राष्ट्रगीत के अपमान का झूठा आरोप लगाकर मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह किया, मांगे माफ़ी : विपिन परमार भाजपा को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं मुख्यमंत्री, भाजपा नेता, भाजपा सरकार की योजनाओं को भी इसी तरह बदनाम कर रहे हैं मुख्यमंत्री शिमला, 25 अगस्त 2026। भाजपा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने राष्ट्रगीत को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा विपक्ष पर लगाए गए आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर और हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि अब वीडियो सामने आने के बाद सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने अपनी आदत के हिसाब से सदन में भी झूठ बोला। मुख्यमंत्री भाजपा को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वह भाजपा नेता, भाजपा सरकार की योजनाओं को भी इसी तरह बदनाम कर रहे हैं। आज उनका चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्हें अपनी इस करतूत के लिए पूरे देश से बिना शर्त माफ़ी माँगनी चाहिए। उनके साथ कांग्रेस के विधायकों को भी माफ़ी माँगनी चाहिए जो नैतिकता त्याग कर मुख्यमंत्री के झूठ में उनका साथ दे रहे थे। विपिन परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू हुआ। सदन की परंपराओं के अनुरूप जब राष्ट्रगान हुआ, तो विपक्ष के सभी विधायकों ने अपनी जगह पर खड़े होकर पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान में भाग लिया। इसके बाद विपक्ष की ओर से नियमों और हाल में जारी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए राष्ट्रगीत को भी पूरे सम्मान के साथ गाए जाने की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने यह विषय प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के माध्यम से उठाया तो सत्ता पक्ष की ओर से ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया, मानो राष्ट्रगीत के सम्मान की बात करना ही गलत हो। विपक्ष ने बार-बार स्पष्ट किया कि परंपराएं समय के साथ बनाई और स्थापित की जाती हैं तथा देश में राष्ट्रीय गीत के सम्मान की अपनी परंपरा रही है। भाजपा विधायक ने कहा कि 15 अगस्त को देशभर में और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रगीत पूरे सम्मान के साथ गाया गया। ऐसे में विपक्ष के विधायकों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि अब वीडियो भी सार्वजनिक हो चुका है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्ष के विधायकों ने किसी भी राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान नहीं किया। विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष भी अपनी बात रखी और अध्यक्ष द्वारा दी गई व्यवस्थाओं का पालन किया। उन्होंने कहा, “वीडियो सामने आने के बाद यह साबित हो गया है कि विपक्ष झूठ नहीं बोल रहा था, बल्कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता ही सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे थे।” उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि विपक्ष के विधायकों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के लिए मुख्यमंत्री विधानसभा के सदन में खड़े होकर माफी मांगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विपक्ष के खिलाफ जो धारणा बनाने का प्रयास किया गया था, वह वीडियो के सामने आने के बाद पूरी तरह समाप्त हो गया है। राष्ट्रगीत के इतिहास का उल्लेख करते हुए विपिन परमार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी की बैठकों में कोई भी राजनीतिक निर्णय ले सकती है, लेकिन कांग्रेस वर्किंग कमेटी का कोई निर्णय देश के संविधान और संवैधानिक परंपराओं से ऊपर नहीं हो सकता। देश संविधान और उसकी परंपराओं के अनुसार चलता है, किसी राजनीतिक दल के निर्णय के अनुसार नहीं। विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष का स्पष्ट मत है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का पूर्ण सम्मान होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुनः आग्रह किया कि वे सदन को गुमराह करने और विपक्ष के विधायकों पर लगाए गए आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भी जानना चाहती है कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विधायकों पर ऐसा आरोप क्यों लगाया।
राष्ट्रगीत के अपमान का झूठा आरोप लगाकर मुख्यमंत्री ने सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह किया, मांगे माफ़ी : विपिन परमार भाजपा को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं मुख्यमंत्री, भाजपा नेता, भाजपा सरकार की योजनाओं को भी इसी तरह बदनाम कर रहे हैं मुख्यमंत्री शिमला, 25 अगस्त 2026। भाजपा विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने राष्ट्रगीत को लेकर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा विपक्ष पर लगाए गए आरोपों को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने सदन के भीतर और हिमाचल प्रदेश की जनता के सामने गलत तथ्य प्रस्तुत किए हैं। उन्होंने कहा कि अब वीडियो सामने आने के बाद सच्चाई पूरी तरह स्पष्ट हो चुकी है। मुख्यमंत्री ने अपनी आदत के हिसाब से सदन में भी झूठ बोला। मुख्यमंत्री भाजपा को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। वह भाजपा नेता, भाजपा सरकार की योजनाओं को भी इसी तरह बदनाम कर रहे हैं। आज उनका चेहरा बेनकाब हो गया है। उन्हें अपनी इस करतूत के लिए
पूरे देश से बिना शर्त माफ़ी माँगनी चाहिए। उनके साथ कांग्रेस के विधायकों को भी माफ़ी माँगनी चाहिए जो नैतिकता त्याग कर मुख्यमंत्री के झूठ में उनका साथ दे रहे थे। विपिन परमार ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 21 अगस्त से शुरू हुआ। सदन की परंपराओं के अनुरूप जब राष्ट्रगान हुआ, तो विपक्ष के सभी विधायकों ने अपनी जगह पर खड़े होकर पूरे सम्मान के साथ राष्ट्रगान में भाग लिया। इसके बाद विपक्ष की ओर से नियमों और हाल में जारी प्रोटोकॉल का हवाला देते हुए राष्ट्रगीत को भी पूरे सम्मान के साथ गाए जाने की मांग रखी गई। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष ने यह विषय प्वाइंट ऑफ ऑर्डर के माध्यम से उठाया तो सत्ता पक्ष की ओर से ऐसा माहौल बनाने का प्रयास किया गया, मानो राष्ट्रगीत के सम्मान की बात करना ही गलत हो। विपक्ष ने बार-बार स्पष्ट किया कि परंपराएं समय के साथ बनाई और स्थापित की जाती हैं तथा देश में राष्ट्रीय गीत के सम्मान की अपनी परंपरा रही है। भाजपा विधायक ने
कहा कि 15 अगस्त को देशभर में और हिमाचल प्रदेश में राष्ट्रगीत पूरे सम्मान के साथ गाया गया। ऐसे में विपक्ष के विधायकों पर राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के अपमान का आरोप लगाना पूरी तरह निराधार है। उन्होंने कहा कि अब वीडियो भी सार्वजनिक हो चुका है, जिससे स्पष्ट है कि विपक्ष के विधायकों ने किसी भी राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान नहीं किया। विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष भी अपनी बात रखी और अध्यक्ष द्वारा दी गई व्यवस्थाओं का पालन किया। उन्होंने कहा, “वीडियो सामने आने के बाद यह साबित हो गया है कि विपक्ष झूठ नहीं बोल रहा था, बल्कि मुख्यमंत्री और कांग्रेस के नेता ही सदन और प्रदेश की जनता को गुमराह कर रहे थे।” उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि विपक्ष के विधायकों पर लगाए गए गंभीर आरोपों के लिए मुख्यमंत्री विधानसभा के सदन में खड़े होकर माफी मांगें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा विपक्ष के खिलाफ जो धारणा बनाने का प्रयास किया गया था, वह वीडियो के सामने आने के बाद पूरी तरह
समाप्त हो गया है। राष्ट्रगीत के इतिहास का उल्लेख करते हुए विपिन परमार ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक गीत नहीं, बल्कि मातृभूमि के प्रति सम्मान और समर्पण की भावना का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान दोनों का सम्मान करना प्रत्येक भारतीय का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपनी पार्टी की बैठकों में कोई भी राजनीतिक निर्णय ले सकती है, लेकिन कांग्रेस वर्किंग कमेटी का कोई निर्णय देश के संविधान और संवैधानिक परंपराओं से ऊपर नहीं हो सकता। देश संविधान और उसकी परंपराओं के अनुसार चलता है, किसी राजनीतिक दल के निर्णय के अनुसार नहीं। विपिन परमार ने कहा कि विपक्ष का स्पष्ट मत है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत दोनों का पूर्ण सम्मान होना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री से पुनः आग्रह किया कि वे सदन को गुमराह करने और विपक्ष के विधायकों पर लगाए गए आरोपों के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता भी जानना चाहती है कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के विधायकों पर ऐसा आरोप क्यों लगाया।
- पंचकूला में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आया, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट पंचकुला /करुणा मित्तल पंचकूला में स्वाइन फ्लू का पहला मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। पंचकूला की मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुक्ता कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि जिले में फिलहाल स्वाइन फ्लू का केवल एक मामला सामने आया है। संक्रमित व्यक्ति पंचकूला का रहने वाला है और उसकी जांच चंडीगढ़ में हुई थी। सीएमओ के अनुसार, मरीज की स्थिति फिलहाल सामान्य है और उसका उपचार घर पर ही चल रहा है। स्वास्थ्य विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। स्वाइन फ्लू का मामला सामने आने के बाद विभाग ने एहतियात के तौर पर अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी तैयार किया है, ताकि जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखकर उपचार दिया जा सके। डॉ. मुक्ता कुमार ने लोगों से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत नजदीकी अस्पताल में डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परेशानी में चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है। वहीं, पंचकूला में डेंगू का भी एक मामला सामने आया है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक फिलहाल डेंगू का भी केवल एक ही मामला दर्ज हुआ है। विभाग की ओर से दोनों बीमारियों को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन लोगों को सतर्क रहते हुए लक्षण सामने आने पर समय रहते जांच और उपचार करवाना चाहिए।1
- दधोल में कार और ट्रक में जोरदार टक्कर,जाली नम्बर प्लेट लगाकर भरे हुए थे ट्रक में गौवंस भराड़ी,25 अगस्त (राकेश): नेशनल हाईवे 103 शिमला-मटौर पर दधोल स्कूल के गेट के सामने सड़क पर कार और ट्रक में जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में कार चालक राज कुमार को गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कार का भी काफी नुकसान है। कार चालक राज कुमार ने बताया कि वह मंगलवार शाम के समय घुमारवीं की तरफ से आ रहे थे और डंगार की ओर जा रहे थे। उसी दौरान हमीरपुर की तरफ से एक तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने उनकी कार को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार क्षतिग्रस्त हो गई और चालक को गंभीर चोटें आईं। वही भराड़ी पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक की जांच की तो ट्रक में 9 गौवंश क्रूरता के साथ भरे हुए थे। हादसे के बाद ट्रक में सवार दोनों व्यक्ति मौके से फरार हो गए। वहीं, ट्रक की तलाशी के दौरान उसमें दो नंबर प्लेट भी बरामद हुई हैं। जिसमे असली नम्बर प्लेट ट्रक के अंदर थी वही जाली नम्बर प्लेट लगाकर यह गौवंश ट्रक में ले जाया जा रहा था।3
- 49.31 लाख की ठगी फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर,फर्जी ट्रेडिंग ऐप कोटक सिक्योरिटीज के नाम पर शेयर मार्केट से मुनाफा और नुकसान की भरपाई का विज्ञापन। के नाम पर सबसे बड़ी ठगी 49.31 लाख की ठगी फर्जी व्हाट्सएप ग्रुप से जोड़कर,फर्जी ट्रेडिंग ऐप कोटक सिक्योरिटीज के नाम पर शेयर मार्केट से मुनाफा और नुकसान की भरपाई का विज्ञापन। के नाम पर सबसे बड़ी ठगी2
- भारत गौरव सम्मान-4 को लेकर सरोज, हीरा, सुमन शर्मा व देवा दुर्गा शक्ति ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस भारत गौरव सम्मान-4 को लेकर सरोज, हीरा, सुमन शर्मा व देवा दुर्गा शक्ति ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस1
- पंचकूला में सफाई कर्मचारियों के धरने को कांग्रेस ने दिया समर्थन... सांसद वरुण चौधरी बोले—मांगों को लेकर सरकार पर बनाएंगे दबाव... पंचकूला के सेक्टर-14 में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों को कांग्रेस पार्टी ने दिया आज समर्थन। अम्बाला लोकसभा सांसद वरुण चौधरी कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ धरना स्थल पर पहुंचे और सफाई कर्मचारियों की मांगों को जायज बताते हुए उनके संघर्ष में साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। इस दौरान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष संजय चौहान, पूर्व नगर परिषद चेयरमैन रविंदर रावल, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता सहित जिला एवं ब्लॉक पदाधिकारी और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सफाई कर्मचारी शहरों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए उनकी मांगों और समस्याओं का सरकार को गंभीरता से समाधान करना चाहिए। अंबाला लोकसभा से सांसद वरुण चौधरी ने सफाई कर्मचारियों से उनकी समस्याओं और मांगों को लेकर बातचीत की तथा उन्हें कांग्रेस पार्टी की ओर से हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की जायज मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बनाया जाएगा। धरना स्थल पर कांग्रेस नेताओं ने कर्मचारियों के आंदोलन को अपना समर्थन देते हुए सरकार से उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की। मेघवाल शब्द को लेकर हरियाणा से कांग्रेस सांसद वरुण मुलाना ने एतराज़ जताया है। उन्होंने सरकार से सवाल किया है कि मेघवाल शब्द के इस्तेमाल की मांग किसने की है। वहीं चीनी के बड़े हुए दामों पर कहां1
- पंचकूला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बढ़ी खींचतान पंचकूला में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के बीच बढ़ी खींचतान दिन में हड़ताली कर्मचारियों ने JCB से कूड़ा उठाने का काम रुकवाया, रात में निगम कमिश्नर ने कर्मचारियों को बुलाकर चलवाया सफाई अभियान1
- निरमंड में हिमाचल किसान सभा रामपुर परियोजना 412 मेगावाट प्रभावित कमेटी के आह्वान पर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन #kullutodaynews #himachalpradesh #himachalupdate #MediaPower #himachalkiawaaz #KTN #ATM #shimla #kullu #rampur1
- लदरौर में निर्माण कार्य के दौरान भूस्खलन, मलबे में दबने से युवक की मौत,जे सी बी ऑपरेटर गंभीर भराड़ी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लदरौर में मंगलवार को निर्माण कार्य के दौरान अचानक भूस्खलन होने से दो व्यक्ति मलबे में दब गए। हादसे की सूचना करीब 4 बजे थाना भराड़ी पुलिस को मिली। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बलवीर की अगुवाई में पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस व स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को मलबे से बाहर निकालकर उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भराड़ी पहुंचाया गया। उपचार के दौरान चिकित्सकों ने कुशल बानियाल (19) निवासी मलोह, तहसील बंगाणा, जिला ऊना को मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल पंकज भारद्वाज (26) निवासी जझर तहसील सरकाघाट, जिला मंडी, जो कि जे सी बी ऑपरेटर के रूप में कार्य कर रहा था, की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर उपचार के लिए एम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद ए एस पी बिलासपुर प्रताप सिंह और डी एस पी घुमारवीं विशाल वर्मा ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके का जायजा लेकर हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। पुलिस द्वारा मामले में नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। मामले की पुष्टि एस पी बिलासपुर अभिषेक धीमान ने की है।1