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अगली केबिनेट में मिल सकती है भाँग की खेती को मंजूरी - मंत्री जगत सिंह नेगी

2 hrs ago
user_Surender Thakur
Surender Thakur
Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
2 hrs ago
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अगली केबिनेट में मिल सकती है भाँग की खेती को मंजूरी - मंत्री जगत सिंह नेगी

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  • दुर्गम पांगी घाटी में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। वर्षों से चल रही मत्स्य विकास पहल के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं। पांगी जैसे दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्र में एक समय ऐसा था जब यहां मछली उत्पादन की कोई परंपरा या व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पशुपालन विभाग ने एक नई पहल करते हुए क्षेत्र में ट्राउट मछली उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया। इसके तहत कई वर्षों से सैचू नाला, महालू नाला, धरवास नाला और पूर्ती नाला जैसे ठंडे जल स्रोतों में ट्राउट मछली के बीज छोड़े जा रहे हैं, ताकि यहां प्राकृतिक रूप से मछलियों की संख्या बढ़ सके। अब इन प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विभाग के अनुसार महालू नाला के हुड़ान और सैचू क्षेत्र में ट्राउट मछलियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इससे यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में पांगी घाटी मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती है। पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि विभाग कई वर्षों से लगातार प्रयास कर रहा है और अब इसके अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पांगी के ठंडे और स्वच्छ जल स्रोत ट्राउट मछली के लिए अनुकूल हैं, इसलिए भविष्य में यहां मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों से इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त बजट का प्रावधान नहीं हो पा रहा है, जिससे कार्यों के विस्तार में कुछ कठिनाइयां आ रही हैं। इसके बावजूद विभाग सीमित संसाधनों में प्रयास जारी रखे हुए है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ स्थानीय लोग नालों में मछलियों को पकड़ना या मारना शुरू कर देते हैं, जिससे इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचता है। इस समस्या के समाधान के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई थी, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस अमल नहीं हो पाया है। पशुपालन विभाग का मानना है कि यदि स्थानीय लोगों का सहयोग मिले और परियोजना को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो आने वाले समय में पांगी घाटी में ट्राउट मछली उत्पादन को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
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    दुर्गम पांगी घाटी में प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर उपयोग और स्थानीय आजीविका को मजबूत करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग द्वारा किए जा रहे प्रयास अब रंग लाने लगे हैं। वर्षों से चल रही मत्स्य विकास पहल के सकारात्मक परिणाम अब स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगे हैं।
पांगी जैसे दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्र में एक समय ऐसा था जब यहां मछली उत्पादन की कोई परंपरा या व्यवस्था नहीं थी। ऐसे में पशुपालन विभाग ने एक नई पहल करते हुए क्षेत्र में ट्राउट मछली उत्पादन को बढ़ावा देने का निर्णय लिया। इसके तहत कई वर्षों से सैचू नाला, महालू नाला, धरवास नाला और पूर्ती नाला जैसे ठंडे जल स्रोतों में ट्राउट मछली के बीज छोड़े जा रहे हैं, ताकि यहां प्राकृतिक रूप से मछलियों की संख्या बढ़ सके।
अब इन प्रयासों का सकारात्मक असर देखने को मिल रहा है। विभाग के अनुसार महालू नाला के हुड़ान और सैचू क्षेत्र में ट्राउट मछलियों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ने लगी है। इससे यह उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में पांगी घाटी मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना सकती है।
पशुपालन विभाग के सहायक निदेशक सुरेंद्र ठाकुर ने बताया कि विभाग कई वर्षों से लगातार प्रयास कर रहा है और अब इसके अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने कहा कि पांगी के ठंडे और स्वच्छ जल स्रोत ट्राउट मछली के लिए अनुकूल हैं, इसलिए भविष्य में यहां मत्स्य उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं।
हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि पिछले दो वर्षों से इस परियोजना के लिए सरकार की ओर से पर्याप्त बजट का प्रावधान नहीं हो पा रहा है, जिससे कार्यों के विस्तार में कुछ कठिनाइयां आ रही हैं। इसके बावजूद विभाग सीमित संसाधनों में प्रयास जारी रखे हुए है।
उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि कुछ स्थानीय लोग नालों में मछलियों को पकड़ना या मारना शुरू कर देते हैं, जिससे इनकी संख्या बढ़ाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचता है। इस समस्या के समाधान के लिए पंचायत प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा की गई थी, लेकिन इस दिशा में अभी तक कोई ठोस अमल नहीं हो पाया है।
पशुपालन विभाग का मानना है कि यदि स्थानीय लोगों का सहयोग मिले और परियोजना को पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए जाएं, तो आने वाले समय में पांगी घाटी में ट्राउट मछली उत्पादन को बड़े स्तर पर विकसित किया जा सकता है। इससे न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी पैदा होंगे।
    user_PANGI NEWS 24
    PANGI NEWS 24
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • Post by Surender Thakur
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    Post by Surender Thakur
    user_Surender Thakur
    Surender Thakur
    Social Media Manager पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    2 hrs ago
  • कृष्ण चंद राणा जिला लाहौल-स्पीति के राहुली जंगल क्षेत्र में हाल ही में जंगली जीव वेक्स (हिमालयन आईबैक्स) का झुंड दिखाई देने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया। पहाड़ी ढलानों और चट्टानी क्षेत्र में घूमते इस झुंड को कई लोगों ने दूर से देखा और इसकी तस्वीरें भी अपने कैमरों में कैद कीं। स्थानीय लोगों के अनुसार वेक्स हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला दुर्लभ जंगली जीव है, जिसे जंगली बकरा भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके लंबे और पीछे की ओर मुड़े हुए सींग होते हैं। यह प्रजाति सामान्यतः ऊँचे पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में रहती है तथा घास और छोटे पौधों को अपना भोजन बनाती है। वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों या मौसम में बदलाव के दौरान ये जीव भोजन की तलाश में कभी-कभी निचले जंगलों और ढलानों की ओर भी आ जाते हैं, जिसके कारण लोगों को इनका झुंड एक साथ दिखाई देता है। राहुली जंगल में वेक्स के झुंड का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाती है और इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है।
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    कृष्ण चंद राणा 
जिला लाहौल-स्पीति के राहुली जंगल क्षेत्र में हाल ही में जंगली जीव वेक्स (हिमालयन आईबैक्स) का झुंड दिखाई देने से स्थानीय लोगों में उत्सुकता का माहौल बन गया। पहाड़ी ढलानों और चट्टानी क्षेत्र में घूमते इस झुंड को कई लोगों ने दूर से देखा और इसकी तस्वीरें भी अपने कैमरों में कैद कीं।
स्थानीय लोगों के अनुसार वेक्स हिमालयी क्षेत्र में पाया जाने वाला दुर्लभ जंगली जीव है, जिसे जंगली बकरा भी कहा जाता है। इसकी सबसे बड़ी पहचान इसके लंबे और पीछे की ओर मुड़े हुए सींग होते हैं। यह प्रजाति सामान्यतः ऊँचे पहाड़ों और बर्फीले इलाकों में रहती है तथा घास और छोटे पौधों को अपना भोजन बनाती है।
वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार सर्दियों या मौसम में बदलाव के दौरान ये जीव भोजन की तलाश में कभी-कभी निचले जंगलों और ढलानों की ओर भी आ जाते हैं, जिसके कारण लोगों को इनका झुंड एक साथ दिखाई देता है।
राहुली जंगल में वेक्स के झुंड का दिखना क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का संकेत माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की मौजूदगी हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र की सेहत को दर्शाती है और इनके संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी है।
    user_PANGI NEWS TODAY
    PANGI NEWS TODAY
    Insurance Agent पांगी, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    4 hrs ago
  • भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ की मासिक बैठक आज लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह चंबा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष डीके सोनी ने की। बैठक के दौरान पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पेंशन संबंधी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य लंबित मामलों को लेकर विचार-विमर्श किया गया। महासंघ के अध्यक्ष डीके सोनी ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि उनका समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने सभी पेंशनरों से संगठन के साथ जुड़े रहने और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान भी किया। बैठक में जिले के कई पेंशनर सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने अपने सुझाव भी साझा किए। बाइट: डीके सोनी, अध्यक्ष – भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ
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    भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ की मासिक बैठक आज लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह चंबा में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महासंघ के अध्यक्ष डीके सोनी ने की।
बैठक के दौरान पेंशनरों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें पेंशन संबंधी सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं तथा अन्य लंबित मामलों को लेकर विचार-विमर्श किया गया।
महासंघ के अध्यक्ष डीके सोनी ने कहा कि पेंशनरों की समस्याओं को संबंधित विभागों और सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाया जाएगा, ताकि उनका समयबद्ध समाधान हो सके। उन्होंने सभी पेंशनरों से संगठन के साथ जुड़े रहने और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान भी किया।
बैठक में जिले के कई पेंशनर सदस्य उपस्थित रहे और उन्होंने अपने सुझाव भी साझा किए।
बाइट: डीके सोनी, अध्यक्ष – भारतीय राज्य पेंशनर महासंघ
    user_Ajay Himachal News
    Ajay Himachal News
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • Himachal Road Transport Corporation ने गगल एयरपोर्ट से धर्मशाला व मैकलोडगंज तक पर्यटकों के लिए टेंपो ट्रैवलर सेवा शुरू की है। इसका शुभारंभ निगम के उपाध्यक्ष Ajay Verma ने किया। उन्होंने बताया कि यह सेवा हर फ्लाइट के समय के अनुसार चलाई जाएगी, जिससे पर्यटकों को सीधा धर्मशाला व मैकलोडगंज पहुंचने में सुविधा मिलेगी। धर्मशाला का किराया 60 रुपये और मैकलोडगंज का 100 रुपये तय किया गया है। इस सुविधा से कांगड़ा आने वाले पर्यटकों को काफी लाभ मिलेगा।
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    Himachal Road Transport Corporation ने गगल एयरपोर्ट से धर्मशाला व मैकलोडगंज तक पर्यटकों के लिए टेंपो ट्रैवलर सेवा शुरू की है। इसका शुभारंभ निगम के उपाध्यक्ष Ajay Verma ने किया। उन्होंने बताया कि यह सेवा हर फ्लाइट के समय के अनुसार चलाई जाएगी, जिससे पर्यटकों को सीधा धर्मशाला व मैकलोडगंज पहुंचने में सुविधा मिलेगी। धर्मशाला का किराया 60 रुपये और मैकलोडगंज का 100 रुपये तय किया गया है। इस सुविधा से कांगड़ा आने वाले पर्यटकों को काफी लाभ मिलेगा।
    user_HBK
    HBK
    its A Digital news website and web tv कांगड़ा, कांगड़ा, हिमाचल प्रदेश•
    1 hr ago
  • Jay Mata di
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    Jay Mata di
    user_Ratan singh
    Ratan singh
    Kangra, Himachal Pradesh•
    5 hrs ago
  • सुजानपुर हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री के क्षेत्र नादौन में एक महिला के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न का गंभीर मामला उठाया है। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर नादौन क्षेत्र में एक महिला और उसके परिवार को पिछले करीब ढाई साल से बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही। राजेंद्र राणा ने कहा कि महिला ने एसडीएम कार्यालय से लेकर आईपीएच विभाग तक कई बार बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए गुहार लगाई, लेकिन बिना किसी कारण के उसका कनेक्शन नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि एक बार पानी के कनेक्शन के लिए पाइप भी डाली गई थी, जिसे बाद में वहां से हटा दिया गया। राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में कुछ लोग आम जनता को डराने-धमकाने और परेशान करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नादौन की जनता ने मुख्यमंत्री को चार बार विधायक बनाकर विधानसभा भेजा है, लेकिन आज उसी जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है। राजेंद्र राणा ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके ही क्षेत्र में एक महिला को इस तरह परेशान किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार का काम जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों के काम करवाने की बजाय उन्हें रोकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नादौन की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
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    सुजानपुर
हिमाचल भाजपा के वरिष्ठ प्रवक्ता एवं सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने मुख्यमंत्री के क्षेत्र नादौन में एक महिला के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न का गंभीर मामला उठाया है।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के इशारे पर नादौन क्षेत्र में एक महिला और उसके परिवार को पिछले करीब ढाई साल से बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि महिला लगातार सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट रही है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
राजेंद्र राणा ने कहा कि महिला ने एसडीएम कार्यालय से लेकर आईपीएच विभाग तक कई बार बिजली और पानी के कनेक्शन के लिए गुहार लगाई, लेकिन बिना किसी कारण के उसका कनेक्शन नहीं लगाया गया। उन्होंने कहा कि एक बार पानी के कनेक्शन के लिए पाइप भी डाली गई थी, जिसे बाद में वहां से हटा दिया गया।
राजेंद्र राणा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के संरक्षण में कुछ लोग आम जनता को डराने-धमकाने और परेशान करने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नादौन की जनता ने मुख्यमंत्री को चार बार विधायक बनाकर विधानसभा भेजा है, लेकिन आज उसी जनता को प्रताड़ित किया जा रहा है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि एक ओर मुख्यमंत्री महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, वहीं दूसरी ओर उनके ही क्षेत्र में एक महिला को इस तरह परेशान किया जा रहा है, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार का काम जनता की समस्याओं का समाधान करना होता है, लेकिन मौजूदा सरकार लोगों के काम करवाने की बजाय उन्हें रोकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि नादौन की जनता सब कुछ देख रही है और आने वाले समय में इसका मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है।
    user_Ranjna Kumari
    Ranjna Kumari
    टीरा सुजानपुर, हमीरपुर, हिमाचल प्रदेश•
    18 min ago
  • चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बीती रात मरीजों के मोबाइल फोन चोरी होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीजों के करीब 8 से 10 मोबाइल फोन रात के समय चोरी हो गए। घटना का पता चलते ही मरीजों और उनके परिजनों में चिंता और नाराज़गी का माहौल बन गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और चोरी की इस घटना की जल्द जांच कर दोषियों को पकड़ा जाए। लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मरीज सुरक्षित माहौल में इलाज करवा सकें। बाइट स्थानीय निवासी। बाइट एम एस मेडिकल कॉलेज चंबा ।
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    चंबा स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज में बीती रात मरीजों के मोबाइल फोन चोरी होने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार अस्पताल में भर्ती मरीजों के करीब 8 से 10 मोबाइल फोन रात के समय चोरी हो गए।
घटना का पता चलते ही मरीजों और उनके परिजनों में चिंता और नाराज़गी का माहौल बन गया। प्रभावित लोगों का कहना है कि वे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हैं, ऐसे में इस तरह की घटनाएं अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
मरीजों के परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाए और चोरी की इस घटना की जल्द जांच कर दोषियों को पकड़ा जाए।
लोगों को उम्मीद है कि अस्पताल प्रशासन और पुलिस मामले को गंभीरता से लेते हुए उचित कार्रवाई करेंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मरीज सुरक्षित माहौल में इलाज करवा सकें।
बाइट स्थानीय निवासी।
बाइट एम एस मेडिकल कॉलेज चंबा ।
    user_Ajay Himachal News
    Ajay Himachal News
    चौराह, चंबा, हिमाचल प्रदेश•
    22 hrs ago
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