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अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS) ने बलौदाबाजार में हुए घटनाक्रम को लेकर स्वतंत्र पत्रकारिता के समक्ष उभरते संकट और 'साइलेंट सेंसरशिप' की आशंका पर गंभीर चिंता जताई है। सीजी बॉक्स (CG Box) के संस्थापक और उनकी टीम को कानूनी उलझनों में फँसाए जाने के बाद, देवेश अमोरा तिवारी और बलौदाबाजार के पत्रकार आदिवासियों के लिए लड़ने को तैयार हैं। ACCG NEWS के संपादक महाराज शुभम पाठक (चीफ एडिटर एवं AIMA सदस्य) ने इसे पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता जगत के लिए एक गंभीर 'केस स्टडी' बताया है, जहाँ पत्रकारों पर 'दंगा भड़काने' या 'भ्रामक खबरें फैलाने' जैसी गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। प्लेटफॉर्म ने स्पष्ट किया है कि एक पत्रकार का काम घटना स्थल पर मौजूद होकर वास्तविक स्थिति को जनता और अधिकारियों तक पहुँचाना होता है, न कि उपद्रव में शामिल होना। रिपोर्टिंग और संलिप्तता के बीच के इस अंतर को धुंधला करते हुए, 'CG Box' जैसे प्लेटफार्म्स पर जिस त्वरित गति से दंडात्मक कार्रवाई की गई है, उसने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पूरे प्रदेश के स्वतंत्र पत्रकारों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। यह प्रवृत्ति 'संदेशवाहक को दंडित करना' (Shoot the Messenger) जैसी है, जहाँ प्रशासनिक विफलताओं को उजागर करने वाले पत्रकार अक्सर आसान शिकार बन जाते हैं। ACCG NEWS इस घटनाक्रम को अंबिकापुर (सरगुजा) से भी विश्लेषित करना आवश्यक मानता है, क्योंकि मध्य छत्तीसगढ़ में एक पत्रकार का मनोबल टूटने से उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) और बस्तर के पत्रकारों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ACCG NEWS का मानना है कि इस संकट का हल टकराव से नहीं, बल्कि समाधान और कानूनी जागरूकता से निकलेगा। पत्रकारों को आईटी एक्ट, मानहानि और BNS की नई धाराओं के तहत अपनी सुरक्षा के उपाय समझने के लिए कानूनी साक्षरता बढ़ानी होगी। छत्तीसगढ़ में 'पत्रकार सुरक्षा कानून' की आवश्यकता पर पुनः जोर देते हुए, प्लेटफॉर्म ने All India Media Association (AIMA) जैसे संगठनों के माध्यम से संगठनात्मक एकता और शालीन संवाद की वकालत की है। उनका उद्देश्य प्रशासन से सम्मान की नींव पर समन्वय स्थापित करना है, न कि डर पर। यह रिपोर्ट 'जय स्वतंत्र पत्रकारिता' का उद्घोष करते हुए सवाल करती है कि पत्रकारों को पत्रकारिता करने से रोकना, आदिवासियों का शोषण करना और वन को साधन के लिए काटना क्या उचित है।

2 hrs ago
user_Maharaj Shubham Pathak
Maharaj Shubham Pathak
Media house अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago
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अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS) ने बलौदाबाजार में हुए घटनाक्रम को लेकर स्वतंत्र पत्रकारिता के समक्ष उभरते संकट और 'साइलेंट सेंसरशिप' की आशंका पर गंभीर चिंता जताई है। सीजी बॉक्स (CG Box) के संस्थापक और उनकी टीम को कानूनी उलझनों में फँसाए जाने के बाद, देवेश अमोरा तिवारी और बलौदाबाजार के पत्रकार आदिवासियों के लिए लड़ने को तैयार हैं। ACCG NEWS के संपादक महाराज शुभम पाठक (चीफ एडिटर एवं AIMA सदस्य) ने इसे पूरे छत्तीसगढ़ के पत्रकारिता जगत के लिए एक गंभीर 'केस स्टडी' बताया है, जहाँ पत्रकारों पर 'दंगा भड़काने' या 'भ्रामक खबरें फैलाने' जैसी गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की जा रही है। प्लेटफॉर्म ने स्पष्ट किया है कि एक पत्रकार का काम घटना स्थल पर मौजूद होकर वास्तविक स्थिति को जनता और अधिकारियों तक पहुँचाना होता है, न कि उपद्रव में शामिल होना। रिपोर्टिंग और संलिप्तता के बीच के इस अंतर को धुंधला करते हुए, 'CG Box' जैसे प्लेटफार्म्स पर जिस त्वरित गति से दंडात्मक कार्रवाई की गई है, उसने प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया और सर्वोच्च न्यायालय के दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए पूरे प्रदेश के स्वतंत्र पत्रकारों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। यह प्रवृत्ति 'संदेशवाहक को दंडित करना' (Shoot the Messenger) जैसी है, जहाँ प्रशासनिक विफलताओं को उजागर करने वाले पत्रकार अक्सर आसान शिकार बन जाते हैं। ACCG NEWS इस घटनाक्रम को अंबिकापुर (सरगुजा) से भी विश्लेषित करना आवश्यक मानता है, क्योंकि मध्य छत्तीसगढ़ में एक पत्रकार का मनोबल टूटने से उत्तर छत्तीसगढ़ (सरगुजा संभाग) और बस्तर के पत्रकारों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। ACCG NEWS का मानना है कि इस संकट का हल टकराव से नहीं, बल्कि समाधान और कानूनी जागरूकता से निकलेगा। पत्रकारों को आईटी एक्ट, मानहानि और BNS की नई धाराओं के तहत अपनी सुरक्षा के उपाय समझने के लिए कानूनी साक्षरता बढ़ानी होगी। छत्तीसगढ़ में 'पत्रकार सुरक्षा कानून' की आवश्यकता पर पुनः जोर देते हुए, प्लेटफॉर्म ने All India Media Association (AIMA) जैसे संगठनों के माध्यम से संगठनात्मक एकता और शालीन संवाद की वकालत की है। उनका उद्देश्य प्रशासन से सम्मान की नींव पर समन्वय स्थापित करना है, न कि डर पर। यह रिपोर्ट 'जय स्वतंत्र पत्रकारिता' का उद्घोष करते हुए सवाल करती है कि पत्रकारों को पत्रकारिता करने से रोकना, आदिवासियों का शोषण करना और वन को साधन के लिए काटना क्या उचित है।

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  • छत्तीसगढ़ के सीतापुर इलाके से रोजगार की तलाश में चेन्नई गई तीन युवतियां वहां फंस गई हैं। इन युवतियों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद सीतापुर के स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की युवतियों से जुड़ा है। बताया गया है कि जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, उन्हें प्लेसमेंट दिलाने का झांसा देकर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया था। युवतियों का आरोप है कि दो युवतियों और एक युवक ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई पहुंचाया था। अब उन्हें घर वापस लौटने के लिए परेशान किया जा रहा है और घर वापसी के नाम पर प्रत्येक युवती से दस-दस हजार रुपये की मांग की जा रही है। चेन्नई में फंसी युवतियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने शिकायत मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया और स्थानीय पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि इस गंभीर मामले में जल्द से जल्द युवतियों को सकुशल वापस लाया जाए। विधायक टोप्पो ने कहा, "युवतियों के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। यह बहुत गंभीर मामला है। मैंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे तुरंत कार्रवाई करें और चेन्नई में फंसी हमारी बेटियों को सुरक्षित घर वापस लाएं।" सीतापुर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उन लोगों की तलाश कर रही है जो युवतियों को प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई ले गए थे। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
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    छत्तीसगढ़ के सीतापुर इलाके से रोजगार की तलाश में चेन्नई गई तीन युवतियां वहां फंस गई हैं। इन युवतियों ने एक वीडियो जारी कर मदद की गुहार लगाई है, जिसके बाद सीतापुर के स्थानीय विधायक रामकुमार टोप्पो ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

यह पूरा मामला सीतापुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम भरतपुर, बेलजोरा और बिनई की युवतियों से जुड़ा है। बताया गया है कि जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण पूरा करने के बाद, उन्हें प्लेसमेंट दिलाने का झांसा देकर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया था। युवतियों का आरोप है कि दो युवतियों और एक युवक ने उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई पहुंचाया था। अब उन्हें घर वापस लौटने के लिए परेशान किया जा रहा है और घर वापसी के नाम पर प्रत्येक युवती से दस-दस हजार रुपये की मांग की जा रही है।

चेन्नई में फंसी युवतियों ने सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से संपर्क कर अपनी आपबीती सुनाई और सुरक्षित घर वापसी की गुहार लगाई। विधायक रामकुमार टोप्पो ने शिकायत मिलते ही तुरंत संज्ञान लिया और स्थानीय पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए कि इस गंभीर मामले में जल्द से जल्द युवतियों को सकुशल वापस लाया जाए। विधायक टोप्पो ने कहा, "युवतियों के साथ हुई धोखाधड़ी की जानकारी मिली है। यह बहुत गंभीर मामला है। मैंने पुलिस प्रशासन को निर्देशित किया है कि वे तुरंत कार्रवाई करें और चेन्नई में फंसी हमारी बेटियों को सुरक्षित घर वापस लाएं।" सीतापुर थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और उन लोगों की तलाश कर रही है जो युवतियों को प्लेसमेंट के नाम पर चेन्नई ले गए थे। इस घटना को लेकर पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है।
    user_Raza
    Raza
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    28 min ago
  • सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है। सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है। विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।
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    सरगुजा जिले की तीन युवतियों को सिलाई प्रशिक्षण के बाद प्लेसमेंट के बहाने चेन्नई ले जाया गया, जहाँ अब उन्हें घर लौटने के लिए प्रत्येक से 10-10 हजार रुपए की मांग की जा रही है। युवतियों ने एक वीडियो बनाकर सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो से मदद की गुहार लगाई है। यह घटना सरगुजा संभाग के सीतापुर, मैनपाट और जशपुर क्षेत्र से मानव तस्करी की लगातार सामने आ रही शिकायतों के बीच हुई है, जहाँ अक्सर नाबालिगों को महानगरों में अच्छे काम और पैसों का लालच देकर ले जाया जाता है, और फिर उन्हें घर नहीं आने दिया जाता या बेच दिया जाता है।

सरगुजा जिले के सीतापुर थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत भरतपुर के बेलजोरा बिनई की इन तीनों युवतियों ने अपने वीडियो में बताया कि उन्होंने जशपुर में तीन महीने का सिलाई प्रशिक्षण लिया था। इसके बाद दो युवतियों और एक युवक द्वारा उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर चेन्नई के कांचीपुरम ले जाया गया। वे अब वहाँ फँस गई हैं और घर वापस आना चाहती हैं, लेकिन उन्हें छोड़ा नहीं जा रहा। उनका कहना है कि जो लोग उन्हें वहाँ लाए थे, उन्होंने फोन उठाना बंद कर दिया है। कुछ दिन पहले हुई बातचीत में उनसे कहा गया था कि अगर वे घर जाना चाहती हैं, तो प्रत्येक लड़की को 10-10 हजार रुपए देने होंगे। युवतियों ने अपनी तबीयत खराब होने की भी बात कही है।

विधायक रामकुमार टोप्पो के संज्ञान में यह वीडियो आने के बाद उन्होंने तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दी। उन्होंने प्रशासन व पुलिस को चेन्नई में फंसी तीनों युवतियों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के निर्देश दिए हैं। यह भी बताया गया है कि सीतापुर और मैनपाट क्षेत्र के कई नाबालिग लड़के-लड़कियां मानव तस्करी का शिकार हो चुके हैं, जिनमें से कई की घर वापसी हो चुकी है, जबकि कई का अभी तक पता नहीं चल सका है।
    user_Jarif Khan
    Jarif Khan
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    32 min ago
  • सरगुजा जिले के लखनपुर इलाके में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुरानी रंजिश और गुस्से में अंधे एक सगे भाई ने अपने ही भाई को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। 'अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS)' के अनुसार, यह मामला समाज में बढ़ते क्रोध और गिरते संस्कारों पर सोचने पर मजबूर करता है। यह नृशंस वारदात 20 जून की दोपहर, लखनपुर थाने के अंतर्गत ग्राम अलगा बेन्दोपानी (बेलदगी) में घटी। 32 वर्षीय पांडे कोरवा का अपने ही सगे भाई, 25 वर्षीय श्रवण कोरवा, और एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) के साथ पुरानी रंजिश और आपसी विवाद को लेकर भयंकर झगड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि श्रवण कोरवा ने पांडे कोरवा की नाक दाँतों से काट ली और फिर नाबालिग के साथ मिलकर ईंट-पत्थरों से उसके सिर और कान के पास इतने गंभीर वार किए कि पांडे कोरवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की सूचना मिलते ही, सरगुजा के डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल के सख्त निर्देश पर लखनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संपत पोटाई के नेतृत्व में पुलिस और FSL की टीम ने मौके का मुआयना किया और घटना स्थल से खून से सने ईंट के टुकड़े व पत्थर बरामद किए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर हत्या के आरोपी भाई श्रवण कोरवा और नाबालिग को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने खून से सने कपड़े भी ज़ब्त कर लिए। बालिग आरोपी को न्यायालय और नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है। ACCG NEWS और चीफ एडिटर शुभम पाठक ने इस घटना को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के माथे पर एक कलंक बताया है, और समाज में बढ़ते क्रोध तथा गिरते संस्कारों पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट में लखनपुर पुलिस (एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह और पूरी टीम) की त्वरित एवं मुस्तैद कार्रवाई की सराहना की गई है, लेकिन साथ ही यह भी अपील की गई है कि आपसी विवादों को खून-खराबे की बजाय बातचीत और समझदारी से सुलझाने की पहल होनी चाहिए।
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    सरगुजा जिले के लखनपुर इलाके में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुरानी रंजिश और गुस्से में अंधे एक सगे भाई ने अपने ही भाई को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया। 'अडिग छत्तीसगढ़िया न्यूज (ACCG NEWS)' के अनुसार, यह मामला समाज में बढ़ते क्रोध और गिरते संस्कारों पर सोचने पर मजबूर करता है।

यह नृशंस वारदात 20 जून की दोपहर, लखनपुर थाने के अंतर्गत ग्राम अलगा बेन्दोपानी (बेलदगी) में घटी। 32 वर्षीय पांडे कोरवा का अपने ही सगे भाई, 25 वर्षीय श्रवण कोरवा, और एक नाबालिग (विधि से संघर्षरत बालक) के साथ पुरानी रंजिश और आपसी विवाद को लेकर भयंकर झगड़ा हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि श्रवण कोरवा ने पांडे कोरवा की नाक दाँतों से काट ली और फिर नाबालिग के साथ मिलकर ईंट-पत्थरों से उसके सिर और कान के पास इतने गंभीर वार किए कि पांडे कोरवा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही, सरगुजा के डीआईजी एवं एसएसपी श्री राजेश अग्रवाल के सख्त निर्देश पर लखनपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। थाना प्रभारी उपनिरीक्षक संपत पोटाई के नेतृत्व में पुलिस और FSL की टीम ने मौके का मुआयना किया और घटना स्थल से खून से सने ईंट के टुकड़े व पत्थर बरामद किए। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर हत्या के आरोपी भाई श्रवण कोरवा और नाबालिग को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने खून से सने कपड़े भी ज़ब्त कर लिए। बालिग आरोपी को न्यायालय और नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है।

ACCG NEWS और चीफ एडिटर शुभम पाठक ने इस घटना को सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के माथे पर एक कलंक बताया है, और समाज में बढ़ते क्रोध तथा गिरते संस्कारों पर चिंता व्यक्त की है। रिपोर्ट में लखनपुर पुलिस (एसआई संपत पोटाई, प्रधान आरक्षक सतीश कुमार सिंह और पूरी टीम) की त्वरित एवं मुस्तैद कार्रवाई की सराहना की गई है, लेकिन साथ ही यह भी अपील की गई है कि आपसी विवादों को खून-खराबे की बजाय बातचीत और समझदारी से सुलझाने की पहल होनी चाहिए।
    user_Maharaj Shubham Pathak
    Maharaj Shubham Pathak
    Media house अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    14 hrs ago
  • अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है। इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।
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    अंबिकापुर के कला केंद्र मैदान में लगने वाले मीना बाज़ार को लेकर सोशल मीडिया पर दो कथित ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक कथित ऑडियो में अनुराग मिश्रा नामक व्यक्ति को महापौर मंजूषा भगत से यह कहते हुए सुना जा रहा है कि वह “अध्यक्ष जी के घर भी कुछ लेकर गया था, उन्होंने फेंक दिया और कहा 3 लाख से कम नहीं चाहिए।” वहीं, दूसरे कथित ऑडियो को भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया की आवाज़ बताया जा रहा है, जिसमें वे कथित तौर पर “कितना देंगे?” पूछते और अंत में “कल दे दीजिएगा” कहते सुनाई देते हैं। हालाँकि, इन ऑडियो की सत्यता की पुष्टि नहीं की गई है और इसे एक स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जाँच का विषय बताया गया है।

इन कथित ऑडियो के वायरल होने के बाद कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पूरा शहर और यहाँ तक कि विपक्ष भी इस मामले पर खामोश है। सवाल यह है कि यदि जाँच में ये ऑडियो सही पाए जाते हैं, तो क्या भाजपा को संबंधित लोगों पर कार्रवाई नहीं करनी चाहिए? वायरल हो रहे इन ऑडियो को सुनकर यह सवाल उठता है कि क्या सत्ता सही हाथों में है, क्योंकि यह स्थिति दर्शाती है कि भ्रष्टाचार ने किस तरह अपनी जड़ें जमा ली हैं।
    user_Guru Reality Show
    Guru Reality Show
    पटना, कोरिया, छत्तीसगढ़•
    4 hrs ago
  • बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।
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    बलरामपुर में आयोजित योग दिवस कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री लक्ष्मी राजवाडे शामिल होने पहुँचीं।
    user_Vijay Singh
    Vijay Singh
    बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    2 hrs ago
  • योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
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    योग दिवस के अवसर पर बलरामपुर में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित कई अधिकारियों ने सामूहिक रूप से योगाभ्यास किया।
    user_Shoaib Siddiqui
    Shoaib Siddiqui
    Local News Reporter बलरामपुर, बलरामपुर, छत्तीसगढ़•
    22 hrs ago
  • मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे को शासकीय वन विभाग रेस्ट हाउस में कमरा आवंटित नहीं किया गया। इस घटना से वन कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वन मंडल कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस फैसले का कड़ा विरोध जताया। हालात को देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे अपने जिला पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस घटना के बाद वन विभाग के भीतर प्रशासन और कर्मचारी संगठन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।
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    मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर वन मंडल कार्यालय में रविवार को उस समय विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई, जब छत्तीसगढ़ वन कर्मचारी संघ के प्रांतीय अध्यक्ष अजीत दुबे को शासकीय वन विभाग रेस्ट हाउस में कमरा आवंटित नहीं किया गया। इस घटना से वन कर्मचारियों में भारी नाराजगी फैल गई, जिसके बाद बड़ी संख्या में कर्मचारी वन मंडल कार्यालय पहुँचकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कर्मचारियों ने डीएफओ कार्यालय के बाहर नारेबाजी करते हुए इस फैसले का कड़ा विरोध जताया।

हालात को देखते हुए, प्रदेश अध्यक्ष अजीत दुबे अपने जिला पदाधिकारियों के साथ डीएफओ चंद्र कुमार अग्रवाल के चैंबर में पहुँचे, जहाँ दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत हुई। इस घटना के बाद वन विभाग के भीतर प्रशासन और कर्मचारी संगठन के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई है।
    user_Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Ashok Shrivastava Khabar Fast
    Local News Reporter Manendragarh, Manendragarh Chirimiri Bharatpur•
    33 min ago
  • MCB केल्हारी क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, केंद्रीय खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने MCB जिले में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने न केवल रेत के अवैध भंडारण को लेकर छापेमारी की, बल्कि तय सीमा से अधिक मात्रा में रेत मिलने पर संबंधितों को कड़े नोटिस भी जारी किए हैं। इस औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने पूरी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ काम किया। रेत के अवैध भंडारण की सटीक जानकारी जुटाने और खनन माफियाओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम ने ड्रोन का उपयोग किया। अब जिले में रेत खनन और भंडारण पर पूरी तरह से हाईटेक तकनीक से निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके। खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा (MCB) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय टीम के साथ मिलकर केल्हारी क्षेत्र में रेत भंडारण का औचक निरीक्षण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से डेटा जुटाया गया है और तय मात्रा से अधिक रेत पाए जाने पर नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। तिग्गा ने यह भी कहा कि भविष्य में भी अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ऐसी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
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    MCB केल्हारी क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में मीडिया द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद, केंद्रीय खनिज विभाग की उड़नदस्ता टीम ने MCB जिले में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभाग ने न केवल रेत के अवैध भंडारण को लेकर छापेमारी की, बल्कि तय सीमा से अधिक मात्रा में रेत मिलने पर संबंधितों को कड़े नोटिस भी जारी किए हैं।

इस औचक निरीक्षण के दौरान विभाग ने पूरी पारदर्शिता और तकनीकी दक्षता के साथ काम किया। रेत के अवैध भंडारण की सटीक जानकारी जुटाने और खनन माफियाओं की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए टीम ने ड्रोन का उपयोग किया। अब जिले में रेत खनन और भंडारण पर पूरी तरह से हाईटेक तकनीक से निगरानी रखी जा रही है, ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी ढंग से लगाम लगाई जा सके।

खनिज अधिकारी दयानंद तिग्गा (MCB) ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि केंद्रीय टीम के साथ मिलकर केल्हारी क्षेत्र में रेत भंडारण का औचक निरीक्षण किया गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि ड्रोन सर्विलांस के माध्यम से डेटा जुटाया गया है और तय मात्रा से अधिक रेत पाए जाने पर नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। तिग्गा ने यह भी कहा कि भविष्य में भी अवैध खनन और भंडारण के खिलाफ ऐसी कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
    user_Raza
    Raza
    अंबिकापुर, सरगुजा, छत्तीसगढ़•
    59 min ago
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