आखातीज की समीक्षा: धर्म का 'अक्षय' संबल या कुरीतियों का 'नग्न' प्रहार? जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। क्या हम वाकई जागृत हैं? "अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़
आखातीज की समीक्षा: धर्म का 'अक्षय' संबल या कुरीतियों का 'नग्न' प्रहार? जयपुर। दोसा सवाई माधोपुर कल अक्षय तृतीया का पावन पर्व प्रदेशभर में धार्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। जहाँ एक ओर यह तिथि श्री परशुराम जन्मोत्सव और पाप-नाशिनी शक्ति के रूप में पूजी गई, वहीं दूसरी ओर सामाजिक और प्रशासनिक मोर्चे पर यह दिन 'द्वंद्व' का गवाह बना। आज चतुर्थी के सूर्योदय के साथ जब हम पीछे मुड़कर देखते हैं, तो आस्था के उजियारे के बीच बाल विवाह जैसी कुरीति के काले धब्बे मिटाने की जद्दोजहद साफ दिखाई देती है। प्रशासनिक सतर्कता: ₹1100 का इनाम और गुप्त सूचना का असर इस बार प्रदेश का प्रशासनिक अमला पूरी तरह 'अलर्ट मोड' पर था। शारदा एक्ट के उल्लंघन को रोकने के लिए सरकार ने जो कड़ाई दिखाई, उसका व्यापक असर ज़मीनी स्तर पर नज़र आया: मुखबिर तंत्र की सक्रियता: नाम गुप्त रखते हुए सूचना देने वाले सजग नागरिकों के लिए ₹1100 की प्रोत्साहन राशि ने 'निगरानी तंत्र' को मजबूत किया। रुकते हाथ, बचता बचपन: पूरे प्रदेश में कई स्थानों पर ऐन वक्त पर पहुँचकर प्रशासन ने बाल विवाह जैसी कुरीति को नग्न रूप में ही रोक दिया। मासूमों के हाथों की मेहंदी कानून के पहरे में फीकी तो पड़ी, पर उनका भविष्य सुरक्षित हो गया। आर्थिक और सामाजिक संतुलन का गणित अक्षय तृतीया केवल पूजा-पाठ की तिथि नहीं, बल्कि भारत के 'अर्थशास्त्र' का एक बड़ा आधार रही है। बजट का संरक्षण: कल हुए सामूहिक विवाह सम्मेलनों के कारण प्रदेश का अरबों रुपया बर्बाद होने से बच गया। मध्यम वर्ग के लिए यह तिथि 'आर्थिक सुरक्षा कवच' साबित हुई। सामाजिक समरसता: एक ही जाजम पर संपन्न हुए विवाह संस्कारों ने सनातन की उस 'एकता' को परिभाषित किया, जो जाति और वर्ग के भेदों को पाटती है। क्या हम वाकई जागृत हैं? "अक्षय तृतीया पर धर्म की शरण लेना पुण्यकारी है, लेकिन धर्म की आड़ में कानून की अवहेलना अक्षम्य है। प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाई, इनाम रखे और शादियाँ रुकवाईं, लेकिन समाज को यह सोचना होगा कि आखिर कब तक हमें 'इनाम' और 'डंडे' के डर से अपनी बेटियों का बचपन बचाना पड़ेगा? सनातन की पहचान समरसता में है, कुरीति में नहीं।" निष्कर्ष: कल की अक्षय तृतीया ने यह स्पष्ट कर दिया कि जहाँ धर्म और अर्थ का संतुलन समाज को प्रगति की ओर ले जाता है, वहीं कानून के प्रति सजगता ही व्यवस्था को सुदृढ़ बनाती है। अब समय इन अनुभवों से सीख लेकर आगामी सावे के लिए मानसिक रूप से तैयार होने का है। ग्राउंड रिपोर्टर खेमराज जोशी शुरू न्यूज़
- पचपदरा रिफाइनरी मे लगी भीषण आग 20से अधिक दमकल की गाड़िया पहुंची मौक़े पर आग भुजाने का किया जा रहा प्रयास गोरतलब है कि कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पचपदरा रिफाइनरी का लोकार्पण करने वाले है1
- बांदीकुई।। एसडीएम कार्यालय के एक कर्मचारी को सोमवार दोपहर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) टीम ने 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कर्मचारी को जमीन संबंधी मामले में रिश्वत लेते पकड़ा गया। अलवर एसीबी के डीएसपी शब्बीर खान ने बताया- एसीबी के हेल्पलाइन नंबर 17 अप्रैल को शिकायत मिली थी कि जमीन पर स्टे देने की कार्रवाई में एसडीएम कार्यालय का कर्मचारी आदित्य शर्मा 30 हजार रुपए की रिश्वत मांग रहा है। एसीबी की टीम की ओर से मामले की जांच की गई। जिस पर इसकी पुष्टि होना पाया गया। एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई। एसीबी की कार्रवाई की सूचना के बाद एसडीएम ऑफिस के बाहर भीड़ जुट गई। 15 हजार की रिश्वत देते हुए किया गिरफ्तार इसके बाद सौदा 20 हजार रुपए तय हो गया। सोमवार को एसडीएम ऑफिस के कर्मचारी ने परिवादी को रिश्वत लेकर बुलाया गया। इस पर सोमवार को परिवादी ने 15 हजार रुपए की रिश्वत दी। इस पर एसीबी की टीम ने कर्मचारी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। एसडीएम की भूमिका की हो रही जांच डीएसपी ने बताया-परिवादी द्वारा दी गई शिकायत में बताया कि कर्मचारी यह रिश्वत की राशि एसडीएम के नाम से मांग रहा है। ऐसे में एसडीएम की भूमिका की भी जांच की जा रही है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि कर्मचारी आदित्य शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल बसवा में लैब असिस्टेंट के पद पर कार्यरत है। जिसे साल 2020 से यहां एसडीएम कार्यालय में डेपुटेशन पर लगा रखा है।1
- Post by Anil Kumar journalist1
- मनमाड स्टेशन पर आज भयंकर रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों के बीच में चोर को पकड़ने के लिए भाग रहे1
- रिफाइनरी हादसे ने उठाए बड़े सवाल, वीवीआईपी कार्यक्रम से पहले सुरक्षा पर सवालिया निशान राज्य के एक बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में वीवीआईपी कार्यक्रम से ठीक पहले हुई गंभीर दुर्घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा तैयारियों पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। इतनी विशाल और संवेदनशील परियोजना में इस तरह की घटना को सामान्य नहीं माना जा सकता, बल्कि इसे स्पष्ट रूप से बड़ी लापरवाही के रूप में देखा जा रहा है। जानकारी के अनुसार, पिछले करीब दस दिनों से सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, मंत्री और सत्ताधारी दल के प्रतिनिधि लगातार रिफाइनरी का दौरा कर रहे थे। इन दौरों के दौरान तैयारियों की समीक्षा के साथ-साथ मीडिया कवरेज और प्रचार-प्रसार पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा था। हालांकि, इन सभी गतिविधियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर अब सवाल उठने लगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते सुरक्षा मानकों की गंभीरता से जांच और पालन किया जाता, तो इस तरह की दुर्घटना से बचा जा सकता था। यह घटना न केवल प्रोजेक्ट की विश्वसनीयता पर असर डालती है, बल्कि आम जनता के बीच भी सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ाती है। अब प्रशासन के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर इतनी सघन निगरानी और तैयारियों के बावजूद यह चूक कैसे हुई। Prakriti khabar is the fastest emerging and popular News channel which provides all types of Information news, breaking news, sports news, Rajasthan news, Hindi news, business news, education news, etc, Survey reports. प्राकृति ख़बर तेजी से उभरता और लोकप्रिय न्यूज़ चैनल है जो सभी प्रकार की सूचना समाचार, ब्रेकिंग न्यूज, खेल समाचार, राजस्थान समाचार, हिंदी समाचार, व्यापार समाचार, शिक्षा समाचार, आदि, सर्वेक्षण रिपोर्ट प्रदान करता है। Rajasthan Samachar Rajasthan News राजस्थान समाचार Prakriti khabar प्राकृति ख़बर Prakriti news @prakritinews @prakritikhabar #prakritikhabar #prakritinews #pkwazirpur #trendingnews #virailvideo #trendingnews #trending #viral #rajasthan #BreakingNews #RefineryAccident #VVIPVisit #SafetyLapse #BigNegligence #IndiaNews #IndustrialAccident #Accountability #SystemFailure #NewsUpdate1
- राजस्थान : PM नरेंद्र मोदी के पहुंचने से 24 घंटे पहले बालोतरा की पचपादरी रिफाइनरी में आग लग गई है। पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया गया है। PM कल यानि मंगलवार को इस यूनिट का उदघाटन करने बाले थे। गुजरात के मुद्रा पोर्ट से इस रिफाइनरी तक कच्चे तेल की पाइपलाइन बिछी हुई है। यह प्रोजेक्ट HPCL और राजस्थान सरकार का है।1
- माली समाज द्वारा डीडवाना में 9 वा सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन लालसोट क्षेत्र के डीडवाना में धाकडा स्कूल में माली समाज द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन 9 वा 131 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे समाज द्वारा सभी जोड़े को घरेलू सामान, पलंग,कुर्सी, कुलर, पंखे, एल ई डी, बर्तन, सोने चांदी की अंगूठी पायजेब अन्य काफी सामान दिया इस दौरान मौके पर समाज के पदाधिकारी व सांसद,विधायक,अन्य काफी संख्या में लोग मौजूद थे सभी के लिए भोजन प्रसादी की व्यवस्था की गई,इस दौरान काफी उत्साह दिखाई दिया इस मौके पर आए हुए सभी अतिथियों व भामाशाहों व कार्यकर्ताओं का माला व साफा व दुपट्टा पहनाकर ज्योतिबा फुले व सावित्री बाई फुले की तस्वीर भेंट कर स्वागत सम्मान किया इस दौरान बांसखोह निवासी राजेंद्र सैनी द्वारा सामूहिक विवाह सम्मेलन में पूरा बेसन इनकी तरफ से दिया गया4
- राजस्थान : PM नरेंद्र मोदी के पहुंचने से 24 घंटे पहले बालोतरा की पचपादरी रिफाइनरी में आग लग गई है। पूरे क्षेत्र को खाली करा लिया गया है। PM कल यानि मंगलवार को इस यूनिट का उदघाटन करने बाले थे। गुजरात के मुद्रा पोर्ट से इस रिफाइनरी तक कच्चे तेल की पाइपलाइन बिछी हुई है। यह प्रोजेक्ट HPCL और राजस्थान सरकार का है।1
- Kabhi phone se zyada… khud ko time do ❤️” Akelepan se bhaagne ke liye hum scrolling karte hain… Par jitna zyada scroll, utna zyada empty feel 😔 Kabhi phone side me rakh kar khud se bhi mil lo ❤️ #alone #lonely #mobileaddiction #sadreels #reality #explorepage #viralreels #deep #feelings #lofireels1