बिहार मे गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत हुई। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा। सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।
बिहार मे गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत बिहार के गन्ना उद्योग को नई दिशा देने के लिए आज पटना स्थित विकास भवन से एक अहम पहल की शुरुआत हुई। गन्ना उद्योग मंत्री संजय कुमार ने SIPP पोर्टल का औपचारिक उद्घाटन किया। राज्य सरकार ने इस पोर्टल को गन्ना आधारित उद्योगों में निवेश को सरल बनाने और किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किया है। लॉन्च के समय विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और गन्ना क्षेत्र से जुड़े उद्यमी भी मौजूद रहे। मंत्री संजय कुमार ने कहा कि लंबे समय से निवेशकों की सबसे बड़ी शिकायत यही रही है कि प्रक्रियाएं जटिल हैं और जानकारी बिखरी हुई मिलती है। SIPP पोर्टल इसी समस्या का समाधान है। अब कोई भी निवेशक घर बैठे पोर्टल पर जाकर यह देख सकेगा कि गन्ना आधारित उद्योग लगाने के लिए कौन-कौन से दस्तावेज चाहिए, कहां आवेदन करना है, कितनी सब्सिडी मिलेगी और किस विभाग से अनुमति लेनी होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी जिससे समय की बचत होगी और पारदर्शिता भी बढ़ेगी। मंत्री ने कहा कि सरकार की कोशिश है कि बिहार को चीनी, इथेनॉल और शीरा आधारित उत्पादों का हब बनाया जाए। इस पोर्टल की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह एकल खिड़की प्रणाली की तरह काम करेगा। पहले निवेशक को राजस्व, उद्योग, प्रदूषण नियंत्रण और श्रम विभाग के अलग-अलग चक्कर लगाने पड़ते थे। अब SIPP पर रजिस्ट्रेशन के बाद आवेदन सीधे संबंधित विभागों तक पहुंच जाएगा और उसकी स्थिति भी निवेशक ट्रैक कर सकेगा। साथ ही पोर्टल पर गन्ना उत्पादन वाले जिलों का नक्शा, कच्चे माल की उपलब्धता, बाजार की मांग और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी दी गई है। इससे नए उद्यमियों को निर्णय लेने में मदद मिलेगी। मंत्री संजय कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार गन्ना उत्पादन में देश के अग्रणी राज्यों में है लेकिन अब तक मूल्य संवर्धन की कमी के कारण किसानों को पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा था। SIPP के जरिए जब नए उद्योग लगेंगे तो किसानों को उनकी फसल का बेहतर दाम मिलेगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। चीनी मिलों के अलावा इथेनॉल प्लांट, को-जेनरेशन, बायो फर्टिलाइजर और पैकेजिंग इकाइयों में निवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। इससे न केवल कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत होगी बल्कि पलायन की समस्या पर भी कुछ हद तक नियंत्रण लगेगा। सरकार का मानना है कि युवा उद्यमियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर है। पोर्टल पर स्टार्टअप के लिए विशेष सेक्शन बनाया गया है जहां कम पूंजी में शुरू होने वाले लघु उद्योगों की जानकारी और वित्तीय सहायता के विकल्प दिए गए हैं। विभाग ने यह भी तय किया है कि हर आवेदन का निपटारा तय समय सीमा में किया जाएगा ताकि निवेशकों को अनावश्यक देरी का सामना न करना पड़े। SIPP पोर्टल के लॉन्च को गन्ना किसान और उद्योग जगत दोनों ने सराहा है। लोगों का कहना है कि अगर इसे जमीनी स्तर पर सही तरीके से लागू किया गया तो बिहार में गन्ना आधारित उद्योगों का नया दौर शुरू हो सकता है।
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- विश्व स्तनपान दिवस पर कोकरसा पंचायत भवन में मुखिया के अध्यक्षता में जागरूकता कार्यक्रम का हुआ आयोजन विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर स्तनपान के महत्वको लेकर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कोकरसा पंचायत भवन में मुखिया राधा देवी के अध्यक्षता में बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) स्नेहलता कुमारी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सेविका, जीविका , वार्ड सदस्य लेडि सुपरवाइजर एएनएम, गर्भवती एवं धात्री माताओं सहित ग्रामीण महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।कार्यक्रम की शुरुआत में CHO ने सभी उपस्थित लोगों का स्वागत करते हुए विश्व स्तनपान दिवस के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि माँ का दूध शिशु के लिए सर्वोत्तम, सुरक्षित एवं संपूर्ण आहार है। जन्म के पहले एक घंटे के भीतर स्तनपान शुरू करने तथा जन्म से छह माह तक केवल माँ का दूध पिलाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। उन्होंने बताया कि छह माह तक शिशु को पानी, शहद, घुट्टी या अन्य कोई भी खाद्य पदार्थ देने की आवश्यकता नहीं होती।मुखिया जी राधा देवी ने बताया कि स्तनपान से शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, जिससे दस्त, निमोनिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। साथ ही, शिशु का शारीरिक एवं मानसिक विकास बेहतर होता है। उन्होंने यह भी बताया कि स्तनपान केवल शिशु के लिए ही नहीं बल्कि माँ के स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। सुपवाइजर सीमा कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण की शुरुआत स्वस्थ माँ और स्वस्थ शिशु से ही होती है। उन्होंने सभी परिवारों से अपील की कि वे स्तनपान को बढ़ावा दें, माताओं का सहयोग करें तथा स्तनपान से जुड़े किसी भी भ्रम या अंधविश्वास पर विश्वास न करें।1
- राँची में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म और परीक्षा रद्द की मांग को लेकर छात्रों ने बारिश में भींगते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा मार्च निकाला। युवाओं की आवाज़, सड़कों पर बुलंद। #JPSC #JSSC #TirangaMarch #Ranchi #StudentProtest राँची में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म और परीक्षा रद्द की मांग को लेकर छात्रों ने बारिश में भींगते हुए जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक तिरंगा मार्च निकाला। युवाओं की आवाज़, सड़कों पर बुलंद। #JPSC #JSSC #TirangaMarch #Ranchi #StudentProtest1
- बिहार के विराट का कॉमेडी - कौवा बिरयानी का नया कांड! 🤣🍗 अगर आपने "कौवा बिरयानी" वाला वायरल डायलॉग सुना है, तो यह स्पूफ आपको हंसा-हंसा कर लोटपोट कर देगा! 😂 ⚠️ यह वीडियो केवल मनोरंजन (Spoof/Parody) के उद्देश्य से बनाया गया है। इसका किसी व्यक्ति, संस्था या समुदाय को ठेस पहुंचाने का कोई उद्देश्य नहीं है। 💬 कमेंट में बताइए — इस स्पूफ का सबसे मजेदार सीन कौन-सा लगा? 😂 📲 Follow @biharkavirat for more comedy reels & viral content.1
- श्री श्री 108❤ ऊं नमः शिवाय ❤ हर हर महादेव जी हर हर ❤ सबका जीवन मंगलमय हो सबके जीवन में खुशियों कि बरसात हो ❤ जय बाबा शिव गुरु विडियो न0-601🚩🌅⛲🪷❤👋1