किशनगंज जिला में बदलते जीवनशैली, बढ़ते मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और गैर-संचारी रोगों की चुनौतियों के बीच योग को मानव जीवन के लिए एक प्रभावी और समग्र समाधान के रूप में स्थापित किया गया है। योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान बताया गया है, जो स्वस्थ, सजग और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर इस वर्ष 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' विषय के अनुरूप जिले के सदर अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिर-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में विशेष योग शिविरों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को निरोग रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और जीवन में अनुशासन स्थापित करने का सशक्त साधन भी है। डॉ. चौधरी ने प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया, क्योंकि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ होती है, तनाव कम होता है और जीवनशैली जनित अनेक रोगों की आशंका में कमी आती है। जिलाधिकारी विशाल राज ने इस वर्ष के विषय 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन के पूरक होने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि प्रकृति के सुरक्षित और संतुलित रहने पर ही मानव समाज स्वस्थ एवं समृद्ध रह सकेगा, और योग इस समन्वय को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है। श्री राज ने वर्तमान समय में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, अनिद्रा, अवसाद और मानसिक तनाव जैसी बढ़ती समस्याओं से निपटने के लिए योग को प्राकृतिक और प्रभावी उपाय बताया। उनके अनुसार, प्राणायाम और ध्यान मन को एकाग्र व शांत बनाते हैं, जबकि योगासन शरीर को लचीला, सुदृढ़ और ऊर्जावान बनाते हैं, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन आता है। डॉ. राज कुमार चौधरी ने पुनः योग की महत्वपूर्ण भूमिका दोहराते हुए कहा कि इसका प्रभाव शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिससे आत्म-जागरूकता, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से रक्तचाप नियंत्रित रहता है, पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी बनती है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी योग ने लोगों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित योग कार्यक्रमों में चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे लोगों को नियमित योगाभ्यास, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में, जिलाधिकारी विशाल राज और सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने जिलेवासियों से संयुक्त रूप से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि योग वह सेतु है जो शरीर को शक्ति, मन को शांति और आत्मा को स्थिरता प्रदान करता है, और स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ पृथ्वी के निर्माण का मार्ग योग से होकर ही जाता है।
किशनगंज जिला में बदलते जीवनशैली, बढ़ते मानसिक तनाव, अनियमित दिनचर्या और गैर-संचारी रोगों की चुनौतियों के बीच योग को मानव जीवन के लिए एक प्रभावी और समग्र समाधान के रूप में स्थापित किया गया है। योग को केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का विज्ञान बताया गया है, जो स्वस्थ, सजग और संतुलित जीवन जीने की प्रेरणा देता है। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 के अवसर पर इस वर्ष 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' विषय के अनुरूप जिले के सदर अस्पताल, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और आयुष्मान आरोग्य मंदिर-स्वास्थ्य एवं कल्याण केंद्रों में विशेष योग शिविरों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में चिकित्सकों, स्वास्थ्यकर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नियमित योगाभ्यास का संकल्प लिया। इस अवसर पर सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने योग को स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन का माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को निरोग रखने तक सीमित नहीं है, बल्कि मानसिक शांति, आत्मिक उन्नति और जीवन में अनुशासन स्थापित करने का सशक्त साधन भी है। डॉ. चौधरी ने प्रत्येक व्यक्ति को योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने पर जोर दिया, क्योंकि इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता सुदृढ़ होती है, तनाव कम होता है और जीवनशैली जनित अनेक रोगों की आशंका में कमी आती है। जिलाधिकारी विशाल राज ने इस वर्ष के विषय 'एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग' के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह मानव स्वास्थ्य और पर्यावरणीय संतुलन के पूरक होने का संदेश देता है। उन्होंने बताया कि प्रकृति के सुरक्षित और संतुलित रहने पर ही मानव समाज स्वस्थ एवं समृद्ध रह सकेगा, और योग इस समन्वय को सुदृढ़ करने
का प्रभावी माध्यम है। श्री राज ने वर्तमान समय में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, हृदय रोग, अनिद्रा, अवसाद और मानसिक तनाव जैसी बढ़ती समस्याओं से निपटने के लिए योग को प्राकृतिक और प्रभावी उपाय बताया। उनके अनुसार, प्राणायाम और ध्यान मन को एकाग्र व शांत बनाते हैं, जबकि योगासन शरीर को लचीला, सुदृढ़ और ऊर्जावान बनाते हैं, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन आता है। डॉ. राज कुमार चौधरी ने पुनः योग की महत्वपूर्ण भूमिका दोहराते हुए कहा कि इसका प्रभाव शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक स्वास्थ्य पर पड़ता है, जिससे आत्म-जागरूकता, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का विकास होता है। उन्होंने बताया कि नियमित योगाभ्यास से रक्तचाप नियंत्रित रहता है, पाचन तंत्र सुदृढ़ होता है, नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है और शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली अधिक प्रभावी बनती है। कोविड-19 वैश्विक महामारी के दौरान भी योग ने लोगों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। जिले के सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आयोजित योग कार्यक्रमों में चिकित्सकों, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों की सक्रिय सहभागिता रही, जिससे लोगों को नियमित योगाभ्यास, संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया। अंत में, जिलाधिकारी विशाल राज और सिविल सर्जन डॉ. राज कुमार चौधरी ने जिलेवासियों से संयुक्त रूप से आह्वान किया कि वे योग को केवल एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि इसे अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाकर स्वस्थ, संतुलित और सकारात्मक जीवन की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि योग वह सेतु है जो शरीर को शक्ति, मन को शांति और आत्मा को स्थिरता प्रदान करता है, और स्वस्थ व्यक्ति, स्वस्थ समाज एवं स्वस्थ पृथ्वी के निर्माण का मार्ग योग से होकर ही जाता है।
- RealNewsRN द्वारा प्रकाशित खबर का प्रभाव मात्र 48 घंटों के भीतर देखने को मिला है। इस खबर के बाद फुलवरिया ब्रिज का एप्रोच मार्ग पूरी तरह से दुरुस्त कर दिया गया, जिससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी राहत मिली है।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड अंतर्गत चिल्हनियां पंचायत के वार्ड संख्या-9 स्थित मुस्लिम टोला गांव दशकों बाद भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। यहां गांव तक जाने वाली कच्ची सड़क की हालत बेहद खराब है, जो बरसात के मौसम में पूरी तरह जलमग्न हो जाती है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन ठप पड़ जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष समस्या उठाने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है, जिसके चलते गांव एक टापू में तब्दील हो जाता है। ग्रामीणों के अनुसार, मुस्लिम टोला गांव पूर्वी एवं दक्षिणी दिशा में गोरिया नदी तथा पश्चिमी दिशा में रेतुआ नदी से घिरा हुआ है, जिसके कारण बरसात में यह चारों ओर से पानी से घिर जाता है। मुख्य सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को पानी और कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ता है, जिससे बच्चों, महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को अत्यधिक परेशानी होती है। पिछले साल, सड़क की बदहाल स्थिति और जलजमाव के कारण गांव के निवासी हकमो उद्दीन को समय पर वाहन नहीं मिल सका। ग्रामीणों ने चारपाई के सहारे करीब डेढ़ किलोमीटर पानी और कीचड़ भरे रास्ते से उन्हें मुख्य सड़क तक पहुँचाने की कोशिश की, लेकिन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, टेढ़ागाछ ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने गांव में सड़क और पुल की आवश्यकता को और भी गंभीर रूप से उजागर कर दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि खराब सड़क और आवागमन की समस्या गांव के सामाजिक जीवन पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल रही है, जिससे लोग शादी-ब्याह और अन्य सामाजिक कार्यक्रमों के लिए इस गांव में आने से कतराते हैं, और कई परिवारों को बच्चों के विवाह संबंध स्थापित करने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों, जिनमें बादल आलम, इस्लामुद्दीन, नईम अख्तर, राहिल आलम, असलम आलम, हकीमुद्दीन, शिवकुमार मंडल, शंकर मंडल, अनवर आलम, नईम आलम, दिलशाद आलम, अबू नसर, अरशद आलम, नासिर आलम, शाहनवाज आलम, साहिल आलम, तबरेज आलम, फिरोज आलम, मुख्तार आलम, राशिद आलम और मजेबुल आलम शामिल हैं, ने कई बार सांसद, विधायक और जिला प्रशासन को आवेदन देकर समस्या के समाधान की मांग की है, लेकिन उनकी मांगों पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से तत्काल पक्की सड़क और गोरिया नदी पर आरसीसी पुल के निर्माण की मांग की है। उनका मानना है कि सड़क और पुल बनने से न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक विकास के नए अवसर भी खुलेंगे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया, तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्हें उम्मीद है कि जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधि उनकी वर्षों पुरानी पीड़ा को समझते हुए जल्द ही ठोस कदम उठाएंगे, ताकि मुस्लिम टोला के लोग भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।1
- Post by SonuMandal3
- एक व्यक्ति ने स्वयं को अंतिम अवतार घोषित किया है, जिसे कल्कि अवतार बताया जा रहा है। यह घोषणा गंगकालीदेवीजी मंदिर संसारी से संबंधित है, और दुर्गादेवीजी के संदर्भ में पंचायत शंकरपुर के वार्ड नंबर (2) का भी उल्लेख है। इस दावे में संतोष कल्कि शिव बाबा सुंदरनाथ धाम सरकार का भी जिक्र है।1
- यह जानकारी सामने आई है कि एक नदी सिंधु नदी से जुड़ी हुई है, और यह तथ्य जानने पर लोगों को बहुत खुशी मिलेगी। इस नदी के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त करने से सभी को प्रसन्नता का अनुभव होगा, क्योंकि इसका सीधा संबंध सिंधु नदी से बताया गया है।1
- कोडरमा विधायक डॉ नीरा यादव ने योग दिवस के अवसर पर जिला प्रशासन पर अवहेलना का गंभीर आरोप लगाया है।1
- किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ में एक कल्वर्ट को खोदकर अधूरा छोड़ देने से स्थानीय सड़क की स्थिति बेहद खराब हो गई है। इस लापरवाही के कारण ग्रामीणों में भारी नाराज़गी है, क्योंकि इस बदहाल रास्ते से उन्हें आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।1
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