हाथरस जनपद के थाना चन्दपा पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में वांछित चल रहे एक पति और उसकी पत्नी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर जिले में फरार एवं वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि दहेज हत्या के मुकदमे में नामजद अभियुक्त क्षेत्र में ही मौजूद हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, थाना प्रभारी योगेश सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने कुवरपुर चौराहा के पास घेराबंदी की और वांछित चल रहे अभियुक्त सफी मोहम्मद तथा उनकी पत्नी श्रीमती मन्जू देवी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कुवरपुर, थाना चन्दपा क्षेत्र के ही निवासी हैं। इनके खिलाफ थाना चन्दपा में मुकदमा संख्या 85/26 के तहत दहेज हत्या और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश का कार्य भी तेज कर दिया है।
हाथरस जनपद के थाना चन्दपा पुलिस ने दहेज हत्या के एक मामले में वांछित चल रहे एक पति और उसकी पत्नी को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देश पर जिले में फरार एवं वांछित अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि दहेज हत्या के मुकदमे में नामजद अभियुक्त क्षेत्र में ही मौजूद हैं। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए, थाना प्रभारी योगेश सिंह के नेतृत्व वाली टीम ने कुवरपुर चौराहा के पास घेराबंदी की और वांछित चल रहे अभियुक्त सफी मोहम्मद तथा उनकी पत्नी श्रीमती मन्जू देवी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी कुवरपुर, थाना चन्दपा क्षेत्र के ही निवासी हैं। इनके खिलाफ थाना चन्दपा में मुकदमा संख्या 85/26 के तहत दहेज हत्या और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। इस गिरफ्तारी के साथ ही पुलिस ने मामले में अन्य वांछित आरोपियों की तलाश का कार्य भी तेज कर दिया है।
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ जे.एन. मेडिकल कॉलेज के सीएमएस पर एक प्राइवेट हॉस्पिटल में ऑपरेशन करते समय एक महिला की मौत का मामला दर्ज किया गया है।1
- शाहिद सलमान ने मुख्यमंत्री योगी जी से मिलने की इच्छा व्यक्त की है। उनका कहना है कि वे मुख्यमंत्री को यह बताना चाहते हैं कि अलीगढ़ शहर को किस तरह लूटा जा रहा है।1
- दरभंगा में मोहम्मद फैज अहमद हत्याकांड के आरोपी को पुलिस ने घटना के 24 घंटे के भीतर, यानी 13 जून को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हालांकि, एक सप्ताह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद भी मामले में गिरफ्तारी के अलावा कोई ठोस निष्कर्ष सामने नहीं आया है, जिससे पीड़ित परिजनों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार देर रात फैज की मां ने एक प्रेस वार्ता कर अपना दर्द साझा किया और प्रशासन से निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि उनका बेटा बेहद शांत, मिलनसार और जिम्मेदार स्वभाव का था। फैज की मां ने जोर देते हुए कहा कि "वह घर की हर बात हमसे साझा करता था और किसी से उसकी कोई दुश्मनी नहीं थी। जुम्मे की नमाज पढ़कर वह काम पर गया था, लेकिन फिर कभी घर नहीं लौट सका। आखिर उसका कसूर क्या था, यह जानना चाहती हूं।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केवल गिरफ्तारी से उन्हें संतुष्टि नहीं है, बल्कि वे जानना चाहती हैं कि उनके बेटे की हत्या क्यों हुई और इसके पीछे कौन लोग हैं। फैज की फूफी ने भी मामले में कई सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि हत्या के कारणों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं, जिससे उनका संदेह और गहरा रहा है। परिजनों का सामूहिक रूप से कहना है कि एक सप्ताह से अधिक समय बीतने के बाद भी हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। ऐसे में, परिवार ने प्रशासन से उच्चस्तरीय जांच कर मामले का जल्द खुलासा करने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि उन्हें न्याय मिलने का अहसास हो सके।1
- अलीगढ़ के अतरौली क्षेत्र में पिता दिवस के अवसर पर एक घटना सामने आई है, जहाँ चार नाबालिग बच्चियां अपने घर से चली गई थीं। इस मामले में अलीगढ़ पुलिस 15 घंटे के भीतर ही शामिल हुई।1
- अलीगढ़ किसान मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरन सिंह ने एक दिवसीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। इस बैठक के साथ ही, उन्होंने 'चलो गाँव की ओर' नामक अभियान का भी आह्वान किया।1
- हाथरस में एक विवादित जमीन को खाली कराने के लिए पहुंची नगर पालिका को भारी विरोध का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप उन्हें बिना कोई कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। नगर पालिका इस भूमि पर अपना मालिकाना हक जता रही है, जबकि वहाँ पिछले 25 सालों से रह रहे परिवार का दावा है कि वे इस जमीन का नियमित किराया कोर्ट में जमा कर रहे हैं। इस कार्रवाई के दौरान मौके पर भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके चलते पुलिस और प्रशासन के साथ तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ। फिलहाल, मौके पर मालिकाना हक के पुख्ता दस्तावेज न मिल पाने के कारण यह काम रोक दिया गया है। प्रशासन ने निर्णय लिया है कि दोनों पक्षों के कागजातों की गहन जांच के बाद ही आगे का कोई फैसला लिया जाएगा।1