सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत विकास खंड बढ़नी क्षेत्र में ढेकहरी बुजुर्ग और महादेव खुर्द को बलरामपुर बॉर्डर से जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इस सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल है, और बड़े-बड़े गड्ढों, उखड़ी गिट्टियों तथा ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क की दुर्दशा को लेकर कई बार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई गई है और शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं, बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि यह सड़क उनके विभाग के बजाय आरएस विभाग के अंतर्गत आती है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके निर्देशों के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुँचा और न ही सड़क के निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। समाजवादी पार्टी नेता अनूज चौधरी ने इसे क्षेत्र के हजारों लोगों की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिलकुल अलग है; उन्होंने जल्द सड़क निर्माण न होने पर जनता के साथ आंदोलन की चेतावनी दी। युवा समाजसेवी अजय अग्रहरि ने भी कई बार शिकायतें भेजी हैं और बताया कि यह सड़क हजारों ग्रामीणों की शिक्षा, मरीजों के इलाज और किसानों की आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एमए पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य नुरुल हसन ने बच्चों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल सड़क निर्माण की मांग की, क्योंकि सैकड़ों बच्चे इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। स्कूल वाहन चालक राजू ने रोजाना दुर्घटना के डर की बात कही और बताया कि बारिश में स्थिति और भयावह हो जाती है, जिससे स्कूल संचालन भी प्रभावित होता है। एक आशा बहू ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सड़क खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कतें आती हैं और वाहनों के धीरे चलने से मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि यह समस्या अब केवल आवागमन की नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। लोगों ने जिलाधिकारी, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीण आखिर कब तक बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेंगे और कब जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे।
सिद्धार्थनगर जिले के शोहरतगढ़ तहसील अंतर्गत विकास खंड बढ़नी क्षेत्र में ढेकहरी बुजुर्ग और महादेव खुर्द को बलरामपुर बॉर्डर से जोड़ने वाली सड़क कई वर्षों से अत्यंत जर्जर स्थिति में है। इस सड़क की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल है, और बड़े-बड़े गड्ढों, उखड़ी गिट्टियों तथा ऊबड़-खाबड़ रास्ते के कारण आए दिन दुर्घटनाएँ होती रहती हैं। जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस गंभीर समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों के अनुसार, इस सड़क की दुर्दशा को लेकर कई बार समाचार पत्रों और सोशल मीडिया के माध्यम से आवाज उठाई गई है और शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं, बावजूद इसके समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ है। लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने बताया है कि यह सड़क उनके विभाग के बजाय आरएस विभाग के अंतर्गत आती है। चौंकाने वाली बात यह है कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी इस संबंध में जिलाधिकारी को पत्र लिखकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए थे, लेकिन उनके निर्देशों के बावजूद न तो कोई अधिकारी मौके पर पहुँचा और न ही सड़क के निर्माण या मरम्मत की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया गया। समाजवादी पार्टी नेता अनूज चौधरी ने इसे क्षेत्र के हजारों लोगों की जीवनरेखा बताते हुए कहा कि सरकार विकास के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन ज़मीनी हकीकत बिलकुल अलग है; उन्होंने जल्द सड़क निर्माण न होने पर जनता के साथ आंदोलन की चेतावनी दी। युवा समाजसेवी अजय अग्रहरि ने भी कई बार शिकायतें भेजी हैं और बताया कि यह सड़क हजारों ग्रामीणों की शिक्षा, मरीजों के इलाज और किसानों की आवाजाही के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। एमए पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य नुरुल हसन ने बच्चों की सुरक्षा पर चिंता व्यक्त करते हुए तत्काल सड़क निर्माण की मांग की, क्योंकि सैकड़ों बच्चे इसी मार्ग से स्कूल आते-जाते हैं। स्कूल वाहन चालक राजू ने रोजाना दुर्घटना के डर की बात कही और बताया कि बारिश में स्थिति और भयावह हो जाती है, जिससे स्कूल संचालन भी प्रभावित होता है। एक आशा बहू ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सड़क खराब होने के कारण गर्भवती महिलाओं को अस्पताल ले जाने में काफी दिक्कतें आती हैं और वाहनों के धीरे चलने से मरीजों की हालत और बिगड़ जाती है। क्षेत्रीय जनता का कहना है कि यह समस्या अब केवल आवागमन की नहीं, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा बन चुकी है। लोगों ने जिलाधिकारी, संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों से जल्द से जल्द सड़क का निरीक्षण कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। अब बड़ा सवाल यह है कि ग्रामीण आखिर कब तक बदहाल सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर रहेंगे और कब जिम्मेदार अधिकारी व जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकालेंगे।
- महाराजगंज के भिटौली थाना क्षेत्र के भैंसा गांव में रविवार दोपहर एक 17 वर्षीय किशोर का शव घर में फंदे से लटका मिलने से सनसनी फैल गई। परिजनों ने उसे तत्काल जिला चिकित्सालय महाराजगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, भैंसा गांव निवासी रुदल साहनी और उनकी पत्नी सरोज देवी परिवार के एक सदस्य का इलाज कराने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परतावल गए थे। इसी दौरान उनका छोटा बेटा राजकुमार (17 वर्ष) घर पर अकेला था। बताया जाता है कि दोपहर करीब एक बजे उसने घर के कमरे में छत की कुंडी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों और ग्रामीणों ने उसे नीचे उतारा और जिला अस्पताल ले गए, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। ग्रामीणों के बीच राजकुमार के गांव की ही एक युवती से लंबे समय से प्रेम संबंध की चर्चा है। बताया जा रहा है कि दोनों विवाह करना चाहते थे, लेकिन अलग-अलग जाति के होने के कारण परिजन इस रिश्ते के पक्ष में नहीं थे, जिससे दोनों परिवारों में पहले भी तनाव की स्थिति बनी थी। यह भी चर्चा है कि घटना वाले दिन सुबह राजकुमार और युवती के बीच मोबाइल फोन पर कई बार बातचीत हुई थी और किसी बात को लेकर उनके बीच कहासुनी भी हुई थी। हालांकि, पुलिस ने अभी तक इन बातों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और मामले की जांच जारी है। राजकुमार तीन भाइयों में सबसे छोटा था। उसके बड़े भाई श्रवण विदेश में काम करते हैं, जबकि दूसरा भाई सुदामा देश के एक शहर में रहकर परिवार की आर्थिक मदद करता है। पिता खेती-बाड़ी के साथ एक छोटी किराना दुकान भी चलाते हैं। युवा बेटे की असमय मौत से माता सरोज देवी और पिता रुदल साहनी का रो-रोकर बुरा हाल है, और ग्रामीण परिवार को सांत्वना देने उनके घर पहुंच रहे हैं। थानाध्यक्ष सत्येंद्र कुमार राय ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी, और यदि किसी पक्ष की ओर से तहरीर मिलती है तो विधिक कार्रवाई की जाएगी।1
- प्रभु की कृपा और पूर्वजों के आशीर्वाद से, संत कबीर नगर जनपद के खलीलाबाद तहसील, बघौली ब्लॉक, बखिरा पुलिस स्टेशन और मगहर परगना के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत भगवानपुर गांव (कानापार) में 22 जून 2026 को एक भव्य "श्री महा रामायण अनुष्ठान-यज्ञ" का आयोजन किया जाएगा। यह अनुष्ठान स्वर्गीय श्री परशुराम यादव के पुत्र श्री शेषनाथ यादव की जन्मभूमि पर हो रहा है। इस पुण्य कार्य के मुख्य यजमान श्री शेषनाथ यादव हैं, जो स्वर्गीय श्री परशुराम यादव के पुत्र और स्वर्गीय श्री मुन्सरीम यादव के पौत्र हैं। अनुष्ठान का आयोजन श्री राजकुमार कर रहे हैं, जो श्री शेषनाथ यादव के पुत्र हैं। यह भी उल्लेखनीय है कि इसी जन्मभूमि पर पूर्व में स्वर्गीय श्री मुन्सरीम यादव के करकमलों द्वारा "चारों धाम यात्रा" और "श्रीमद् भागवत महापुराण कथा" जैसे शुभ कार्यक्रम भी सफलतापूर्वक संपन्न हो चुके हैं। परिवार को एक बार पुनः प्रभु की कृपा और पूर्वजों के आशीर्वाद से यह शुभ एवं पुण्य प्रदान करने वाला कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है, जिसके लिए वे अपने पूर्वजों के प्रति आभारी हैं। इस धार्मिक आयोजन में आने वाले सभी श्रद्धालुओं का "आगमन आपका स्वागत हमारा" के भाव से स्वागत किया जाएगा।1
- आज दिनांक 21 जून 2026 को संतकबीरनगर के पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना ने 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन परेड ग्राउंड में पुलिस कर्मियों के साथ योगाभ्यास किया। इस दिन को एक उत्सव के रूप में मनाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों को शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रखना था। योगाभ्यास के दौरान, एक योग प्रशिक्षक ने सूक्ष्म व्यायाम, अनुलोम-विलोम, कपालभाति, पद्मासन, वज्रासन, सिद्धासन, मत्स्यासन, वक्रासन, पवनमुक्तासन, नौकासन, श्वासन, ताड़ासन, शीर्षासन और सूर्य नमस्कार जैसे विभिन्न आसनों का अभ्यास कराया। पुलिसकर्मियों को आसन, प्राणायाम और मुद्रा से लाभ प्राप्त करने के लिए सुरक्षित और नियमित अभ्यास हेतु प्रोत्साहित किया गया। यह भी बताया गया कि योग न केवल बीमारियों का उपचार करता है, बल्कि इसे अपनाकर कई शारीरिक और मानसिक कमियों को भी दूर किया जा सकता है। स्वस्थ रहने और तन व मन दोनों को सेहतमंद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से योग को जीवन में अपनाना आवश्यक है। इसी क्रम में, पुलिस अधीक्षक महोदय के निर्देशन में जनपद के समस्त थानों पर भी योगाभ्यास कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह और क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह सहित अन्य अधिकारी और कर्मचारीगण भी सम्मिलित रहे, जिससे 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संतकबीरनगर रिजर्व पुलिस लाइन में सामूहिक योगाभ्यास कार्यक्रम सफल रहा।4
- महराजगंज में परिवहन विभाग ने ट्रांसपोर्टरों और कमर्शियल वाहन संचालकों के लिए 'येलो प्लेट' ऐप की शुरुआत की है। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म ट्रांसपोर्टरों को एक ही मंच पर जोड़ने का काम करेगा, जिससे परिवहन व्यवस्था और भी आसान व व्यवस्थित बनने जा रही है। इस ऐप के माध्यम से चालान निस्तारण, आरसी, बीमा और टैक्स जैसी सेवाएं उपलब्ध होंगी। इस 'येलो प्लेट' ऐप को ट्रांसपोर्टरों के लिए Ola-Uber जैसा ऐप बताया जा रहा है, और एक वीडियो में इसकी खासियतें व ट्रांसपोर्टरों को होने वाले फायदे बताए गए हैं।1
- गोरखपुर जिले में अचानक हुई बारिश ने स्थानीय जनमानस को थोड़ी राहत प्रदान की है।1
- लखनऊ के सिविल अस्पताल में एक नशे में धुत व्यक्ति ने जमकर हंगामा किया, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों और कर्मचारियों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्होंने स्थिति को संभाला। इस पूरे घटनाक्रम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।1
- महाराजगंज जिले के बरगदवा थाना क्षेत्र के नरायनपुर में प्रेम प्रसंग को लेकर दो अलग-अलग धर्मों के लोगों के बीच मारपीट हुई है। इस मामले में लड़के पक्ष का बयान सामने आया है।1
- राजधानी लखनऊ के पुरनिया इलाके में आज उस समय हड़कंप मच गया, जब एक दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी विकराल थीं कि देखते ही देखते उन्होंने पूरी बिल्डिंग को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे के समय दुकान के ऊपर चल रही कोचिंग में कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे, जिससे पूरे इलाके में भारी अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। आग और धुएं के कारण दम घुटने और जान बचाने की जद्दोजहद में वहां फंसे लोगों को विवश होकर छज्जे और छत से नीचे कूदना पड़ा, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि लपटें इतनी तेज थीं कि अंदर पहुंचना मुश्किल हो रहा था। हालांकि, स्थानीय नागरिकों ने साहस दिखाते हुए राहत-बचाव कार्य में महत्वपूर्ण सहयोग किया। मुख्यमंत्री ने इस गंभीर घटना का तत्काल संज्ञान लिया है और वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे बिना देरी किए घटनास्थल पर पहुंचें और बचाव कार्यों की कमान संभालें। उन्होंने अधिकारियों को त्वरित राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने, फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के प्रयास जारी रखने, तथा घायलों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने और उनके समुचित उपचार के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए प्रशासन को हर स्तर पर पूरी सतर्कता बरतने के भी निर्देश दिए हैं। वह स्वयं राहत कार्यों की सतत मॉनिटरिंग कर रहे हैं। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां और पुलिस की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल दमकलकर्मी आग पर काबू पाने की कोशिश कर रहे हैं और फंसे हुए लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन युद्धस्तर पर जारी है। प्रशासन द्वारा घायलों को निकटतम अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। आग लगने के वास्तविक कारणों का पता जांच के बाद ही चल सकेगा।1