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मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए जाना जाता है। पाली रोड पर स्थित यह स्टॉल अपने खास 'झाड़ निकलते हुए' अंदाज में ग्राहकों को सेवाएँ प्रदान करता है। बल्लू टी स्टॉल की यह अनोखी प्रस्तुति इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही है और इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
बल्लू टी स्टॉल फेमस श्योपुर मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के श्योपुर स्थित प्रसिद्ध बल्लू टी स्टॉल अपनी बेहतरीन सेवाओं के लिए जाना जाता है। पाली रोड पर स्थित यह स्टॉल अपने खास 'झाड़ निकलते हुए' अंदाज में ग्राहकों को सेवाएँ प्रदान करता है। बल्लू टी स्टॉल की यह अनोखी प्रस्तुति इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रही है और इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
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- सबलगढ़ विधानसभा के रेंमजापुरा गांव में इस गर्मी के दौर में पानी की भीषण समस्या उत्पन्न हो गई है। पूरे गांव को पीने के पानी के लिए केवल एक हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ रहा है, क्योंकि सरकार की नल-जल योजना पूरी तरह से विफल हो चुकी है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार ने नल-जल योजना पर एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए हैं। हालांकि, विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की उदासीनता के कारण यह योजना आज तक चालू नहीं हो पाई है। गांववाले यह भी कहते हैं कि विभागीय अधिकारियों ने ठेकेदार से साथ घाट करके इस योजना को सिर्फ कागजों तक ही सीमित रखा है। इस गंभीर स्थिति के चलते सबलगढ़ में सैकड़ों परिवारों का जीवन एक हैंडपंप पर टिका हुआ है और उन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।1
- आदरणीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत ने बीते 12 वर्षों में राष्ट्रीय सुरक्षा, रक्षा आत्मनिर्भरता और सामरिक सशक्तीकरण के क्षेत्रों में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को दृढ़ता से स्थापित किया है, जिसके उदाहरण सर्जिकल स्ट्राइक, बालाकोट एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर जैसे अभियान हैं। इसके साथ ही, स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देकर, सैन्य आधुनिकीकरण और सीमावर्ती अवसंरचना का विस्तार कर राष्ट्र की सुरक्षा को नई मजबूती मिली है। एक सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत की यह यात्रा 'विकसित भारत' के संकल्प को निरंतर सशक्त कर रही है।1
- गंगापुर सिटी के खंडीप गांव स्थित किसान धरना स्थल पर, उपनेता प्रतिपक्ष विधायक राम के जी मीणा ने पांचना बांध की नहरों में पानी छोड़ने के महत्वपूर्ण मुद्दे पर अपनी बात रखी है।1
- नगर पालिका परिषद सबलगढ़ में चल रहा जनहित सत्याग्रह 40वें दिन भी लगातार जारी है। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बावजूद, नगर की मूलभूत समस्याओं में कोई ठोस बदलाव नहीं देखा गया है, जिसके चलते प्रशासन की कार्यप्रणाली पर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पार्षद मोहन रामजी लाल पचौरी ने बताया कि शहर में कई स्थानों पर गली निर्माण तो किया गया है, लेकिन उनमें गंदगी और अव्यवस्था अभी भी बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि सफाई व्यवस्था केवल तस्वीरों और कागजी कार्रवाई तक ही सिमट कर रह गई है। इसके अतिरिक्त, पेयजल और प्रकाश व्यवस्था जैसी बुनियादी सुविधाओं में भी कोई विशेष सुधार नहीं हुआ है, जिससे आम नागरिकों को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस आंदोलन में शामिल पार्षद कैलाश चंद भगत और पार्षद रचना अशरफ ने स्पष्ट किया कि अब केवल घोषणाओं की नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की आवश्यकता है, ताकि नगर की व्यवस्थाएं वास्तविक रूप से सुधर सकें। नगर के कई समाजसेवी भी इस आंदोलन को लगातार समर्थन दे रहे हैं और नगर की समस्याओं के स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं।1
- पांचना बांध से कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर खंडीप में किसानों का आंदोलन मंगलवार को और तेज हो गया। आंदोलन के समर्थन में क्षेत्र के विभिन्न गांवों से हजारों किसान, महिलाएं और ग्रामीण रैली के रूप में खंडीप धरना स्थल पर पहुंचे। बड़ी संख्या में लोगों की इस मौजूदगी से आंदोलन ने निर्णायक रूप ले लिया और पूरे क्षेत्र में किसानों की एकजुटता साफ देखने को मिली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, महस्वा रैला सहित आसपास के गांवों से किसान और महिलाएं जुलूस निकालते हुए खंडीप धरना स्थल की ओर रवाना हुए। इसी दौरान बड़ी संख्या में आंदोलनकारी खंडीप रेलवे फाटक के समीप एकत्रित हो गए और नहरों में शीघ्र पानी छोड़े जाने की मांग को लेकर प्रदर्शन करने लगे। किसानों का कहना था कि खरीफ फसलों की बुवाई का समय नजदीक है, ऐसे में नहरों में पानी नहीं पहुंचने से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। रेलवे फाटक पर अचानक भीड़ बढ़ने के कारण कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आंदोलनकारियों के रेलवे ट्रैक के समीप पहुंचने से रेल यातायात प्रभावित होने की स्थिति बनी, जिससे प्रशासन और रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ गई। सूचना मिलने पर प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया। दोपहर करीब डेढ़ बजे से बड़ी संख्या में ग्रामीण खंडीप फाटक से महापंचायत स्थल से गुजरने लगे, जिससे फाटक खुला रहा। इस दौरान लगभग दो घंटे तक फाटक खुला रहने से रेल यातायात बाधित हुआ। काफी संख्या में ग्रामीण ट्रैक पर भी आकर धरना-प्रदर्शन करने लगे, जिन्हें काफी समझाइश के बाद पुलिसकर्मियों द्वारा हटाया गया। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले सोमवार को भी ग्रामीण रैली के रूप में फाटक से गुजरे थे और इस दौरान ट्रैक पर जमा होकर बांध से नहरों में पानी छोड़ने के लिए प्रदर्शन कर रहे थे। धरना स्थल पर दिनभर किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की। किसानों का कहना है कि उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद कमांड क्षेत्र की नहरों में पानी नहीं छोड़ा जा रहा है, जिससे क्षेत्र के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही पांचना बांध से नहरों में पानी नहीं छोड़ा गया तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा। किसानों ने सरकार और प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। वहीं, धरना स्थल पर किसानों, महिलाओं और ग्रामीणों की लगातार बढ़ती भागीदारी से आंदोलन को और मजबूती मिल रही है।3
- श्योपुर जिले में हाल ही में आई तेज आंधी और बारिश ने भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत प्रदान की है। तेज हवाओं के साथ हुई इस बरसात ने पूरे मौसम को खुशनुमा बना दिया है, जिससे न केवल आम नागरिकों को सुकून मिला है, बल्कि किसानों के चेहरों पर भी खुशी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। इस मौसमी बदलाव से श्योपुर क्षेत्र में तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच, श्योपुर (मध्य प्रदेश) के बल्लू टी स्टॉल फेमस ने सभी नागरिकों से खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की है। उन्होंने लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों से दूरी बनाए रखने तथा जरूरत पड़ने पर जरूरतमंदों की सहायता के लिए हमेशा तत्पर रहने का संदेश भी दिया है। बल्लू टी स्टॉल ने “मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है” के अपने मूल मंत्र को दोहराते हुए सभी क्षेत्रवासियों को सुरक्षित एवं सुखद बरसात की शुभकामनाएँ दी हैं।1
- मध्य प्रदेश के सबलगढ़ जनपद पंचायत में आयोजित जन कल्याण शिविर के दौरान नगर मंडल के अध्यक्ष बसंत बंसल द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा पर ध्यान आकर्षित किया गया है। लोगों से इस बात पर गौर करने के लिए कहा जा रहा है कि अध्यक्ष बसंत बंसल ने किस तरह की भाषा का प्रयोग किया।1
- जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम जय श्रीराम1