बरेली की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के ज़रिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पिछले छह महीनों में आरोपी के खातों से करीब 1.20 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद लग्जरी जीवनशैली का शौकीन है और हर महीने करीब एक लाख रुपये खर्च करता था। वह अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग पतों का इस्तेमाल करता था। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में डिग्री हासिल कर चुका यह आरोपी विदेशी मोटिवेशनल लेखकों की किताबें पढ़ता था और कई देशों की यात्राएं भी कर चुका है; महिलाओं पर खुलकर पैसा खर्च करना उसकी आदतों में शामिल था। पुलिस ने उसे देहरादून के सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रॉयल पार्क डेंटल कॉलेज क्षेत्र निवासी आलोक दुबे ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से शेयर बाजार में एल्गो ट्रेडिंग कर भारी लाभ कमाने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर कथित ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया और निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शिकायतकर्ता ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच करीब 20 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के ज़रिए कुल 49.43 लाख रुपये जमा किए। बाद में उनसे मुनाफा जारी करने के नाम पर 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी की अतिरिक्त मांग भी की गई। जब आलोक दुबे ने अपनी जमा राशि वापस लेने की कोशिश की, तो ऑडिट, तकनीकी अपडेट और अन्य प्रक्रियाओं का हवाला देकर भुगतान टाल दिया गया। मामले की जांच शुरू होने पर साइबर क्राइम टीम ने बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके दौरान पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए। तकनीकी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी सचिन कुमार की पहचान हुई और उसे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने निवेशकों को फंसाने के लिए एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट जैसे नामों से फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट तैयार कर रखी थीं। इन प्लेटफॉर्मों के ज़रिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया जाता था। प्राप्त धनराशि को विभिन्न ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था और बाद में डिजिटल वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में रखा जाता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के ज़रिए रकम को नकदी में परिवर्तित कर लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों से जुड़े आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में पता बदलवाकर उनका उपयोग करता था, ताकि जांच एजेंसियों को उसकी वास्तविक पहचान और लोकेशन तक पहुंचने में कठिनाई हो। पुलिस को उसके खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आठ डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, जियो राउटर, बैंक पासबुक, मोहरें और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में पहले से दर्ज धाराओं के अलावा अन्य प्रासंगिक धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना टीम ने अंजाम दिया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव सहित साइबर सेल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि आरोपी सचिन कुमार फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट के माध्यम से लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर धोखाधड़ी कर रहा था। बरेली निवासी आलोक दुबे की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपी को ट्रैक कर देहरादून से गिरफ्तार किया।
बरेली की साइबर क्राइम थाना पुलिस ने शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के ज़रिए मोटा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि पिछले छह महीनों में आरोपी के खातों से करीब 1.20 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ था। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद लग्जरी जीवनशैली का शौकीन है और हर महीने करीब एक लाख रुपये खर्च करता था। वह अपनी पहचान और लोकेशन छिपाने के लिए विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग पतों का इस्तेमाल करता था। ऑटोमोबाइल क्षेत्र में डिग्री हासिल कर चुका यह आरोपी विदेशी मोटिवेशनल लेखकों की किताबें पढ़ता था और कई देशों की यात्राएं भी कर चुका है; महिलाओं पर खुलकर पैसा खर्च करना उसकी आदतों में शामिल था। पुलिस ने उसे देहरादून के सहस्त्रधारा रोड क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, रॉयल पार्क डेंटल कॉलेज क्षेत्र निवासी आलोक दुबे ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उन्हें फोन के माध्यम से शेयर बाजार में एल्गो ट्रेडिंग कर भारी लाभ कमाने का प्रस्ताव दिया गया था। इसके बाद व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजकर कथित ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया गया और निवेश के लिए प्रेरित किया गया। शिकायतकर्ता ने जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच
करीब 20 अलग-अलग ट्रांजेक्शन के ज़रिए कुल 49.43 लाख रुपये जमा किए। बाद में उनसे मुनाफा जारी करने के नाम पर 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी की अतिरिक्त मांग भी की गई। जब आलोक दुबे ने अपनी जमा राशि वापस लेने की कोशिश की, तो ऑडिट, तकनीकी अपडेट और अन्य प्रक्रियाओं का हवाला देकर भुगतान टाल दिया गया। मामले की जांच शुरू होने पर साइबर क्राइम टीम ने बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया, जिसके दौरान पुलिस ने ठगी की रकम में से करीब 31 लाख रुपये होल्ड करा दिए। तकनीकी जांच के आधार पर मुख्य आरोपी सचिन कुमार की पहचान हुई और उसे देहरादून से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने निवेशकों को फंसाने के लिए एसएमसी ब्रोकिंग और स्टार्ट इन्वेस्टमेंट जैसे नामों से फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट तैयार कर रखी थीं। इन प्लेटफॉर्मों के ज़रिए लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देकर निवेश कराया जाता था। प्राप्त धनराशि को विभिन्न ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफॉर्मों के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में बदला जाता था और बाद में डिजिटल वॉलेट में यूएसडीटी के रूप में रखा जाता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के ज़रिए रकम को नकदी में परिवर्तित कर लिया जाता था। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बैंक खातों
से जुड़े आधार कार्ड और अन्य दस्तावेजों में पता बदलवाकर उनका उपयोग करता था, ताकि जांच एजेंसियों को उसकी वास्तविक पहचान और लोकेशन तक पहुंचने में कठिनाई हो। पुलिस को उसके खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर ठगी से संबंधित शिकायतों की जानकारी मिली है। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने आरोपी के कब्जे से आठ डेबिट कार्ड, आठ चेकबुक, लैपटॉप, मोबाइल फोन, जियो राउटर, बैंक पासबुक, मोहरें और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। मामले में पहले से दर्ज धाराओं के अलावा अन्य प्रासंगिक धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्रवाई की गई है। इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर क्राइम थाना टीम ने अंजाम दिया, जिसमें प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव सहित साइबर सेल के अन्य अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। एसपी क्राइम मनीष चंद्र सोनकर ने बताया कि आरोपी सचिन कुमार फर्जी ट्रेडिंग ऐप और वेबसाइट के माध्यम से लोगों को निवेश पर भारी मुनाफे का लालच देकर धोखाधड़ी कर रहा था। बरेली निवासी आलोक दुबे की शिकायत के बाद साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों व बैंकिंग ट्रेल के आधार पर आरोपी को ट्रैक कर देहरादून से गिरफ्तार किया।
- अयोध्या से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ राम मंदिर में चंदा चोरी का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। इस घटना को आज की सबसे बड़ी खबर के रूप में देखा जा रहा है। मामले के सामने आने के बाद, दूसरे दिन जीएसटी में गिनती के काम में लगे लोगों से घंटों तक पूछताछ की गई है। इस पूरे प्रकरण को अत्यंत गंभीरता से लिया गया है, और जल्द ही इस पर कार्रवाई होने की उम्मीद है।1
- बरेली में चौपला पुल का उद्घाटन कैंट विधायक संजीव अग्रवाल ने किया, जिसके बाद यह पुल आज से जनता के लिए खोल दिया गया है। इस पुल के शुरू होने से बरेली से बदायूं की तरफ जाने वाले यात्रियों को हो रही परेशानी अब समाप्त हो जाएगी। पुल के उद्घाटन समारोह में मणिनाथ मंडल अध्यक्ष डब्बल भटनागर, पूर्व पार्षद मुकेश मल्होत्रा, पार्षद संतोष कश्यप, कुकी रस्तोगी, गौरव श्याम सिंह चौहान, अमरीश कटारिया, प्रदीप रोहिल्ला और अरुण कश्यप सहित काफी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।1
- बरेली जिले के गिर्धपुर क्षेत्र में रास्ता और नाली से संबंधित एक मुद्दा सामने आया है।1
- पीलीभीत जिले के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र के ग्राम कुरी में एक नौ वर्षीय नाबालिग बच्ची से दुष्कर्म के आरोप में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता के पिता ने 16 जून 2026 की रात 10 बजे तहरीर देकर बताया था कि उनकी पुत्री को बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म किया गया है। इस शिकायत के आधार पर थाना सुनगढ़ी में मुकदमा संख्या 302/2026 के तहत धारा 65(2) बीएनएस और धारा 5एम/6 पॉक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, पुलिस ने नामजद आरोपी उमर पुत्र लतीफ, निवासी उगनपुर, थाना सुनगढ़ी को तत्काल हिरासत में ले लिया। पुलिस द्वारा इस प्रकरण में साक्ष्य संकलन और अन्य विधिक कार्रवाई की जा रही है, साथ ही पीड़िता का मेडिकल परीक्षण भी कराया जा रहा है। पीलीभीत के पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जा रही है, और ऐसे मामलों में त्वरित तथा सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी ताकि पीड़िता को जल्द से जल्द न्याय मिल सके। पुलिस ने जनता से किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील भी की है।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली स्थित बारादरी थाना क्षेत्र में देर रात एक सनसनीखेज वारदात हुई, जहाँ डीजे का काम कर अपने घर लौट रहे एक युवक की रास्ते में रोककर गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस खूनी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में गहरा कोहराम मचा हुआ है, वहीं पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार ने इस मामले में शामिल आरोपियों के तत्काल एनकाउंटर की मांग उठाई है।1
- किसान नेता डॉ. रवि नागर ने बरेली के चौपला पुल का निरीक्षण करने के बाद यह महत्वपूर्ण घोषणा की है कि यह पुल 17 जून से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। उन्होंने इस उपलब्धि को किसानों के लंबे संघर्ष और आंदोलन का सकारात्मक परिणाम बताया, जिसकी सफलता किसानों की एकजुटता और निरंतर प्रयासों का नतीजा है। डॉ. नागर ने इस अवसर पर मीडिया की भूमिका की सराहना करते हुए उनका आभार व्यक्त किया और कहा कि जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाने में मीडिया की अहम भूमिका रही है। उन्होंने मीडिया से यह भी अपील की कि वे किसी भी व्यक्ति या संगठन का मनोबल तोड़ने वाली भ्रामक अथवा गलत खबरें प्रसारित करने से बचें। इसके अतिरिक्त, उन्होंने क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों से जनसमस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देने का अनुरोध किया, ताकि आम जनता को बेवजह की परेशानियों का सामना न करना पड़े। डॉ. नागर ने ज़ोर देकर कहा कि किसानों के सहयोग से यह आंदोलन लंबे समय तक चला और अंततः इसे सफलता मिली। पुल चालू होने की घोषणा पर खुशी व्यक्त करने के लिए निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। इनमें किसान एकता संघ के प्रदेश अध्यक्ष पंडित राजेश शर्मा, मंडल सचिव भगवान सिंह फौजी, मंडल सचिव डॉ. अंशु भारती, सुरेंद्र तिवारी, जिला मीडिया प्रभारी संजय पाठक, जिला उपाध्यक्ष गिरीश गोस्वामी, वीरेश भगत, राजेंद्र, कालिका, पेशकार सिंह, वीरेश गुर्जर, हीरालाल गुर्जर, संजय पुजारी और धनपाल मौर्य जैसे अनेक सदस्य शामिल थे।2
- बरेली जिले के हाफिजगंज थाना क्षेत्र में हुई एक सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुए तीन व्यक्तियों की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई है। घटना की सूचना मिलने के बाद शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और इस संबंध में अन्य वैधानिक कार्यवाही भी की जा रही है। नवाबगंज, बरेली के क्षेत्राधिकारी श्री नीलेश मिश्र ने इस घटना के संबंध में जानकारी दी है।1