मछुआरा सम्मान निधि योजना, ऑफ सीजन में भी अब नहीं सताएगी रोज़ी-रोटी की चिंता प्रदेश सरकार की पहल से राज्य के हजारों मछुआरा परिवारों को मिला आर्थिक संबल बिलासपुर जिला के 1,500 मछुआरा परिवारों को मिली लगभग 53 लाख की आर्थिक मदद प्रदेश में पहली बार यह योजना लागू करने पर लाभार्थी मछुआरों ने जताया सीएम का आभार बिलासपुर 28 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में जलाशयों पर आश्रित हजारों मछुआरा परिवारों के लिए प्रतिवर्ष 15 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट प्रतिबंधित (ऑफ सीजन) समय लंबे समय से आर्थिक संकट का दौर माना जाता रहा है। इस अवधि में मछलियों के संरक्षण और प्रजनन को ध्यान में रखते हुए मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। ऐसे में जिन परिवारों की आजीविका पूरी तरह मत्स्य पालन पर निर्भर होती है, उनके सामने दो माह तक आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बचता है। प्रदेश के हजारों मछुआरा परिवारों की इसी पीड़ा को समझते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मछुआरा सम्मान निधि योजना की शुरुआत कर आर्थिक सहारा प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत ऑफ सीजन के दौरान प्रत्येक पात्र मछुआरा परिवार को 3,500 रुपये की सम्मान राहत राशि प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि ऐसे समय में परिवारों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है, जब मछली पकड़ने पर प्रतिबंध होने के कारण उनकी आय पूरी तरह प्रभावित रहती है। प्रदेश सरकार की इस पहल का लाभ पूरे हिमाचल प्रदेश में हजारों मछुआरा परिवारों को मिला है। अकेले जिला बिलासपुर के 1,500 मछुआरा परिवारों को योजना के तहत 52 लाख रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। जिला में गोविंद सागर झील सहित अन्य जलाशयों पर निर्भर मछुआरा समुदाय के लिए यह योजना आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। मछुआरा सम्मान निधि योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मछुआरों के श्रम और योगदान के सम्मान का भी प्रतीक बन रही है। पहली बार ऑफ सीजन के दौरान प्रदेश सरकार से सीधे आर्थिक सहायता मिलने से मछुआरा समुदाय स्वयं को सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस कर पा रहा है। झंडूता विकास खंड के दाड़ी-भाड़ी मत्स्य सोसायटी के विक्रेता गुरदास का कहना है कि वह पिछले 40 से 45 वर्षों से मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मछुआरों के हित में पहली बार एक ऐसी योजना लागू की है, जिसने ऑफ सीजन के दौरान परिवार की रोजी रोटी की चिंता काफी हद तक कम कर दी है। साथ ही रॉयल्टी की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया है। वह मछुआरों के हित में ऐतिहासिक कदम मानते हुए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। इसी प्रकार स्वारघाट विकास खंड के अंतर्गत ज्योर मत्स्य सोसायटी से जुड़े चेत राम कहते हैं कि वह वर्ष 1978 से गोविंद सागर झील से मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं तथा इसी से ही उन्होंने परिवार का भरण-पोषण किया है। उन्होंने रॉयल्टी दर को घटाकर एक प्रतिशत करने तथा 35 सौ रूपये की मछुआरा सम्मान निधि प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह मांग पिछले कई वर्षों से लंबित थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे लागू कर मछुआरा परिवारों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यही नहीं बलघाड़ मछुआरा सोसायटी के सदस्य देश राज तथा बाबू राम राणा का भी कहना है कि यह निर्णय गरीब मछुआरा परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। दो माह के प्रतिबंधित सीजन में आय पूरी तरह बंद हो जाती है, ऐसे समय में 3,500 रुपये की सहायता राशि परिवार के भरण-पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि कठिन समय में सरकार की संवेदनशील सोच का परिचायक है। सदर विकास खंड बिलासपुर के गांव क्यारियां निवासी कृष्ण लाल भी इस योजना को हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मछुआरों के हित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताते हैं। उनका कहना है कि पहली बार सरकार ने प्रतिबंधित सीजन में मछुआरा परिवारों की आय के नुकसान की भरपाई के लिए सम्मान निधि का प्रावधान किया है, जिससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। प्रदेश में मत्स्य पालन केवल रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि जलाशय क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार भी है। ऑफ सीजन में आर्थिक सहायता मिलने से मछुआरे परिवार कर्ज लेने या वैकल्पिक अस्थायी रोजगार की मजबूरी से काफी हद तक बच सकेंगे। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। प्रदेश सरकार लगातार किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों सहित ग्रामीण समुदायों की आजीविका मजबूत करने की दिशा में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। मछुआरा सम्मान निधि योजना तथा रॉयल्टी दर में भारी कटौती भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। क्या कहते हैं मंत्री: नगर व ग्राम नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का कहना है कि मछली पकड़ने पर प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण और मत्स्य संसाधनों के संवर्धन के लिए आवश्यक है, लेकिन इस दौरान प्रभावित परिवारों की आजीविका सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार की मछुआरा सम्मान निधि योजना इसी संतुलन का सफल उदाहरण बनकर सामने आई है। इससे एक ओर मत्स्य संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिला है, तो वहीं दूसरी ओर मछुआरा परिवारों की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। प्रदेश सरकार की मछुआरा सम्मान निधि योजना तथा रॉयल्टी दर में कटौती प्रदेश के मत्स्य समुदाय के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ सम्मान और विश्वास की नई पहचान बनी है। -000- राजेश धर्मानी @followers
मछुआरा सम्मान निधि योजना, ऑफ सीजन में भी अब नहीं सताएगी रोज़ी-रोटी की चिंता प्रदेश सरकार की पहल से राज्य के हजारों मछुआरा परिवारों को मिला आर्थिक संबल बिलासपुर जिला के 1,500 मछुआरा परिवारों को मिली लगभग 53 लाख की आर्थिक मदद प्रदेश में पहली बार यह योजना लागू करने पर लाभार्थी मछुआरों ने जताया सीएम का आभार बिलासपुर 28 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में जलाशयों पर आश्रित हजारों मछुआरा परिवारों के लिए प्रतिवर्ष 15 जून से 15 अगस्त तक मत्स्य आखेट प्रतिबंधित (ऑफ सीजन) समय लंबे समय से आर्थिक संकट का दौर माना जाता रहा है। इस अवधि में मछलियों के संरक्षण और प्रजनन को ध्यान में रखते हुए मछली पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहता है। ऐसे में जिन परिवारों की आजीविका पूरी तरह मत्स्य पालन पर निर्भर होती है, उनके सामने दो माह तक आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं बचता है। प्रदेश के हजारों मछुआरा परिवारों की इसी पीड़ा को समझते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने मछुआरा सम्मान निधि योजना की शुरुआत कर आर्थिक सहारा प्रदान किया है। इस योजना के अंतर्गत ऑफ सीजन के दौरान प्रत्येक पात्र मछुआरा परिवार को 3,500 रुपये की सम्मान राहत राशि प्रदान की जा रही है। यह सहायता राशि ऐसे समय में परिवारों की बुनियादी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायक बन रही है, जब मछली पकड़ने पर प्रतिबंध होने के कारण उनकी आय पूरी तरह प्रभावित रहती है। प्रदेश सरकार की इस पहल का लाभ पूरे हिमाचल प्रदेश में हजारों मछुआरा परिवारों को मिला है। अकेले जिला बिलासपुर के 1,500 मछुआरा परिवारों को योजना के तहत 52 लाख रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध करवाई गई है। जिला में गोविंद सागर झील सहित अन्य जलाशयों पर निर्भर मछुआरा समुदाय के लिए यह योजना आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बनकर उभरी है। मछुआरा सम्मान निधि योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मछुआरों के श्रम और योगदान के सम्मान का भी प्रतीक बन रही है। पहली बार ऑफ सीजन के दौरान प्रदेश सरकार से सीधे आर्थिक सहायता मिलने से मछुआरा समुदाय स्वयं को सामाजिक और आर्थिक रूप से अधिक सुरक्षित महसूस कर पा रहा है। झंडूता विकास खंड के दाड़ी-भाड़ी मत्स्य सोसायटी के विक्रेता गुरदास का कहना है कि वह पिछले 40 से 45 वर्षों से मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मछुआरों के हित में पहली बार एक ऐसी योजना लागू की है, जिसने ऑफ सीजन के दौरान परिवार की रोजी रोटी की चिंता काफी हद तक कम कर दी है। साथ ही रॉयल्टी की दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत किया है। वह मछुआरों के हित में ऐतिहासिक कदम मानते हुए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं। इसी प्रकार स्वारघाट विकास खंड के अंतर्गत ज्योर मत्स्य सोसायटी से जुड़े चेत राम कहते हैं कि वह वर्ष 1978 से गोविंद सागर झील से मछली पकड़ने का कार्य कर रहे हैं तथा इसी से ही उन्होंने परिवार का भरण-पोषण किया है। उन्होंने रॉयल्टी दर को घटाकर एक प्रतिशत करने तथा 35 सौ रूपये की मछुआरा सम्मान निधि प्रदान करने के लिए प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि यह मांग पिछले कई वर्षों से लंबित थी, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे लागू कर मछुआरा परिवारों के हित में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। यही नहीं बलघाड़ मछुआरा सोसायटी के सदस्य देश राज तथा बाबू राम राणा का भी कहना है कि यह निर्णय गरीब मछुआरा परिवारों के लिए राहत लेकर आया है। दो माह के प्रतिबंधित सीजन में आय पूरी तरह बंद हो जाती है, ऐसे समय में 3,500 रुपये की सहायता राशि परिवार के भरण-पोषण के लिए महत्वपूर्ण है। उनका मानना है कि यह सहायता केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि कठिन समय में सरकार की संवेदनशील सोच का परिचायक है। सदर विकास खंड बिलासपुर के गांव क्यारियां निवासी कृष्ण लाल भी इस योजना को हिमाचल प्रदेश के इतिहास में मछुआरों के हित में उठाया गया एक सराहनीय कदम बताते हैं। उनका कहना है कि पहली बार सरकार ने प्रतिबंधित सीजन में मछुआरा परिवारों की आय के नुकसान की भरपाई के लिए सम्मान निधि का प्रावधान किया है, जिससे हजारों परिवारों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है। प्रदेश में मत्स्य पालन केवल रोजगार का माध्यम नहीं है, बल्कि जलाशय क्षेत्रों की स्थानीय अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार भी है। ऑफ सीजन में आर्थिक सहायता मिलने से मछुआरे परिवार कर्ज लेने या वैकल्पिक अस्थायी रोजगार की मजबूरी से काफी हद तक बच सकेंगे। इससे उनके जीवन स्तर में सुधार के साथ-साथ सामाजिक सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। प्रदेश सरकार लगातार किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों सहित ग्रामीण समुदायों की आजीविका मजबूत करने की दिशा में अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। मछुआरा सम्मान निधि योजना तथा रॉयल्टी दर में भारी कटौती भी इसी व्यापक दृष्टिकोण का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना है। क्या कहते हैं मंत्री: नगर व ग्राम नियोजन, आवास तथा तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी का कहना है कि मछली पकड़ने पर प्रतिबंध पर्यावरण संरक्षण और मत्स्य संसाधनों के संवर्धन के लिए आवश्यक है, लेकिन इस दौरान प्रभावित परिवारों की आजीविका सुनिश्चित करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार की मछुआरा सम्मान निधि योजना इसी संतुलन का सफल उदाहरण बनकर सामने आई है। इससे एक ओर मत्स्य संसाधनों के संरक्षण को बढ़ावा मिला है, तो वहीं दूसरी ओर मछुआरा परिवारों की आर्थिक सुरक्षा भी सुनिश्चित हुई है। प्रदेश सरकार की मछुआरा सम्मान निधि योजना तथा रॉयल्टी दर में कटौती प्रदेश के मत्स्य समुदाय के लिए आर्थिक सहायता के साथ-साथ सम्मान और विश्वास की नई पहचान बनी है। -000- राजेश धर्मानी @followers
- ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता का कल पंचायत दाड़ला भलेठ में होगा आयोजन सुजानपुर सुजानपुर के पंचायत दाड़ला भलेठ में राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर ओपन बैडमिंटन प्रतियोगिता का शनिवार को आयोजन होगा। पंचायत उप प्रधान जगन कटोच ने कहा कि यह अनुराग सिंह ठाकुर के अनोखी पहल है जिससे युवाओं को खेल के माध्यम से नशे से रखा जाएगा। जगन कटोच ने कहा कि यह ओपन प्रतियोगिता है इसलिए इस प्रतियोगिता में बच्चों से लेकर युवा भी भाग ले सकते हैं। अगर कोई टीम शनिवार को खेलने के बिना रहेगी तो उसकी प्रतियोगिता रविवार के दिन करवाई जाएगी। इस प्रतियोगिता में सुजानपुर से टीमें तो होगी लेकिन बाहर से भी टीमें खेलने के लिए सुजानपुर पहुंचेंगी।1
- कुटलैहड़ के समूरकलां में अंडर-14 छात्राओं की खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता संपन्न,कुटलैहड़ के विधायक रहे मुख्यतिथि विधायक विवेक शर्मा ने विजेता खिलाड़ियों को किया सम्मानित, खेलों के साथ नशे से दूर रहने का दिया संदेश, बंगाणा, 28 अगस्त, कुटलैहड़ क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समूर कलां में आयोजित 67वीं अंडर-14 खंड स्तरीय छात्राओं की खेलकूद प्रतियोगिता का रविवार को समापन हुआ। तीन दिवसीय इस प्रतियोगिता के समापन समारोह में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा (विक्कू) ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से पहुंची छात्राओं ने कबड्डी, वाली बाल, खो-खो, बैडमिंटन और शतरंज सहित विभिन्न खेलों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मुख्यातिथि विधायक विवेक शर्मा ने खिलाड़ियों को खेल प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि खेल बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास के साथ-साथ उनके व्यक्तित्व निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से युवा अपनी प्रतिभा को पहचान देने के साथ अनुशासन, मेहनत और टीम भावना भी सीखते हैं। नशे से दूर रखने के लिए खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना जरूरी, विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशे जैसी बुराइयों से दूर रखना समाज और सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए बच्चों और युवाओं को पढ़ाई के साथ खेलों एवं अन्य रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सरकार धरातल पर युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है और खेल गतिविधियों को बढ़ावा देना इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आज हमारी बेटियां किसी भी क्षेत्र में बेटों से पीछे नहीं हैं। हमारी बेटियां गाड़ी चलाने से लेकर हवाई जहाज उड़ाने तक की जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने खेलों में बेटियों की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि हाल ही में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने टी-20 विश्वकप जीतकर पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन किया है। उन्होंने छात्राओं से इस उपलब्धि से प्रेरणा लेकर अपने लक्ष्य की ओर निरंतर आगे बढ़ने का आह्वान किया। वालीबाल में कोटला कलां और खो-खो में मन्दली बनी विजेता, खंड स्तर प्रतियोगिता के परिणामों में वालीबाल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटला कलां ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंधला उपविजेता रही। खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मन्दली ने प्रथम स्थान हासिल किया और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंधला उपविजेता रही। इसी प्रकार बैडमिंटन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जटैहरी विजेता रही, जबकि राजकीय उच्च पाठशाला कोट ने उपविजेता का स्थान हासिल किया। शतरंज प्रतियोगिता में राजकीय उच्च पाठशाला तनोह ने विजेता तथा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थानाकलां ने उपविजेता का स्थान प्राप्त किया। कबड्डी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धमानदरी विजेता रही, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थानाकलां उपविजेता रही। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं को आयोजन समिति एवं मुख्यातिथि की ओर से बधाई दी गई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। 22 विद्यालयों की छात्राओं ने लिया हिस्सा, सांस्कृतिक कार्यक्रम ने बांधा समां 26 अगस्त 2026 से शुरू हुई इस तीन दिवसीय खेल प्रतियोगिता में 22 विद्यालयों की छात्राओं ने भाग लिया। स्थानीय विद्यालय की छात्राओं ने समापन अवसर पर शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया। प्रतियोगिता को सफल बनाने में स्थानीय विद्यालय के कर्मचारियों के साथ-साथ विभिन्न विद्यालयों से आए डीपीई और पीईटी ने महत्व पूर्ण भूमिका निभाई। एनएसएस तथा स्काउट एंड गाइड के विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के तीनों दिनों के दौरान दिन-रात मेहनत करते हुए व्यवस्थाओं को सुचारू बनाने में सहयोग दिया। उनके प्रयासों की उपस्थित लोगों ने सराहना की। समापन समारोह में यह रहे मौजूद, इस मौके पर कुटलैहड़ कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्यों सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के कार्यकारी अध्यक्ष सुरेश शर्मा, महासचिव रमेश बंगा, उपाध्यक्ष इकबाल सिंह, बीडीसी सदस्य निधि शर्मा, बीडीसी सदस्य जय सिंह, मास्टर शमशेर सिंह, नीरज ठाकुर, नीरज दड़ोच, अशोक कुमार, राम पाल, अजय बंगा, ज्ञान चंद सहित अन्य वरिष्ठ कांग्रेस सदस्य उपस्थित रहे। शिक्षा जगत से प्रधानाचार्य देवेंद्र चौहान, संजय धीमान, सुदर्शन कौशल और विनय चन्द्र सहित अनेक शिक्षाविद मौजूद रहे। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य राम स्वरूप कालिया, प्रधानाचार्य विवेक दत्ता, इंदु बोला, नीरज सौंध, अरुणा चन्देल, निशा कंग, कल्पना सैनी, विजय कुमारी, इंदु शर्मा, सुनीता दत्ता, नीलम कालिया, अश्वनी कुमार, दीपक कुमार, राम कुमार, सुनीता शर्मा, दीपिका भारद्वाज, परमला देवी, अमर सिंह, ज्योति शर्मा, अधीक्षक मीनाक्षी पाठक सहित अन्य कर्मचारी भी समारोह में उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी विद्यालयों, खिलाड़ियों, शिक्षकों, कर्मचारियों सहयोगी विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया।1
- राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले चंबा में मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि | Chess Association Chamba | National Sports Day चंबा में मेजर ध्यानचंद को किया याद, शतरंज संघ ने दिया खेलों का संदेश | National Sports Day 2026 राष्ट्रीय खेल दिवस की पूर्व संध्या पर चंबा में खास कार्यक्रम | मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि चंबा में खेलों को बढ़ावा देने का संदेश, मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि | Chess News राष्ट्रीय खेल दिवस से पहले चंबा में मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि | Chess Association Chamba | National Sports Day चंबा में मेजर ध्यानचंद को किया याद, शतरंज संघ ने दिया खेलों का संदेश | National Sports Day 2026 राष्ट्रीय खेल दिवस की पूर्व संध्या पर चंबा में खास कार्यक्रम | मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि चंबा में खेलों को बढ़ावा देने का संदेश, मेजर ध्यानचंद को दी श्रद्धांजलि | Chess News1
- वॉलीबॉल मुकाबले में कोटला कलां ने प्रथम स्थान किया हासिल, समूर कलां में खंड स्तरीय अंडर-14 छात्राओं की खेल प्रतियोगिता संपन्न राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला समूर कलां में आयोजित तीन दिवसीय 67वीं अंडर-14 खंड स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता शुक्रवार को संपन्न हुई। तीन दिवसीय प्रतियोगिता में 22 विद्यालयों की छात्राओं ने विभिन्न खेल स्पर्धाओं में हिस्सा लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन समारोह में कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। प्रतियोगिता के दौरान विभिन्न खेलों में छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया। वॉलीबॉल में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कोटला कलां ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धुंधला उपविजेता रही। खो-खो में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला मंदली विजेता तथा धुंधला उपविजेता रहा। बैडमिंटन में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला जटेहड़ी ने बाजी मारी, जबकि राजकीय उच्च पाठशाला कोट उपविजेता रही। शतरंज में राजकीय उच्च पाठशाला तनोह विजेता और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थानाकलां उपविजेता रही। वहीं कबड्डी में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला धमांदरी और राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला थानाकलां ने उपविजेता स्थान हासिल किया। समापन समारोह के दौरान स्थानीय विद्यालय की छात्राओं ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सभी का मन मोह लिया।1
- hamare village me aane jane ka koe bhi rasta nhi bacha hai ye jo me video bhej rha hu ye hamara main rasta hai hm sabhi se nivedan kr chke hai ese sahi krne k liye pr aaj tak kisi ne hamari koe sunvai nhi ki mene video apne sdm dalhousie ko bhi bheji thi pr unhone bola ki mene b.d.o sahb ko bol diya hai pr aaj tak eske bare koe bhi information nhi mili mene ye video apne bhatiyat k speaker mahoday ko bhi bheji thi pr unhone bhi koe sunvai nhi ki panchayat ko bola to bo bolte hamare pas etna bught nhi aata pul bnane k lye to meri cm sahb se gujarish hai ki eska koe na koe to solutions hoga ye ek shota road bna hai hamare village khaddi k liye pr ese bne 10 saal ho gye pr aaj tak na hi ese pwd vibhag k under kiya gya or na hi kisi ne eske bare me kush socha jb election hote hai to kis muh se vidhayk vote magne aate hai hamare village k km se km 70 vote hai unke liye aaj tak koe bhi rasta nhi bna pai sarkar1
- 🐄🙏 चार हफ्ते पहले नन्दी जी की हालत थी गंभीर, आज इलाज के बाद बिल्कुल स्वस्थ और मस्त 🙏🐄 गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की शानदार सेवा को सलाम ❤️ चार सप्ताह पहले घायल एवं अस्वस्थ अवस्था में मिले नन्दी जी का गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की टीम द्वारा लगातार उपचार, सेवा और देखभाल की गई। आज इलाज के बाद नन्दी जी बिल्कुल स्वस्थ, खुश और मस्त हैं। 🐂❤️ यह गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की पूरी टीम के समर्पण और सेवा भावना का परिणाम है। टीम द्वारा डॉक्टरों की टीम, दानी सज्जनों, गौ सेवकों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से सैकड़ों गौधन का इलाज एवं सेवा कार्य निरंतर किया जा रहा है। 🌿 गौ सेवा ही सच्ची सेवा है। जहां इंसानियत होती है, वहां बेजुबानों के लिए भी दिल धड़कता है। 🙏 🙏 आभार एवं धन्यवाद गौ सेवा में निरंतर सहयोग देने वाले सभी गौ सेवकों एवं साथियों— कमलेश ठाकुर, छापे राम नेगी, टिकम राम, अजय शर्मा, बोनी सोनी, भूपेंद्र ठाकुर, अमन ठाकुर, चन्द्र ठाकुर, बेली राम, तरुण कुमार, तुलसी देवी, चन्द्रा महंत, पूर्ण चंद, पिंकू भण्डारी, हुक्म राम, सतीश राणा, अमर नाथ भण्डारी, अमर ठाकुर, अजय, अमन, नीटू राम, आशु, भवानी दत्त, आलू, खूब राम, किशन सिंह, मन्नत नेगी, प्रदीप ठाकुर, कर्म सिंह, सुमन सूद, कातु राम, नीरज कुमार, रोशन कुमार, सुभाष, जतिन ठाकुर, दास देव राज, चुनी महंत, गुलाब विष्ट, रोहित विष्ट, गिरी राज विष्ट एवं पूरी टीम के सभी साथियों का दिल की गहराइयों से आभार। 🙏🌹 — श्री शेरा नेगी अध्यक्ष, गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू 🐄❤️ आइए, बेजुबानों की सेवा के इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दें। जय गौ माता 🙏🚩 🐄🙏 चार हफ्ते पहले नन्दी जी की हालत थी गंभीर, आज इलाज के बाद बिल्कुल स्वस्थ और मस्त 🙏🐄 गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की शानदार सेवा को सलाम ❤️ चार सप्ताह पहले घायल एवं अस्वस्थ अवस्था में मिले नन्दी जी का गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की टीम द्वारा लगातार उपचार, सेवा और देखभाल की गई। आज इलाज के बाद नन्दी जी बिल्कुल स्वस्थ, खुश और मस्त हैं। 🐂❤️ यह गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू की पूरी टीम के समर्पण और सेवा भावना का परिणाम है। टीम द्वारा डॉक्टरों की टीम, दानी सज्जनों, गौ सेवकों तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से सैकड़ों गौधन का इलाज एवं सेवा कार्य निरंतर किया जा रहा है। 🌿 गौ सेवा ही सच्ची सेवा है। जहां इंसानियत होती है, वहां बेजुबानों के लिए भी दिल धड़कता है। 🙏 🙏 आभार एवं धन्यवाद गौ सेवा में निरंतर सहयोग देने वाले सभी गौ सेवकों एवं साथियों— कमलेश ठाकुर, छापे राम नेगी, टिकम राम, अजय शर्मा, बोनी सोनी, भूपेंद्र ठाकुर, अमन ठाकुर, चन्द्र ठाकुर, बेली राम, तरुण कुमार, तुलसी देवी, चन्द्रा महंत, पूर्ण चंद, पिंकू भण्डारी, हुक्म राम, सतीश राणा, अमर नाथ भण्डारी, अमर ठाकुर, अजय, अमन, नीटू राम, आशु, भवानी दत्त, आलू, खूब राम, किशन सिंह, मन्नत नेगी, प्रदीप ठाकुर, कर्म सिंह, सुमन सूद, कातु राम, नीरज कुमार, रोशन कुमार, सुभाष, जतिन ठाकुर, दास देव राज, चुनी महंत, गुलाब विष्ट, रोहित विष्ट, गिरी राज विष्ट एवं पूरी टीम के सभी साथियों का दिल की गहराइयों से आभार। 🙏🌹 — श्री शेरा नेगी अध्यक्ष, गौ सेवा रक्षा दल कुल्लू 🐄❤️ आइए, बेजुबानों की सेवा के इस पुण्य कार्य में अपना योगदान दें। जय गौ माता 🙏🚩1
- Vestige Branch Office BERTHIN BILASPUR Himachal Pradesh 9816133991 Vestige Branch Office BERTHIN BILASPUR Himachal Pradesh 98161339911
- हिमाचल वासियों को केंद्र सरकार द्वारा दिए जा रहे सुविधाओं से जनता को अवगत कराया।। साथ ही केन्द्र सरकार की योजनाओं को अपना बताकर भ्रम फैलाने वाले कांग्रेस के मुख्यमंत्री एवं स्थानीय विधायक को जमीनी स्तर पर वास्तविक काम करने की सलाह भी दी।।1