़ों किसानों ने NLC कंपनी के प्रस्ताव का विरोध करते हुए जनसुनवाई का बहिष्कार कर दिया। किसानों के विरोध के कारण कंपनी के अधिकारी मंच तक नहीं पहुंच सके और उन्हें वापस लौटना पड़ा। जनसुनवाई स्थल पर सुबह से ही बड़ी संख्या में ग्रामीण पोस्टर-बैनर लेकर पहुंच गए थे। पोस्टरों पर “जान देंगे, लेकिन जमीन नहीं देंगे” और “NLC कंपनी वापस जाओ” जैसे नारे लिखे थे। किसानों ने मंच के आसपास घेरा बना लिया। NLC के अधिकारियों के मंच पर जाने के प्रयास का ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया, जिसके बाद अधिकारियों को वापस लौटना पड़ा। सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े रहे। किसानों का आरोप है कि उनकी उपजाऊ जमीन को कागजों में बंजर बताया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, इसी जमीन पर वे टमाटर, धान और मक्का समेत विभिन्न फसलों की खेती करते हैं और एक सीजन में लाखों रुपये की आय होती है। किसानों ने आरोप लगाया कि कंपनी की ओर से जमीन अधिग्रहण को लेकर ग्रामीणों पर दबाव बनाया जा रहा है, जबकि गांव में अब तक ग्रामसभा कर किसानों की राय नहीं ली गई है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कंपनी को जमीन से संबंधित कोई बात करनी है तो गांव में ग्रामसभा बुलाकर किसानों से सीधे बातचीत करनी चाहिए। ग्राम प्रधान ने भी प्रखंड परिसर में जनसुनवाई आयोजित करने के बजाय गांव में ग्रामीणों के बीच चर्चा किए जाने की मांग की। किसानों ने स्पष्ट कहा कि वे किसी भी कीमत पर अपनी उपजाऊ जमीन देने को तैयार नहीं हैं। जनसुनवाई के दौरान हुए विरोध के कारण कार्यक्रम आगे नहीं बढ़ सका। इधर, जनसुनवाई को लेकर NLC कंपनी के जनरल मैनेजर से मीडिया ने पक्ष जानने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने इस संबंध में कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया।
- झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने खान एवं खनिज विधेयक 2026 के विरोध में बरवाडीह प्रखंड के ग्रामीण इलाकों में किया विरोध प्रदर्शन , गुरुवार की दोपहर 2:00 बजे .आयोजित विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम का नेतृत्व बरवाडीह प्रखंड के प्रखंड अध्यक्ष शशि भूषण तिवारी के नेतृत्व में किया गया। जिस दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने खान एवं खनिज विधेयक 2026 को रद्द करने की मांग करते हुए हमारे जमीन पर हमारा अधिकार नारा लगाया।1
- तालाब के नाम पर बड़ा खेल मचा हड़कंप.? #shorts #shortvideo #talab #pani #manrega #news1
- केस लड़ने के लिए पैसा नहीं है, जमीन विवाद क्या है पूरा मामला 5 एकड़ जमीन पर कैसे चल रहा है और सर जमीन को....1
- नगर उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर अंसारी की ओर से जरूरतमंद बुजुर्गों के बीच राशन एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना और उनके साथ समय बिताया। नगर उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर अंसारी की ओर से जरूरतमंद बुजुर्गों के बीच राशन एवं आवश्यक सामग्री का वितरण किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने बुजुर्गों का कुशलक्षेम जाना और उनके साथ समय बिताया।1
- पहाड़ी ज़ी उर्फ़ रामेश्वर महतो के घर बुढ़मू पुलिस ने इस्तेहार चस्पाया बुढ़मू : बुधवार 26 अगस्त को बुढ़मू पुलिस ने प्ररीबंधित उग्रवादी संगठन पहाड़ी ज़ी उर्फ़ रामेश्वर महतो के पैतृक गांव डमारु मेँ जाकर ढ़ोल नागाड़े बजाकर इस्तेहार चस्पा किया. विदित हो की पहाड़ी ज़ी के खिलाफ बुढ़मू थाना मेँ कांड संख्या 78/2024,दिनांक 03.12.2024, धारा 126(2)/115(2)/309/308(5)/308(4)/3(5) BNS एवं 17 CLA Act के तहत मामले दर्ज है.और वह फरार चल रहा है. जिसपर माननीय दंडाधिकारी सुश्री मान्या टंडन,JM-xxiii,सिविल कोर्ट रांची द्वारा निर्गत इश्तहार का तामीला बुधवार को किया गया.प्राथमिकी अभियुक्त पहाड़ी जी उर्फ रामेश्वर महतो पिता मुनेश्वर महतो,ग्राम डमारु,थाना केरेडारी,जिला हजारीबाग के घर पर केरेडारी थाना के सहयोग से विधिवत इश्तहार का तामीला किया गया.1
- रक्षाबंधन विशेष: इस बार भद्रा नहीं, दिनभर बांधी जाएगी राखी आचार्य चेतन पांडेय ने बताया शुभ मुहूर्त, बहनों में उत्साह चतरा: रक्षाबंधन को लेकर इस बार बहनों के लिए राहत की खबर है। आचार्य चेतन पांडेय के अनुसार इस बार रक्षाबंधन के दिन भद्रा का कोई व्यवधान नहीं रहेगा, जिसके कारण बहनें दिनभर अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांध सकेंगी। भद्रा नहीं होने से राखी बांधने को लेकर किसी विशेष रोक-टोक की स्थिति नहीं रहेगी। आचार्य चेतन पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और विश्वास का पर्व है। इस दिन बहनें भाई की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर उनके सुख, समृद्धि और दीर्घायु की कामना करती हैं। पर्व को लेकर बाजारों में भी राखी और मिठाइयों की खरीदारी शुरू हो गई है। परिवारों में रक्षाबंधन की तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं।1
- लातेहार में बढ़ते सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम को लेकर आम नागरिक एवं दोपहिया चालकों के बीच परिवहन विभाग लातेहार ने चलाया जागरूकता अभियान , गुरुवार की दोपहर 1:00 बजे। जागरूकता अभियान में जिला परिवहन पदाधिकारी उमेश मंडल पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप कुमार एवं राम लखन बरनवाल मुख्य रूप से शामिल थे। जिस दौरान सड़क सुरक्षा अधिनियम का उल्लंघन करने वाले दो पहिया चालकों को स्कूली छात्राओं के द्वारा रक्षाबंधन की राखी बनवाई गई ,जागरूक करने के उद्देश्य से।1
- सुखदेवनगर में 11.42 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो गिरफ्तार रांची। सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के रूगड़ीगढ़ा सरकारी फ्लैट, बैंक ऑफ इंडिया सीएसपी के सामने बुधवार रात पुलिस ने छापेमारी कर 11.42 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, 26 अगस्त की रात करीब 9:05 बजे वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची को उक्त स्थान पर प्रतिबंधित मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक नगर के नियंत्रण में सहायक पुलिस अधीक्षक कोतवाली निखिल राय के नेतृत्व में छापामारी दल गठित किया गया। रात करीब 9:40 बजे टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। पुलिस को देखकर वहां मौजूद कुछ लोग भागने लगे, लेकिन टीम ने दो युवकों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान देव किशोर दूबे उर्फ रिशु दूबे (23), निवासी पथराही, लेस्लीगंज, पलामू के पास से 5.61 ग्राम तथा बादल गुप्ता (25), निवासी मानसरोवर कॉलोनी, सिमलिया, रातू के पास से 5.81 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया गया। दोनों के पास से एक-एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर सुखदेवनगर थाना कांड संख्या 294/2026 के तहत एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(ब)/22/29 में मामला दर्ज किया है। छापामारी दल में सीओ हेहल घनश्याम राम समेत पुलिस पदाधिकारी व सशस्त्र बल शामिल थे।1
- सिसई / गुमला : गुमला में विकास के दावों की खुली पोल; पुल की बदहाली से ग्रामीण परेशान , जान जोखिम में डालकर आवागमन को मजबूर गुमला जिले से विकास के दावों को आईना दिखाती तस्वीर सामने आई है। पालकोट प्रखंड के बिलिंगबिरा पंचायत अंतर्गत गोइंधारा जाने वाले रास्ते पर पुल की बदहाल स्थिति ने ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। हालात ऐसे हैं कि लोग मजबूरी में जान जोखिम में डालकर इस रास्ते से गुजर रहे हैं। बारिश के मौसम में खतरा और भी बढ़ गया है। तस्वीरें पालकोट प्रखंड के बिलिंगबिरा पंचायत की हैं, जहां गोइंधारा जाने वाले रास्ते पर पुल की हालत बेहद खराब है। सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था नहीं होने के कारण ग्रामीण इसी जोखिम भरे रास्ते का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। बच्चों के स्कूल जाने से लेकर ग्रामीणों के प्रखंड मुख्यालय और थाना पहुंचने तक, इसी रास्ते पर निर्भरता है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश के दिनों में पुल और रास्ते की स्थिति और भी खतरनाक हो जाती है। ऐसे में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीण लंबे समय से पुल की मरम्मत या नए निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो पाया है। ग्रामीणों के मुताबिक, चुनाव से पहले सिमडेगा विधायक भूषण बाड़ा ने मौके पर पहुंचकर पुल की स्थिति का जायजा लिया था। ग्रामीणों का दावा है कि पुल के निर्माण या मरम्मत के लिए टेंडर भी पास कराया गया था। इसके बावजूद अब तक धरातल पर काम शुरू नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें उम्मीद थी कि टेंडर पास होने के बाद जल्द ही काम शुरू होगा और वर्षों पुरानी समस्या खत्म हो जाएगी। लेकिन समय बीतने के बावजूद हालात जस के तस हैं। अब ग्रामीण प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। कैमरे में कैद ये तस्वीरें सिर्फ बदहाल पुल की कहानी नहीं, बल्कि उन ग्रामीणों की परेशानी बयां कर रही हैं, जिनके लिए यही रास्ता रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। ग्रामीणों का सीधा सवाल है—जब पुल के काम के लिए टेंडर पास होने की बात कही जा रही है, तो आखिर काम कब शुरू होगा? क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है, या ग्रामीणों को जल्द सुरक्षित रास्ता मिलेगा?3