रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से लागू की गई पॉजिटिव पेमेंट सिस्टम (PPS) अब कानूनी उलझनों का सबब बन रही है। बैतूल जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता भारत सेन के अनुसार, पर्याप्त राशि होने के बावजूद तकनीकी कारणों से चेक लौटाए जा रहे हैं, जिसके चलते परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। पीपीएस व्यवस्था के तहत ₹50,000 से ₹5 लाख या उससे अधिक राशि के चेकों के भुगतान से पहले जारीकर्ता बैंक को पुष्टि देनी होती है। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तो बैंक चेक को बाउंस किए बिना ही वापस कर देता है। इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में खामियों के कारण कई वैध चेक भी लौट रहे हैं। बैतूल की अदालतों में ऐसे कई मामले विचाराधीन हैं। इनमें प्रकरण क्रमांक एससीएनआईए 0260/2024 में पंजाब ज्वेलर्स के संचालक भूपिंदर सिंह पोपली के विरुद्ध ₹42 लाख के चेक अनादरण का मामला दर्ज किया गया है, जिसे बैंक ने पीपीएस कारणों से लौटाया था। इसी तरह, प्रकरण क्रमांक एसएसीएनआईए 724/2025 में संजय राठौर का ₹3 लाख का चेक पीपीएस अपडेट न होने के कारण बैंक ने वापस कर दिया। अधिवक्ता भारत सेन इन दोनों मामलों में आरोपी पक्ष की ओर से दोषमुक्त किए जाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि चेक वापसी का कारण खाते में धनराशि की कमी नहीं, बल्कि पीपीएस से जुड़ी तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटियां हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 274 के तहत आरोपी दोषमुक्त किए जाने के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन व्यवहार में ऐसी राहत पाना अभी भी आसान नहीं है। अधिवक्ता भारत सेन ने मांग की है कि पीपीएस से जुड़े मामलों में बैंक की वापसी सूचना और संबंधित दस्तावेजों की प्रारंभिक स्तर पर गंभीर जांच होनी चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी और बार-बार अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें। विशेषज्ञों ने रिज़र्व बैंक से पीपीएस व्यवस्था की समीक्षा कर सभी बैंकों में इसका एक समान क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और न्यायालयों में पीपीएस के कारण लौटे चेकों के मामलों की प्रारंभिक जांच को महत्व देने का आग्रह किया है। यह दर्शाता है कि अच्छी मंशा से लागू की गई तकनीकी व्यवस्था भी प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए, बड़े मूल्य के चेक जारी करने या स्वीकार करने से पहले पीपीएस की स्थिति की पुष्टि करना और यदि चेक पीपीएस के कारण लौटता है तो बैंक से तत्काल लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त कर विधिक सलाह लेना हितकर होगा।
रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से लागू की गई पॉजिटिव पेमेंट सिस्टम (PPS) अब कानूनी उलझनों का सबब बन रही है। बैतूल जिला न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता भारत सेन के अनुसार, पर्याप्त राशि होने के बावजूद तकनीकी कारणों से चेक लौटाए जा रहे हैं, जिसके चलते परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत मुकदमे दर्ज हो रहे हैं। पीपीएस व्यवस्था के तहत ₹50,000 से ₹5 लाख या उससे अधिक राशि के चेकों के भुगतान से पहले जारीकर्ता बैंक को पुष्टि देनी होती है। यदि यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तो बैंक चेक को बाउंस किए बिना ही वापस कर देता है। इस व्यवस्था के क्रियान्वयन में खामियों के कारण कई वैध चेक भी लौट रहे हैं। बैतूल की अदालतों में ऐसे कई मामले विचाराधीन हैं। इनमें प्रकरण क्रमांक एससीएनआईए 0260/2024 में पंजाब ज्वेलर्स के संचालक भूपिंदर सिंह पोपली के विरुद्ध ₹42 लाख के चेक अनादरण का मामला दर्ज किया गया है, जिसे बैंक ने पीपीएस कारणों से लौटाया था। इसी तरह, प्रकरण क्रमांक एसएसीएनआईए 724/2025 में संजय राठौर का ₹3 लाख का चेक पीपीएस अपडेट न होने के कारण बैंक ने वापस कर दिया। अधिवक्ता भारत सेन इन दोनों मामलों में आरोपी पक्ष की ओर से दोषमुक्त किए जाने की मांग कर रहे हैं, क्योंकि चेक वापसी का कारण खाते में धनराशि की कमी नहीं, बल्कि पीपीएस से जुड़ी तकनीकी या प्रक्रियागत त्रुटियां हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों को आर्थिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान उठाना पड़ता है। हालांकि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 274 के तहत आरोपी दोषमुक्त किए जाने के लिए आवेदन कर सकता है, लेकिन व्यवहार में ऐसी राहत पाना अभी भी आसान नहीं है। अधिवक्ता भारत सेन ने मांग की है कि पीपीएस से जुड़े मामलों में बैंक की वापसी सूचना और संबंधित दस्तावेजों की प्रारंभिक स्तर पर गंभीर जांच होनी चाहिए, ताकि निर्दोष लोगों को अनावश्यक मुकदमेबाजी और बार-बार अदालतों के चक्कर न लगाने पड़ें। विशेषज्ञों ने रिज़र्व बैंक से पीपीएस व्यवस्था की समीक्षा कर सभी बैंकों में इसका एक समान क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और न्यायालयों में पीपीएस के कारण लौटे चेकों के मामलों की प्रारंभिक जांच को महत्व देने का आग्रह किया है। यह दर्शाता है कि अच्छी मंशा से लागू की गई तकनीकी व्यवस्था भी प्रभावी क्रियान्वयन के अभाव में परेशानी का कारण बन सकती है। इसलिए, बड़े मूल्य के चेक जारी करने या स्वीकार करने से पहले पीपीएस की स्थिति की पुष्टि करना और यदि चेक पीपीएस के कारण लौटता है तो बैंक से तत्काल लिखित स्पष्टीकरण प्राप्त कर विधिक सलाह लेना हितकर होगा।
- आज, 21 जून रविवार को बैतूल गंज के जवाहर वार्ड में स्थित पीपलेश्वर शिवशक्ति हनुमान मंदिर में अपना 61वां जन्मदिन अत्यंत सादगी के साथ मनाया गया। इस अवसर पर जन्मदिन मनाने वाले व्यक्ति ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर मंदिर में पूजन और आरती की।2
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आज बैतूल के पुलिस चिकित्सालय में एक योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक सामूहिक योगाभ्यास में भाग लिया और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश कुमार खरपुसे और सूबेदार श्री नवीन सोनकर सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। योग प्रशिक्षकों ने विभिन्न योगासनों और प्राणायामों का अभ्यास कराया, साथ ही योग के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर, पुलिस अधीक्षक बैतूल श्री वीरेन्द्र जैन ने अपने संदेश में योग को भारत की प्राचीन एवं अमूल्य धरोहर बताया, जो शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों का कार्य चुनौतीपूर्ण और तनावपूर्ण होता है, ऐसे में नियमित योग और प्राणायाम न केवल उन्हें शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने में सहायक हैं, बल्कि मानसिक दृढ़ता, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। श्री जैन ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सभी अधिकारी-कर्मचारियों और नागरिकों से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाकर स्वस्थ, संतुलित एवं तनावमुक्त जीवन की ओर अग्रसर होने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान योग के महत्व और दैनिक जीवन में इसकी उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला गया। उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने नियमित रूप से योग करने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम स्वस्थ एवं निरोगी जीवन के संदेश के साथ संपन्न हुआ, जिसे जिला पुलिस बैतूल, मध्य प्रदेश द्वारा जारी किया गया था।4
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने 21वें योग दिवस पर अपना वक्तव्य जारी किया। उन्होंने कहा कि योग ने भारत को वैश्विक स्तर पर एक विशेष पहचान दिलाई है।1
- स्वास्थ्य मंत्री का एक योग से संबंधित वीडियो खूब वायरल हो रहा है। यह वीडियो तेजी से लोगों के बीच फैल रहा है।1
- बैतूल में पत्नी को लेकर हुए विवाद के चलते एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने वाले आरोपी को सांईखेड़ा पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किया गया लोहे का चाकू भी बरामद किया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना 20 जून की रात करीब 8:30 बजे ग्राम धाबला में हुई, जहाँ धाबला निवासी श्यामा पिता किसना देवरे (45) ने इसकी रिपोर्ट सांईखेड़ा थाने में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि आरोपी लालू धुर्वे अपनी पत्नी के संबंध में की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज हो गया था। इसी बात पर क्षुब्ध होकर उसने आनंदराव बारस्कर पर पीछे से लोहे के चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में आनंदराव की गर्दन के दाहिने हिस्से और पीठ पर वार किए गए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अत्यधिक रक्तस्राव हुआ। शिकायत के आधार पर, सांईखेड़ा थाना में अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) एवं 296(बी) के अंतर्गत हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई। यह कार्रवाई बैतूल पुलिस अधीक्षक श्री वीरेन्द्र जैन के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री कमलेश खरपुसे के मार्गदर्शन और एसडीओपी बैतूल श्री सुनील लाटा के पर्यवेक्षण में की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने एक विशेष टीम गठित कर आरोपी की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद, पुलिस ने आरोपी लालू धुर्वे को घटना के 24 घंटे के भीतर पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान, आरोपी की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त लोहे का चाकू भी विधिवत जब्त किया गया। आरोपी को बाद में न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई। इस सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी भैयालाल उईके, प्रधान आरक्षक विनय जायसवाल, दिलीप झरबड़े, राजकुमार धुर्वे, देवेन्द्र ठाकुर, आरक्षक बबलू धुर्वे, विनोद साहू, सैनिक प्रदीप, सैनिक शशि पवार तथा प्रधान आरक्षक चालक रविन्द्र नागले की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैतूल पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के पारिवारिक या आपसी विवाद में कानून को अपने हाथ में न लें। पुलिस ने चेतावनी दी है कि आवेश में किया गया कोई भी हिंसक कृत्य गंभीर अपराध का रूप ले सकता है। किसी भी विवाद की स्थिति में, नागरिकों को पुलिस और प्रशासन से संपर्क कर कानूनी सहायता प्राप्त करने और अपराध संबंधी सूचना तत्काल पुलिस को देने की सलाह दी गई है।2
- एक युवक की संदिग्ध मौत के मामले में उसके पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। इस पूरे प्रकरण को लेकर संबंधित अधिकारी वर्ग पूरी तरह से चुप्पी साधे हुए है, जिससे स्थिति और भी संदेहास्पद हो गई है।1
- आठनेर विकासखंड क्षेत्र के मांडवी स्थित नरवरे पोल्ट्री फार्म पर उस समय हड़कंप मच गया जब मक्के के बोरों के बीच एक किंग कोबरा सांप फन फैलाए बैठा दिखाई दिया। सांप को देखते ही पोल्ट्री फार्म पर काम करने वाले कर्मचारियों ने तुरंत संचालक नरवरे को इसकी जानकारी दी। सूचना मिलने पर सर्प मित्र गुनवंत बरडे मौके पर पहुँचे और कड़ी मशक्कत के बाद किंग कोबरा का सुरक्षित रेस्क्यू किया। सर्प मित्र बरडे ने इस अवसर पर लोगों से अपील की है कि वन्यजीवों की सुरक्षा हम सभी का कर्तव्य है।1
- भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल एक योगाभ्यास कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने कहा कि योग के माध्यम से भारत को वैश्विक स्तर पर एक विशेष पहचान मिली है।1