सत्य को छिपाना भारी पड़ा! ⚖️ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी की गुजारा भत्ता (Maintenance) की मांग को खारिज कर दिया। महिला ने पहले ही 16 लाख रुपये का समझौता कर लिया था, लेकिन कोर्ट से यह बात छिपाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो पक्ष महत्वपूर्ण तथ्य छिपाता है, वह राहत पाने का हकदार नहीं है। 🚫💰 न्यायालय ने पारिवारिक अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें पति को 5,000 रुपये मासिक भत्ता देने को कहा गया था। कानून की नजर में ईमानदारी सर्वोपरि है! 🏛️ सत्य को छिपाना भारी पड़ा! ⚖️ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी की गुजारा भत्ता (Maintenance) की मांग को खारिज कर दिया। महिला ने पहले ही 16 लाख रुपये का समझौता कर लिया था, लेकिन कोर्ट से यह बात छिपाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो पक्ष महत्वपूर्ण तथ्य छिपाता है, वह राहत पाने का हकदार नहीं है। 🚫💰 न्यायालय ने पारिवारिक अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें पति को 5,000 रुपये मासिक भत्ता देने को कहा गया था। कानून की नजर में ईमानदारी सर्वोपरि है! 🏛️
सत्य को छिपाना भारी पड़ा! ⚖️ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी की गुजारा भत्ता (Maintenance) की मांग को खारिज कर दिया। महिला ने पहले ही 16 लाख रुपये का समझौता कर लिया था, लेकिन कोर्ट से यह बात छिपाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो पक्ष महत्वपूर्ण तथ्य छिपाता है, वह राहत पाने का हकदार नहीं है। 🚫💰 न्यायालय ने पारिवारिक अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें पति को 5,000 रुपये मासिक भत्ता देने को कहा गया था। कानून की नजर में ईमानदारी सर्वोपरि है! 🏛️ सत्य को छिपाना भारी पड़ा! ⚖️ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में पत्नी की गुजारा भत्ता (Maintenance) की मांग को खारिज कर दिया। महिला ने पहले ही 16 लाख रुपये का समझौता कर लिया था, लेकिन कोर्ट से यह बात छिपाई। अदालत ने स्पष्ट किया कि जो पक्ष महत्वपूर्ण तथ्य छिपाता है, वह राहत पाने का हकदार नहीं है। 🚫💰 न्यायालय ने पारिवारिक अदालत के उस आदेश को रद्द कर दिया जिसमें पति को 5,000 रुपये मासिक भत्ता देने को कहा गया था। कानून की नजर में ईमानदारी सर्वोपरि है! 🏛️
- अशोक खरात (जिन्हें उनके अनुयायी 'कैप्टन' के नाम से भी पुकारते थे) मार्च 2026 में महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए एक बड़े4
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- जिला पानीपत के कस्बा मतलौड़ा स्ट्रीट न्यू एरा पब्लिक स्कूल में 31 मार्च को भव्य कार्यक्रम किया गया। यह स्कूल नई ऊंचाइयां छू रहा है। स्कूल में हुए कार्यक्रम में छोटे-छोटे बच्चों में स्कूल में आए अभिभावकों को अपनी प्रस्तुति से मंत्र मुग्ध कर दिया।2
- भोजपुर क्षेत्र के ओबैदुल्लागंज में रहवासी क्षेत्र से शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है। औबेदुल्लागंज नगर की बड़ी संख्या में महिला-पुरुषों ने उप तहसील कार्यालय पहुंचकर नायब तहसीलदार निलेश सरवटे एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि औबेदुल्लागंज रेलवे ब्रिज के पास संचालित लाइसेंसी शराब दुकान आबादी क्षेत्र के बीच स्थित है। इससे सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है और बच्चों पर गलत असर पड़ रहा है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि शराबियों के कारण महिलाओं का घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है, क्योंकि वे घरों के बाहर बैठकर गाली-गलौज करते हैं। और इसी रास्ते से छात्राओं का भी रोजाना निकालना होता है निकलने वाली छात्राओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है. निवासियों ने जानकारी दी कि इस संबंध में पहले भी कलेक्टर, आबकारी अधिकारी और पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। हाल ही में हुए नए टेंडर के बाद उन्हें पता चला है कि दुकान को वर्तमान स्थान से मात्र 10 फीट दूर ही फिर से स्थापित करने की तैयारी है, जिससे लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है। नगर जागरूक नागरिकों ने यह भी बताया कि नगर परिषद मीटिंग में भी शराब दुकान को आबादी क्षेत्र से बाहर हटाने का प्रस्ताव पारित किया जा चुका है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दुकान को नहीं हटाया गया, तो वे मजबूर होकर धरना-प्रदर्शन, रोड जाम और हड़ताल जैसे कदम उठाएंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।1
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