दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को प्रयागराज की बारा तहसील के अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। तहसील परिसर में एकत्र हुए वकीलों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "संविधान का सम्मान करो", "लोकतंत्र की रक्षा करो" और "वकील एकता अमर रहे" जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं का कहना था कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार देता है। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असहमति की आवाज को लाठियों से दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया से सुना और सुलझाया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेताया कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों का इसी तरह हनन होता रहा तो यह देश के संवैधानिक ढांचे के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के अंत में बड़ी संख्या में मौजूद अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा एकजुट रहने का संकल्प लिया।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में सोमवार को प्रयागराज की बारा तहसील के अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन कर अपना आक्रोश जताया। तहसील परिसर में एकत्र हुए वकीलों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने "संविधान का सम्मान करो", "लोकतंत्र की रक्षा करो" और "वकील एकता अमर रहे" जैसे नारों के साथ विरोध दर्ज कराया। वक्ताओं का कहना था कि भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने और विरोध जताने का अधिकार देता है। ऐसे में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने जोर देकर कहा कि असहमति की आवाज को लाठियों से दबाने के बजाय संवाद और संवैधानिक प्रक्रिया से सुना और सुलझाया जाना चाहिए। अधिवक्ताओं ने चेताया कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों का इसी तरह हनन होता रहा तो यह देश के संवैधानिक ढांचे के लिए बेहद चिंताजनक स्थिति होगी। उन्होंने सरकार और प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के अंत में बड़ी संख्या में मौजूद अधिवक्ताओं ने लोकतंत्र, संविधान और नागरिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा एकजुट रहने का संकल्प लिया।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर बच्चों और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज तथा बच्चियों से की गई अभद्रता के विरोध में प्रयागराज में प्रदर्शन किया गया। समाजवादी पार्टी महिला सभा की प्रदेश महासचिव श्रीमती मंजू पाठक जी के नेतृत्व में प्रयागराज के एजी ऑफिस से सुभाष चौराहे तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान जी की शव यात्रा निकाली गई। दिल्ली जंतर-मंतर की घटना को लेकर महिलाओं में गहरा आक्रोश देखा गया। इस शव यात्रा में सुधा यादव, सुषमा पाल, सुषमा यादव, गुड्डी यादव, उर्मिला यादव, आरती पाल, लवली पटेल, शैल मालवीय, रीता उपाध्याय, शोभा वर्मा, जरा बेगम, राजकुमारी, रीना भारतीय, सुशीला भारतीय, रीता चौधरी, गुड़िया, मो. अरशद, रोशन अंसारी और डिसू गौड़ सहित कई लोग मौजूद रहे।1
- प्रयागराज में श्रावण मास और कांवड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर पुलिस व प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगमता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त, अपर पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी ने खुद धरातल पर उतरकर मनकामेश्वर मंदिर तथा दशाश्वमेघ घाट समेत शहर के प्रमुख घाटों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा इंतजामों, यातायात व्यवस्था और श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध कराई जाने वाली सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया। स्थल निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने संबंधित तंत्र को व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए। वहीं, यात्रा को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने श्रद्धालुओं से भी जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।1
- समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव जी ने युवाओं और छात्रों के मुद्दों पर जोर देते हुए कहा है कि यह मामला समाजवादी पार्टी, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा सीधे तौर पर युवाओं, छात्रों और नौजवानों से जुड़ा हुआ है। सदन की भूमिका और रवैये पर सवाल उठाते हुए अखिलेश यादव ने पूछा कि क्या आप बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे? इसके साथ ही उन्होंने यह भी सवाल किया कि आखिर युवाओं के लिए सदन में क्यों नहीं बोला जा सकता है।1
- माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा है कि सरकार डर कर व्यवहार कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया है कि सरकार अपने मंत्रियों को क्यों नहीं हटा पा रही है? इसके साथ ही उन्होंने आशंका जताते हुए पूछा कि कहीं ऐसा तो नहीं कि मंत्री के पास कोई छुपे हुए राज़ हों।1
- प्रयागराज में थाना करैली और एसओजी नगर की संयुक्त पुलिस टीम ने सार्वजनिक स्थान पर हार-जीत की बाजी लगाकर जुआ खेल रहे 11 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बेनीगंज क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए जुए की फड़ का भंडाफोड़ किया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 21 जुलाई 2026 को बेनीगंज क्षेत्र स्थित लकी अस्थाना के अर्धनिर्मित प्लॉट के सामने दबिश दी थी। इस दौरान वहां जुआ खेल रहे 11 व्यक्तियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से 52 ताश के पत्ते और 96,391 रुपये की नगदी बरामद की है।1